रोहतास जिले के ऐतिहासिक रोहतासगढ़ किला और पहाड़ी गांवों में विकास कार्यों, पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्र तथा पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार ने प्रशासनिक टीम के साथ जायजा लिया। इस दौरे में डीएफओ स्टालिन फिडल, डीडीसी विजय कुमार पाण्डेय, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी मोहम्मद ज़फ़र हसन और डिहरी एसडीएम निलेश कुमार भी शामिल रहे। अधिकारियों ने सीधे ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली, जिसके बाद जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को जल्द से जल्द समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। रोहतासगढ़ पंचायत भवन के पास बने नवनिर्मित अतिथि गृह में हुई समीक्षा बैठक में पर्यटन, सड़क संपर्क, बिजली आपूर्ति और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा ने ऐतिहासिक रोहतासगढ़ किला परिसर में स्थित ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के कर्मा वृक्ष के संरक्षण को अपनी प्राथमिकता बताते हुए इसके लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसके अलावा, चौरासन मंदिर में मरम्मत कार्य, क्षतिग्रस्त संरचनाओं को ठीक करने, सुरक्षा के लिए रेलिंग लगाने और शौचालय निर्माण का निर्णय लिया गया। रोहतासगढ़ रोपवे परियोजना की गुणवत्ता और कार्य प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को उच्च मानक सुनिश्चित करने को कहा गया। पहाड़ी गांवों में बिजली पहुंचाने के उद्देश्य से सोलर प्लांट लगाने पर मंथन हुआ और वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलते ही काम शुरू करने का निर्देश दिया गया। साथ ही, रेहल से चौरासन मंदिर तक प्रस्तावित सड़क निर्माण में आ रही प्रशासनिक एवं तकनीकी बाधाओं को शीघ्र दूर करने का निर्देश दिया गया है।
रोहतास जिले के ऐतिहासिक रोहतासगढ़ किला और पहाड़ी गांवों में विकास कार्यों, पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्र तथा पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार ने प्रशासनिक टीम के साथ जायजा लिया। इस दौरे में डीएफओ स्टालिन फिडल, डीडीसी विजय कुमार पाण्डेय, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी मोहम्मद ज़फ़र हसन और डिहरी एसडीएम निलेश कुमार भी शामिल रहे। अधिकारियों
ने सीधे ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली, जिसके बाद जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को जल्द से जल्द समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। रोहतासगढ़ पंचायत भवन के पास बने नवनिर्मित अतिथि गृह में हुई समीक्षा बैठक में पर्यटन, सड़क संपर्क, बिजली आपूर्ति और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा ने ऐतिहासिक
रोहतासगढ़ किला परिसर में स्थित ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के कर्मा वृक्ष के संरक्षण को अपनी प्राथमिकता बताते हुए इसके लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसके अलावा, चौरासन मंदिर में मरम्मत कार्य, क्षतिग्रस्त संरचनाओं को ठीक करने, सुरक्षा के लिए रेलिंग लगाने और शौचालय निर्माण का निर्णय लिया गया। रोहतासगढ़ रोपवे परियोजना की गुणवत्ता और कार्य प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को
उच्च मानक सुनिश्चित करने को कहा गया। पहाड़ी गांवों में बिजली पहुंचाने के उद्देश्य से सोलर प्लांट लगाने पर मंथन हुआ और वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलते ही काम शुरू करने का निर्देश दिया गया। साथ ही, रेहल से चौरासन मंदिर तक प्रस्तावित सड़क निर्माण में आ रही प्रशासनिक एवं तकनीकी बाधाओं को शीघ्र दूर करने का निर्देश दिया गया है।
- Post by CKS CHANDRAMA1
- रोहतास जिले के करगहर में पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक की विभिन्न मांगों के समर्थन में छात्र-नौजवानों ने सोमवार को एक विशाल आक्रोश मार्च निकाला। सीपीआई नेता महेंद्र प्रसाद गुप्ता के नेतृत्व में निकाला गया यह मार्च करगहर बाजार के विभिन्न मार्गों से होते हुए थाना मोड़ पहुंचा, जहां एक सभा का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित छात्रों और युवाओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री का प्रतीकात्मक पुतला फूंककर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। सभा को संबोधित करते हुए सीपीआई नेता महेंद्र प्रसाद गुप्ता ने केंद्र सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त अनियमितताओं, प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक और बढ़ती बेरोजगारी जैसे गंभीर मुद्दों के खिलाफ सोनम वांगचुक पिछले 20 दिनों से नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों पर कोई ठोस पहल नहीं कर रही है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से शिक्षा व्यवस्था में सुधार करने, परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और युवाओं को रोजगार देने के मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। इस विरोध प्रदर्शन के मौके पर रविशंकर पासवान, जग नारायण प्रसाद गुप्ता, फेकू सेठ, रामचंद्र राम, सुग्रीव राम, रामप्रसाद सेठ, विश्वनाथ पासी और जयप्रकाश गुप्ता सहित बड़ी संख्या में छात्र-नौजवान उपस्थित रहे।4
- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर सांसदों ने बड़ा कदम उठाते हुए सर्वसम्मति से सहमति पारित कर दी है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने के संबंध में सभी सांसदों के बीच पूरी तरह से आम सहमति बन गई है और इसे सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया है।1
- भोजपुर के सहार प्रखंड में राजकीय डिग्री महाविद्यालय को प्रखंड मुख्यालय के बजाय चौरी गांव में संचालित किए जाने को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इस संवेदनशील मुद्दे पर भाकपा (माले) नेता और सहार प्रखंड प्रमुख मदन सिंह ने एक प्रेस वार्ता का आयोजन कर सरकार के इस निर्णय पर सीधे सवाल उठाए हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। मदन सिंह का स्पष्ट कहना है कि चूंकि इस महाविद्यालय का नाम "राजकीय डिग्री महाविद्यालय, सहार" रखा गया है, इसलिए इसका संचालन अनिवार्य रूप से सहार प्रखंड मुख्यालय में ही किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि सहार मुख्यालय में पहले से कोई भी सरकारी डिग्री कॉलेज मौजूद नहीं है, जबकि चौरी गांव से महज दो किलोमीटर की दूरी पर पहले से ही एक डिग्री कॉलेज संचालित हो रहा है। ऐसे में नए सरकारी महाविद्यालय को दूसरे गांव में स्थापित करने का फैसला स्थानीय जनता की भावना के पूरी तरह विपरीत है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सहार स्थित +2 उच्च विद्यालय परिसर में लगभग 6 एकड़ 33 डिसमिल भूमि उपलब्ध होने की आधिकारिक रिपोर्ट जिला प्रशासन को पहले ही भेजी जा चुकी थी। इसके बावजूद महाविद्यालय को चौरी गांव में संचालित करने का निर्णय ले लिया गया, जिसके कारण स्थानीय लोगों में भारी असंतोष व्याप्त है।1
- छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज को लेकर संसद में विपक्ष ने सरकार को घेरा है। इस मुद्दे पर राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार से जवाब की मांग की है। इस पूरे मामले की असल सच्चाई क्या है, इसे लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं और दर्शकों से भी इस मुद्दे पर कमेंट में अपनी राय देने की अपील की गई है।1