साइबर धोखाधड़ी का एक नया और चिंताजनक तरीका सामने आया है, जिसमें जालसाज कथित तौर पर एआई-जनरेटेड वीडियो और फर्जी बायोमेट्रिक सत्यापन का इस्तेमाल कर आधार कार्ड से जुड़े मोबाइल नंबर बदल रहे हैं। साइबर विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस तरीके से अपराधी ओटीपी, बैंक खातों, यूपीआई ऐप और आधार से जुड़ी अन्य डिजिटल सेवाओं तक आसानी से पहुँच प्राप्त कर सकते हैं। इस तरह की कई शिकायतें सामने आने के बाद, साइबर क्राइम ब्रांच ने एक एडवाइजरी जारी की है। साइबर पुलिस अधिकारियों और विशेषज्ञों ने विस्तार से बताया है कि कैसे धोखेबाज फर्जी इंटरव्यू, वीडियो केवाईसी और डेटा लीक का सहारा लेकर लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं। इसी कड़ी में, जयपुर की एक 28 वर्षीय महिला को एक निजी कंपनी में नौकरी के लिए ऑनलाइन इंटरव्यू का लिंक मिला, जिसके बाद वह इस धोखाधड़ी का शिकार होते-होते बचीं। वीडियो इंटरव्यू के दौरान, उनसे पहले सामान्य प्रश्न पूछे गए, और बाद में इंटरव्यू लेने वाले ने चयन प्रक्रिया के लिए चेहरे के सत्यापन को आवश्यक बताया। महिला को अपना चेहरा अलग-अलग कोणों पर घुमाने, बार-बार पलकें झपकाने और कुछ सेकंड के लिए स्क्रीन पर देखने के लिए कहा गया। साक्षात्कार के बाद उन्हें कंपनी से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, लेकिन कुछ दिनों बाद उन्हें ई-केवाईसी और डिजिटल वॉलेट सक्रियण से संबंधित संदेश मिलने शुरू हो गए, जिसके बाद उन्होंने साइबर पुलिस से संपर्क किया। जाँच में यह खुलासा हुआ कि उनके नाम पर फर्जी डिजिटल खाता खोलने का प्रयास किया गया था। साइबर विशेषज्ञों को संदेह है कि साक्षात्कार के दौरान रिकॉर्ड किए गए महिला के वीडियो और चेहरे के डेटा का उपयोग एआई-आधारित फेस क्लोनिंग या डीपफेक मॉडल बनाने के लिए किया गया होगा। आरोप है कि ऐसे डीपफेक मॉडलों का उपयोग आधार सत्यापन प्रणालियों को दरकिनार करने और धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए किया जा सकता है।
साइबर धोखाधड़ी का एक नया और चिंताजनक तरीका सामने आया है, जिसमें जालसाज कथित तौर पर एआई-जनरेटेड वीडियो और फर्जी बायोमेट्रिक सत्यापन का इस्तेमाल कर आधार कार्ड से जुड़े मोबाइल नंबर बदल रहे हैं। साइबर विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस तरीके से अपराधी ओटीपी, बैंक खातों, यूपीआई ऐप और आधार से जुड़ी अन्य डिजिटल सेवाओं तक आसानी से पहुँच प्राप्त कर सकते हैं। इस तरह की कई शिकायतें सामने आने के बाद, साइबर क्राइम ब्रांच ने एक एडवाइजरी जारी की है। साइबर पुलिस अधिकारियों और विशेषज्ञों ने विस्तार से बताया है कि कैसे धोखेबाज फर्जी इंटरव्यू, वीडियो केवाईसी और डेटा लीक का सहारा लेकर लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं। इसी कड़ी में, जयपुर की एक 28 वर्षीय महिला को एक निजी कंपनी में नौकरी के लिए ऑनलाइन इंटरव्यू का लिंक मिला, जिसके बाद वह इस धोखाधड़ी का शिकार होते-होते बचीं। वीडियो इंटरव्यू के दौरान, उनसे पहले सामान्य प्रश्न पूछे गए, और बाद में इंटरव्यू लेने वाले ने चयन प्रक्रिया के लिए चेहरे के सत्यापन को आवश्यक बताया। महिला को अपना चेहरा अलग-अलग कोणों पर घुमाने, बार-बार पलकें झपकाने और कुछ सेकंड के लिए स्क्रीन पर देखने के लिए कहा गया। साक्षात्कार के बाद उन्हें कंपनी से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, लेकिन कुछ दिनों बाद उन्हें ई-केवाईसी और डिजिटल वॉलेट सक्रियण से संबंधित संदेश मिलने शुरू हो गए, जिसके बाद उन्होंने साइबर पुलिस से संपर्क किया। जाँच में यह खुलासा हुआ कि उनके नाम पर फर्जी डिजिटल खाता खोलने का प्रयास किया गया था। साइबर विशेषज्ञों को संदेह है कि साक्षात्कार के दौरान रिकॉर्ड किए गए महिला के वीडियो और चेहरे के डेटा का उपयोग एआई-आधारित फेस क्लोनिंग या डीपफेक मॉडल बनाने के लिए किया गया होगा। आरोप है कि ऐसे डीपफेक मॉडलों का उपयोग आधार सत्यापन प्रणालियों को दरकिनार करने और धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए किया जा सकता है।
- अजमेर जिले में एक लोडिंग गाड़ी से बिजली का तार खिंच गया, जिसके कारण एक मकान की बॉलकनी टूट गई। इस घटना से मकान को काफी नुकसान हुआ।1
- आर्यन वर्मा नाम का एक युवक NEET की तैयारी कर रहा था, लेकिन वह लगातार दो बार इस परीक्षा में असफल रहा। इस असफलता के बाद, उसने अपने परिवार को बताया कि उसका चयन भारतीय सेना में सीधे ब्रिगेडियर के पद पर हो गया है। अपनी इस मनगढ़ंत कहानी को सच साबित करने के लिए, आर्यन वर्मा ने एक कार किराए पर ली, उस पर सेना का झंडा और स्टार लगवाए। इसके साथ ही, उसने अपनी निजी सुरक्षा के लिए दो बाउंसर भी रखे और शाहजहांपुर में खुद को एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी के रूप में पेश करते हुए घूमने लगा। हालांकि, आर्यन वर्मा की यह कहानी ज्यादा समय तक नहीं टिक सकी। जल्द ही, दो सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों को उस पर शक हो गया। उन्हें यह अविश्वसनीय लगा कि कोई व्यक्ति मात्र 20 साल की उम्र में ब्रिगेडियर कैसे बन सकता है, और वह भी निजी सुरक्षा के साथ। उनके संदेह के बाद, आर्यन वर्मा के इस फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हो गया।1
- अजमेर ज़िले के नसीराबाद स्थित उप जिला चिकित्सालय मरीज़ों के लिए परेशानी का केंद्र बन गया है। यहाँ रोगियों को इलाज प्राप्त करने से पहले घंटों तक इंतज़ार करना पड़ रहा है। इस अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार लोग अनुपस्थित बताए जा रहे हैं।1
- 15 जून 2026 को पीसांगन में एक समर कैंप का शानदार आगाज़ हुआ, जो 25 जून तक चलेगा। स्मार्ट ब्रेन प्ले स्कूल (महेश पब्लिक स्कूल) के तत्वाधान में आयोजित इस कैंप में 5 से 15 वर्ष तक के बच्चों को पेंटिंग, डांस, संगीत और शतरंज की ट्रेनिंग दी जा रही है। इस दौरान बच्चों को खेलकूद के माध्यम से मानसिक विकास में सहायता करने वाली चीजें भी सिखाई जा रही हैं। संस्था के प्रबंधक प्रवीण माहेश्वरी ने बताया कि पीसांगन में यह पहला ऐसा कैंप है, जहाँ डांस, पेंटिंग, शतरंज और संगीत की शिक्षा एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जा रही है। महेश पब्लिक स्कूल में अब ये सभी शिक्षाएँ पूरे साल के लिए लागू की जाएंगी।1
- अजमेर स्थित जवाहर लाल नेहरू अस्पताल के बाहर अन्नपूर्णा रसोई की दीवार में दरार आने की जानकारी मिली है। यह दरार अन्नपूर्णा रसोई की बाहरी दीवार पर देखी गई है।1
- श्री लोकाशाह जैन नवयुवक मंडल के तत्वावधान में 14 जून 26, रविवार को वंदे गौ मातरम् गौशाला में गौसेवा का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान गौमाता के प्रति श्रद्धा, सेवा और जीवदया की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गौशाला में 751 किलो लापसी का भोग लगाया गया। मंडल के मंत्री संजय चौरड़िया ने इस आयोजन की जानकारी दी। इस गौसेवा कार्यक्रम में राजू भाई सेठिया, रमेश बाकलीवाल, संजय खटोड़, हस्तीमल संचेती, जसवंत कोठारी, बबलू और विनोद पारीक सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर गौसेवा में अपना महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया और इस कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराया।1
- नसीराबाद के हाउसिंग बोर्ड सेक्टर-6 में एक स्पेक्टेकल कोबरा देखा गया। इसे सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ दिया गया है।1
- सोमवार को राजस्थान में एक बार फिर धूल भरे बवंडर और तेज आंधी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। कई क्षेत्रों में अचानक चली तेज हवाओं के कारण धूल का गुबार छा गया, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई और सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम गई। इसके चलते कई इलाकों में अंधेरा भी छा गया, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ प्री-मानसून गतिविधियों की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने और अनावश्यक रूप से अपने घरों से बाहर न निकलने की अपील की है।2