भारतीय कलाकार और समाज सेविका रूबल नागी को 'ग्लोबल टीचर प्राइज 2026' से सम्मानित किया गया भारतीय कलाकार और समाज सेविका रूबल नागी को 'ग्लोबल टीचर प्राइज 2026' से सम्मानित किया गया भारत के लिए यह अत्यंत गर्व का विषय है कि प्रसिद्ध कलाकार और समाज सेविका रूबल नागी (Rouble Nagi) को वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित 'ग्लोबल टीचर प्राइज' (Global Teacher Prize) से सम्मानित किया गया है। दुबई में आयोजित 'वर्ल्ड गवर्नमेंट्स समिट' (World Governments Summit) के दौरान उन्हें इस सम्मान से नवाजा गया। इस पुरस्कार को शिक्षा के क्षेत्र का 'नोबेल प्राइज' माना जाता है। पुरस्कार का विवरण पुरस्कार राशि: रूबल नागी को इस सम्मान के साथ 1 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 8.3 करोड़ रुपये) की इनामी राशि प्रदान की गई है। चयन प्रक्रिया: दुनिया भर के हजारों प्रभावशाली शिक्षकों और शिक्षाविदों में से उनके अनूठे और प्रभावी शिक्षण तरीकों के आधार पर उन्हें चुना गया। सम्मान का मुख्य कारण: 'लिविंग वॉल्स ऑफ लर्निंग' (Living Walls of Learning) रूबल नागी को यह पुरस्कार उनके क्रांतिकारी विचार "लिविंग वॉल्स ऑफ लर्निंग" के लिए दिया गया है। उन्होंने अपनी कला (Art) को शिक्षा के एक सशक्त माध्यम के रूप में इस्तेमाल किया: खुले आसमान के नीचे कक्षाएं: उन्होंने झुग्गी-झोपड़ियों और पिछड़े इलाकों की पुरानी, जर्जर दीवारों को रंग-बिरंगे और ज्ञानवर्धक चित्रों में बदल दिया। कला से शिक्षा: इन दीवारों पर विज्ञान, गणित और भाषा से संबंधित चित्र बनाए गए हैं, जिससे बच्चे खेल-खेल में और बिना किसी बोझ के बुनियादी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। सामुदायिक परिवर्तन: उनके संगठन 'रूबल नागी आर्ट फाउंडेशन' ने भारत भर में 800 से अधिक लर्निंग सेंटर स्थापित किए हैं, जो हजारों बच्चों के भविष्य को संवार रहे हैं। रूबल नागी का योगदान रूबल नागी 'मिसाल मुंबई' (Misaal Mumbai) जैसे अभियानों के लिए भी जानी जाती हैं, जिसमें उन्होंने न केवल झुग्गियों को सुंदर बनाया बल्कि वहां रहने वाले परिवारों को स्वच्छता और शिक्षा के प्रति जागरूक भी किया। उनका मानना है कि "कला केवल देखने की चीज नहीं है, बल्कि यह बदलाव का एक जरिया है।" निष्कर्ष रूबल नागी की यह उपलब्धि न केवल भारतीय शिक्षा प्रणाली के लिए एक बड़ी जीत है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण भी है कि रचनात्मकता और समर्पण के साथ शिक्षा के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर बदलाव लाया जा सकता है।
भारतीय कलाकार और समाज सेविका रूबल नागी को 'ग्लोबल टीचर प्राइज 2026' से सम्मानित किया गया भारतीय कलाकार और समाज सेविका रूबल नागी को 'ग्लोबल टीचर प्राइज 2026' से सम्मानित किया गया भारत के लिए यह अत्यंत गर्व का विषय है कि प्रसिद्ध कलाकार और समाज सेविका रूबल नागी (Rouble Nagi) को वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित 'ग्लोबल टीचर प्राइज' (Global Teacher Prize) से सम्मानित किया गया है। दुबई में आयोजित 'वर्ल्ड गवर्नमेंट्स समिट' (World Governments Summit) के दौरान उन्हें इस सम्मान से नवाजा गया। इस पुरस्कार को शिक्षा के क्षेत्र का 'नोबेल प्राइज' माना जाता है। पुरस्कार का विवरण पुरस्कार राशि: रूबल नागी को इस सम्मान के साथ 1 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 8.3 करोड़ रुपये) की इनामी राशि प्रदान की गई है। चयन प्रक्रिया: दुनिया भर के हजारों प्रभावशाली शिक्षकों और शिक्षाविदों में से उनके अनूठे और प्रभावी शिक्षण तरीकों के आधार पर उन्हें चुना गया। सम्मान का मुख्य कारण: 'लिविंग वॉल्स ऑफ लर्निंग' (Living Walls of Learning) रूबल नागी को यह पुरस्कार उनके क्रांतिकारी विचार "लिविंग वॉल्स ऑफ लर्निंग" के लिए दिया गया है। उन्होंने अपनी कला (Art) को शिक्षा के एक सशक्त माध्यम के रूप में इस्तेमाल किया: खुले आसमान के नीचे कक्षाएं: उन्होंने झुग्गी-झोपड़ियों और पिछड़े इलाकों की पुरानी, जर्जर दीवारों को रंग-बिरंगे और ज्ञानवर्धक चित्रों में बदल दिया। कला से शिक्षा: इन दीवारों पर विज्ञान, गणित और भाषा से संबंधित चित्र बनाए गए हैं, जिससे बच्चे खेल-खेल में और बिना किसी बोझ के बुनियादी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। सामुदायिक परिवर्तन: उनके संगठन 'रूबल नागी आर्ट फाउंडेशन' ने भारत भर में 800 से अधिक लर्निंग सेंटर स्थापित किए हैं, जो हजारों बच्चों के भविष्य को संवार रहे हैं। रूबल नागी का योगदान रूबल नागी 'मिसाल मुंबई' (Misaal Mumbai) जैसे अभियानों के लिए भी जानी जाती हैं, जिसमें उन्होंने न केवल झुग्गियों को सुंदर बनाया बल्कि वहां रहने वाले परिवारों को स्वच्छता और शिक्षा के प्रति जागरूक भी किया। उनका मानना है कि "कला केवल देखने की चीज नहीं है, बल्कि यह बदलाव का एक जरिया है।" निष्कर्ष रूबल नागी की यह उपलब्धि न केवल भारतीय शिक्षा प्रणाली के लिए एक बड़ी जीत है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण भी है कि रचनात्मकता और समर्पण के साथ शिक्षा के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर बदलाव लाया जा सकता है।
- Post by सनव्वर सिद्दीकी1
- लगभग ट्रेन कभी भी समय से नहीं चलती 6 बजे का समय है ट्रेन का लेकिन अभी तक नहीं आई1
- कैराना से कुरैशी समाज के तनज़ीम सनोफ तौफीक ने सास पर 20 लाख रुपये के झूठे मुकदमे का लगाया आरोप खबर: कुरैशी समाज के तनज़ीम सनोफ तौफीक का आरोप है कि उनकी सास ने उन पर 20 लाख रुपये का झूठा मुकदमा दर्ज कराया है। उनका कहना है कि उनकी शादी लॉकडाउन के दौरान हुई थी। उन्होंने छपरौली शहर के लोगों से अपील की है कि उनकी पत्नी और बच्चों को वापस घर लाने में मदद की जाए। आप भी यह वीडियो देखें और इस पर अपनी राय जरूर दें। अगर आप भी किसी समस्या से परेशान हैं तो अपनी आवाज़ उठाने के लिए जुड़े रहें ARSH 77 NEWS के साथ।1
- जनपद शामली में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना आदर्श मण्डी पुलिस ने एक व्यक्ति को 16 पव्वे अवैध शराब सहित गिरफ्तार किया है पुलिस अधीक्षक एन.पी. सिंह के निर्देश पर जनपदभर में अवैध शराब के कारोबारियों के विरुद्ध सघन अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान कों लेकर अपर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन एवं नगर क्षेत्राधिकारी के नेतृत्व में थाना आदर्श मण्डी पुलिस ने रात्रि गश्त के दौरान कार्रवाई करते हुए आरोपी को दबोच लिया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान विजय पुत्र वीरेन्द्र सिंह निवासी ग्राम नयागांव थाना झिंझाना के रूप में हुई है। उसके कब्जे से 16 पव्वे अवैध शराब बरामद की गई। थाना आदर्श मण्डी पर आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि अवैध शराब के कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।1
- संदीप प्रजापत और देव अन्य सभी को भक्तों ने मिलकर घायल नंदी महाराज को उपचार केंद्र में भिजवाए1
- Post by दैनिक भास्कर इरशाद राणा1
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- Post by सनव्वर सिद्दीकी1