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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीलीभीत के बरखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत पतारासा कुंवरपुर में एक भव्य कार्यक्रम के दौरान ₹569 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने न केवल क्षेत्र के विकास की नींव रखी, बल्कि वर्षों से संघर्ष कर रहे विस्थापित परिवारों को सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार भी प्रदान किया। कार्यक्रम का सबसे भावुक और महत्वपूर्ण क्षण तब आया जब मुख्यमंत्री ने पिछले 55-56 वर्षों से विस्थापित होकर रह रहे बंगाली हिंदू, सिख, जैन और बौद्ध परिवारों को ज़मीन के पट्टे और भारतीय नागरिकता के प्रमाण पत्र सौंपे।
फास्ट न्यूज इंडिया पीलीभीत
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीलीभीत के बरखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत पतारासा कुंवरपुर में एक भव्य कार्यक्रम के दौरान ₹569 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने न केवल क्षेत्र के विकास की नींव रखी, बल्कि वर्षों से संघर्ष कर रहे विस्थापित परिवारों को सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार भी प्रदान किया। कार्यक्रम का सबसे भावुक और महत्वपूर्ण क्षण तब आया जब मुख्यमंत्री ने पिछले 55-56 वर्षों से विस्थापित होकर रह रहे बंगाली हिंदू, सिख, जैन और बौद्ध परिवारों को ज़मीन के पट्टे और भारतीय नागरिकता के प्रमाण पत्र सौंपे।
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- अयोध्या बार एसोसिएशन की एक महत्वपूर्ण बैठक में वकीलों ने अत्यंत कड़ा रुख अपनाते हुए चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव से तीन दिन के भीतर अयोध्या छोड़ने की मांग की है। वकीलों ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि यदि यह मांग पूरी नहीं हुई, तो वे पूरे शहर को जाम कर किसी भी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगाने के लिए एक बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। इस बैठक के दौरान, वकीलों ने अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल बदलाव की जोरदार मांग की और आगे के संघर्ष का संकेत दिया।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को पीलीभीत के बरखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के पतरासा कुंवरपुर गांव में ₹569.11 करोड़ की 66 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने लगभग ढाई हजार विस्थापित परिवारों को भूमि अधिकार पत्र भी सौंपे। जनसभा को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री ने बताया कि 55-56 वर्ष पहले बांग्लादेश से प्रताड़ित कर निकाले गए इन परिवारों को पीलीभीत में पुनर्वासित किया गया था, और अब उन्हें भारतीय नागरिकता मिल गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह उनके लिए एक नया जीवन है, और इन प्रमाणपत्रों के बाद कोई भी शक्ति उन्हें वहां से नहीं निकाल सकती, न ही कोई उन्हें पराया कह सकता। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन परिवारों को अपनी विरासत संरक्षित करने का मंच मिला है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और पूर्वी पाकिस्तान (बांग्लादेश) के निर्माण के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया, इसे कांग्रेस के पाप का परिणाम बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान सत्ता की लालच के कारण बना था, और यदि उस समय कांग्रेस का नेतृत्व अडिग रहता तो भारत का विभाजन नहीं होता। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जिन्ना अपनी मौत मर गया था, लेकिन लाखों हिंदुओं का कत्लेआम हुआ और उन्हें अपनी पैतृक भूमि छोड़नी पड़ी। उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) पर भी निशाना साधा, यह कहते हुए कि उन्हें चार बार प्रदेश में शासन करने का अवसर मिला, लेकिन उन्हें गरीबों की पीड़ा सुनने की आदत नहीं थी। उन्होंने व्यंगात्मक लहजे में कहा कि वे तब सुनते जब "बबुआ" को समय पर उठने की आदत होती – 12 बजे सोकर उठेंगे, दो बजे तक तैयार होंगे, फिर पांच बजे जिम चले जाएंगे, तो गरीबों की पीड़ा सुनने की आदत कहां होगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, सपा के एजेंडे में केवल सैफई का विकास था। पीलीभीत में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में अब दंगे नहीं होते, और उन्होंने मंच से घोषणा की "नो दंगा नो कर्फ्यू अब यूपी में सब चंगा"। उन्होंने दोहराया कि उनकी सरकार व्यापारियों, बहन-बेटियों और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, और अपराधियों को संरक्षण देने का सवाल ही नहीं उठता।4
- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में मुख्यमंत्री के आगमन से ठीक पहले, कई व्यक्तियों को हाउस अरेस्ट कर लिया गया है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री के निर्धारित दौरे से पहले की गई।1
- Post by Atma Gandhi1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और उसके नेता अखिलेश यादव पर गरीबों की समस्याओं के प्रति संवेदनहीनता का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी को चार-चार बार शासन का अवसर मिला, लेकिन वह गरीबों की पीड़ा से अपनी संवेदना नहीं जोड़ पाई। मुख्यमंत्री योगी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी तब गरीबों की बात सुन सकती थी, जब 'बबुआ' (अखिलेश यादव का जिक्र करते हुए) को समय से जगने की आदत होती।1
- पूर्वी पाकिस्तान से 1958 से 1970 के बीच आकर उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में बसे परिवारों ने दशकों तक जमीन जोती, फसल उगाई और अपने घर बनाकर पीढ़ियां पालीं, लेकिन कागजों पर इस जमीन का स्वामित्व उनका नहीं था। इन परिवारों को लेकर पिछली कई सरकारें आईं और गईं, संवेदनाएं भी जताई गईं, पर उनके हित में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे उनका 70 साल का इंतजार खत्म नहीं हो सका। अब, योगी जी ने इस लंबी प्रतीक्षा को समाप्त करते हुए 2143 परिवारों को भूमि अधिकार प्रदान किए हैं। योगी सरकार के इस निर्णय से सीधे तौर पर 54000 लोगों को लाभ मिला है, जिसने पीलीभीत के ऐसे ही एक लाभार्थी सहित कई लोगों की जिंदगी बदल दी है, जैसा कि एक वीडियो में भी दिखाया गया है।1
- पीलीभीत जिले की पूरनपुर तहसील परिसर में चल रहे अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन और भूख हड़ताल के दौरान एक महिला की तबियत अचानक बिगड़ गई। जानकारी के अनुसार, महिला की उम्र लगभग 60 वर्ष बताई जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर यह प्रदर्शन कब तक चलेगा और इसका क्या परिणाम होगा।1