कमतौल में डेढ़ करोड़ की लागत से बनने वाला फुटबॉल स्टेडियम अटका, दो वर्षों से निर्माण कार्य बंद कमतौल क्षेत्र कुम्हरौली गांव में मुख्यमंत्री खेल विकास योजना के तहत प्रस्तावित फुटबॉल स्टेडियम का निर्माण भूमि विवाद के कारण पिछले दो वर्षों से ठप पड़ा हुआ है। करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस स्टेडियम का सपना फिलहाल अधूरा रह गया है, जिससे क्षेत्र के खेलप्रेमियों में निराशा है। जानकारी के अनुसार विधायक सुधांशु शेखर की अनुशंसा पर कमतौल में फुटबॉल स्टेडियम निर्माण की स्वीकृति मिली थी। बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड के माध्यम से लगभग 200 मीटर लंबाई-चौड़ाई में आधुनिक स्टेडियम बनाने की योजना थी, जिसके लिए कमतौल मैदान का चयन किया गया था। लेकिन निर्माण शुरू होने के बाद कुछ स्थानीय ग्रामीणों ने चयनित जमीन को अपनी निजी भूमि बताते हुए न्यायालय में आपत्ति दर्ज करा दी। ग्रामीण भरत सिंह और शंभू सिंह का दावा है कि जिस जमीन पर स्टेडियम बनाया जा रहा था, वह उनके पूर्वजों को बंदोबस्ती के तहत मिली थी और इसके खतियान व रसीद भी उनके पास मौजूद हैं। मामला अदालत में जाने के बाद कोर्ट ने स्टेडियम निर्माण पर रोक लगाने का निर्देश दे दिया। इसके बावजूद कुछ समय तक निर्माण कार्य जारी रहने की शिकायत भी सामने आई। बाद में भवन निर्माण विभाग ने हरलाखी अंचल कार्यालय को जमीन से जुड़े विवाद को सुलझाने का निर्देश दिया। इस संबंध में अंचलाधिकारी रीना कुमारी ने बताया कि कोर्ट के आदेश के अनुसार संवेदक को निर्माण कार्य रोकने का निर्देश दिया गया है। अब न्यायालय के अंतिम निर्णय के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि भूमि विवाद जल्द नहीं सुलझा तो क्षेत्र के युवाओं का खेल मैदान और आधुनिक स्टेडियम का सपना लंबे समय तक अधूरा ही रह जाएगा। रिपोर्ट: अरशद दीवान News भारत GN
कमतौल में डेढ़ करोड़ की लागत से बनने वाला फुटबॉल स्टेडियम अटका, दो वर्षों से निर्माण कार्य बंद कमतौल क्षेत्र कुम्हरौली गांव में मुख्यमंत्री खेल विकास योजना के तहत प्रस्तावित फुटबॉल स्टेडियम का निर्माण भूमि विवाद के कारण पिछले दो वर्षों से ठप पड़ा हुआ है। करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस स्टेडियम का सपना फिलहाल अधूरा रह गया है, जिससे क्षेत्र के खेलप्रेमियों में निराशा है। जानकारी के अनुसार विधायक सुधांशु शेखर की अनुशंसा पर कमतौल में फुटबॉल स्टेडियम निर्माण की स्वीकृति मिली थी। बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड के माध्यम से लगभग 200 मीटर लंबाई-चौड़ाई में आधुनिक स्टेडियम बनाने की योजना थी, जिसके लिए कमतौल मैदान का चयन किया गया था। लेकिन निर्माण शुरू होने के बाद कुछ स्थानीय ग्रामीणों ने चयनित जमीन को अपनी निजी भूमि बताते हुए न्यायालय में आपत्ति दर्ज करा दी। ग्रामीण भरत सिंह और शंभू सिंह का दावा है कि जिस जमीन पर स्टेडियम बनाया जा रहा था, वह उनके पूर्वजों को बंदोबस्ती के तहत मिली थी और इसके खतियान व रसीद भी उनके पास मौजूद हैं। मामला अदालत में जाने के बाद कोर्ट ने स्टेडियम निर्माण पर रोक लगाने का निर्देश दे दिया। इसके बावजूद कुछ समय तक निर्माण कार्य जारी रहने की शिकायत भी सामने आई। बाद में भवन निर्माण विभाग ने हरलाखी अंचल कार्यालय को जमीन से जुड़े विवाद को सुलझाने का निर्देश दिया। इस संबंध में अंचलाधिकारी रीना कुमारी ने बताया कि कोर्ट के आदेश के अनुसार संवेदक को निर्माण कार्य रोकने का निर्देश दिया गया है। अब न्यायालय के अंतिम निर्णय के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि भूमि विवाद जल्द नहीं सुलझा तो क्षेत्र के युवाओं का खेल मैदान और आधुनिक स्टेडियम का सपना लंबे समय तक अधूरा ही रह जाएगा। रिपोर्ट: अरशद दीवान News भारत GN
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