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हरदोई के जिलाधिकारी अनुनय झा ने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही एक खबर का खंडन किया है, जिसमें दावा किया जा रहा था कि डीएम चौराहे से अशोक स्तम्भ को हटाया जा रहा है। जिलाधिकारी ने इन खबरों को पूर्णतः असत्य और भ्रामक करार दिया है। जांच में यह पता चला है कि जनपद हरदोई में नगर पालिका द्वारा प्रमुख चौराहों का सौंदर्यकरण कार्य किया जा रहा है। जिलाधिकारी झा ने स्पष्ट किया कि डीएम चौराहे पर अशोक स्तम्भ यथावत स्थापित है, और उसे हटाए जाने संबंधी आरोप पूरी तरह से निराधार हैं, जिनका खंडन किया जाता है। उन्होंने जनता से अनुरोध किया है कि वे किसी भी अपुष्ट एवं भ्रामक खबर का प्रसारण न करें। इस संबंध में जिलाधिकारी महोदय ने एक बाइट भी दी है।
Babu Bajpai
हरदोई के जिलाधिकारी अनुनय झा ने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही एक खबर का खंडन किया है, जिसमें दावा किया जा रहा था कि डीएम चौराहे से अशोक स्तम्भ को हटाया जा रहा है। जिलाधिकारी ने इन खबरों को पूर्णतः असत्य और भ्रामक करार दिया है। जांच में यह पता चला है कि जनपद हरदोई में नगर पालिका द्वारा प्रमुख चौराहों का सौंदर्यकरण कार्य किया जा रहा है। जिलाधिकारी झा ने स्पष्ट किया कि डीएम चौराहे पर अशोक स्तम्भ यथावत स्थापित है, और उसे हटाए जाने संबंधी आरोप पूरी तरह से निराधार हैं, जिनका खंडन किया जाता है। उन्होंने जनता से अनुरोध किया है कि वे किसी भी अपुष्ट एवं भ्रामक खबर का प्रसारण न करें। इस संबंध में जिलाधिकारी महोदय ने एक बाइट भी दी है।
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- हरदोई जिले के नोसाहरा नसौली डामर नामक स्थान से एक व्यक्ति ने मदद की गुहार लगाई है। व्यक्ति ने यह कहते हुए सहायता की विनती की है कि अगर उन्हें मदद मिलती है, तो यह उनकी महान कृपा होगी।1
- आज हरदोई में जिलाधिकारी अनुनय झा और पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने ईद के त्योहार को शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराया। यह व्यवस्था थाना कोतवाली शहर क्षेत्रान्तर्गत जामा मस्जिद पर सुनिश्चित की गई। इस दौरान, ड्यूटी स्थल पर तैनात संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।1
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- बकरीद जैसे संवेदनशील त्योहार पर शाहाबाद के मोहल्ला चौक में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब दो पक्षों के बीच अचानक हिंसक विवाद छिड़ गया। देखते ही देखते दोनों ओर से लाठी-डंडे चलने लगे और बीच बाजार की सड़क एक 'दंगल' का अखाड़ा बन गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पुलिस की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हैरानी की बात यह है कि इस घटना से ठीक एक दिन पहले ही, त्योहार को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से इलाके में भारी पुलिस बल के साथ फ्लैग मार्च निकाला गया था। लेकिन अगले ही दिन दबंगों ने खुलेआम बवाल कर पुलिस के खौफ को सीधी चुनौती दे डाली। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर त्योहार के दिन भी सरेआम लाठियां चलेंगी, तो आम जनता खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करेगी। फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच में जुट गई है और आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। प्रशासन ने दावा किया है कि माहौल बिगाड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1