शिवपुरी जिले के करैरा में एनएच-27 पर कुशवाहा होटल के पास हाल ही में हुए सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि हरियाणा की एनसीसी कंपनी द्वारा सड़क किनारे कराई गई पिचिंग पहली ही बरसात में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। बारिश के बाद पिचिंग के बड़े-बड़े पत्थर और मिट्टी बह जाने से मिट्टी का भारी कटाव हुआ और लगाए गए पत्थर भी अपनी जगह से खिसक गए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि करोड़ों रुपये की लागत से कराया गया यह कार्य पहली बारिश की परीक्षा में ही असफल साबित हुआ। वे सवाल उठा रहे हैं कि जब पिचिंग एक बरसात भी नहीं झेल पाई, तो संबंधित इंजीनियर ने इस निर्माण कार्य को किस आधार पर पास कर दिया। इससे विभागीय निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण पर भी प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। ग्रामीणों और राहगीरों ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि निर्माण में लापरवाही या घटिया सामग्री के उपयोग की पुष्टि होती है, तो संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। मौके पर मिट्टी का कटाव और बिखरे पत्थर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं, और लोगों का मानना है कि यदि समय रहते दोबारा गुणवत्तापूर्ण निर्माण नहीं कराया गया, तो भविष्य में सड़क और यात्रियों की सुरक्षा पर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
शिवपुरी जिले के करैरा में एनएच-27 पर कुशवाहा होटल के पास हाल ही में हुए सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि हरियाणा की एनसीसी कंपनी द्वारा सड़क किनारे कराई गई पिचिंग पहली ही बरसात में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। बारिश के बाद पिचिंग के बड़े-बड़े पत्थर और मिट्टी बह जाने से मिट्टी का भारी कटाव हुआ और लगाए गए पत्थर भी अपनी जगह से खिसक गए। स्थानीय
लोगों का आरोप है कि करोड़ों रुपये की लागत से कराया गया यह कार्य पहली बारिश की परीक्षा में ही असफल साबित हुआ। वे सवाल उठा रहे हैं कि जब पिचिंग एक बरसात भी नहीं झेल पाई, तो संबंधित इंजीनियर ने इस निर्माण कार्य को किस आधार पर पास कर दिया। इससे विभागीय निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण पर भी प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। ग्रामीणों और राहगीरों ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने की मांग की
है। उनका कहना है कि यदि निर्माण में लापरवाही या घटिया सामग्री के उपयोग की पुष्टि होती है, तो संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। मौके पर मिट्टी का कटाव और बिखरे पत्थर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं, और लोगों का मानना है कि यदि समय रहते दोबारा गुणवत्तापूर्ण निर्माण नहीं कराया गया, तो भविष्य में सड़क और यात्रियों की सुरक्षा पर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने करैरा विधानसभा क्षेत्र के लिए भितरवार–करैरा मार्ग से समोहा तक सड़क निर्माण की घोषणा की है। यह घोषणा करैरा विधायक रमेश प्रसाद खटीक की मांग पर की गई है, जिसके लिए विधायक ने मुख्यमंत्री का हृदय से आभार और अभिनंदन व्यक्त किया है। विधायक रमेश प्रसाद खटीक ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को मंच पर करैरा विधानसभा क्षेत्र के विकास से जुड़ी 10 प्रमुख मांगों का एक विस्तृत पत्र सौंपा था। इन मांगों में भितरवार–करैरा मार्ग से समोहा तक सड़क निर्माण की मांग प्रमुख रूप से शामिल थी। मुख्यमंत्री द्वारा इस मांग को स्वीकार करते हुए सड़क निर्माण की घोषणा किए जाने पर क्षेत्र की जनता में खुशी का माहौल है। विधायक रमेश प्रसाद खटीक ने कहा कि मुख्यमंत्री ने करैरा विधानसभा की जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए यह महत्वपूर्ण सौगात दी है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि भविष्य में भी करैरा विधानसभा के विकास के लिए सरकार इसी तरह सहयोग करती रहेगी।1
- 5 जुलाई 2026 को शिवपुरी में आयोजित मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यक्रम को लेकर कुछ महिलाओं ने गंभीर दावे किए हैं। इन महिलाओं का कहना है कि उन्हें स्वयं सहायता समूह की बैठक के नाम पर बुलाया गया था और उन्हें पहले से यह जानकारी नहीं दी गई थी कि उन्हें मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में शामिल होना है। कार्यक्रम में मौजूद अन्य प्रतिभागियों, विशेष रूप से बुजुर्ग महिलाओं ने भी आरोप लगाया कि उन्हें लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा, जिसके कारण उन्हें गर्मी, भीड़ और अन्य असुविधाओं का सामना करना पड़ा। कुछ महिलाओं ने यह भी बताया कि उन्हें कार्यक्रम की प्रकृति और उसके उद्देश्य के बारे में पूरी जानकारी पहले से नहीं दी गई थी। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह कार्यक्रम में लोगों को आमंत्रित करने की प्रक्रिया और समग्र व्यवस्थाओं पर स्वाभाविक रूप से सवाल उठाता है। इस पूरे मामले में प्रशासन और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना आवश्यक है, ताकि वस्तुस्थिति स्पष्ट हो सके।1
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज शिवपुरी पहुँचे, जहाँ उनके साथ केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, करण अदाणी और जीत अदाणी भी मौजूद रहे। इन सभी नेताओं ने मिलकर कोलारस के पाली में लगभग ₹2500 करोड़ की लागत से स्थापित होने जा रही डिफेंस फैक्ट्री का शिलान्यास किया। इस परियोजना से क्षेत्र में औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलने और नए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।1
- शिवपुरी जिले में किन्नर गद्दी को लेकर चल रहा घमासान अब और गहरा गया है। इस विवाद के बीच बत्नौद की भावनाकिनर को जान से मारने और झूठे मामले में फंसाने की सीधी धमकी मिली है। यह गंभीर धमकी किन्नर समुदाय के भीतर गद्दी पर अधिकार को लेकर जारी खींचतान के संदर्भ में सामने आई है।1
- शिवपुरी में पोहरी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बमरा निवासी हरिकिशन यादव को गिरफ्तार कर लिया है। यादव पर एक युवती से दुष्कर्म करने और उसे धमकी देने का आरोप है।1
- शिवपुरी जिले के विलूपुरा में शांति धाम के निर्माण पर लाखों रुपये खर्च किए जाने का मामला सामने आया है, लेकिन स्थानीय लोगों द्वारा इस बात पर सवाल उठाया जा रहा है कि इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद क्षेत्र में कोई अपेक्षित विकास दिखाई नहीं दे रहा है।1
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, और अदाणी समूह के करण अदाणी तथा जीत अदाणी आज शिवपुरी पहुँचे हैं। ये सभी कोलारस के पाली में लगभग ₹2500 करोड़ की लागत से स्थापित होने जा रही डिफेंस फैक्ट्री का शिलान्यास करेंगे।1
- नरवर के शेरगढ़ तिराहे पर एक कार की टक्कर से परिहार समाज के एक व्यक्ति की दुखद मौत हो गई। इस घटना के बाद, आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल के सामने शव रखकर सड़क जाम कर दिया और तत्काल कार्रवाई की मांग की। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और परिजनों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। काफी देर तक चली समझाइश के बाद, परिजन शांत हुए। इसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी है और दुर्घटना के कारणों के साथ-साथ इसमें शामिल वाहन की जानकारी भी जुटा रही है।1