कोटा विकास प्राधिकरण (केडीए) द्वारा तलवंडी स्थित वार्ड नंबर 71 के सेक्टर-2 और सेक्टर-3 में किए जा रहे सड़क निर्माण कार्य में भारी लापरवाही बरती गई है। नई बनी सड़क पर सीवरेज चैंबर सड़क की सतह से करीब 3 से 4 इंच ऊंचे छोड़ दिए गए हैं, जबकि कुछ चैंबर सड़क के स्तर से नीचे होने के कारण वहां गहरे गड्ढे बन गए हैं। इन स्थितियों के चलते वाहन चालकों और राहगीरों के लिए हर समय दुर्घटना का अंदेशा बना हुआ है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में कई बार अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन उनकी समस्याओं को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है। जब निवासियों ने फोन पर केडीए के एक्सईएन पंकज से बात की, तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि "चैंबर तो सड़क से ऊंचे ही रहेंगे," जिससे क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश है। निवासियों का तर्क है कि निर्माण के दौरान चैंबरों को सड़क के लेवल के अनुसार समतल किया जाना अनिवार्य था। यह पहली बार नहीं है जब स्थानीय लोगों को इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व में जब केडीए ने सीवरेज लाइन का कार्य कराया था, तब भी चैंबरों को ऊंचा रखा गया था, जिस पर लोगों ने तब भी विरोध जताया था। इसके अलावा, पत्रकार दुष्यंत सिंह गहलोत ने भी केडीए आयुक्त को लिखित शिकायत दी थी और इस मुद्दे को समाचारों में प्रमुखता से उठाया था, फिर भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। अब क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री संपर्क पोर्टल 181 पर भी शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन अभी तक किसी भी अधिकारी ने मौके पर जाकर निरीक्षण नहीं किया है और न ही चैंबरों को सही स्तर पर लाने का कोई प्रयास हुआ है। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्माण में सुधार नहीं हुआ, तो भविष्य में होने वाली किसी भी दुर्घटना की पूर्ण जिम्मेदारी केडीए प्रशासन की होगी। उन्होंने जिला प्रशासन और केडीए के उच्च अधिकारियों से मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
कोटा विकास प्राधिकरण (केडीए) द्वारा तलवंडी स्थित वार्ड नंबर 71 के सेक्टर-2 और सेक्टर-3 में किए जा रहे सड़क निर्माण कार्य में भारी लापरवाही बरती गई है। नई बनी सड़क पर सीवरेज चैंबर सड़क की सतह से करीब 3 से 4 इंच ऊंचे छोड़ दिए गए हैं, जबकि कुछ चैंबर सड़क के स्तर से नीचे होने के कारण वहां गहरे गड्ढे बन गए हैं। इन स्थितियों के चलते वाहन चालकों और राहगीरों के लिए हर समय दुर्घटना का अंदेशा बना हुआ है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में कई बार अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन उनकी समस्याओं को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है। जब निवासियों ने फोन पर केडीए के एक्सईएन पंकज से बात की, तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि "चैंबर तो सड़क से ऊंचे ही रहेंगे," जिससे क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश है। निवासियों का तर्क है कि निर्माण के दौरान चैंबरों को सड़क के लेवल के अनुसार समतल किया जाना अनिवार्य था। यह पहली बार नहीं है जब
स्थानीय लोगों को इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व में जब केडीए ने सीवरेज लाइन का कार्य कराया था, तब भी चैंबरों को ऊंचा रखा गया था, जिस पर लोगों ने तब भी विरोध जताया था। इसके अलावा, पत्रकार दुष्यंत सिंह गहलोत ने भी केडीए आयुक्त को लिखित शिकायत दी थी और इस मुद्दे को समाचारों में प्रमुखता से उठाया था, फिर भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। अब क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री संपर्क पोर्टल 181 पर भी शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन अभी तक किसी भी अधिकारी ने मौके पर जाकर निरीक्षण नहीं किया है और न ही चैंबरों को सही स्तर पर लाने का कोई प्रयास हुआ है। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्माण में सुधार नहीं हुआ, तो भविष्य में होने वाली किसी भी दुर्घटना की पूर्ण जिम्मेदारी केडीए प्रशासन की होगी। उन्होंने जिला प्रशासन और केडीए के उच्च अधिकारियों से मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
- बिहार के हाजीपुर में शनिवार को उस समय भारी अफ़रा-तफ़री मच गई जब बिहार के सीएम सम्राट चौधरी का हेलीकॉप्टर उड़ान भरते ही हवा में फंस गया। पायलट की सूझबूझ के चलते हेलीकॉप्टर की सुरक्षित लैंडिंग करा ली गई, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। लेकिन इस आपातकालीन स्थिति के बीच सीएम की सुरक्षा में तैनात प्रोटोकॉल वाले अधिकारी और कर्मचारी मौके से भाग खड़े हुए।1
- यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने अखबार नवीसों से बातचीत की है।1
- कोटा के ऐतिहासिक चंबल गार्डन और किशोरपुरा मुक्तिधाम का 100 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकास किया जाएगा। शनिवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इन पुनर्विकास कार्यों का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि लगभग पांच दशक पहले विकसित इस ऐतिहासिक स्थल को आधुनिक सुविधाओं के साथ नया स्वरूप दिया जा रहा है। चंबल नदी का प्राकृतिक सौंदर्य, प्राचीन भीतरिया कुंड और आधुनिक सुविधाएं मिलकर इसे पर्यटन का नया आकर्षण बनाएंगी, जिससे दो वर्ष बाद यह चंबल गार्डन केवल कोटा ही नहीं, बल्कि पूरे राजस्थान के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल होगा। ओम बिरला ने कोटा के समग्र विकास का रोडमैप साझा करते हुए कहा कि आने वाले समय में कोटा शिक्षा के साथ-साथ खेल, स्वास्थ्य, पर्यटन और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में देश के अग्रणी शहरों में शामिल होगा। क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार, नेचुरल हेल्थ सिटी, योग व आयुर्वेद आधारित सेवाओं के साथ-साथ ट्रिपल आईटी का विस्तार, पशु चिकित्सा महाविद्यालय और खेल बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है। कनेक्टिविटी के क्षेत्र में उन्होंने बताया कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, अटल एक्सप्रेसवे, भोपाल मार्ग के विस्तार और सुदृढ़ रेल संपर्क से कोटा-बूंदी क्षेत्र को नई गति मिलेगी। वर्ष 2027 तक कोटा में हवाई सेवा भी शुरू हो जाएगी। इसके अलावा, प्रशासन को पारदर्शी बनाने के लिए अगले दो वर्षों में विभागों की कार्यप्रणाली को सरल कर नई मानक कार्यप्रणाली (एसओपी) लागू की जाएगी। इस शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान स्वायत्त शासन एवं नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष के विजन से कोटा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर एक मजबूत पहचान मिलेगी। वहीं, विधायक संदीप शर्मा ने वर्ष 2023 से 2028 के इस कार्यकाल को कोटा के लिए स्वर्णिम युग बताया और कहा कि विकास पथ परियोजना का करीब 40 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इस कार्यक्रम में विधायक कल्पना देवी, जिलाध्यक्ष राकेश जैन, निवर्तमान महापौर राजीव अग्रवाल, नेता प्रतिपक्ष विवेक राजवंशी और आयुक्त ओपी मेहरा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।4
- राजस्थान के कोटा जिले के लाडपुरा क्षेत्र में लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला जी ने पीड़ित परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये की सहयोग राशि प्रदान करवाई है।1
- कोटा की पुरानी सब्जी मंडी स्थित राजू घी वाले की गली में शनिवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ एक गैस वेल्डिंग की दुकान में काम के दौरान अचानक सिलेंडर फटने से जोरदार धमाका हुआ, जिसमें दुकानदार चंदालाल सोनी गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के वक्त दुकान में मौजूद दो अन्य कर्मचारी बाल-बाल बच गए। धमाके की भयावह आवाज सुनकर पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि इस दुकान पर सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। लोगों के अनुसार, पिछले सात महीनों में इस दुकान पर यह दूसरी बार और अब तक कुल मिलाकर तीसरी बार सिलेंडर ब्लास्ट की घटना हो चुकी है। हादसे की सूचना मिलते ही मकबरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्फोट के कारणों की जांच शुरू कर दी है।1
- राजस्थान के कोटा स्थित मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल और जेके लोन हॉस्पिटल में प्रसूताओं की मौत के बाद प्रभावित परिवारों को आर्थिक संबल देने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला आगे आए हैं। उन्होंने सामाजिक सहयोग से जान गंवाने वाली पांच प्रसूताओं के पीड़ित परिजनों को 5-5 लाख रुपये की सहायता राशि के चेक सौंपे। पीड़ित परिवारों को यह आर्थिक सहायता प्रदान करने के साथ ही लोकसभा अध्यक्ष ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि प्रसूताओं की मौत के इस मामले में जो भी दोषी होंगे, उन पर कार्रवाई की जाएगी।1
- कोटा की अरुंधति चौधरी ने खेल के क्षेत्र में अपनी कड़ी मेहनत के बल पर मान और गौरव बढ़ाया है। भारत स्वाभिमान राजस्थान का मन कही जाने वाली अरुंधति चौधरी की इस सफलता और उनके द्वारा बढ़ाए गए गौरव को श्याम सुंदर शर्मा ने रेखांकित किया है।1
- राजस्थान के कोटा में अमर पंजाबी रेस्टोरेंट पर पत्थर फेंकने के आरोप में लैंडमार्क पुलिस चौकी के एएसआई वेद प्रकाश को शनिवार को कोटा सिटी एसपी तेजस्विनी ने निलंबित कर दिया है। यह घटना 4 जुलाई की रात करीब डेढ़ बजे की है। रेस्टोरेंट के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में एएसआई कार से उतरकर रेस्टोरेंट की ओर पत्थर फेंकता और फिर वापस कार में बैठता नजर आ रहा है। इस संबंध में रेस्टोरेंट संचालक टिंकू ने कुन्हाड़ी थाने में अज्ञात के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसके 6 दिन बाद यह कार्रवाई की गई है। डीएसपी पूनम चौहान ने बताया कि वेद प्रकाश ने शराब के नशे में अमर पंजाबी रेस्टोरेंट पर पत्थर फेंका था, जो सीसीटीवी फुटेज में साफ तौर पर नजर आ रहा है। रेस्टोरेंट के मालिक की शिकायत के बाद एसपी सिटी ने एएसआई को सस्पेंड किया है और अब मामले की जांच की जा रही है। रेस्टोरेंट के संचालक टिंकू का कहना है कि चार-पांच दिन पहले एक अज्ञात व्यक्ति उनके रेस्टोरेंट पर पत्थर फेंककर फरार हो गया था, जिसकी शिकायत उन्होंने सीसीटीवी फुटेज के साथ पुलिस में दर्ज कराई थी। उन्हें बाद में पता चला कि पत्थर फेंकने वाला व्यक्ति पुलिस विभाग का ही एएसआई है। वहीं, निलंबित एएसआई वेद प्रकाश ने अपने बचाव में कहा है कि सीसीटीवी फुटेज में दिखाई देने वाला व्यक्ति वह नहीं है और उसने कोई पत्थर नहीं फेंका है। वेद प्रकाश का कहना है कि उनका रेस्टोरेंट संचालकों से कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं है। कोचिंग क्षेत्र होने के कारण वे देर रात तक गश्त कर दुकानों को समय पर बंद करवाते हैं, जिससे कुछ लोगों को उनसे नाराजगी हो सकती है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।1