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4 May का ताजा खबर आप लोग देख सकते हैं कितना बादल छाए hue है
Sudama Kumar chaudhary ji
4 May का ताजा खबर आप लोग देख सकते हैं कितना बादल छाए hue है
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- बंगाल में बढ़ा सियासी टकराव, संवैधानिक संकट की चर्चा ⚠️ Mamata Banerjee ने चुनाव हार के बाद भी इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है, जिससे West Bengal में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस फैसले के बाद संवैधानिक बहस छिड़ गई है और सियासत में “खेला” फिर चर्चा में आ गया है 🚨1
- Post by Rajesh Kumar1
- विशेष गतिविधियां की श्रृंखला के अंतर्गत बिहार श्री नगर में प्रमुख जन संगोष्ठी का आयोजन किया गया।1
- Post by Anil Paswan1
- बिहार :नवादा खबर बिहार के कश्मीर कहे जाने वाला नवादा जिला के गोविंदपुर के तहत ककोलत जलप्रपात में सैलानिया का काफी भीड़ उमड़ रहे हैं। समाजसेवी ए आर अरबाज ने बताया कि यहां गर्मी के मौसम में हरेक दिन हजारों सैलानियों ककोलत जलप्रपात में ठंडा झरना का लुफ्त उठाने के लिए पहुंच रहे हैं । नेशनल हाईवे 82 गया जी की ओर से वजीरगंज तुंगी, मंझवे , जमुआवां होते हुए मंझवे में सीतामढ़ी मोड़ से महूगांय जरहिया पुल। ,चांदनी मोड़ ,दौलतपुर पुल , फतेहपुर , रजहत, अकबरपुर ,थाली मोड़ से होते हुए ककोलत जाने का मुख्य मार्ग है । आपको बता दे की मंझवे में सीतामढ़ी मोड़ पर ककोलत जाने का प्रवेश द्वार नहीं रहने के कारण सैलानिया लोग नेशनल हाईवे 82 से सीधे हिसुआ -नवादा पहुंच जाते हैं । मंझवे से हिसुआ नवादा फतेहपुर अकबरपुर थाली मोड़ से ककोलत 80 किलोमीटर दूरी पड़ता है। जबकि मंझवे सीतामढ़ी मोड़ से ककोलत 50 किलो मीटर दूरी पड़ता है । नवादा जिला पदाधिकारी व पर्यटन विभाग के पदाधिकारी से मंझवे में सीतामढ़ी मोड़ पर प्रवेश द्वार निर्माण करने की मांग की गई है ।2
- राजगीर मलमास मेला में गरीब दुकानदारों के साथ भेदभाव का आरोप, सामाजिक कार्यकर्ता ने उठाए सवाल संजय वर्मा राजगीर स्थित प्रसिद्ध मलमास मेला, जो हर तीन वर्ष पर राजगीर कुंड के पास आयोजित होता है, देश-विदेश में अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता के लिए जाना जाता है। इस मेले में लाखों श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं, जहां उनकी सुविधाओं और पसंद का विशेष ध्यान रखा जाता है। इस बार भी मेले का टेंडर करोड़ों रुपये में पारित हुआ है और बड़ी संख्या में दुकानदार इसमें अपनी दुकान लगाने के लिए उत्सुक हैं। लेकिन स्थानीय गरीब दुकानदारों ने आरोप लगाया है कि मेले के दौरान उन्हें जबरन हटाकर उनकी जगह पैसे वाले बाहरी दुकानदारों को दी जा रही है। दुकानदारों का कहना है कि वे वर्षों से यहां अपनी दुकान लगाते आ रहे हैं, लेकिन मलमास मेले के समय प्रशासन द्वारा उन्हें हटाकर सिर्फ एक महीने के लिए अमीर व्यापारियों को प्राथमिकता दी जाती है। इसे उन्होंने अन्यायपूर्ण और भेदभावपूर्ण करार दिया है। इस मुद्दे पर दुकानदारों ने दिल्ली से आए स्वतंत्र विचारक एवं समाजसेवी विजय प्रधान से मुलाकात की और अपनी समस्याएं रखीं। विजय प्रधान ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित दुकानदारों से बातचीत की और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि यदि दुकानदारों के आरोप सही हैं, तो यह प्रशासनिक स्तर पर गंभीर मामला है। उन्होंने आशंका जताई कि कहीं न कहीं व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का दायित्व है कि गरीब, वंचित और स्थानीय दुकानदारों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करे। स्थानीय दुकानदारों ने बिहार सरकार और प्रशासन से मांग की है कि उनके साथ हो रहे कथित भेदभाव को रोका जाए और उन्हें भी मेले में दुकान लगाने का समान अवसर दिया जाए। उल्लेखनीय है कि मलमास मेला को राष्ट्रीय मेला घोषित करने की मांग भी लंबे समय से उठती रही है। ऐसे में इस तरह के विवाद प्रशासन के लिए चुनौती बनते जा रहे हैं।1
- Mamata Banerjee ने चुनाव हार के बाद भी इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है, जिससे West Bengal में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस फैसले के बाद संवैधानिक बहस छिड़ गई है और सियासत में “खेला” फिर चर्चा में आ गया है 🚨 #MamataBanerjee #WestBengal #BreakingNews #Politics #Election1
- गणपति बप्पा मोरया 🌿🙏1
- Post by Anil Paswan1