अम्बेडकर पार्कों पर टिप्पणी करने वाले अब बदले रुख में—बसपा ने साधा निशाना रविंद्र जाटव सोनू का बयान, जसवंतनगर में सियासी बहस तेज जसवंतनगर/इटावा। डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती को लेकर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) द्वारा पूर्व में अम्बेडकर पार्कों को लेकर की गई विवादित टिप्पणियों और वर्तमान में पूरे उत्साह के साथ जयंती मनाने को लेकर बहस छिड़ गई है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के नेता रविंद्र जाटव सोनू ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि “अम्बेडकर पार्कों को कभी ‘अय्याशी का अड्डा’ बताने वाले आज घुटनों के बल आ गए हैं।” उन्होंने इसे सपा का अवसरवादी रुख बताते हुए आरोप लगाया कि यह बदलाव केवल दलित वोट बैंक को साधने की कोशिश है। बसपा समर्थकों का कहना है कि जब बहुजन समाज पार्टी की सरकार के दौरान अम्बेडकर पार्कों और स्मारकों का निर्माण कराया गया था, तब सपा नेताओं ने इन परियोजनाओं की लगातार आलोचना की थी। अब बदलते राजनीतिक समीकरणों के चलते वही सपा इन प्रतीकों को अपनाने का प्रयास कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, उत्तर प्रदेश की राजनीति में दलित मतदाताओं का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। यही कारण है कि सभी प्रमुख दल बाबा साहेब अम्बेडकर के विचारों और विरासत को अपने-अपने तरीके से प्रस्तुत करने में जुटे हैं। सपा द्वारा अम्बेडकर जयंती मनाना भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। वहीं, सपा नेताओं का कहना है कि बाबा साहेब अम्बेडकर देश के संविधान निर्माता और सामाजिक न्याय के प्रतीक हैं, जिनका सम्मान करना हर दल का कर्तव्य है। उनका दावा है कि जयंती मनाने का उद्देश्य समाज में समानता और भाईचारे का संदेश देना है, न कि राजनीति करना। इस पूरे घटनाक्रम ने प्रदेश की सियासत में दलित राजनीति के महत्व को एक बार फिर उजागर कर दिया है। जहां सपा नए समीकरण बनाने में जुटी है, वहीं बसपा अपने पारंपरिक वोट बैंक को मजबूत बनाए रखने के लिए सक्रिय नजर आ रही है। इस दौरान रविंद्र सिंह सोनू, नागेंद्र जाटव, राजकुमार जाटव, रतन बौद्ध सहित बसपा के कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे। रिपोर्ट -सुशील कान्त चौधरी
अम्बेडकर पार्कों पर टिप्पणी करने वाले अब बदले रुख में—बसपा ने साधा निशाना रविंद्र जाटव सोनू का बयान, जसवंतनगर में सियासी बहस तेज जसवंतनगर/इटावा। डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती को लेकर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) द्वारा पूर्व में अम्बेडकर पार्कों को लेकर की गई विवादित टिप्पणियों और वर्तमान में पूरे उत्साह के साथ जयंती मनाने को लेकर बहस छिड़ गई है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के नेता रविंद्र जाटव सोनू ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि “अम्बेडकर पार्कों को कभी ‘अय्याशी का अड्डा’ बताने वाले आज घुटनों के बल आ गए हैं।” उन्होंने इसे सपा का अवसरवादी रुख बताते हुए आरोप लगाया कि यह बदलाव केवल दलित वोट बैंक को साधने की कोशिश है। बसपा समर्थकों का कहना है कि जब बहुजन समाज पार्टी की सरकार के दौरान अम्बेडकर पार्कों और स्मारकों का निर्माण कराया गया था, तब सपा नेताओं ने इन परियोजनाओं की लगातार आलोचना की थी। अब बदलते राजनीतिक समीकरणों के चलते वही सपा इन प्रतीकों को अपनाने का प्रयास कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, उत्तर प्रदेश की राजनीति में दलित मतदाताओं का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। यही कारण है कि सभी प्रमुख दल बाबा साहेब अम्बेडकर के विचारों और विरासत को अपने-अपने तरीके से प्रस्तुत करने में जुटे हैं। सपा द्वारा अम्बेडकर जयंती मनाना भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। वहीं, सपा नेताओं का कहना है कि बाबा साहेब अम्बेडकर देश के संविधान निर्माता और सामाजिक न्याय के प्रतीक हैं, जिनका सम्मान करना हर दल का कर्तव्य है। उनका दावा है कि जयंती मनाने का उद्देश्य समाज में समानता और भाईचारे का संदेश देना है, न कि राजनीति करना। इस पूरे घटनाक्रम ने प्रदेश की सियासत में दलित राजनीति के महत्व को एक बार फिर उजागर कर दिया है। जहां सपा नए समीकरण बनाने में जुटी है, वहीं बसपा अपने पारंपरिक वोट बैंक को मजबूत बनाए रखने के लिए सक्रिय नजर आ रही है। इस दौरान रविंद्र सिंह सोनू, नागेंद्र जाटव, राजकुमार जाटव, रतन बौद्ध सहित बसपा के कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे। रिपोर्ट -सुशील कान्त चौधरी
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- शिवपाल यादव ने अंबेडकर जयंती पर दी श्रद्धांजलि: संविधान की रक्षा और एकजुट संघर्ष का किया आह्वान जसवंतनगर: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और स्थानीय विधायक शिवपाल सिंह यादव ने मंगलवार दोपहर को डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क में अंबेडकर जयंती के अवसर पर बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। यह कार्यक्रम नगर के मोहल्ला कोठी कैस्त में आयोजित किया गया। इस अवसर पर अपने संबोधन में शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने विभिन्न देशों के संविधानों का अध्ययन कर भारत को एक सशक्त संविधान दिया है, जिसके कारण आज प्रत्येक नागरिक को अपने अधिकार प्राप्त हैं। उन्होंने बाबा साहेब के सपनों को साकार करने और उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। यादव ने संविधान की रक्षा के लिए हर परिस्थिति में एकजुट होकर संघर्ष करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संविधान पर किसी भी प्रकार की आंच नहीं आने दी जाएगी, और यदि ऐसा होता है तो सभी को सड़कों पर उतरकर इसका विरोध करना होगा। इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा की कथित बेईमानी के कारण समाजवादी पार्टी को कम सीटें मिलीं। राजनीतिक संदर्भ में, शिवपाल सिंह यादव ने आगामी विधानसभा चुनाव 2027 का जिक्र किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि समाजवादी पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी और अखिलेश यादव के नेतृत्व में प्रदेश में बिना किसी भेदभाव के विकास कार्य किए जाएंगे। उन्होंने वर्तमान सरकार पर विकास के नाम पर जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाया। इस कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के सपा जिला अध्यक्ष प्रदीप कुमार शाक्य, नगर अध्यक्ष राहुल गुप्ता, विधायक प्रतिनिधि अनुज मोंटी यादव, सांसद प्रतिनिधि हाजी मो.शमीम, सपा कन्नौज प्रभारी अनिल प्रताप सिंह यादव, जीतेन्द्र मोना यस्दव, सत्यवती यादव, हाजी अहसान पेंटर, राशिद सिद्दीकी, डा. धर्मेंद्र जाटव, मो. जहीर, रामवीर यादव, डीलर शिव प्रकाश, बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।1
- जसवंतनगर/इटावा जसवंतनगर क्षेत्र के ग्राम नगला केहरी में पत्रकार राहुल यादव के घर पर दबंगों द्वारा गाली-गलौज और जानलेवा हमले की कोशिश का मामला सामने आया है। पीड़ित पत्रकार ने इस संबंध में सीधे थाने न जाकर IGRS (जनसुनवाई पोर्टल) के माध्यम से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा को ऑनलाइन शिकायत भेजकर कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित के अनुसार, 14 अप्रैल मंगलवार सुबह करीब 8 बजे गांव निवासी सुभाष चंद्र की पत्नी ने बिना किसी कारण उनके घर के बाहर आकर गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर विवाद बढ़ गया और आरोप है कि सुभाष चंद्र का पूरा परिवार—पत्नी, बेटी व दो बेटे—घर पर आकर हमला करने पर उतारू हो गया। इस दौरान आरोपियों द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए पत्रकार और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। घटना का वीडियो भी पीड़ित के पास मौजूद है, जिसे उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर साझा कर उच्च अधिकारियों को टैग करते हुए न्याय की मांग की है। पीड़ित ने बताया कि वह शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं और अपने परिवार के साथ अकेले रहते हैं, जिससे उन्हें अपनी, पत्नी और छोटे बच्चे की सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा बना हुआ है। कार्रवाई की मांग: पत्रकार ने IGRS पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।2
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- उन्नाव जनपद के नवाबगंज क्षेत्र स्थित एक गैस एजेंसी एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। यहां गैस वितरण व्यवस्था में कथित* अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों ने आम उपभोक्ताओं के बीच भारी नाराजगी पैदा कर दी है। मामला उस समय तूल पकड़ गया जब गैस पर्ची कटवाने पहुंचे एक युवक ने *खुलेआम चल रहे “रकम के खेल*” का विरोध किया—और आरोप है कि इसके बाद उसके *साथ मारपीट की गई।* *प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एजेंसी परिसर में लंबी लाइन लगी हुई थी, लेकिन कई लोगों को नजरअंदाज करते हुए कुछ चुनिंदा लोगों को प्राथमिकता दी जा रही थी*। आरोप है कि ₹1500 तक की अतिरिक्त रकम लेकर “ब्लैक” में पर्ची काटी जा रही थी, जबकि सामान्य उपभोक्ता घंटों लाइन में खड़े रहकर भी खाली हाथ लौट रहे थे। "*पीड़ित रमेश, जो नवाबगंज नगर पंचायत कार्यालय के सामने का* निवासी बताया जा रहा है, ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा—“यहां नियम नहीं, पैसा चल रहा है। जो पैसे दे रहा है, उसे तुरंत गैस मिल रही है, बाकी लोग परेशान हो रहे हैं।” रमेश का कहना है कि जब उन्होंने इस व्यवस्था पर सवाल उठाया, तो एजेंसी कर्मचारियों ने पहले अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और फिर कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की। *घटना के बाद एजेंसी परिसर में हंगामा मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची* और किसी तरह स्थिति को नियंत्रण में लिया। हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस ने केवल मामला शांत कराने तक ही अपनी भूमिका सीमित रखी और किसी भी पक्ष के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की। *इस पूरे घटनाक्रम ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या गैस एजेंसियों पर वाकई खुलेआम अवैध वसूली का खेल चल रहा है*? यदि हां, तो जिम्मेदार अधिकारी अब तक चुप क्यों हैं? आम जनता की शिकायतों को नजरअंदाज क्यों किया जा रहा है? और सबसे बड़ा सवाल—क्या आम आदमी अपने हक के लिए आवाज उठाने पर सुरक्षित है? *स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। पहले भी गैस वितरण में गड़बड़ी और फर्जी बुकिंग जैसे आरोप सामने आ चुके हैं,* लेकिन हर बार मामला दबा दिया जाता है। इससे साफ जाहिर होता है कि कहीं न कहीं सिस्टम में बड़ी खामियां हैं और जिम्मेदार लोग आंखें मूंदे बैठे हैं। *अब जरूरत है कि जिला प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले, निष्पक्ष जांच कराए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करे"*। केवल मौके पर पहुंचकर स्थिति को शांत कर देना समस्या का समाधान नहीं है। जब तक भ्रष्टाचार पर सख्त प्रहार नहीं होगा, तब तक आम जनता इसी तरह शोषण का शिकार होती रहेगी। 👉 नवाबगंज के लोगों की मांग: “हमें सिर्फ शांति नहीं, न्याय चाहिए जिला उन्नाव रिपोर्टर अमन सिंह RK News24 Media1
- Post by Urvashi singh1
- उत्तर प्रदेश सरकार के 'मिशन शक्ति फेज-5' (द्वितीय चरण) के अंतर्गत जनपद फिरोजाबाद के थाना सिरसागंज क्षेत्र में पुलिस ने सामाजिक बुराइयों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मदनपुर में आयोजित एक भव्य जागरूकता कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को प्रेम प्रसंग और घर से भागने (एलॉपमेंट) जैसे आत्मघाती फैसलों के प्रति सचेत किया गया। भावुकता में न लें गलत फैसला: पुलिस कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने युवाओं को समझाया कि किशोरावस्था की भावुकता में आकर घर से भागने जैसे कदम न केवल परिवार की प्रतिष्ठा धूमिल करते हैं, बल्कि कानूनी और सामाजिक रूप से युवक-युवतियों का भविष्य भी अंधकारमय बना देते हैं। इस अवसर पर उपनिरीक्षक योगेंद्र सिंह,*महिला उपनिरीक्षक नीतू सिंह, महिला कांस्टेबल वंदना, मधु, रचना और कांस्टेबल मनोज कुमार ने बच्चों को हेल्पलाइन नंबर 1090 (वुमेन पावर लाइन), 181, 112 (आपातकालीन सेवा) और 1098 (चाइल्डलाइन) के उपयोग के बारे में विस्तार से बताया।1
- दौड़ते डंपर में लगी आग: पुलिस की तत्परता से टला बड़ा हादसा जसवंतनगर के ग्राम सकौआ के पास कचौरा रोड पर मंगलवार को एक तेज रफ्तार डंपर में अचानक आग लग गई। आग की लपटें उठने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। डंपर (संख्या UP79AT0704) के टायर के पास स्थित डीजल टैंक के समीप एक्सल में आग भड़क उठी। इसी दौरान, मौके से गुजर रहे थानाध्यक्ष कमल भाटी और उपनिरीक्षक शुभम वर्मा की नजर डंपर से उठती लपटों पर पड़ी। उन्होंने तुरंत चालक को वाहन रोकने का संकेत दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस टीम ने पास के एक पेट्रोल पंप से अग्निशमन सिलेंडर मंगवाया। कांस्टेबल संजय ने डंपर पर चढ़कर फायर एक्सटिंग्विशर की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया। पुलिस की सूझबूझ और तत्परता से कुछ ही देर में आग पर काबू पा लिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो डीजल टैंक में विस्फोट हो सकता था, जिससे एक बड़ा हादसा हो सकता था। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि या संपत्ति का नुकसान नहीं हुआ। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की क्षेत्र में सराहना की जा रही है।1