बाराबंकी के हैदरगढ़ कस्बे में कथित झोलाछाप डॉक्टर द्वारा इंजेक्शन लगाए जाने के बाद एक डेढ़ वर्षीय मासूम की मौत हो गई, जबकि एक ही परिवार के तीन अन्य बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है। इस घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने अस्पताल पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कठोर कार्रवाई के साथ-साथ उसके क्लीनिक को सील करने की मांग की। स्थिति तब शांत हुई जब एसडीएम और सीओ ने त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी डॉक्टर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। लोहिया वार्ड निवासी कल्लू ने बताया कि उनके चार बच्चे — हसनैन, डेढ़ वर्षीय मारिया, चार वर्षीय साजिद और आठ वर्षीय तमन्ना — पिछले एक सप्ताह से शरीर पर दानों से पीड़ित थे। रविवार सुबह कल्लू की पत्नी कमर जहां बच्चों को ठाकुरद्वारा वार्ड स्थित कथित डॉक्टर बृजमोहन गुप्ता के क्लीनिक ले गईं। आरोप है कि डॉक्टर ने सभी चारों बच्चों को इंजेक्शन लगाए और उन्हें घर भेज दिया। घर पहुँचते ही डेढ़ वर्षीय मारिया की तबीयत बिगड़ गई और उसे उल्टियां होने लगीं। परिजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैदरगढ़ ले गए, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। इसी दौरान, घर पहुँचे पिता कल्लू ने हसनैन को मृत पाया, जबकि साजिद और तमन्ना की हालत भी लगातार बिगड़ रही थी। इन तीनों बच्चों को भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहाँ से उन्हें भी गंभीर स्थिति में जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाल अनिल कुमार पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। समाजवादी पार्टी के नेता पप्पू सिद्दीकी, सभासद मो. इशहाक, उमर हाशमी, मो. जहीर, शब्बीर राइन पहाड़ी सहित बड़ी संख्या में लोगों ने अस्पताल में पहुंचकर आरोपी डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, एसडीएम राजेश कुमार विश्वकर्मा और पुलिस उपाधीक्षक समीर कुमार सिंह भी मौके पर पहुँचे और लोगों को आश्वासन दिया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम से मामले की जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम राजेश कुमार विश्वकर्मा ने पुष्टि की कि घटना की जांच के लिए जिला स्तर पर एक टीम का गठन किया गया है, और मृत मासूम के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
बाराबंकी के हैदरगढ़ कस्बे में कथित झोलाछाप डॉक्टर द्वारा इंजेक्शन लगाए जाने के बाद एक डेढ़ वर्षीय मासूम की मौत हो गई, जबकि एक ही परिवार के तीन अन्य बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है। इस घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने अस्पताल पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कठोर कार्रवाई के साथ-साथ उसके क्लीनिक को सील करने की मांग की। स्थिति तब शांत हुई जब एसडीएम और सीओ ने त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी डॉक्टर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। लोहिया वार्ड निवासी कल्लू ने बताया कि उनके चार बच्चे — हसनैन, डेढ़ वर्षीय मारिया, चार वर्षीय साजिद और आठ वर्षीय तमन्ना — पिछले एक सप्ताह से शरीर पर दानों से पीड़ित थे। रविवार सुबह कल्लू की पत्नी कमर जहां बच्चों को ठाकुरद्वारा वार्ड स्थित कथित डॉक्टर बृजमोहन गुप्ता के क्लीनिक ले गईं। आरोप है कि डॉक्टर ने सभी चारों बच्चों को इंजेक्शन लगाए और उन्हें घर भेज दिया। घर पहुँचते ही डेढ़ वर्षीय मारिया की तबीयत बिगड़ गई और उसे उल्टियां होने लगीं। परिजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैदरगढ़ ले गए, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। इसी दौरान, घर पहुँचे पिता कल्लू ने हसनैन को मृत पाया, जबकि साजिद और तमन्ना की हालत भी लगातार बिगड़ रही थी। इन तीनों बच्चों को भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहाँ से उन्हें भी गंभीर स्थिति में जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाल अनिल कुमार पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। समाजवादी पार्टी के नेता पप्पू सिद्दीकी, सभासद मो. इशहाक, उमर हाशमी, मो. जहीर, शब्बीर राइन पहाड़ी सहित बड़ी संख्या में लोगों ने अस्पताल में पहुंचकर आरोपी डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, एसडीएम राजेश कुमार विश्वकर्मा और पुलिस उपाधीक्षक समीर कुमार सिंह भी मौके पर पहुँचे और लोगों को आश्वासन दिया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम से मामले की जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम राजेश कुमार विश्वकर्मा ने पुष्टि की कि घटना की जांच के लिए जिला स्तर पर एक टीम का गठन किया गया है, और मृत मासूम के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
- यह पोस्ट गाँव की नैसर्गिक सुंदरता और परिवार के प्रति गहरे स्नेह को दर्शाती है। इसमें अपने भाई के पुत्र और उसकी बहन का जिक्र किया गया है, जो इस प्रिय परिवेश का एक अभिन्न हिस्सा हैं।2
- उत्तर प्रदेश कसौधन वैश्य समाज की एक महत्वपूर्ण चिंतन बैठक रविवार को गोरखपुर के एक होटल में संपन्न हुई, जिसमें समाज के राजनीतिक, सामाजिक और शैक्षिक अधिकारों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि आगामी सितंबर माह में "कसौधन समाज राजनीतिक अधिकार सम्मेलन" का आयोजन किया जाएगा। इस राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन में देशभर से लाखों समाजबंधुओं को शामिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, ताकि समाज अपनी जनसंख्या के अनुपात में राजनीतिक भागीदारी और प्रतिनिधित्व सुनिश्चित कर सके। बैठक के दौरान, वक्ताओं ने कसौधन समाज को राजनीतिक मुख्यधारा से जोड़ने तथा उनके अधिकारों के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया। प्रमुख मांगों में कसौधन समाज को पिछड़ा वर्ग प्रमाण पत्र जारी कराना, कसौधन जाति को केंद्रीय पिछड़ा वर्ग की सूची में शामिल कराना, और अन्य समस्याओं के समाधान के लिए जनपद स्तर पर संगठन को मजबूत बनाना शामिल रहा। मुख्य वक्ता जनार्दन गुप्ता, जो पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य भी हैं, ने समाज को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर संगठित होने का महत्व समझाया और जनसंपर्क अभियान चलाने पर जोर दिया। कसौधन समाज के प्रदेश अध्यक्ष एवं भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य पवन कसौधन ने भी राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने पर बल दिया। इस चिंतन बैठक में भाजपा कोषाध्यक्ष गोरखपुर शत्रुघ्न कसौधन, प्रदेश मंत्री व्यापार मंडल रामअजोर कसौधन, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संतोष कसौधन (अयोध्या) और नगर पंचायत अध्यक्ष सुकरौली राजनीति कश्यप सहित प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए सैकड़ों पदाधिकारी एवं समाजसेवी उपस्थित रहे। अखिल भारतवर्षीय कसौधन महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.वी. गुप्ता ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की, जिसका संचालन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश कसौधन ने किया। वक्ताओं ने सितंबर में प्रस्तावित सम्मेलन को समाज की एकता, जागरूकता और राजनीतिक चेतना का प्रतीक बताया। इसके लिए सभी जनपदों में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का निर्णय लिया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महर्षि कश्यप की आरती के साथ हुआ, और अंत में समाज के हितों की रक्षा, राजनीतिक अधिकारों की प्राप्ति तथा सामाजिक उत्थान के लिए एक व्यापक जनजागरण अभियान चलाने का संकल्प लिया गया।4
- लखनऊ के विकासनगर थाना क्षेत्र में कथित रूप से संचालित हुक्का बारों को लेकर स्थानीय निवासियों ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। आरोप है कि रिंग रोड स्थित जगरानी अस्पताल के सामने, यमाहा शोरूम के पास स्थित रेडॉक्स कैफे में देर रात तक हुक्का परोसा जाता है। कुछ शिकायतकर्ताओं ने तो यह भी आरोप लगाया है कि इस प्रतिष्ठान में कथित तौर पर नाबालिगों को भी हुक्का उपलब्ध कराया जाता है। इन आरोपों के मद्देनजर, स्थानीय लोगों ने विकासनगर पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि, इन दावों की अभी तक स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, और पुलिस या प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। स्थानीय निवासियों ने अब पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।1
- बाराबंकी के सिरौलीगौसपुर तहसील के रसूलपुर स्थित निजी अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटरों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। एसडीएम और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने इन केंद्रों पर छापेमारी की, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। छापेमारी के दौरान अस्पतालों के ऑपरेशन थिएटरों (ओटी) में एक्सपायरी दवाएं मिलीं। साथ ही, बेसमेंट में चल रहे अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटरों में निकासी द्वार, वेंटिलेशन सहित कई आवश्यक कमियां पाई गईं। टीम को किसी भी अस्पताल या डायग्नोस्टिक सेंटर में डॉक्टर मौजूद नहीं मिले, जिससे यह उजागर हुआ कि ये संस्थान झोलाछाप डॉक्टरों के सहारे चल रहे थे। शिकायतों के अनुसार, डायग्नोस्टिक सेंटरों पर लगातार गलत रिपोर्टिंग की जा रही थी। इस छापेमारी के दौरान, ट्रॉफी डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालक द्वारा अभद्रता करने पर एसडीएम ने उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया। इस संयुक्त कार्रवाई में आधा दर्जन से अधिक अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटरों को सील कर दिया गया है। एसडीएम और स्वास्थ्य विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई से अवैध अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया है।1
- लखनऊ के दुबग्गा चौराहे पर रात में भी भीषण जाम की स्थिति बनी रही। इस दौरान ट्रैफिक पुलिस और क्षेत्रीय पुलिस मौके से पूरी तरह नदारद दिखी। यातायात व्यवस्था बिगड़ने पर, राहगीरों को खुद अपनी गाड़ियों से उतरकर मोर्चा संभालना पड़ा और उन्होंने स्वयं ट्रैफिक को दुरुस्त करने का प्रयास किया।1
- लखनऊ में आई.आई.एम रोड पर रिजॉर्ट के सामने एक थार गाड़ी डिवाइडर से टकरा गई, जिससे एक व्यक्ति के घायल होने की सूचना मिली है। हादसे की खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और मामले की जाँच-पड़ताल में जुट गई है।1