ब्यावर में नृसिंह गली स्थित प्राचीन नृसिंह मंदिर में आयोजित मास पारायण ज्ञान यज्ञ के अंतर्गत बुधवार को रामचरितमानस के अत्यंत मार्मिक राम वनगमन प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथावाचक ने बताया कि माता कैकयी द्वारा राजा दशरथ से पूर्व में दिए गए दो वरदान मांगते हुए भरत के राज्याभिषेक और भगवान राम के वनवास की मांग रखी गई। यह सुनकर राजा दशरथ अत्यंत व्याकुल और दुखी हो गए और उन्होंने कैकयी से आग्रह किया कि वे राम को वन भेजने का वरदान वापस ले लें, किंतु कैकयी अपने निर्णय पर अडिग रहीं। इसके बाद सुमंत सहित अन्य मंत्री भगवान राम को राजमहल में बुलाने गए, जहाँ भगवान राम ने पिता की व्यथा को समझते हुए उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि यही नियति की इच्छा है तथा पिता के वचनों का पालन करना उनका परम धर्म है। भगवान राम माता कौशल्या के पास आज्ञा लेने पहुंचे और अत्यंत विनम्र भाव से बोले, “पिताँ दीन्ह मोहि कानन राजू। जहँ सब भाँति मोर बड़ काजू।।” जिसका अर्थ है कि पिता ने उन्हें वन का राज्य प्रदान किया है, जहाँ उनके अनेक महत्वपूर्ण कार्य संपन्न होंगे। भगवान राम के इन वचनों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। इसी दौरान माता सीता भी वहां पहुंचीं और वनगमन में साथ चलने की अनुमति मांगी, जिसके जवाब में भगवान राम ने उन्हें वन के कष्टों का स्मरण कराते हुए अयोध्या में रहने का आग्रह किया। किंतु माता सीता ने दृढ़ता से कहा कि पति के बिना उनका जीवन संभव नहीं है और उनके साथ रहने से वन भी स्वर्ग के समान प्रतीत होगा। तत्पश्चात, माता कौशल्या ने भगवान राम और माता सीता को वनगमन की अनुमति प्रदान की। वहीं, लक्ष्मण ने भी अपने बड़े भाई के साथ वन जाने का संकल्प व्यक्त करते हुए कहा कि उनके लिए भगवान राम ही सर्वस्व हैं। राम, सीता और लक्ष्मण के त्याग, समर्पण एवं मर्यादा से भरे इस भावपूर्ण प्रसंग का वर्णन सुनकर कथा पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु भावुक हो उठे। कथा का शुभारंभ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष रमेश बंसल ने मंत्रोच्चार एवं षोडशोपचार पूजन के साथ कराया था, और इसी मार्मिक प्रसंग के साथ कथा का विश्राम हुआ।
ब्यावर में नृसिंह गली स्थित प्राचीन नृसिंह मंदिर में आयोजित मास पारायण ज्ञान यज्ञ के अंतर्गत बुधवार को रामचरितमानस के अत्यंत मार्मिक राम वनगमन प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथावाचक ने बताया कि माता कैकयी द्वारा राजा दशरथ से पूर्व में दिए गए दो वरदान मांगते हुए भरत के राज्याभिषेक और भगवान राम के वनवास की मांग रखी गई। यह सुनकर राजा दशरथ अत्यंत व्याकुल और दुखी हो गए और उन्होंने कैकयी से आग्रह किया कि वे राम को वन भेजने का वरदान वापस ले लें, किंतु कैकयी अपने निर्णय पर अडिग रहीं। इसके बाद सुमंत सहित अन्य मंत्री भगवान राम को राजमहल में बुलाने गए, जहाँ भगवान राम ने पिता की व्यथा को समझते हुए उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि यही नियति की इच्छा है तथा पिता के वचनों का पालन करना उनका परम धर्म है। भगवान राम माता कौशल्या के पास आज्ञा लेने पहुंचे और अत्यंत विनम्र भाव से बोले, “पिताँ दीन्ह मोहि कानन राजू। जहँ सब भाँति मोर बड़ काजू।।” जिसका अर्थ है कि पिता ने उन्हें वन का राज्य प्रदान किया है, जहाँ उनके अनेक महत्वपूर्ण कार्य संपन्न होंगे। भगवान राम के इन वचनों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। इसी दौरान माता सीता भी वहां पहुंचीं और वनगमन में साथ चलने की अनुमति मांगी, जिसके जवाब में भगवान राम ने उन्हें वन के कष्टों का स्मरण कराते हुए अयोध्या में रहने का आग्रह किया। किंतु माता सीता ने दृढ़ता से कहा कि पति के बिना उनका जीवन संभव नहीं है और उनके साथ रहने से वन भी स्वर्ग के समान प्रतीत होगा। तत्पश्चात, माता कौशल्या ने भगवान राम और माता सीता को वनगमन की अनुमति प्रदान की। वहीं, लक्ष्मण ने भी अपने बड़े भाई के साथ वन जाने का संकल्प व्यक्त करते हुए कहा कि उनके लिए भगवान राम ही सर्वस्व हैं। राम, सीता और लक्ष्मण के त्याग, समर्पण एवं मर्यादा से भरे इस भावपूर्ण प्रसंग का वर्णन सुनकर कथा पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु भावुक हो उठे। कथा का शुभारंभ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष रमेश बंसल ने मंत्रोच्चार एवं षोडशोपचार पूजन के साथ कराया था, और इसी मार्मिक प्रसंग के साथ कथा का विश्राम हुआ।
- राजस्थान के निमाज कस्बे की आवासीय भंडारी कॉलोनी स्थित श्री आई जी हॉस्पिटल में 30 मई को एक प्रसूता की मौत के बाद से मामला लगातार गर्माता जा रहा है। इस घटना के विरोध में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और महिलाएं अस्पताल के सामने धरने पर बैठी हुई हैं और न्याय की मांग कर रही हैं। मृतका के परिजन और ग्रामीण अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगा रहे हैं। उनकी मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जैतारण थाना अधिकारी धोलाराम परिहार पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर मौजूद हैं, साथ ही आरएसी/पुलिस बल भी तैनात किया गया है। धरनास्थल पर भारी भीड़ जमा है, जिससे क्षेत्र में तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण की स्थिति बनी हुई है। परिजनों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।3
- राजस्थान के निमाज कस्बे में, 30 मई को श्री आई जी हॉस्पिटल में एक प्रसूता की मौत का मामला लगातार गर्माता जा रहा है। यह पूरी घटना कस्बे की आवासीय भंडारी कॉलोनी स्थित श्री आई जी हॉस्पिटल की है। इस घटना के बाद, सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और महिलाएं अस्पताल के सामने धरने पर बैठ गई हैं, और न्याय की मांग कर रही हैं। मृतका के परिजन और ग्रामीण अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जैतारण थाना अधिकारी धोलाराम परिहार पुलिस जाब्ते के साथ मौजूद हैं, और आरएसी/पुलिस बल भी तैनात किया गया है। प्रदर्शनकारी मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं। धरनास्थल पर बड़ी संख्या में लोगों के जुटने से क्षेत्र में तनावपूर्ण, लेकिन नियंत्रण की स्थिति बनी हुई है। परिजनों ने स्पष्ट किया है कि जब तक दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं होती, उनका यह आंदोलन जारी रहेगा।1
- आज शाम लगभग 7 बजे से ब्यावर क्षेत्र के देवली कलां गांव में तेज तूफानी हवा चल रही है। इन तेज हवाओं के साथ आकाशीय बिजली चमक रही है और भारी गर्जना के साथ बारिश भी हो रही है।1
- निमाज कस्बे की भंडारी कॉलोनी स्थित श्री आई जी हॉस्पिटल में एक प्रसूता की मौत का मामला लगातार गरमाता जा रहा है। इस घटना के विरोध में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और महिलाएं अस्पताल के सामने धरने पर बैठ गई हैं, जो न्याय की मांग कर रही हैं। मृतका के परिजन और ग्रामीण अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। वे इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जैतारण थाना अधिकारी धोलाराम परिहार पुलिस जाब्ते के साथ मौजूद हैं, वहीं आरएसी/पुलिस बल भी तैनात किया गया है। धरनास्थल पर बड़ी संख्या में लोगों के जुटने से क्षेत्र में तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण की स्थिति बनी हुई है। परिजनों ने स्पष्ट किया है कि जब तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, उनका यह आंदोलन जारी रहेगा।1
- आज हैदराबाद फिल्म सिटी में साउथ के सुपरस्टार नागा अर्जुन और "धूलकोट के शेर", बीजेपी फायरब्रांड कृष्णा वीर गुर्जर जी के बीच एक महत्वपूर्ण मुलाकात हुई। इस मिलन को राजनीति, सिनेमा और संगीत का "संस्कृति महासंगम" बताया गया, जहाँ ब्यावर से हैदराबाद तक विकास, हिंदुत्व और कठोर निर्णय जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई। यह भी उल्लेख किया गया कि कृष्णा वीर गुर्जर का नाम भारत से लेकर इटली तक प्रसिद्ध है और मेलोनी भी उनकी तारीफ करती हैं। इस मुलाकात के साथ "सबका साथ, सबका विकास" का नारा भी गुंजायमान रहा।1
- गुजरात के जामनगर (हाउसिंग बोर्ड, कारगील सोसायटी) निवासी युवा रामभक्त परसोत्तमभाई बावरी अपनी द्वारका से अयोध्या धाम तक की बेहद कठिन पदयात्रा के दौरान आज ब्यावर शहर पहुंचे हैं। जनकल्याण की भावना से प्रेरित होकर, परसोत्तमभाई ने अपनी यह पावन यात्रा बीते 26 अप्रैल 2026, सोमवार को शुरू की थी। तपती धूप, रास्तों की थकान और पैरों में पड़े छालों की परवाह किए बिना, यह युवा सिर्फ प्रभु श्री राम और द्वारकाधीश के नाम के सहारे लगातार पैदल चल रहा है। सनातन धर्म और प्रभु श्री राम के प्रति उनकी अटूट आस्था और इस अद्भुत जज्बे को देखकर हर कोई श्रद्धा से नतमस्तक हो रहा है। उनकी यह तपस्या कलयुग में त्रेतायुग जैसी भक्ति का अहसास कराती है, जिसके लिए हर कोई उन्हें सलाम कर रहा है।1
- रायपुर मारवाड़ पुलिस थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति के साथ 12 मई, 2026 को मारपीट की घटना हुई थी। इस संबंध में पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन आरोप है कि पुलिस द्वारा अब तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है।1