जयपुर में पत्रकारों के धरने पर पूछे गए सवाल से बचते नजर आए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, सीधा जवाब देने की बजाय कांग्रेस पर फोड़ा ठीकरा जयपुर में पिछले 17–18 दिनों से जारी पत्रकार संगठन आईएफडब्ल्यूजे के धरने को लेकर जब भाजपा प्रदेशाध्यक्ष Madan Rathore से एक वरिष्ठ पत्रकार ने सीधा सवाल किया, तो उन्होंने संतोषजनक जवाब देने के बजाय मुद्दे को टालते हुए कांग्रेस पर निशाना साध दिया। प्रदेशाध्यक्ष से उम्मीद की जा रही थी कि वे पत्रकारों के लंबे समय से चल रहे आंदोलन पर अपना स्पष्ट पक्ष रखेंगे, लेकिन उन्होंने सवाल का सीधा जवाब देने के बजाय कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में पत्रकारों के दमन का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास किया। सवाल से बचाव, जवाब में राजनीतिक पलटवार पत्रकारों के धरने को लेकर पूछे गए सीधे सवाल पर Madan Rathore ने न तो आंदोलन के समाधान को लेकर कोई ठोस आश्वासन दिया और न ही आंदोलनरत पत्रकारों की मांगों पर स्पष्ट रुख अपनाया। इसके विपरीत उन्होंने पूर्व कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके शासनकाल में पत्रकारों के साथ अन्याय हुआ था। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के इस जवाब को लेकर पत्रकार जगत में नाराजगी देखी जा रही है, क्योंकि मौजूदा मुद्दे पर जवाब देने के बजाय पुराने राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को आगे बढ़ाया गया। धरने पर बैठे पत्रकारों का कहना है कि उन्हें वर्तमान सरकार से जवाब और समाधान की अपेक्षा है, न कि बीते समय की राजनीति सुनने की।
जयपुर में पत्रकारों के धरने पर पूछे गए सवाल से बचते नजर आए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, सीधा जवाब देने की बजाय कांग्रेस पर फोड़ा ठीकरा जयपुर में पिछले 17–18 दिनों से जारी पत्रकार संगठन आईएफडब्ल्यूजे के धरने को लेकर जब भाजपा प्रदेशाध्यक्ष Madan Rathore से एक वरिष्ठ पत्रकार ने सीधा सवाल किया, तो उन्होंने संतोषजनक जवाब देने के बजाय मुद्दे को टालते हुए कांग्रेस पर निशाना साध दिया। प्रदेशाध्यक्ष से उम्मीद की जा रही थी कि वे पत्रकारों के लंबे समय से चल रहे आंदोलन पर अपना स्पष्ट पक्ष रखेंगे, लेकिन उन्होंने सवाल का सीधा जवाब देने के बजाय कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में पत्रकारों के दमन का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास किया। सवाल से बचाव, जवाब में राजनीतिक पलटवार पत्रकारों के धरने को लेकर पूछे गए सीधे सवाल पर Madan Rathore ने न तो आंदोलन के समाधान को लेकर कोई ठोस आश्वासन दिया और न ही आंदोलनरत पत्रकारों की मांगों पर स्पष्ट रुख अपनाया। इसके विपरीत उन्होंने पूर्व कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके शासनकाल में पत्रकारों के साथ अन्याय हुआ था। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के इस जवाब को लेकर पत्रकार जगत में नाराजगी देखी जा रही है, क्योंकि मौजूदा मुद्दे पर जवाब देने के बजाय पुराने राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को आगे बढ़ाया गया। धरने पर बैठे पत्रकारों का कहना है कि उन्हें वर्तमान सरकार से जवाब और समाधान की अपेक्षा है, न कि बीते समय की राजनीति सुनने की।
- Post by Subhash Chand1
- तैरना नहीं आता था, Instagram पर देखी रील आई काम; लुधियाना की राजिंदर ने बताई वृंदावन मोटरबोट हादसे की आपबीती वृंदावन मोटरबोट हादसे में लुधियाना की राजिंदर कौर ने अपनी जान बचाई। 10 अप्रैल को हुए इस हादसे में 15 लोग मारे गए थे। राजिंदर को तैरना नहीं आता था, लेकिन इंस्टाग्राम पर देखी एक रील के टिप्स ने उन्हें डूबने से बचाया। उन्होंने मुंह बंद कर सांस नियंत्रित की और पैरों से पानी चलाया।1
- Post by Brajvir Singh1
- Post by RPR NEWS TV1
- मथुरा जनपद के कस्बा थाना कोसीकला के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र ग्राम गिडुरा का रहने वाला है पीड़ित पक्ष का है प्राप्त जानकारी के अनुसार गौरव पुत्र कांडेरा सिंह पर 12 अप्रैल को उसकी बहन कविता का फोन आया और उसने कहा भाई तू मुझे यहां से ले जा मेरे साथ प्रतिदिन मार पीट होती है बहन के साथ मारपीट की सूचना मिलने पर मायके पक्ष के लोग जब ससुराल पहुंचे तो वहां मौजूद ससुरालीजनों ने उन पर लाठी डंडों कुल्हाड़ी से हमला कर दिया अचानक हुए इस हमले से मौके पर अफरा तफरी मच गई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए घटना में दो महिलाओं सहित कुल पांच लोग घायल हुए हैं सभी घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कराया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें उपचार के लिए जिला सरकारी अस्पताल मथुरा के लिए रेफर किया जहां सभी घायलों का उपचार चल रहा है डॉक्टरों के अनुसार कुछ घायलों की स्थिति नाजुक बनी हुई है पीड़ित पक्ष का आरोप है कि उनकी बहन के साथ पिछले कई दिनों से ससुराल पक्ष द्वारा लगातार मारपीट की जा रही थी इसी को लेकर उन्होंने पहले भी थाना कोसीकला में शिकायत दर्ज कराई थी लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई इसी बीच दोबारा मारपीट की सूचना मिलने पर वे लोग मौके पर पहुंचे थे घटना की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है पुलिस ने मामले की जांच शुरु कर दी है और पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही है4
- आज के पंचांग संबंधी संपूर्ण जानकारी नदबई भरतपुर से लाइव। Like and Share this post Friends and Follow 🎉 me.1
- Post by Rajesh Kumar1
- Post by Subhash Chand1
- rprnewstv मथुरा के थाना सुरीर कलां क्षेत्र में अन्नदाता किसान इन दिनों भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। गेहूं खरीद केंद्र पर अव्यवस्थाओं के चलते किसानों को दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक बेपरवाह नजर आ रहा है। थाना सुरीर कलां के अंतर्गत आने वाले गांव परसोंतीगढ़ी में पीसीएफ द्वारा गेहूं खरीद उपकेंद्र संचालित किया जा रहा है। लेकिन यहां व्यवस्थाओं का बुरा हाल है। केंद्र पर मात्र 2000 खाली बोरे ही उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे खरीद प्रक्रिया लगभग ठप हो गई है। किसानों का कहना है कि उनका गेहूं पिछले 8 से 10 दिनों से खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है। बेमौसम बारिश का खतरा लगातार बना हुआ है, जिससे उनकी मेहनत पर पानी फिरने का डर सता रहा है। इस स्थिति को लेकर किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों में कृष्णकांत शर्मा, छत्रपाल शर्मा, भुवनेश कुमार, एलान, खुशीराम, महेश कांत, गणेश कुमार और लाला सहित कई किसानों ने संबंधित अधिकारियों व जिला प्रसाशन से जल्द से जल्द गेहूं खरीद शुरू कराने और भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है। कृष्णकांत शर्मा निवासी भिदोनी, व भुवनेश रावत ने बताया कि कई दिनों से इंतजार के बावजूद उनकी फसल की खरीद नहीं हो पा रही है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। वहीं राजकीय क्रय केंद्र सचिव कुंदन सिंह ने भी माना कि बोरे की कमी के कारण खरीद प्रभावित हो रही है, कई वार जिला प्रसाशन, व P, C,F को लिखित, दूरभाष से अवगत करा दिया है, फिर भी मामला जस का तस बना हुआ है, अब देखने वाली बात यह होगी कि जिम्मेदार विभाग कब तक इस समस्या का समाधान करता है, या फिर अन्नदाता यूं ही अपनी फसल को खुले आसमान के नीचे बचाने के लिए मजबूर रहेगा।1