उच्च जोखिम गर्भावस्था वाली महिलाओं को आपात स्थिति में समय पर रक्त उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम *मातृ सुरक्षा की ढाल बना स्वास्थ्य विभाग, 8 शिविरों में जुटाया 493 यूनिट जीवनरक्षक *स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने दिया अनुकरणीय योगदान, कुल संग्रह में करीब 80 प्रतिशत भागीदारी* *गर्भवती महिलाओं को बिना रिप्लेसमेंट रक्त उपलब्ध करवाने के लिए स्वास्थ्य भवन से सोजत रोड तक 8 चिकित्सा संस्थानों पर चरणबद्ध रक्तदान शिविर, बांगड़ अस्पताल पाली और राजकीय अस्पताल सोजत की ब्लड बैंक टीमों ने संभाली जिम्मेदारी* पाली, 26 अगस्त 2026/ जिले में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को प्रसव अथवा आपातकालीन स्थिति में समय पर रक्त उपलब्ध करवाकर मातृ सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग पाली ने अगस्त माह में एक अभिनव स्वैच्छिक रक्तदान अभियान चलाया। पाली सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल की अनूठी पहल पर आयोजित इस अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं को बिना रिप्लेसमेंट रक्त उपलब्ध करवाने के लिए जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में स्वास्थ्य भवन के साथ सात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चरणबद्ध रूप से कुल 8 रक्तदान शिविर आयोजित किए गए। इस अभियान का विशेष पहलू यह रहा कि रक्तदान के लिए केवल आमजन पर निर्भर रहने के बजाय स्वयं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कार्मिकों ने आगे बढ़कर मिसाल कायम की। जिलेभर में आयोजित शिविरों में 493 यूनिट रक्त का संग्रह हुआ, जिसमें लगभग 80 प्रतिशत योगदान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का रहा। *रक्तदान को जोड़ा गया मातृ सुरक्षा से* चिकित्सा विभाग के अनुसार गर्भावस्था के दौरान कुछ महिलाएं उच्च जोखिम की श्रेणी में आती हैं। प्रसव के समय अथवा किसी आकस्मिक जटिलता की स्थिति में ऐसे मामलों में रक्त की तत्काल आवश्यकता पड़ सकती है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए जिले में रक्त की उपलब्धता को मजबूत करने तथा जरूरत के समय मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से यह अभियान संचालित किया गया। इस पहल के माध्यम से विभाग ने न केवल रक्त संग्रह किया, बल्कि स्वास्थ्य विभाग के कार्मिकों और आमजन में नियमित स्वैच्छिक रक्तदान की भावना को बढ़ावा देने का भी प्रयास किया। *सीएमएचओ कार्यालय से शुरू हुआ अभियान* रक्तदान शिविरों की श्रृंखला की शुरुआत सीएमएचओ कार्यालय पाली से हुई, जहां आयोजित शिविर में 81 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। इसके बाद जिले के विभिन्न ब्लॉकों में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर शिविर आयोजित कर अभियान को आगे बढ़ाया गया। प्रत्येक शिविर के संचालन में संबंधित स्वास्थ्य संस्थान के अधिकारियों- कर्मचारियों के साथ ब्लड बैंक टीमों ने समन्वय करते हुए रक्त संग्रह की प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप से पूरा किया गया। *अगस्त माह में आयोजित शिविरों में अलग-अलग क्षेत्रों की स्वास्थ्य संस्थाओं को शामिल किया गया। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार* 10 अगस्त को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चंडावल में शिविर आयोजित हुआ, जिसमें राजकीय अस्पताल सोजत की ब्लड बैंक टीम ने 50 यूनिट रक्त संग्रह की जिम्मेदारी संभाली। 12 अगस्त को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुंदोज में शिविर आयोजित किया गया, जिसमें 40 यूनिट रक्तदान हुआ इसमें ही राजकीय बांगड़ अस्पताल, पाली की ब्लड बैंक टीम ने सहयोग किया। 14 अगस्त को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खारची में रक्तदान शिविर आयोजित हुआ, जहां राजकीय अस्पताल सोजत की ब्लड बैंक टीम मौजूद रही। यहां पर 50 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। इसी दिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सादड़ी में डॉ राजेंद्र पुनमिया के नेतृत्व में 51 यूनिट रक्तदान हुआ। 19 अगस्त को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रानी में आयोजित शिविर में राजकीय बांगड़ अस्पताल, पाली की ब्लड बैंक टीम ने सेवाएं दीं। रानी सीएससी में 81 लोगो ने रक्त रक्तदान किया। 21 अगस्त को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रोहट में आयोजित रक्तदान शिविर आयोजित हुआ, जिसमें 100 लोगों ने रक्तदान किया। 22 अगस्त को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोजत रोड में आयोजित शिविर में राजकीय अस्पताल सोजत की ब्लड बैंक टीम ने 40 यूनिट रक्त संग्रह किया। हालांकि अभियान का निर्धारित चरण 24 अगस्त को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फालना में आयोजित होने वाले शिविर को अग्रिम आदेश तक स्थगित किया है। *दो ब्लड बैंक टीमों ने संभाला तकनीकी समन्वय* जिलेभर में आयोजित इस अभियान में राजकीय बांगड़ अस्पताल, पाली तथा राजकीय अस्पताल, सोजत की ब्लड बैंक टीमों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। दोनों टीमों ने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संबंधित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचकर रक्त संग्रह की प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप से संपादित किया। इस समन्वित व्यवस्था से जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में रक्तदान अभियान को व्यापक रूप देने में मदद मिली, *स्वास्थ्यकर्मियों ने पेश की मिसाल* अभियान में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की बड़ी भागीदारी रही। करीब 80 प्रतिशत रक्तदान स्वास्थ्य विभाग के कार्मिकों द्वारा किया जाना इस पहल की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धियों में रहा। इससे विभाग ने स्वयं आगे बढ़कर समाज के सामने यह संदेश दिया कि रक्तदान केवल एक सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जरूरतमंद मरीज के जीवन की सुरक्षा में प्रत्यक्ष योगदान है। *आमजन से भी रक्तदान की अपील* सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल ने कहा कि रक्त की जरूरत किसी भी व्यक्ति को कभी भी पड़ सकती है। गर्भवती महिलाओं के साथ-साथ दुर्घटना, ऑपरेशन, गंभीर बीमारी अथवा अन्य आपात परिस्थितियों में भी रक्त की आवश्यकता होती है। ऐसे में नियमित स्वैच्छिक रक्तदान ही ब्लड बैंकों में पर्याप्त रक्त उपलब्ध रखने का सबसे मजबूत माध्यम है। उन्होंने जिलेवासियों, युवाओं, सामाजिक संगठनों एवं विभिन्न संस्थाओं से स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने की अपील करते हुए कहा कि एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद के लिए जीवन की उम्मीद बन सकता है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने इस अभियान में जिस उत्साह के साथ सहभागिता की है, उसी भावना के साथ यदि आमजन भी रक्तदान को सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाएं तो पाली जिले में जरूरत के समय रक्त की उपलब्धता को और मजबूत किया जा सकता है।
उच्च जोखिम गर्भावस्था वाली महिलाओं को आपात स्थिति में समय पर रक्त उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम *मातृ सुरक्षा की ढाल बना स्वास्थ्य विभाग, 8 शिविरों में जुटाया 493 यूनिट जीवनरक्षक *स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने दिया अनुकरणीय योगदान, कुल संग्रह में करीब 80 प्रतिशत भागीदारी* *गर्भवती महिलाओं को बिना रिप्लेसमेंट रक्त उपलब्ध करवाने के लिए स्वास्थ्य भवन से सोजत रोड तक 8 चिकित्सा संस्थानों पर चरणबद्ध रक्तदान शिविर, बांगड़ अस्पताल पाली और राजकीय अस्पताल सोजत की ब्लड बैंक टीमों ने संभाली जिम्मेदारी* पाली, 26 अगस्त 2026/ जिले में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को प्रसव अथवा आपातकालीन स्थिति में समय पर रक्त उपलब्ध करवाकर मातृ सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग पाली ने अगस्त माह में एक अभिनव स्वैच्छिक रक्तदान अभियान चलाया। पाली सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल की अनूठी पहल पर आयोजित इस अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं को बिना रिप्लेसमेंट रक्त उपलब्ध करवाने के लिए जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में स्वास्थ्य भवन के साथ सात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चरणबद्ध रूप से कुल 8 रक्तदान शिविर आयोजित किए गए। इस अभियान का विशेष पहलू यह रहा कि रक्तदान के लिए केवल आमजन पर निर्भर रहने के बजाय स्वयं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कार्मिकों ने आगे बढ़कर मिसाल कायम की। जिलेभर में आयोजित शिविरों में 493 यूनिट रक्त का संग्रह हुआ, जिसमें लगभग 80 प्रतिशत योगदान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का रहा। *रक्तदान को जोड़ा गया मातृ सुरक्षा से* चिकित्सा विभाग के अनुसार गर्भावस्था के दौरान कुछ महिलाएं उच्च जोखिम की श्रेणी में आती हैं। प्रसव के समय अथवा किसी आकस्मिक जटिलता की स्थिति में ऐसे मामलों में रक्त की तत्काल आवश्यकता पड़ सकती है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए जिले में रक्त की उपलब्धता को मजबूत करने तथा जरूरत के समय मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से यह अभियान संचालित किया गया। इस पहल के माध्यम से विभाग ने न केवल रक्त संग्रह किया, बल्कि स्वास्थ्य विभाग के कार्मिकों और आमजन में नियमित स्वैच्छिक रक्तदान की भावना को बढ़ावा देने का भी प्रयास किया। *सीएमएचओ कार्यालय से शुरू हुआ अभियान* रक्तदान शिविरों की श्रृंखला की शुरुआत सीएमएचओ कार्यालय पाली से हुई, जहां आयोजित शिविर में 81 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। इसके बाद जिले के विभिन्न ब्लॉकों में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर शिविर आयोजित कर अभियान को आगे बढ़ाया गया। प्रत्येक शिविर के संचालन में संबंधित स्वास्थ्य संस्थान के अधिकारियों- कर्मचारियों के साथ ब्लड बैंक टीमों ने समन्वय करते हुए रक्त संग्रह की प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप से पूरा किया गया। *अगस्त माह में आयोजित शिविरों में अलग-अलग क्षेत्रों की स्वास्थ्य संस्थाओं को शामिल किया गया। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार* 10 अगस्त को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चंडावल में शिविर आयोजित हुआ, जिसमें राजकीय अस्पताल सोजत की ब्लड बैंक टीम ने 50 यूनिट रक्त
संग्रह की जिम्मेदारी संभाली। 12 अगस्त को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुंदोज में शिविर आयोजित किया गया, जिसमें 40 यूनिट रक्तदान हुआ इसमें ही राजकीय बांगड़ अस्पताल, पाली की ब्लड बैंक टीम ने सहयोग किया। 14 अगस्त को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खारची में रक्तदान शिविर आयोजित हुआ, जहां राजकीय अस्पताल सोजत की ब्लड बैंक टीम मौजूद रही। यहां पर 50 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। इसी दिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सादड़ी में डॉ राजेंद्र पुनमिया के नेतृत्व में 51 यूनिट रक्तदान हुआ। 19 अगस्त को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रानी में आयोजित शिविर में राजकीय बांगड़ अस्पताल, पाली की ब्लड बैंक टीम ने सेवाएं दीं। रानी सीएससी में 81 लोगो ने रक्त रक्तदान किया। 21 अगस्त को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रोहट में आयोजित रक्तदान शिविर आयोजित हुआ, जिसमें 100 लोगों ने रक्तदान किया। 22 अगस्त को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोजत रोड में आयोजित शिविर में राजकीय अस्पताल सोजत की ब्लड बैंक टीम ने 40 यूनिट रक्त संग्रह किया। हालांकि अभियान का निर्धारित चरण 24 अगस्त को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फालना में आयोजित होने वाले शिविर को अग्रिम आदेश तक स्थगित किया है। *दो ब्लड बैंक टीमों ने संभाला तकनीकी समन्वय* जिलेभर में आयोजित इस अभियान में राजकीय बांगड़ अस्पताल, पाली तथा राजकीय अस्पताल, सोजत की ब्लड बैंक टीमों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। दोनों टीमों ने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संबंधित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचकर रक्त संग्रह की प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप से संपादित किया। इस समन्वित व्यवस्था से जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में रक्तदान अभियान को व्यापक रूप देने में मदद मिली, *स्वास्थ्यकर्मियों ने पेश की मिसाल* अभियान में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की बड़ी भागीदारी रही। करीब 80 प्रतिशत रक्तदान स्वास्थ्य विभाग के कार्मिकों द्वारा किया जाना इस पहल की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धियों में रहा। इससे विभाग ने स्वयं आगे बढ़कर समाज के सामने यह संदेश दिया कि रक्तदान केवल एक सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जरूरतमंद मरीज के जीवन की सुरक्षा में प्रत्यक्ष योगदान है। *आमजन से भी रक्तदान की अपील* सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल ने कहा कि रक्त की जरूरत किसी भी व्यक्ति को कभी भी पड़ सकती है। गर्भवती महिलाओं के साथ-साथ दुर्घटना, ऑपरेशन, गंभीर बीमारी अथवा अन्य आपात परिस्थितियों में भी रक्त की आवश्यकता होती है। ऐसे में नियमित स्वैच्छिक रक्तदान ही ब्लड बैंकों में पर्याप्त रक्त उपलब्ध रखने का सबसे मजबूत माध्यम है। उन्होंने जिलेवासियों, युवाओं, सामाजिक संगठनों एवं विभिन्न संस्थाओं से स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने की अपील करते हुए कहा कि एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद के लिए जीवन की उम्मीद बन सकता है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने इस अभियान में जिस उत्साह के साथ सहभागिता की है, उसी भावना के साथ यदि आमजन भी रक्तदान को सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाएं तो पाली जिले में जरूरत के समय रक्त की उपलब्धता को और मजबूत किया जा सकता है।
- नाडोल में ईद-मिलादुन्नबी पर निकला भव्य जुलूस रोशनी से जगमगाए मुस्लिम मोहल्ले, झंडे लहराते बड़ी संख्या में शामिल हुए जायरीन नाडोल। पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में बुधवार को नाडोल में ईद-मिलादुन्नबी का पर्व श्रद्धा, उल्लास एवं आपसी भाईचारे के साथ मनाया गया। पर्व को लेकर मुस्लिम मोहल्लों में विशेष उत्साह नजर आया। घरों, मस्जिदों और दरगाहों को आकर्षक रंग-बिरंगी रोशनी एवं इस्लामिक झंडों से सजाया गया। इस अवसर पर मौलाना ईसा अशरफी एवं मौलाना नफीस अहमद हैदरी ने तकरीर पेश कर हजरत मोहम्मद साहब के जीवन, उनकी शिक्षाओं एवं भाईचारे के संदेश पर प्रकाश डाला। इसके बाद मस्जिद से चादर के साथ भव्य जुलूस रवाना हुआ। जुलूस में बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं एवं जायरीन शामिल हुए। श्रद्धालु हाथों में झंडे और फरियां लहराते हुए धार्मिक नारों के साथ चल रहे थे। जुलूस में धार्मिक गीतों एवं नारों से पूरा वातावरण उत्साह और उल्लास से भर गया। जुलूस पुलिस चौकी से रवाना होकर मुख्य चौराहा, बस स्टैंड, ग्राम पंचायत, रतन चौराहा एवं पातालेश्वर मार्ग से होते हुए हजरत दादापीर अशरफ अली बाबा साहब की दरगाह पहुंचा। यहां फैजाने मिल्लत कमेटी की ओर से समापन समारोह आयोजित किया गया। जायरीनों का किया स्वागत, भोजन की व्यवस्था जुलूस में बाहर से आए जायरीनों के लिए फरीद खान पठान वल्द चांद खान की ओर से भोजन की व्यवस्था की गई। कमेटी की ओर से बाहर से आए जायरीनों एवं उनके परिवारों का स्वागत कर इस्तकबाल किया गया। पुलिस व्यवस्था रही सराहनीय विशाल जुलूस के दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए गए। एएसआई परविंद्र सिंह एवं कांस्टेबल गणेशराम ने जुलूस के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में सराहनीय भूमिका निभाई। शांतिपूर्ण माहौल में जुलूस संपन्न हुआ।2
- रक्षाबंधन पर मिसाल बना भाई: 100 से ज्यादा बेसहारा महिलाओं और बुजुर्गों का सहारा बने राज मीणा रक्षाबंधन का पर्व जहां भाई-बहन के रिश्ते और प्रेम का प्रतीक माना जाता है, वहीं राज मीणा इस रिश्ते को सेवा और मानवता के जरिए एक अलग पहचान दे रहे हैं। राज मीणा उन लाचार, बेसहारा और परिवार से ठुकराई गई महिलाओं को सहारा देने का काम कर रहे हैं, जिन्हें समाज में अक्सर अकेला छोड़ दिया जाता है। बताया जाता है कि मानसिक रूप से परेशान या अपने परिवार से बिछड़ी हुई महिलाओं को राज मीणा रेस्क्यू कर अपने आश्रम तक पहुंचाते हैं। यहां उन्हें भोजन, रहने की व्यवस्था, दवाइयों और देखरेख जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है। आज उनके आश्रम में 100 से ज्यादा महिलाएं और बुजुर्ग मौजूद हैं। राज मीणा इन सभी महिलाओं को अपनी बहन की तरह मानते हैं और उनके साथ परिवार जैसा व्यवहार करते हैं। रक्षाबंधन के अवसर पर ये महिलाएं राज मीणा के लिए राखियां तैयार कर उन्हें अपना भाई मानकर रक्षा का धागा बांधती हैं। राज मीणा का कहना है कि किसी बेसहारा इंसान को सहारा देना ही सबसे बड़ी मानव सेवा है। उनका प्रयास है कि जिन महिलाओं को उनके अपनों ने छोड़ दिया, उन्हें सम्मान, सुरक्षा और परिवार जैसा अपनापन मिल सके। रक्षाबंधन के इस खास मौके पर राज मीणा और उनके आश्रम की यह कहानी भाई-बहन के रिश्ते को एक भावनात्मक और मानवीय संदेश देती है। अगर आप भी राज मीणा के इस सेवा कार्य का समर्थन करते हैं, तो कमेंट करके जरूर बताएं—“सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।”1
- नाना में सोनी समाज ने दानदाता शंकरलाल सोनी का किया सम्मान नाना में सोनी समाज ने दानदाता शंकरलाल सोनी का किया सम्मान समाज के विकास के लिए भूमि भेंट करने पर दानदाता परिवार का गाजे-बाजे के साथ स्वागत, सम्मान समारोह में बड़ी संख्या में समाजबंधुओं ने लिया भाग बाली उपखंड के नाना ग्राम में सोनी समाज के विकास एवं सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समाज को भूमि भेंट करने वाले दानदाता शंकरलाल पुत्र जवेरचंद सोनी एवं उनके परिवार का सोनी समाज की ओर से सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समाज के लिए भूमि भेंट करने पर दानदाता परिवार के प्रति समाजबंधुओं ने आभार व्यक्त करते हुए उनके इस सामाजिक सहयोग की सराहना की। दानदाता शंकरलाल सोनी परिवार के नाना ग्राम पहुंचने पर ग्रामीणों एवं समाजबंधुओं ने गाजे-बाजे के साथ उनका स्वागत किया। इसके बाद दानदाता परिवार को जैन भवन ले जाया गया, जहां सोनी समाज की ओर से स्वागत सभा एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह के दौरान समाज के लोगों ने दानदाता परिवार का माल्यार्पण एवं साफा पहनाकर स्वागत-सम्मान किया। समारोह में वक्ताओं ने कहा कि समाज के विकास के लिए भूमि उपलब्ध करवाना एक महत्वपूर्ण एवं सराहनीय पहल है। ऐसे सामाजिक सहयोग से समाज के लिए आवश्यक भवन, सामाजिक गतिविधियों एवं अन्य जनोपयोगी कार्यों को आगे बढ़ाने में सहायता मिलती है। दानदाता परिवार द्वारा समाज हित में किए गए इस सहयोग को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया गया। इस अवसर पर श्री ब्राह्मण स्वर्णकार समाज एवं कार्यकारी समिति नाना के अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण सोनी, उपाध्यक्ष प्रकाश सोनी, सचिव सुरेश सोनी एवं कोषाध्यक्ष रूपचंद सोनी सहित समाज के पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम में समाज की माता-बहनों, युवाओं एवं ग्रामीणों ने भी बड़ी संख्या में उत्साहपूर्वक भाग लिया। समारोह के दौरान समाजबंधुओं ने दानदाता परिवार का आभार जताते हुए कहा कि समाज के विकास में दानदाताओं का योगदान महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। समाज के हित में किए गए ऐसे कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनते हैं। कार्यक्रम का माहौल सामाजिक एकता, भाईचारे एवं सम्मान की भावना से ओत-प्रोत रहा। समाज के पदाधिकारियों एवं उपस्थित समाजबंधुओं ने दानदाता शंकरलाल सोनी एवं उनके परिवार का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी समाज के विकास एवं उत्थान के लिए इसी प्रकार सहयोग एवं सहभागिता बनाए रखने की बात कही।1
- पाली. शहर के अणुव्रत नगर में गुरुदेव जन्म महोत्सव जयंती महोत्सव के तहत भजन संध्या का आयोजन किया गया। एक शाम गुरुदेव के नाम आयोजित भजन में गायक लवेश बुरड पाली. शहर के अणुव्रत नगर में गुरुदेव जन्म महोत्सव जयंती महोत्सव के तहत भजन संध्या का आयोजन किया गया। एक शाम गुरुदेव के नाम आयोजित भजन में गायक लवेश बुरड़ एंड पार्टी इंदौर द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी गई। इस दौरान बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग मौजूद रहे।1
- देश के लिए मोदी जी का शब्द सभी सनातनी धर्मी लोगों का अपने दिल में उतार लेना चाहिए जो अपना देश हित के लिए काम करना वाला सिर्फ सिर्फ मोदी जी की अपने जीवन को दान में आगे बढ़ा रहे हैं पाली की जनता को अभी यही सोचना है कि अपना देश को हिंदू राष्ट्र में विश्व गुरु बनाना है तो मोदी जी के आधार पर अपना वोट डालना जरूरी है नहीं तो अपना बहन बेटियों को ससुरक्षित रखना अपने हाथ में नहीं रहेगा वह कांग्रेस जो पहले से आप लोग देखा आए हैं कांग्रेस में क्या हो रहा है वह अपने बड़े लोगों से पूछ लीजिए और अपने लोगों को मालूम है युवा पीढींयों को भी मालूम नहीं है क्योंकि यह शहरी कल्सर में पड़ गए हैं ना संस्कृति ना संस्कार से इनका कोई लेना-देना है सिर्फ इनको एंजॉय करना इसलिए अपने हिंदू समाज को अपना ध्यान में रखकर समाज हित के लिए अपने अपना मुझे वोट कमल के फूल पर आप सभी जनों को देना जरूरी हो जाएगा जय श्री राम जय श्री धरती माता की रक्षा करने के साथ अपने को वंदे मातरम् बोलना जरूरी है2
- पाली जिले में अकाल घोषित करने की मांग — जागरवाल मुख्यमंत्री की भेजा पत्र मनोज शर्मा, वॉइस ऑफ मारवाड़ पाली। राजीव गांधी पंचायती राज संगठन पाली एवं भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिला अध्यक्ष मदन सिंह जागरवाल ने भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र एवं ई-मेल भेजकर पाली जिले में बारिश की कमी को देखते हुए अकाल घोषित करने की मांग की है। जागरवाल ने पत्र में बताया कि पश्चिमी राजस्थान के साथ-साथ पाली जिले के रोहट, पाली देहात, सुमेरपुर, रानी, मारवाड़, बाली सहित अनेक क्षेत्रों में इस वर्ष वर्षा बहुत कम हुई है। बारिश के अभाव में जिले के गांवों की नाड़ियां और तालाब सूखने लगे हैं। पाली जिले का प्रमुख जवाई बांध भी खाली पड़ा है,मात्र 138 दिनों का पीने का पानी उपलब्ध हे जिससे आने वाले समय में पेयजल संकट और गंभीर होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि किसानों ने महंगे डीजल ओर बीज से खेतों की जुताई कर बीज बोया, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं होने से फसलें सूखने और बर्बाद होने की कगार पर हैं। वैसे भी 150सितंबर को मानसून की विदाई तय हे किसान पैदावार की उम्मीद में पहले ही कर्ज लेकर खेती कर चुका है। यदि फसलें खराब हुईं तो किसान पर कर्ज का बोझ और बढ़ जाएगा। वहीं आने वाले दिनों में पशुधन के लिए चारे का भी गंभीर संकट पैदा होने की संभावना है। जागरवाल ने सरकार को आगाह करते हुए कहा कि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में पूरे पाली जिले में हालात बेकाबू हो सकते हैं। सरकार को अभी से पेयजल की व्यवस्था, पशुधन के लिए चारे की उपलब्धता और किसानों को राहत देने की कार्ययोजना तैयार करनी चाहिए। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार से पाली जिले को तत्काल अकालग्रस्त घोषित करने,इस वर्ष का पूरा मुआवजा ओर किसानों का संपूर्ण कर्ज माफ करने तथा रोहट सहित पूरे जिले में पेयजल की अग्रिम व्यवस्था सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की। जागरवाल ने कहा कि सरकार को आने वाले संकट का इंतजार करने के बजाय अभी से राहत एवं बचाव की तैयारियां शुरू करनी चाहिए, ताकि किसानों, पशुपालकों और आम जनता को गंभीर संकट से बचाया जा सके। अन्यथा आने वाले समय में परिस्थितियां सरकार के नियंत्रण से बाहर हो सकती हैं।1
- पाली में ईद मिलादुन्नबी पर निकाला जुलूस जुलूस के दौरान सुरक्षा को लेकर भारी पुलिस जाप्ता तैनात रहा। जुलूस के रास्ते में जगह-जगह विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने फूल बरसाकर स्वागत किया। कई लोग जुलूस में शामिल लोगों को आइसक्रीम, पानी की बोतलें और चॉकलेट बांटते नजर आए। जुलूस के रास्ते में विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से लोगों को बिस्किट और फल भी वितरित किए गए। जुलूस के दौरान सुरक्षा को लेकर भारी पुलिस जाप्ता तैनात रहा। जुलूस तय रास्ते से होते हुए वापस नाडी मोहल्ला पहुंचा और सम्पन्न हुआ।1
- गौ हत्या के खिलाफ विजय थलापति ने की हाई कोर्ट में अपील की तमिलनाडु के सभी हिंदुओं के लिए विजय तलापति ने एक ऐतिहासिक काम करके दिखाया है जो काम पिछले 100 सालों में किसी भी नेता ने नहीं किया। दरअसल सीएम विजय ने हाई कोर्ट में अपील करते हुए कहा कि आज के बाद पूरे तमिलनाडु में कोई भी गायक की हत्या नहीं करेगा क्योंकि हिंदू धर्म के लोग गाय को माता मानते हैं और उसकी पूजा करते हैं और अगर किसी भी जाति या धर्म का व्यक्ति गाय की हत्या करते हुए पकड़ा गया तो उसे उम्र कैद की सजा होगी और उसके पूरे परिवार को बेघर कर दिया जाएगा1