भारतीय सेना में अधिकारी बनने का सपना देखने वाले सिल्ली निवासी लोकेश खोलिया ने सिपाही से लेफ्टिनेंट तक का प्रेरक सफर तय कर अपने बचपन के लक्ष्य को साकार किया है। उनके संघर्ष, धैर्य और कड़ी मेहनत की कहानी आज युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। लोकेश को 13 जून, 2026 को 14 सिख रेजिमेंट में लेफ्टिनेंट के पद पर कमीशन प्राप्त हुआ है। अपनी प्रारंभिक शिक्षा सेंट एडम्स गरुड़ से पूरी करने के बाद, उन्होंने 11वीं और 12वीं केवी सुंजुवान जम्मू से की। एनडीए में मेरिट न बना पाने के बावजूद उनके हौसले कमजोर नहीं पड़े और उन्होंने जून 2019 में भारतीय सेना जॉइन की, जिसके बाद जून 2020 में 9 महार रेजिमेंट में सिपाही के रूप में अपनी सेवाएं शुरू कीं। सेना में रहते हुए उन्होंने पहले ही प्रयास में आर्मी कैडेट कॉलेज (ACC) की परीक्षा पास की। जुलाई 2022 से जून 2026 तक चली चार साल की कठिन ट्रेनिंग के दौरान उन्होंने ACC कॉलेज से बीए की पढ़ाई पूरी की और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए ओवरऑल सिल्वर मेडल भी प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने आईएमए की ट्रेनिंग भी सफलतापूर्वक पूरी की। लोकेश अपनी सफलता का श्रेय अपने दादा हरी दत्त खोलिया, माता दुर्गा देवी, पिता सूबेदार ऑनरेरी कैप्टन सतीश चंद्र खोलिया, अपने शिक्षकों और गांव के मेजर चंद्रशेखर जोशी को देते हैं, जिन्होंने हर कदम पर उनका मार्गदर्शन किया। उनके पिता सतीश चंद्र खोलिया ने स्वयं भारतीय सेना में 30 वर्षों तक सेवा देने के बाद वर्ष 2023 में सेवानिवृत्ति ली और अपने दोनों बेटों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित किया। लोकेश के छोटे भाई मयंक खोलिया वर्तमान में आर्मी मेडिकल कोर में नर्सिंग असिस्टेंट के रूप में कार्यरत हैं। इसी के साथ, क्षेत्र के लिए एक और गौरव का क्षण तब आया जब तल्ला भेटा निवासी विद्वान आचार्य केवलानंद लोहुमी के पुत्र हर्षित लोहुमी कान्हा भी भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बने। दोनों युवा अधिकारियों की यह उपलब्धि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। इन ऐतिहासिक उपलब्धियों पर दोनों परिवारों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी गई हैं, साथ ही मां कोट भ्रामरी से उनके आशीर्वाद की कामना की गई है, ताकि दोनों युवा अधिकारी देश सेवा में नए आयाम स्थापित कर सकें।
भारतीय सेना में अधिकारी बनने का सपना देखने वाले सिल्ली निवासी लोकेश खोलिया ने सिपाही से लेफ्टिनेंट तक का प्रेरक सफर तय कर अपने बचपन के लक्ष्य को साकार किया है। उनके संघर्ष, धैर्य और कड़ी मेहनत की कहानी आज युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। लोकेश को 13 जून, 2026 को 14 सिख रेजिमेंट में लेफ्टिनेंट के पद पर कमीशन प्राप्त हुआ है। अपनी प्रारंभिक शिक्षा सेंट एडम्स गरुड़ से पूरी करने के बाद, उन्होंने 11वीं और 12वीं केवी सुंजुवान जम्मू से की। एनडीए में मेरिट न बना पाने के बावजूद उनके हौसले कमजोर नहीं पड़े और उन्होंने जून 2019 में भारतीय सेना जॉइन की, जिसके बाद जून 2020 में 9 महार रेजिमेंट में सिपाही के रूप में अपनी सेवाएं शुरू कीं। सेना में रहते हुए उन्होंने पहले ही प्रयास में आर्मी कैडेट कॉलेज (ACC) की परीक्षा पास की। जुलाई 2022 से जून 2026 तक चली चार साल की कठिन ट्रेनिंग के दौरान उन्होंने ACC कॉलेज से बीए की पढ़ाई पूरी की और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए ओवरऑल सिल्वर मेडल भी प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने आईएमए की ट्रेनिंग भी सफलतापूर्वक पूरी की। लोकेश अपनी सफलता का श्रेय अपने दादा हरी दत्त खोलिया, माता दुर्गा देवी, पिता सूबेदार ऑनरेरी कैप्टन सतीश चंद्र खोलिया, अपने शिक्षकों और गांव के मेजर चंद्रशेखर जोशी को देते हैं, जिन्होंने हर कदम पर उनका मार्गदर्शन किया। उनके पिता सतीश चंद्र खोलिया ने स्वयं भारतीय सेना में 30 वर्षों तक सेवा देने के बाद वर्ष 2023 में सेवानिवृत्ति ली और अपने दोनों बेटों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित किया। लोकेश के छोटे भाई मयंक खोलिया वर्तमान में आर्मी मेडिकल कोर में नर्सिंग असिस्टेंट के रूप में कार्यरत हैं। इसी के साथ, क्षेत्र के लिए एक और गौरव का क्षण तब आया जब तल्ला भेटा निवासी विद्वान आचार्य केवलानंद लोहुमी के पुत्र हर्षित लोहुमी कान्हा भी भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बने। दोनों युवा अधिकारियों की यह उपलब्धि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। इन ऐतिहासिक उपलब्धियों पर दोनों परिवारों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी गई हैं, साथ ही मां कोट भ्रामरी से उनके आशीर्वाद की कामना की गई है, ताकि दोनों युवा अधिकारी देश सेवा में नए आयाम स्थापित कर सकें।
- श्री कैंची धाम में उमड़े श्रद्धालुओं के विशाल जनसैलाब को देखते हुए, एसएसपी नैनीताल डॉ० मंजूनाथ टी०सी० स्वयं बुलेट मोटरसाइकिल पर लगातार गश्त कर रहे हैं। उनका मुख्य उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं के लिए सुगम दर्शन सुनिश्चित करना है। कप्तान डॉ० मंजूनाथ टी०सी० अपने पुलिसकर्मियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर हर चौराहे और बैरियर पर उपस्थित रहकर भक्तों के लिए व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में व्यक्तिगत रूप से जुटे हुए हैं।1
- विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम के स्थापना दिवस पर मंगलवार को आस्था का अनोखा सैलाब उमड़ पड़ा। बाबा नीब करोरी महाराज के दर्शन के लिए देश ही नहीं, बल्कि सात समंदर पार से भी श्रद्धालु धाम पहुंचे। इस पावन अवसर पर अमेरिका से आए विदेशी भक्त मैक्स विलियम्स विशेष आकर्षण का केंद्र रहे, जो बाबा की भक्ति में पूरी तरह सराबोर दिखे। मैक्स विलियम्स ने बताया कि वर्ष 2020 में वे रामदास जी के व्याख्यानों से प्रेरित होकर अध्यात्म की ओर आकर्षित हुए थे। तभी से उनका जीवन बाबा नीब करोरी महाराज की सेवा में पूरी तरह समर्पित है। अन्य साथी भक्तों के सहयोग से पहली बार कैंची धाम पहुंचे मैक्स ने अपनी इस यात्रा का अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्हें यहां आकर असीम शांति की अनुभूति हो रही है। उन्होंने कहा कि यहाँ का वातावरण और लोग बहुत ही दयालु हैं, और जैसे ही उन्होंने इस पावन भूमि पर कदम रखा, उन्हें ऐसा महसूस हुआ मानो स्वयं बाबा ने उन्हें अपने घर वापस बुला लिया हो। स्थापना दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर उमड़ी भारी भीड़ को देखते हुए, नैनीताल पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और भीड़ नियंत्रण के लिए अभूतपूर्व व्यवस्थाएं की थीं। विदेशी भक्त मैक्स विलियम्स ने इन मुस्तैद इंतजामों की खुले दिल से सराहना भी की।1
- उत्तराखंड के देहरादून में भाजपा नेता विनोद कश्यप की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। देहरादून के बैरागी क्षेत्र में हुए इस हत्याकांड के संबंध में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई के बीच घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। इस वारदात के बाद से क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।1
- उत्तराखंड के गैरसैंण में एम्स (AIIMS) की स्थापना की पुरज़ोर माँग उठाई जा रही है। इस महत्वपूर्ण माँग को पूरा करने और क्षेत्र में आवश्यक बदलाव लाने के लिए जनसेवक युवा पवन नेगी को समर्थन देने की अपील की गई है। यह आह्वान 'जनता की आवाज' और 'पहाड़ के अधिकार' को सुनिश्चित करने की दिशा में 'एक पोस्ट, एक आवाज' के रूप में सामने आया है, जिसका स्पष्ट लक्ष्य 2027 में 'परिवर्तन' लाना है।1
- चंपावत में 'जल उत्सव सप्ताह' का समापन 'नदी महोत्सव' के साथ हुआ। इस कार्यक्रम के संबंध में जिलाधिकारी का उल्लेख किया गया है।1
- चंपावत जिले में छतकोट-तुपली सड़क की अत्यंत खराब स्थिति को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई है। स्थानीय लोगों ने बताया है कि यह सड़क पूरी तरह से खराब हो चुकी है, जिसके चलते संबंधित विभाग से इस पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की गई है।1
- कैंची धाम के स्थापना दिवस पर उमड़े आस्था के सैलाब के बीच, सात समंदर पार अमेरिका से पहुंचे विदेशी भक्त मैक्स विलियम्स ने बाबा नीम करोरी महाराज के दर्शन किए। मैक्स, जो 2020 में रामदास जी के व्याख्यानों से प्रेरित होकर अध्यात्म की ओर आकर्षित हुए थे, अपना जीवन अमेरिका में केवल बाबा नीब करोरी महाराज की सेवा में समर्पित बताते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वे अन्य साथी भक्तों के सहयोग से आज पहली बार कैंची धाम पहुंचे हैं। अपनी पहली यात्रा के अनुभव को साझा करते हुए मैक्स भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि यहाँ आकर उन्हें असीम शांति की अनुभूति हुई और यहाँ का वातावरण व लोग बहुत ही मिलनसार व दयालु हैं। मैक्स ने अपने अनुभव को व्यक्त करते हुए कहा, "जैसे ही मैंने इस पावन भूमि पर कदम रखा, मुझे ऐसा महसूस हुआ मानो स्वयं बाबा ने मुझे अपने घर वापस बुला लिया हो।" स्थापना दिवस के इस ऐतिहासिक अवसर पर उमड़ी भारी भीड़ को देखते हुए नैनीताल पुलिस और स्थानीय प्रशासन द्वारा की गई सुरक्षा, यातायात और भीड़ नियंत्रण की अभूतपूर्व व्यवस्थाओं की भी मैक्स ने मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने पुलिस और प्रशासन की मुस्तैद व्यवस्थाओं की प्रशंसा की।1
- चंपावत जिले में आगामी मानसून और पर्यटन सीजन को देखते हुए सड़कों के सुधारीकरण का कार्य तेज कर दिया गया है। जिलाधिकारी के निर्देशों पर, जिले में युद्ध स्तर पर एक व्यापक सफाई अभियान भी चलाया जा रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य आने वाले समय में जिले की सड़कों को बेहतर स्थिति में लाना और स्वच्छता सुनिश्चित करना है।1
- नैनीताल पुलिस के कप्तान मंजूनाथ टीसी ने कैंची धाम की व्यवस्था की कमान संभाल ली है। इस जिम्मेदारी के साथ, नैनीताल पुलिस प्रमुख अब सीधे तौर पर कैंची धाम में होने वाली व्यवस्थाओं का नेतृत्व करेंगे।1