मुरैना के पोरसा नगर पालिका अंतर्गत वार्ड क्रमांक 15 के ग्राम धनेटा में मुक्तिधाम की बदहाली को लेकर ग्रामीण बेहद चिंतित हैं। मुक्तिधाम के चारों तरफ पानी भरा हुआ है और वहां तक जाने के लिए कोई रास्ता भी नहीं है। ग्रामीणों के सामने सबसे बड़ी चिंता यह खड़ी हो गई है कि अगर गांव में किसी की मृत्यु होती है, तो वे अंतिम संस्कार यानी दागक्रिया कैसे करेंगे। रास्ते के अभाव के साथ-साथ मुक्तिधाम परिसर की हालत भी बेहद खराब है। यहां लगी सीमेंट की कुर्सियां पूरी तरह से जीर्ण-शीर्ण हो चुकी हैं और मुक्तिधाम की बाउंड्री वॉल तक नहीं बनी है, जिससे ग्रामीण खुद को लाचार महसूस कर रहे हैं। इस मामले में नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी अवधेश सिंह सेंगर ने कहा कि यह समस्या उनके संज्ञान में है। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि जल्द ही गांव से मुक्तिधाम के लिए सड़क का निर्माण कराया जाएगा और इसकी बाउंड्री वॉल भी बनाई जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि मुक्तिधाम में जो भी जरूरी व्यवस्थाएं होनी चाहिए, वे सभी शीघ्र ही ग्रामीणों को उपलब्ध करा दी जाएंगी।
मुरैना के पोरसा नगर पालिका अंतर्गत वार्ड क्रमांक 15 के ग्राम धनेटा में मुक्तिधाम की बदहाली को लेकर ग्रामीण बेहद चिंतित हैं। मुक्तिधाम के चारों तरफ पानी भरा हुआ है और वहां तक जाने के लिए कोई रास्ता भी नहीं है। ग्रामीणों के सामने सबसे बड़ी चिंता यह खड़ी हो गई है कि अगर गांव में किसी की मृत्यु होती
है, तो वे अंतिम संस्कार यानी दागक्रिया कैसे करेंगे। रास्ते के अभाव के साथ-साथ मुक्तिधाम परिसर की हालत भी बेहद खराब है। यहां लगी सीमेंट की कुर्सियां पूरी तरह से जीर्ण-शीर्ण हो चुकी हैं और मुक्तिधाम की बाउंड्री वॉल तक नहीं बनी है, जिससे ग्रामीण खुद को लाचार महसूस कर रहे हैं। इस मामले में नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी
अवधेश सिंह सेंगर ने कहा कि यह समस्या उनके संज्ञान में है। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि जल्द ही गांव से मुक्तिधाम के लिए सड़क का निर्माण कराया जाएगा और इसकी बाउंड्री वॉल भी बनाई जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि मुक्तिधाम में जो भी जरूरी व्यवस्थाएं होनी चाहिए, वे सभी शीघ्र ही ग्रामीणों को उपलब्ध करा दी जाएंगी।
- मुरैना जिले की अम्बाह तहसील के अंतर्गत आने वाली रुअर पंचायत से एक बेहद गैर-जिम्मेदाराना मामला सामने आया है। यहाँ रुअर नहर के पास सड़क के किनारे पशु-पक्षियों की लाखों रुपये की एक्सपायर्ड दवाइयाँ खुले में फेंक दी गई हैं। यह अनुचित कृत्य पशु चिकित्सालय के अधिकारियों और कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया है। सरकारी संपत्ति का सरेआम दुरुपयोग करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों ने इतनी बड़ी मात्रा में एक्सपायर्ड दवाइयों को लावारिस छोड़ दिया है। पशु अस्पताल के जिम्मेदार डॉक्टरों और अधिकारियों की इस कार्यशैली से स्थानीय जनजीवन और बेजुबान पशुओं का जीवन गंभीर खतरे में आ गया है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि इतनी बड़ी डिग्रियां हासिल करने वाले डॉक्टर दवाइयों के दुष्प्रभावों से भली-भाँति परिचित होने के बावजूद ग्रामीणों के जीवन को सीधे मौत के मुंह में धकेल रहे हैं। सड़क किनारे पड़े इन जहरीले रसायनों से वहाँ खेलने वाले बच्चों और राहगीरों की जीवन लीला समाप्त होने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने किसी बड़ी अनहोनी की आशंका जताते हुए दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की मांग की है।4
- मुरैना के अंबाह अंतर्गत थरा गांव की बेटी खुशी तोमर का मध्य प्रदेश पुलिस में उपनिरीक्षक (सब-इंस्पेक्टर) पद पर चयन हुआ है। हाल ही में घोषित हुए पुलिस सूबेदार, उपनिरीक्षक और प्लाटून कमांडर के परीक्षा परिणामों में सफलता हासिल कर वह सीधे इस पद पर चयनित होने वाली अपने गांव की पहली बेटी बन गई हैं। खुशी के गांव प्रथम आगमन पर ग्रामीणों द्वारा उनके सम्मान में एक भव्य स्वागत यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए। खुशी तोमर के पिता जितेंद्र सिंह तोमर भारतीय सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद वर्तमान में ग्वालियर में पुलिस निरीक्षक पद पर कार्यरत हैं। खुशी ने अपनी इस सफलता से गांव की रूढ़िवादिता को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि बेटियां किसी भी मामले में लड़कों से कम नहीं हैं। स्वागत यात्रा के दौरान खुशी ने सबसे पहले परमहंस बाबा बालक दास जी आश्रम में माथा टेककर आशीर्वाद लिया। इसके बाद उनके निवास स्थान पर गांव के गणमान्य नागरिकों और परिजनों ने उन्हें शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया। खुशी दो भाई-बहनों में छोटी हैं। उनके भाई और भाजपा युवा नेता धर्मेंद्र सिंह तोमर (छोटे ठेकेदार) ने खुशी की इस उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा कि उनकी बहन ने गांव का नाम रोशन किया है और वह गांव की अन्य लड़कियों के लिए एक मिसाल और आदर्श बन गई हैं। थरा गांव से पहले भी कई प्रतिभाओं ने देश स्तर पर नाम रोशन किया है, जिनमें आईएएस परीक्षा उत्तीर्ण कर पंजाब कैडर में सेवाएं दे रहे संदीप राजोरिया और आईईएस (भारतीय अभियांत्रिकी सेवा) में चयनित होकर सेवाएं दे रहे दीपू तोमर (पुत्र प्रान सिंह तोमर) शामिल हैं। अब खुशी तोमर ने भी सब-इंस्पेक्टर बनकर अपने दादा सुरेश सिंह तोमर और पूरे गांव को गौरवान्वित किया है।1
- मुरैना के अंबाह में रोड दंडवत यात्रा के आंदोलनकारी नवनीत सिंह तोमर को जेल भेजे जाने के बाद क्षेत्र की जनता में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है। इस कार्रवाई से नाराज ग्रामीण जनों ने नवनीत को जेल से छुड़ाने के लिए एक बार फिर से आंदोलन शुरू कर दिया है। नवनीत सिंह तोमर की रिहाई की मांग को लेकर ग्रामीणों का यह आंदोलन लगातार जारी है।1
- मुरैना जिले के पोरसा में गांधीनगर स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सेवा केंद्र पर साप्ताहिक आध्यात्मिक सत्संग का आयोजन किया गया। इस सत्संग में आश्रम की संचालिका बीके रेखा बहन ने श्रद्धालुओं को दया, करुणा और मानवता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि दया मानव का सबसे अमूल्य आभूषण है और जो व्यक्ति अपने जीवन में दया, प्रेम व सहानुभूति को अपनाता है, उस पर परमपिता परमात्मा की असीम कृपा सदैव बनी रहती है। बीके रेखा बहन ने अपने प्रवचन में आगे कहा कि दयावान व्यक्ति न केवल स्वयं सुख, शांति और संतोष का अनुभव करता है, बल्कि अपने परिवार और समाज के लिए भी प्रेरणास्रोत बनता है। उन्होंने दूसरों के दुख-दर्द को समझकर उनकी सहायता करने को ही सच्ची मानवता बताया। आज के भौतिकवादी युग में मनुष्यों को अपने भीतर करुणा, क्षमा और दयाभाव जैसे दिव्य गुणों का विकास करने की सलाह देते हुए उन्होंने सभी उपस्थित श्रद्धालुओं से अपने दैनिक जीवन में दया को व्यवहार का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। इस आध्यात्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं भक्तों ने भाग लिया। कार्यक्रम की व्यवस्थाओं का सफल संचालन बीके भाग्यश्री बहन एवं बीना बहन द्वारा किया गया। सत्संग के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने विश्व कल्याण एवं मानवता के उत्थान के लिए सामूहिक प्रार्थना की और राजयोग ध्यान का अभ्यास किया।1
- मध्य प्रदेश के मुरैना जिले की पोरसा तहसील स्थित ग्राम पंचायत बुधारा में विकास कार्यों की पोल खुल गई है। 7 जुलाई 2026 को मंजू देवी सखवार के निधन के बाद उनकी अंतिम यात्रा को गांव से श्मशान घाट तक जाने के लिए कीचड़ और दलदल से होकर गुजरना पड़ा। इस घटना के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जो गांव की बदहाल बुनियादी सुविधाओं को दर्शा रहे हैं। यह समस्या केवल एक परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे गांव की वर्षों पुरानी त्रासदी है। बरसात के मौसम में यहां की सड़कें और श्मशान मार्ग पूरी तरह जर्जर हो जाते हैं, जिससे ग्रामीणों का जीना मुहाल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार और प्रशासन के विकास के सभी दावे इस जमीनी हकीकत के सामने खोखले साबित हो रहे हैं, जहां अंतिम यात्रा तक सम्मानपूर्वक नहीं निकल पा रही है। समाजसेवी रिंकू सिलावट ने जिला प्रशासन, जिला पंचायत और जनपद पंचायत से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से ग्राम बुधारा का सर्वेक्षण कर श्मशान घाट तक पक्की सड़क बनाने और गांव की अन्य जर्जर सड़कों का सुधार करने की अपील की है। यह मांग पूरी तरह से ग्रामीणों के सम्मान और उनके मूलभूत अधिकारों की सुरक्षा को केंद्र में रखकर उठाई गई है।1
- मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के अम्बाह में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहाँ दोहरी रोड पर एक भतीजे ने अपने ही चाचा को गोली मार दी है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।1