नरसिंहपुर के करेली स्थित हरिविष्णु कामथ खेल स्टेडियम में आज 13 जुलाई 2026 को सुबह 11 बजे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, संविधान निर्मात्री सभा के सदस्य और पूर्व सांसद स्व. श्री हरिविष्णु कामथ की प्रतिमा पर पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। आज उनकी 119वीं जयंती है। स्व. कामथ का जन्म 13 जुलाई 1907 को हुआ था और उनका अवसान 09 अक्टूबर 1982 को हुआ था। उन्होंने लंदन से उच्च शिक्षा प्राप्त कर वर्ष 1933 में आई.सी.एस. परीक्षा (वर्तमान आईएएस) उत्तीर्ण की थी। नरसिंहपुर के डिप्टी कमिश्नर (कलेक्टर) पद पर रहते हुए जब वे त्रिपुरी अधिवेशन के बाद नरसिंहपुर स्टेशन पर नेताजी सुभाषचंद बोस से मिले, तो अंग्रेजी हुकूमत ने इसे बगावत माना। इसके बाद उन्होंने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया और उन्हें जेल में बंद कर दिया गया। नेताजी उनके आदर्श थे। वर्ष 1941 में युद्ध विरोधी भाषण देने पर उन्हें गिरफ्तार किया गया और भारत छोड़ो आंदोलन के सिलसिले में 1942 में उन्हें जबलपुर जेल में रखा गया। सन् 1945 में जेल से रिहा होने के बाद वे नेताजी के दल फॉरवर्ड ब्लॉक में शामिल हो गए। आजादी के बाद पंडित जवाहर लाल नेहरू ने उन्हें संविधान निर्मात्री सभा का सदस्य बनाया, जहां उन्होंने डॉ. अम्बेडकर के साथ सहयोग कर संविधान को प्रजातांत्रिक बनाने में अहम योगदान दिया। पंडित नेहरू ने उन्हें कई बार कांग्रेस में शामिल करने का प्रयास किया, लेकिन सिद्धांतों के चलते वे सदैव विपक्ष में रहे। फॉरवर्ड ब्लॉक के समाजवादी दलों में विलय के बाद वे प्रजा समाजवादी दल में रहे और प्रदेश में कांग्रेस सरकार होने के बावजूद उनके प्रभाव से जबलपुर से खंडवा तक का पूरा क्षेत्र प्रजा समाजवादी पार्टी का गढ़ बन गया था। बाद में वे जनता पार्टी के नेता के रूप में राष्ट्रीय कार्य समिति में भी रहे। वे होशंगाबाद क्षेत्र से तीन बार (1953, 1962 और 1977) सांसद रहे। बरमान का सतधारा पुल, शटल ट्रेन, होशंगाबाद में सुरक्षा कागज कारखाना, तवा बांध और इटारसी में निर्मित पुल उनके ही प्रयासों का नतीजा हैं। छिंदवाड़ा-करेली-सागर रेल लाइन उनका सपना थी, जिसके लिए उनके प्रयासों से सर्वे भी हुआ, लेकिन इसके क्रियान्वयन का आज भी इंतजार है। लोकसभा में वे कानूनी मुद्दों और संसदीय प्रणाली के बड़े जानकार थे, जिससे सत्ता पक्ष भयभीत रहता था। उन्होंने चीनी आक्रमण पर रक्षा व्यवस्था और विदेश नीति पर एक पुस्तक भी लिखी थी। स्व. कामथ का करेली से विशेष लगाव था और वे इसे जिले का राजनीतिक मरकज कहा करते थे। वे जीवन भर अविवाहित रहे और अपनी सारी संपत्ति कर्नाटक विश्वविद्यालय को दान कर दी थी। 9 अक्टूबर 1982 को नागपुर रेलवे स्टेशन से बैंगलोर जाते समय हृदय गति रुकने से उनका निधन हो गया था। उनकी स्मृति में करेली में खेल स्टेडियम व वाचनालय का निर्माण कराया गया है, और गोटेगांव, नरसिंहपुर व गाडरवारा में एक-एक वार्ड का नाम 'कामथ वार्ड' रखा गया है।
नरसिंहपुर के करेली स्थित हरिविष्णु कामथ खेल स्टेडियम में आज 13 जुलाई 2026 को सुबह 11 बजे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, संविधान निर्मात्री सभा के सदस्य और पूर्व सांसद स्व. श्री हरिविष्णु कामथ की प्रतिमा पर पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। आज उनकी 119वीं जयंती है। स्व. कामथ का जन्म 13 जुलाई 1907 को हुआ था और उनका अवसान 09 अक्टूबर 1982 को हुआ था। उन्होंने लंदन से उच्च शिक्षा प्राप्त कर वर्ष 1933 में आई.सी.एस. परीक्षा (वर्तमान आईएएस) उत्तीर्ण की थी। नरसिंहपुर के डिप्टी कमिश्नर (कलेक्टर) पद पर रहते हुए जब वे त्रिपुरी अधिवेशन के बाद नरसिंहपुर स्टेशन पर नेताजी सुभाषचंद बोस से मिले, तो अंग्रेजी हुकूमत ने इसे बगावत माना। इसके बाद उन्होंने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया और उन्हें जेल में बंद कर दिया गया। नेताजी उनके आदर्श थे। वर्ष 1941 में युद्ध विरोधी भाषण देने पर उन्हें गिरफ्तार किया गया और भारत छोड़ो आंदोलन के सिलसिले में 1942 में उन्हें जबलपुर जेल में रखा गया। सन् 1945 में जेल से रिहा होने के बाद वे नेताजी के दल फॉरवर्ड ब्लॉक में शामिल हो गए। आजादी के बाद पंडित जवाहर लाल नेहरू ने उन्हें संविधान निर्मात्री सभा का सदस्य बनाया, जहां उन्होंने डॉ. अम्बेडकर के साथ सहयोग कर संविधान को प्रजातांत्रिक बनाने में अहम योगदान दिया। पंडित नेहरू ने उन्हें कई बार कांग्रेस में शामिल करने का प्रयास किया, लेकिन सिद्धांतों के चलते वे सदैव विपक्ष में रहे। फॉरवर्ड ब्लॉक के समाजवादी दलों में विलय के बाद वे प्रजा समाजवादी दल में रहे और प्रदेश में कांग्रेस सरकार होने के बावजूद उनके प्रभाव से जबलपुर से खंडवा तक का पूरा क्षेत्र प्रजा समाजवादी पार्टी का गढ़ बन गया था। बाद में वे जनता पार्टी के नेता के रूप में राष्ट्रीय कार्य समिति में भी रहे। वे होशंगाबाद क्षेत्र से तीन बार (1953, 1962 और 1977) सांसद रहे। बरमान का सतधारा पुल, शटल ट्रेन, होशंगाबाद में सुरक्षा कागज कारखाना, तवा बांध और इटारसी में निर्मित पुल उनके ही प्रयासों का नतीजा हैं। छिंदवाड़ा-करेली-सागर रेल लाइन उनका सपना थी, जिसके लिए उनके प्रयासों से सर्वे भी हुआ, लेकिन इसके क्रियान्वयन का आज भी इंतजार है। लोकसभा में वे कानूनी मुद्दों और संसदीय प्रणाली के बड़े जानकार थे, जिससे सत्ता पक्ष भयभीत रहता था। उन्होंने चीनी आक्रमण पर रक्षा व्यवस्था और विदेश नीति पर एक पुस्तक भी लिखी थी। स्व. कामथ का करेली से विशेष लगाव था और वे इसे जिले का राजनीतिक मरकज कहा करते थे। वे जीवन भर अविवाहित रहे और अपनी सारी संपत्ति कर्नाटक विश्वविद्यालय को दान कर दी थी। 9 अक्टूबर 1982 को नागपुर रेलवे स्टेशन से बैंगलोर जाते समय हृदय गति रुकने से उनका निधन हो गया था। उनकी स्मृति में करेली में खेल स्टेडियम व वाचनालय का निर्माण कराया गया है, और गोटेगांव, नरसिंहपुर व गाडरवारा में एक-एक वार्ड का नाम 'कामथ वार्ड' रखा गया है।
- नरसिंहपुर में खनिज विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग द्वारा की गई इस कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से मुरम ले जाते हुए तीन ट्रैक्टरों को जब्त किया गया है।1
- नरसिंहपुर जिला मुख्यालय के कलेक्टर कार्यालय में ग्राम पंचायत गुरसी के ग्राम गोकला से आए दर्जनों ग्रामीणों ने वन विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग के कर्मचारी उनके साथ घोर अन्याय और भेदभाव कर रहे हैं। पीढ़ियों से खेती कर रहे बुजुर्ग ग्रामीणों के मन में अपनी जमीन छिन जाने का डर साफ दिखाई दे रहा है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए शिष्य महामंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. आशुतोष ब्रह्मचारी ग्रामीणों की लड़ाई लड़ने के लिए खुद सामने आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गोकला गांव की गरीब जनता, जो कि भारतीय जनता पार्टी की निष्ठावान कार्यकर्ता है, उसे वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है। ग्रामीणों ने वन विभाग पर सीधे तौर पर पैसे के खेल का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जो पैसा दे देता है, उसकी जमीन छोड़ दी जाती है और जो पैसा नहीं दे पाता, उसकी जमीन निकाल दी जाती है। पीड़ित महिला शांति बाई, एक बुजुर्ग ग्रामीण और डॉ. आशुतोष ब्रह्मचारी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषी वन कर्मचारियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों की मांग है कि सभी के साथ एक जैसा न्याय हो। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले पर क्या रुख अपनाता है।1
- दमोह में राम मंदिर चंदा चोरी, नीट पेपर लीक, किसानों की समस्याओं और कथित जमीन घोटालों की जांच कराने की मांग की गई है। इन विभिन्न ज्वलंत मुद्दों और समस्याओं को लेकर उचित जांच की मांग उठाई जा रही है।1
- नरसिंहपुर जिले में आज भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में संगठन की मजबूती और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर विस्तृत चर्चा और मंथन किया गया। बैठक की जानकारी देते हुए नरसिंहपुर जिला अध्यक्ष हेमराज विश्वकर्मा ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य पत्रकारों के हितों की रक्षा करना और उन्हें एक मंच पर एकजुट करना है। बैठक के दौरान जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे सभी पत्रकार साथियों को संगठित कर उन्हें सशक्त बनाने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया। इसके साथ ही पत्रकारों की सुरक्षा, सहयोग और उन्हें प्रशिक्षण प्रदान करने जैसे सभी महत्वपूर्ण विषयों पर खुलकर संवाद किया गया ताकि पत्रकारिता के क्षेत्र में और बेहतर कार्य किया जा सके।1
- नरसिंहपुर के उसरी में सीवर लाइन और गांव का गंदा पानी सीधे एक गड्ढे में छोड़ा जा रहा है। इस स्थिति के कारण यहां के क्षेत्रवासी बेहद परेशान हो रहे हैं।1
- नरसिंहपुर के गोटेगांव में किसानों के साथ 85 लाख रुपये की बड़ी ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी हिंदी सेटेलाइट न्यूज़ MKN NEWS चैनल पर देखी जा सकती है। इस मामले की रिपोर्टिंग नरसिंहपुर से जिला ब्यूरो चंद्रशेखर मालवीय द्वारा की गई है।1
- मध्य प्रदेश के बड़े संत, संत छोटे सरकार का नरसिंहपुर जिले की दादा नगरी साईंखेड़ा में आगमन हुआ है। गाडरवारा रोड पर स्थित दादा मंदिर में पहुंचकर संत छोटे सरकार ने सभी भक्तों को अपना आशीर्वाद दिया। इस दौरान मंदिर में दादा जी और मां नर्मदा की आरती उतारी गई, जिसके बाद सभी श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से 'जय श्री दादाजी की' के जयकारे लगाए। साईंखेड़ा में संत छोटे सरकार के आगमन पर जानकारी ली गई और उन्होंने भक्तों के लिए अपना संदेश भी दिया।1
- नरसिंहपुर जिले की हर खबर को अब दर्शक एसीएन भारत समाचार पर देख सकते हैं। यह समाचार प्रसारण जी टी पी एल केबल टी वी के चैनल नंबर 198 पर उपलब्ध है।1