गुमला जिले में आम लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला फूड सेफ्टी विभाग ने विशेष जांच अभियान चलाया। फूड सेफ्टी पदाधिकारी प्रकाश चंद्र गूंगी एवं आशा राज के नेतृत्व में टीम ने जिले के विभिन्न स्थानों पर लगे ठेलों, सब्जी विक्रेताओं तथा खाद्य सामग्री बेचने वाली दुकानों का सघन निरीक्षण किया। जांच के दौरान सब्जियों सहित अन्य खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता को परखा गया और जिन खाद्य पदार्थों में गुणवत्ता संबंधी कमियां या खराब सामग्री पाई गई, उन्हें मौके पर ही नष्ट करवा दिया गया। नियमों का उल्लंघन करने पर विभाग ने संबंधितों से 300 रुपये का जुर्माना भी वसूला। कार्रवाई के दौरान दुकानदारों और ठेला संचालकों को स्वच्छता बनाए रखने, खाद्य पदार्थों को सुरक्षित तरीके से रखने तथा विभाग द्वारा दिए गए प्रशिक्षण व दिशा-निर्देशों का पालन करने का निर्देश दिया गया। अधिकारियों ने सख्त चेतावनी दी है कि भविष्य में नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फूड सेफ्टी विभाग लगातार जिले में जागरूकता और निरीक्षण अभियान चलाकर लोगों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में कार्यरत है। विभाग का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि खाद्य विक्रेताओं को जागरूक कर उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है।
गुमला जिले में आम लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला फूड सेफ्टी विभाग ने विशेष जांच अभियान चलाया। फूड सेफ्टी पदाधिकारी प्रकाश चंद्र गूंगी एवं आशा राज के नेतृत्व में टीम ने जिले के विभिन्न स्थानों पर लगे ठेलों, सब्जी विक्रेताओं तथा खाद्य सामग्री बेचने वाली दुकानों का सघन निरीक्षण किया। जांच के दौरान सब्जियों सहित अन्य खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता को
परखा गया और जिन खाद्य पदार्थों में गुणवत्ता संबंधी कमियां या खराब सामग्री पाई गई, उन्हें मौके पर ही नष्ट करवा दिया गया। नियमों का उल्लंघन करने पर विभाग ने संबंधितों से 300 रुपये का जुर्माना भी वसूला। कार्रवाई के दौरान दुकानदारों और ठेला संचालकों को स्वच्छता बनाए रखने, खाद्य पदार्थों को सुरक्षित तरीके से रखने तथा विभाग द्वारा दिए गए प्रशिक्षण व दिशा-निर्देशों का पालन करने का निर्देश दिया
गया। अधिकारियों ने सख्त चेतावनी दी है कि भविष्य में नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फूड सेफ्टी विभाग लगातार जिले में जागरूकता और निरीक्षण अभियान चलाकर लोगों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में कार्यरत है। विभाग का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि खाद्य विक्रेताओं को जागरूक कर उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है।
- Available for Sale Year of Registration : 2000 Price (₹) : 70000 City / Locality : गुमला Brand : Suzuki Vehicle Type : Car Vehicle Condition : Old Fuel Type : Petrol रजिस्ट्रेशन का साल : 2000 कीमत (₹) : 70000 शहर / इलाका : गुमला ब्रांड : Suzuki गाड़ी का प्रकार : कार गाड़ी की हालत : पुराना ईंधन का प्रकार : पेट्रोल arjent1
- सिसई के मेन रोड स्थित संगीता ऑटोमोबाइल में शुक्रवार को संगीता जायसवाल ने नई 125 सीसी सुपर स्प्लेंडर एक्सटेक 2.0 मोटरसाइकिल को लॉन्च किया। केक काटकर किए गए इस अनावरण समारोह में संगीता जायसवाल ने बताया कि यह नया मॉडल 75 किलोमीटर प्रति लीटर की माइलेज के साथ बाजार में उतारा गया है। इस गाड़ी में मैग्नेटिक सिस्टम और आरामदायक किक जैसी खूबियां दी गई हैं, जिसकी एक्स-शोरूम कीमत 87,500 रुपये रखी गई है। ग्राहक इस मोटरसाइकिल को पांच अलग-अलग रंगों के विकल्प में चुन सकते हैं। लॉन्च के साथ ही शोरूम ने अन्य मॉडलों पर भी आकर्षक ऑफर की घोषणा की है। स्कूटर, ग्लैमर, स्ट्रीम आर, करिज्मा XMR और माब्रिक 160 मॉडल पर सीधे 50,000 रुपये की भारी छूट दी जा रही है। इसके अलावा, सभी मॉडल की गाड़ियों की खरीद पर एक रेनकोट भी मुफ्त दिया जा रहा है।1
- गुमला के चैनपुर प्रखंड मुख्यालय में आए दिन लगने वाले जाम और अवैध अतिक्रमण को लेकर स्थानीय प्रशासन बेहद सख्त हो गया है। बीते गुरुवार को साप्ताहिक बाजार के दौरान स्थानीय लोगों को होने वाली भारी परेशानी और समय की बर्बादी को लेकर 'पब्लिक न्यूज' ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस खबर का संज्ञान लेते हुए चैनपुर प्रशासन और पुलिस बल ने संयुक्त रूप से सड़कों पर उतरकर अतिक्रमणकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। अंचल अधिकारी दिनेश गुप्ता के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने कुरुमगढ़ मोड़, बैंक रोड, बस स्टैंड, अलबर्ट एक्का चौक और सोहन चौक का सघन दौरा किया। अभियान के दौरान सड़क किनारे अवैध रूप से दुकान लगाने वाले दुकानदारों और बेतरतीब तरीके से वाहन पार्किंग करने वालों को सख्त हिदायत दी गई। अंचल अधिकारी ने दो टूक शब्दों में कहा कि सड़क पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा या अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दुकानदार अपनी सीमा में रहें और वाहन चालक तय स्थान पर ही गाड़ियां खड़ी करें। इसके बाद भी नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रशासन सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई करेगा। इस विशेष अतिक्रमण हटाओ सह चेतावनी अभियान में अंचल अधिकारी दिनेश गुप्ता के साथ मुख्य रूप से अंचल निरीक्षक नरेंद्र सेठ, अमीन उमाशंकर कुमार, एएसआई संतोष धर्मपाल लुगुन और चैनपुर थाना के सशस्त्र जवान व अन्य अधिकारी मौजूद थे। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से स्थानीय नागरिकों और राहगीरों ने राहत की सांस ली है। लोगों का कहना है कि मुख्य चौराहों पर अवैध कब्जे और गलत पार्किंग के कारण होने वाले हादसों के खतरे पर अब लगाम लगने की उम्मीद है।1
- झारखंड के गुमला में परिसदन भवन के सभाकक्ष में शनिवार को राज्य सूचना आयुक्त डॉ. तनुज खत्री की अध्यक्षता में सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम, 2005 के अनुपालन और क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले के विभिन्न विभागों के पदाधिकारी अपने-अपने विभागों की अद्यतन रिपोर्ट के साथ शामिल हुए। बैठक के दौरान आरटीआई के प्रभावी क्रियान्वयन, लंबित मामलों के निष्पादन और आम नागरिकों को समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण सूचना देने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। राज्य सूचना आयुक्त डॉ. तनुज खत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि फरियादियों को तय समय-सीमा के भीतर सही, सटीक और पूर्ण सूचना उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी जन सूचना पदाधिकारियों (पीआईओ) से आरटीआई आवेदनों को गंभीरता से लेने और समयबद्ध निष्पादन करने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों को छोटी-मोटी तकनीकी या प्रक्रियागत कमियों की वजह से सूचना से वंचित नहीं रखा जाना चाहिए। साथ ही, पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए अधिनियम के तहत अधिक से अधिक जानकारियां डिजिटल माध्यम और सार्वजनिक पोर्टलों पर उपलब्ध कराई जाएं। डॉ. खत्री ने सभी विभागों को अपने कार्यालयों में पीआईओ की अद्यतन सूची प्रदर्शित करने और आरटीआई के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए जिले के प्रमुख स्थलों पर होर्डिंग लगाने का सुझाव दिया। बैठक में लंबित मामलों की समीक्षा भी की गई, जिसमें वर्ष 2025-26 में प्राप्त सभी 28 मामलों के सफल निष्पादन और वर्ष 2026-27 में प्राप्त 8 में से 4 मामलों के निष्पादन पर चर्चा हुई। गुमला जिले में विगत दो वर्षों के दौरान हुए बेहतर निष्पादन पर संतोष व्यक्त करते हुए राज्य सूचना आयुक्त ने शेष मामलों को भी जल्द निपटाने के निर्देश दिए। इस बैठक में अपर समाहर्ता गुमला राजीव नीरज, भूमि सुधार उप समाहर्ता राजीव कुमार, सिविल सर्जन डॉ. शंभूनाथ चौधरी, डीएसपी मुख्यालय, जिला योजना पदाधिकारी रमण कुमार सहित जिला कृषि, मत्स्य, शिक्षा, खेल और नगर परिषद के विभिन्न अधिकारी और कर्मी उपस्थित थे।1
- गुमला में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में उर्वरक की कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण और किसानों को निर्धारित मूल्य पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपायुक्त ने सभी उर्वरक विक्रेताओं की दुकानों पर निर्धारित मूल्य सूची (रेट चार्ट), आवश्यक सूचना चार्ट और वैध लाइसेंस अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, उर्वरक की कालाबाजारी रोकने के लिए नियमित संयुक्त छापेमारी अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि किसानों को उर्वरक का वितरण केवल ई-पॉस मशीन के माध्यम से आधार प्रमाणीकरण के बाद ही किया जाएगा और इसके बिना किसी भी परिस्थिति में वितरण नहीं होगा। अनुमंडल स्तर पर सतत निगरानी के लिए एसडीओ स्तर पर भी नियमित रूप से टास्क फोर्स की बैठकें आयोजित करने का निर्देश दिया गया है। इस बैठक में मुख्य रूप से अपर समाहर्ता राजीव नीरज, चैनपुर एसडीपीओ श्रुति अग्रवाल, सदर एसडीपीओ सुरेश प्रसाद यादव, गुमला डीएसपी (मुख्यालय) और जिला कृषि पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।4
- लोहरदगा जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आई आंगनबाड़ी सहायिकाओं और सेविकाओं ने आज समाहरणालय में धरना प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में जुटी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर यह प्रदर्शन आयोजित किया।1
- लोहरदगा जिले की आम जनता न्यूज़ के जरिए अपनी समस्याओं को संबंधित अधिकारियों और जनता तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है।1
- गुमला में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य उर्वरक की कालाबाजारी पर नियंत्रण करना और किसानों को निर्धारित मूल्य पर उर्वरक की पारदर्शी उपलब्धता सुनिश्चित करना है। बैठक के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले के सभी उर्वरक विक्रेताओं को अपनी दुकानों पर अनिवार्य रूप से रेट चार्ट, फर्टिलाइजेशन चार्ट और वैध लाइसेंस प्रदर्शित करना होगा। उर्वरक वितरण में अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से नियमित छापेमारी अभियान चलाने का निर्णय लिया है। उपायुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि किसानों को उर्वरक का वितरण केवल ई-पॉस मशीन के जरिए आधार प्रमाणीकरण के बाद ही किया जाए; बिना आधार सत्यापन के उर्वरक देना पूरी तरह वर्जित है। इसके अलावा, जिला प्रशासन ने अनुमंडल स्तर पर भी टास्क फोर्स की नियमित बैठकें आयोजित करने का निर्देश दिया है ताकि वितरण व्यवस्था पर सतत निगरानी बनी रहे। बैठक में अपर समाहर्ता गुमला राजीव नीरज, चैनपुर की एसडीपीओ श्रुति अग्रवाल, सदर एसडीपीओ सुरेश प्रसाद यादव, डीएसपी (मुख्यालय) गुमला और जिला कृषि पदाधिकारी सहित संबंधित अधिकारी और कर्मी उपस्थित थे।1