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मांडल में बेमौसम मूसलाधार बारिश, ओलावृष्टि से जनजीवन अस्त-व्यस्त, किसानों की रबी फसल को भारी नुकसान भीलवाड़ा जिले के मांडल कस्बे में बुधवार को मौसम ने अचानक भयानक रूप ले लिया। शाम होते-होते तेज हवाओं के साथ गड़गड़ाहट शुरू हुई और कुछ ही देर में मूसलाधार बारिश के साथ ओलावृष्टि होने लगी। बारिश और ओलों के कारण खेतों व सड़कों पर सफेद चादर जैसी परत बिछ गई। तेज हवा, भारी बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की खेतों में खड़ी रबी फसल को भारी नुकसान हुआ है। जानकारी के अनुसार गेहूं, चना और सरसों की फसल को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा है। कई किसानों की फसल पूरी तरह नष्ट होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। वहीं तेज बारिश के चलते मांडल बस स्टैंड, दशहरा चौक और मांडल थाने के बाहर पानी के साथ कचरा भी इकट्ठा हो गया। इससे आम लोगों और थाने में आने-जाने वाले पुलिस जवानों को गंदगी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि बारिश के बाद कस्बे में सफाई व्यवस्था तत्काल शुरू कराई जाए तथा किसानों को फसल नुकसान का सर्वे कर उचित मुआवजा दिलाया जाए।

4 hrs ago
user_Dev karan Mali
Dev karan Mali
भीलवाड़ा, भीलवाड़ा, राजस्थान•
4 hrs ago
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मांडल में बेमौसम मूसलाधार बारिश, ओलावृष्टि से जनजीवन अस्त-व्यस्त, किसानों की रबी फसल को भारी नुकसान भीलवाड़ा जिले के मांडल कस्बे में बुधवार को मौसम ने अचानक भयानक रूप ले लिया। शाम होते-होते तेज हवाओं के साथ गड़गड़ाहट शुरू हुई और कुछ ही देर में मूसलाधार बारिश के साथ ओलावृष्टि होने लगी। बारिश और ओलों के कारण खेतों व सड़कों पर सफेद चादर जैसी परत बिछ

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गई। तेज हवा, भारी बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की खेतों में खड़ी रबी फसल को भारी नुकसान हुआ है। जानकारी के अनुसार गेहूं, चना और सरसों की फसल को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा है। कई किसानों की फसल पूरी तरह नष्ट होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। वहीं तेज बारिश के चलते मांडल बस स्टैंड, दशहरा चौक

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और मांडल थाने के बाहर पानी के साथ कचरा भी इकट्ठा हो गया। इससे आम लोगों और थाने में आने-जाने वाले पुलिस जवानों को गंदगी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि बारिश के बाद कस्बे में सफाई व्यवस्था तत्काल शुरू कराई जाए तथा किसानों को फसल नुकसान का सर्वे कर उचित मुआवजा दिलाया जाए।

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  • नवीन राज्य स्तरीय चारागाह नीति बनाने की मांग सरकार ट्रस्टी की भूमिका निभाए भीलवाड़ा 18 अप्रैल। भीलवाड़ा विधायक अशोक कुमार कोठारी ने राजस्थान विधानसभा में विशेष उल्लेख प्रस्ताव (नियम 295) के अंतर्गत प्रदेश में घटती चारागाह भूमि के संरक्षण एवं विकास हेतु नवीन राज्य स्तरीय चारागाह नीति बनाने की मांग उठाई। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष का विषय पर समय प्रदान करने के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा वर्ष 2026 को अंतर्राष्ट्रीय चरागाह एवं पशुपालक वर्ष घोषित किया गया है, जिसका उद्देश्य चारागाहों और पशुपालकों की भूमिका को रेखांकित करते हुए समावेशी एवं दीर्घकालीन नीतियों का निर्माण करना है। उन्होंने बताया कि राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में पशुपालन का लगभग 11.5 प्रतिशत एवं कृषि का लगभग 17.5 प्रतिशत योगदान है। ग्रामीण राजस्थान में कृषि और पशुपालन एक-दूसरे के पूरक हैं तथा राज्य की दो-तिहाई से अधिक आबादी इन पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गौवंश संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए विभिन्न योजनाएँ संचालित की जा रही हैं, किंतु निर्देशों की पूर्ण पालना के अभाव में निराश्रित गौवंश फसलों को नुकसान पहुँचाने तथा सड़कों पर दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। विधायक कोठारी ने कहा कि राजस्थान काश्तकारी अधिनियम एवं राजस्थान पंचायतीराज अधिनियम के तहत चारागाह भूमि पशुओं के लिए सुरक्षित रखी गई है, लेकिन आरक्षित चारागाह भूमि पर अतिक्रमण एवं अन्य प्रयोजनों हेतु आवंटन के कारण इनका क्षेत्रफल निरंतर घट रहा है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 21 एवं अनुच्छेद 48 का उल्लेख करते हुए कहा कि चारागाह भूमि का संरक्षण नागरिकों के जीवन के अधिकार तथा राज्य के पर्यावरणीय कर्तव्यों से जुड़ा हुआ है। राज्य सरकार चारागाह भूमि की ट्रस्टी है,तो ट्रस्टी की भूमिका निभाए। विधायक कोठारी ने सुझाव दिया कि राज्य सरकार चारागाह विकास हेतु पृथक राज्य स्तरीय योजना प्रारंभ करे, जिसके अंतर्गत चारागाह भूमि का विकास जलग्रहण , वी बी जी रामजी,एवं अन्य योजनाओं के माध्यम से क्रियान्वित किया जाए। इससे प्रदेश में पशुधन संख्या में वृद्धि के साथ प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा मिलेगा। अंत में विधायक कोठारी ने माननीय मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए आशा जताई कि सरकार इस दिशा में ठोस एवं प्रभावी कदम उठाएगी।
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    नवीन राज्य स्तरीय चारागाह नीति बनाने की मांग
सरकार ट्रस्टी की भूमिका निभाए
भीलवाड़ा 18 अप्रैल। भीलवाड़ा विधायक अशोक कुमार कोठारी ने राजस्थान विधानसभा में विशेष उल्लेख प्रस्ताव (नियम 295) के अंतर्गत प्रदेश में घटती चारागाह भूमि के संरक्षण एवं विकास हेतु नवीन राज्य स्तरीय चारागाह नीति बनाने की मांग उठाई।   
उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष का विषय पर समय प्रदान करने के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा वर्ष 2026 को अंतर्राष्ट्रीय चरागाह एवं पशुपालक वर्ष घोषित किया गया है, जिसका उद्देश्य चारागाहों और पशुपालकों की भूमिका को रेखांकित करते हुए समावेशी एवं दीर्घकालीन नीतियों का निर्माण करना है। उन्होंने बताया कि राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में पशुपालन का लगभग 11.5 प्रतिशत एवं कृषि का लगभग 17.5 प्रतिशत योगदान है। ग्रामीण राजस्थान में कृषि और पशुपालन एक-दूसरे के पूरक हैं तथा राज्य की दो-तिहाई से अधिक आबादी इन पर निर्भर है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गौवंश संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए विभिन्न योजनाएँ संचालित की जा रही हैं, किंतु निर्देशों की पूर्ण पालना के अभाव में निराश्रित गौवंश फसलों को नुकसान पहुँचाने तथा सड़कों पर दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। 
विधायक कोठारी ने कहा कि राजस्थान काश्तकारी अधिनियम एवं राजस्थान पंचायतीराज अधिनियम के तहत चारागाह भूमि पशुओं के लिए सुरक्षित रखी गई है, लेकिन आरक्षित चारागाह भूमि पर अतिक्रमण एवं अन्य प्रयोजनों हेतु आवंटन के कारण इनका क्षेत्रफल निरंतर घट रहा है।
उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 21 एवं अनुच्छेद 48 का उल्लेख करते हुए कहा कि चारागाह भूमि का संरक्षण नागरिकों के जीवन के अधिकार तथा राज्य के पर्यावरणीय कर्तव्यों से जुड़ा हुआ है। राज्य सरकार चारागाह भूमि की ट्रस्टी है,तो ट्रस्टी की भूमिका निभाए।
विधायक कोठारी ने सुझाव दिया कि राज्य सरकार चारागाह विकास हेतु पृथक राज्य स्तरीय योजना प्रारंभ करे, जिसके अंतर्गत चारागाह भूमि का विकास जलग्रहण , वी बी जी रामजी,एवं अन्य योजनाओं के माध्यम से क्रियान्वित किया जाए। इससे प्रदेश में पशुधन संख्या में वृद्धि के साथ प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा मिलेगा।
अंत में विधायक कोठारी ने माननीय मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए आशा जताई कि सरकार इस दिशा में ठोस एवं प्रभावी कदम उठाएगी।
    user_Narendra kumar Regar
    Narendra kumar Regar
    Physiotherapist भीलवाड़ा, भीलवाड़ा, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • Post by Dev karan Mali
    1
    Post by Dev karan Mali
    user_Dev karan Mali
    Dev karan Mali
    भीलवाड़ा, भीलवाड़ा, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • मांडल विधानसभा क्षेत्र के लिरडिया ग्राम पंचायत बारिश का तेज आगमन साथ तेज ओल गिर,भयंकर आंधी के साथ 20 मिनट लगातार सिलसिला जारी रहा
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    मांडल विधानसभा क्षेत्र के लिरडिया ग्राम पंचायत बारिश का तेज आगमन साथ  तेज ओल गिर,भयंकर  आंधी के साथ 20 मिनट लगातार सिलसिला जारी रहा
    user_Mahaveer meghwanshi
    Mahaveer meghwanshi
    Court reporter मंडल, भीलवाड़ा, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • शाहपुरा -भैरू लाल लक्षकार भीम उनियारा सड़क मार्ग 148 पर राज्यास गांव के पास आमली,मालपुरा(टोंक) जिले से आए राजपूत समाज के लोगो की कार पलक झपकते ही खाक हो गई, उनकी चीख-पुकार मच गई, प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार, हादसा इतना भयानक था कि स्कार्पियो के पलटते ही उसमें धमाका हुआ और वह आग की लपटों से घिर गई। गाड़ी में सवार लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। आग का गोला बनी गाड़ी को देख राहगीरों और ग्रामीणों के हाथ-पांव फूल गए। सूचना मिलते ही फूलियाकलां पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भारी जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे। तीन घायलों की हालत नाजुक, शाहपुरा रेफर वहां से भीलवाड़ा किया रेफर हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए तीन लोगों को ग्रामीणों और पुलिस की मदद से जलती गाड़ी के पास से रेस्क्यू किया गया। उन्हें तत्काल उपचार के लिए शाहपुरा जिला अस्पताल रेफर किया गया है, जहां तीनों फूलचंद, शंकर सिंह, विजय सिंह की हालत बेहद नाजुक होने से उनको भीलवाड़ा रेफर कर दिया गया है। दोनों मृतक पिता पुत्र कज़ोड़ (45) व अजय सिंह (35)बताए जा रहे उनके शवों को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवाया गया। हादसे के मेगा हाईवे पर लंबा जाम लग गया राज्यास के पास हुए इस हादसे के बाद मेगा हाईवे 148 डी पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस ने क्रेन की मदद से जली हुई गाड़ी को सडक़ किनारे कर यातायात सुचारू करवाया। मौके पर भारी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा है और पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी या पलटने के दौरान फ्यूल टैंक फटने से लगी है या नहीं जांच के बाद पता लगेगा। मृतकों का सुबह परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम होगा। सभी गुहली मायरा भरने जा रहे थे, इस दौरान हादसा हो गया।
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    शाहपुरा -भैरू लाल लक्षकार 
भीम उनियारा सड़क मार्ग 148 पर राज्यास गांव के पास आमली,मालपुरा(टोंक) जिले से आए राजपूत समाज के लोगो की कार पलक झपकते ही खाक हो गई, उनकी चीख-पुकार मच गई, प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार, हादसा इतना भयानक था कि स्कार्पियो के पलटते ही उसमें धमाका हुआ और वह आग की लपटों से घिर गई। गाड़ी में सवार लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। आग का गोला बनी गाड़ी को देख राहगीरों और ग्रामीणों के हाथ-पांव फूल गए। सूचना मिलते ही फूलियाकलां पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भारी जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे।
तीन घायलों की हालत नाजुक, शाहपुरा रेफर वहां से भीलवाड़ा किया रेफर 
हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए तीन लोगों को ग्रामीणों और पुलिस की मदद से जलती गाड़ी के पास से रेस्क्यू किया गया। उन्हें तत्काल उपचार के लिए शाहपुरा जिला अस्पताल रेफर किया गया है, जहां तीनों फूलचंद, शंकर सिंह, विजय सिंह की हालत बेहद नाजुक होने से उनको भीलवाड़ा रेफर कर दिया गया है।
दोनों मृतक पिता पुत्र कज़ोड़ (45) व अजय सिंह (35)बताए जा रहे उनके शवों को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवाया गया।
हादसे के मेगा हाईवे पर लंबा जाम लग गया
राज्यास के पास हुए इस हादसे के बाद मेगा हाईवे 148 डी पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस ने क्रेन की मदद से जली हुई गाड़ी को सडक़ किनारे कर यातायात सुचारू करवाया। मौके पर भारी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा है और पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी या पलटने के दौरान फ्यूल टैंक फटने से लगी है या नहीं जांच के बाद पता लगेगा।
मृतकों का सुबह परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम होगा। सभी गुहली मायरा भरने जा रहे थे, इस दौरान हादसा हो गया।
    user_Bheru lal luxkar
    Bheru lal luxkar
    Local News Reporter शाहपुरा, भीलवाड़ा, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • Post by DINESH KUMAR MEENA
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    Post by DINESH KUMAR MEENA
    user_DINESH KUMAR MEENA
    DINESH KUMAR MEENA
    मंडल गढ़, भीलवाड़ा, राजस्थान•
    17 hrs ago
  • Post by Dr CP Patel 8302083835 आयुष हॉस्पिटल
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    Post by Dr CP Patel 8302083835 आयुष हॉस्पिटल
    user_Dr CP Patel 8302083835 आयुष हॉस्पिटल
    Dr CP Patel 8302083835 आयुष हॉस्पिटल
    Doctor Chittaurgarh, Chittorgarh•
    1 hr ago
  • Sri laksmipati bhulo mati 🙏🏾🙏🏾🙏🏾🙏🏾🙏🏾🙏🏾🌹🌹🌹🌹🌹🌹🙏🏿🙏🏿🙏🏿🙏🏿🙏🏿🙏🏻🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
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    Sri laksmipati bhulo mati 🙏🏾🙏🏾🙏🏾🙏🏾🙏🏾🙏🏾🌹🌹🌹🌹🌹🌹🙏🏿🙏🏿🙏🏿🙏🏿🙏🏿🙏🏻🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
    user_Kanhaiya lal Joshi
    Kanhaiya lal Joshi
    Pujari चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    15 hrs ago
  • भीलवाड़ा = कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन टेक्सटाइल इंडस्ट्री (सीआईटीआई) की इकाई सीआईटीआई–कॉटन डेवलपमेंट एंड रिसर्च एसोसिएशन (सीआईटीआई-सीडीआरए) द्वारा “भारत कॉटननेट 2026” का आयोजन स्थानीय द इम्पीरियल प्राइम में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह सम्मेलन लगातार तीसरे वर्ष आयोजित किया गया। इस वर्ष सम्मेलन की थीम “टिकाऊ कपास मूल्य श्रृंखला के लिए सहयोग” रही। कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास, वस्त्र मंत्रालय की संयुक्त सचिव (फाइबर) श्रीमती पद्मिनी सिंगला, कृषि विभाग के अधिकारी, वैज्ञानिक, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, निर्यातक, प्रमाणन एजेंसियां तथा किसान प्रतिनिधि शामिल हुए। सम्मेलन के दौरान कपास उत्पादकता में वृद्धि, जलवायु अनुकूल खेती, तथा संस्थागत सहयोग जैसे विषयों पर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। विशेषज्ञों ने कपास उत्पादन में गुणवत्ता सुधार, टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने और किसानों को तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने पर जोर दिया। इसी अवसर पर टेक्सप्रोसिल एवं सीआईटीआई-सीडीआरए द्वारा “कस्तूरी कॉटन गांव एवं कस्तूरी कॉटन मित्र” पहल का औपचारिक शुभारंभ भी किया गया। इस पहल के अंतर्गत मॉडल क्लस्टर विकसित किए जाएंगे तथा प्रशिक्षित फील्ड सलाहकार किसानों को वैज्ञानिक मार्गदर्शन देंगे, जिससे गुणवत्ता, ट्रेसबिलिटी और टिकाऊ उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। पैनल चर्चा में विशेषज्ञों ने उद्योग की आवश्यकताओं, कपास की स्रोत से पहचान (ट्रेसबिलिटी), टिकाऊ उत्पादन तथा भविष्य की रणनीतियों पर विचार साझा किए। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों के लिए नितिन स्पिनर्स लिमिटेड का उद्योग भ्रमण भी कराया गया। सम्मेलन ने किसानों से लेकर उद्योग तक टिकाऊ कपास मूल्य श्रृंखला के लिए मजबूत सहयोग मंच प्रदान किया
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    भीलवाड़ा = कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन टेक्सटाइल इंडस्ट्री (सीआईटीआई) की इकाई सीआईटीआई–कॉटन डेवलपमेंट एंड रिसर्च एसोसिएशन (सीआईटीआई-सीडीआरए) द्वारा “भारत कॉटननेट 2026” का आयोजन स्थानीय द इम्पीरियल प्राइम में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह सम्मेलन लगातार तीसरे वर्ष आयोजित किया गया। इस वर्ष सम्मेलन की थीम “टिकाऊ कपास मूल्य श्रृंखला के लिए सहयोग” रही।
कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास, वस्त्र मंत्रालय की संयुक्त सचिव (फाइबर) श्रीमती पद्मिनी सिंगला, कृषि विभाग के अधिकारी, वैज्ञानिक, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, निर्यातक, प्रमाणन एजेंसियां तथा किसान प्रतिनिधि शामिल हुए।
सम्मेलन के दौरान कपास उत्पादकता में वृद्धि, जलवायु अनुकूल खेती, तथा संस्थागत सहयोग जैसे विषयों पर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। विशेषज्ञों ने कपास उत्पादन में गुणवत्ता सुधार, टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने और किसानों को तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
इसी अवसर पर टेक्सप्रोसिल एवं सीआईटीआई-सीडीआरए द्वारा “कस्तूरी कॉटन गांव एवं कस्तूरी कॉटन मित्र” पहल का औपचारिक शुभारंभ भी किया गया। इस पहल के अंतर्गत मॉडल क्लस्टर विकसित किए जाएंगे तथा प्रशिक्षित फील्ड सलाहकार किसानों को वैज्ञानिक मार्गदर्शन देंगे, जिससे गुणवत्ता, ट्रेसबिलिटी और टिकाऊ उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
पैनल चर्चा में विशेषज्ञों ने उद्योग की आवश्यकताओं, कपास की स्रोत से पहचान (ट्रेसबिलिटी), टिकाऊ उत्पादन तथा भविष्य की रणनीतियों पर विचार साझा किए।
कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों के लिए नितिन स्पिनर्स लिमिटेड का उद्योग भ्रमण भी कराया गया। सम्मेलन ने किसानों से लेकर उद्योग तक टिकाऊ कपास मूल्य श्रृंखला के लिए मजबूत सहयोग मंच प्रदान किया
    user_Narendra kumar Regar
    Narendra kumar Regar
    Physiotherapist भीलवाड़ा, भीलवाड़ा, राजस्थान•
    3 hrs ago
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