*जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों के शीघ्र एवं नियमानुसार निराकरण के निर्देश* *समाचार* *जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों के शीघ्र एवं नियमानुसार निराकरण के निर्देश* गौरेला-पेंड्रा-मरवाही 15 सितम्बर 2026/ साप्ताहिक जनसुनवाई में कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की समस्याएं एवं मांगें बारी-बारी से सुनीं। उन्होंने प्रत्येक आवेदक की समस्या को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना तथा प्रस्तुत आवेदनों का अवलोकन कर संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार परीक्षण एवं आवश्यक कार्रवाई करते हुए आवेदनों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों पर समयबद्ध कार्रवाई करते हुए आवेदकों को उनके प्रकरण में की गई कार्रवाई से भी अवगत कराया जाए। जनसुनवाई में नागरिकों द्वारा विभिन्न व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए गए। जनसुनवाई में 18 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें सूचना का अधिकार के तहत जानकारी उपलब्ध नहीं कराने, वन अधिकार पटटा की भूमि पर अन्य लोगों द्वारा कब्जा कर खेती करने, रिकार्ड दुरुस्ति, अनुदान राशि दिलाने, अनुकंपा नियुक्ति, भूमि आबंटन, सार्वजनिक निस्तार हेतु रास्ता दिलाने आदि आवेदन शामिल हैं। कलेक्टर ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रकरणों का समुचित परीक्षण कर पात्रता एवं नियमानुसार कार्रवाई करने तथा अनावश्यक विलंब से बचने के निर्देश दिए।
*जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों के शीघ्र एवं नियमानुसार निराकरण के निर्देश* *समाचार* *जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों के शीघ्र एवं नियमानुसार निराकरण के निर्देश* गौरेला-पेंड्रा-मरवाही 15 सितम्बर 2026/ साप्ताहिक जनसुनवाई में कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की समस्याएं एवं मांगें बारी-बारी से सुनीं। उन्होंने प्रत्येक आवेदक की समस्या को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना तथा प्रस्तुत आवेदनों का अवलोकन कर संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार परीक्षण एवं आवश्यक कार्रवाई करते हुए आवेदनों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों पर समयबद्ध कार्रवाई करते हुए आवेदकों को उनके प्रकरण में की गई कार्रवाई से भी अवगत कराया जाए। जनसुनवाई में नागरिकों द्वारा विभिन्न व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए गए। जनसुनवाई में 18 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें सूचना का अधिकार के तहत जानकारी उपलब्ध नहीं कराने, वन अधिकार पटटा की भूमि पर अन्य लोगों द्वारा कब्जा कर खेती करने, रिकार्ड दुरुस्ति, अनुदान राशि दिलाने, अनुकंपा नियुक्ति, भूमि आबंटन, सार्वजनिक निस्तार हेतु रास्ता दिलाने आदि आवेदन शामिल हैं। कलेक्टर ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रकरणों का समुचित परीक्षण कर पात्रता एवं नियमानुसार कार्रवाई करने तथा अनावश्यक विलंब से बचने के निर्देश दिए।
- ऋषि पंचमी पर अमरकंटक में महाराष्ट्र की महिलाओं ने लगाई नर्मदा में आस्था की डुबकी पारंपरिक वेशभूषा में महिलाओं ने नर्मदा तट पर बनाए पार्थिव शिवलिंग व गणेश प्रतिमा, प्रकृति प्रदत्त सामग्रियों से किया पूजन-अर्चन अनूपपूर/अमरकंटक - प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक में ऋषि पंचमी के पावन अवसर पर महाराष्ट्र से आए हजारों श्रद्धालुओं ने पुण्य सलिला मां नर्मदा के रामघाट तट पर आस्था और भक्ति की अविरल धारा प्रवाहित की। नागपुर, कामठी, भंडारा, अमरावती, नासिक, पुणे, बारामती सहित महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचीं महिलाओं ने प्रातःकाल से ही नर्मदा तट पर पहुंचकर विधि-विधानपूर्वक पुण्य स्नान किया और मां नर्मदा के पावन जल में आस्था की डुबकी लगाई। ऋषि पंचमी के धार्मिक विधान के अनुरूप महिलाओं ने नर्मदा तट पर ही मिट्टी से पार्थिव शिवलिंग का निर्माण किया। इसके साथ ही प्रकृति से प्राप्त पत्तियों, फूल, बेलपत्र, घास-फूस तथा खेतों में उपलब्ध अनाज आदि पारंपरिक सामग्रियों से आदि देव भगवान गणेश की प्रतिमाएं तैयार कर उनका विधिवत पूजन-अर्चन किया। महिलाओं ने भगवान भोलेनाथ और गणपति बप्पा को पुष्प, बेलपत्र एवं अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर आरती की। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं के सामूहिक पूजन से नर्मदा तट का वातावरण श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास से भर उठा। सुबह करीब 5 बजे से ही महाराष्ट्र से आए श्रद्धालुओं का नर्मदा तट पर पहुंचना शुरू हो गया था। स्नान, ध्यान, जप, पूजन-अर्चन और आरती का क्रम काफी देर तक चलता रहा। नर्मदा की कल-कल करती जलधारा, वैदिक एवं धार्मिक मंत्रोच्चार और महिलाओं द्वारा की जा रही आरती से रामघाट का वातावरण भक्तिमय नजर आया। ऋषि पंचमी का धार्मिक महत्व हिंदू धर्म परंपरा में ऋषि पंचमी का विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व माना गया है। यह पर्व भाद्रपद शुक्ल पंचमी को मनाया जाता है और सप्तऋषियों के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता तथा आत्मशुद्धि की भावना से जुड़ा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, ऋषियों का स्मरण तथा श्रद्धापूर्वक पूजन करने से मनुष्य अपने जीवन में शुद्धता, संयम और सदाचार के भाव को पुष्ट करता है। विशेष रूप से महिलाएं इस दिन व्रत एवं पूजन कर ऋषि परंपरा के प्रति श्रद्धा अर्पित करती हैं। ऋषि पंचमी केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि प्रकृति, ऋषि परंपरा और सनातन संस्कारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पर्व भी माना जाता है। अमरकंटक जैसे तपोभूमि और नर्मदा उद्गम क्षेत्र में इस पर्व का आध्यात्मिक महत्व और भी विशेष हो जाता है, जहां नर्मदा के पावन तट पर श्रद्धालु स्नान एवं पूजन के माध्यम से आत्मिक शांति और पुण्य की कामना करते हैं। तीन-चार वर्षों से बन रही अमरकंटक आने की परंपरा उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र प्रांत से श्रद्धालु महिलाएं एवं भक्तजन पिछले तीन-चार वर्षों से लगातार ऋषि पंचमी के अवसर पर अमरकंटक पहुंच रहे हैं। नर्मदा स्नान, मां नर्मदा के दर्शन तथा भगवान शिव एवं गणेश के पूजन के लिए प्रत्येक वर्ष महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन हो रहा है। इस वर्ष भी ऋषि पंचमी का पर्व मनाने के लिए महाराष्ट्र से सैकड़ों वाहनों में महिलाएं, पुरुष एवं अन्य श्रद्धालु अमरकंटक पहुंचे हैं।1
- एमसीबी-चिरमिरी में कबाड़ से लदी पिकअप पकड़ी, पुलिस की बड़ी कार्रवाई1
- कोरिया। बैकुंठपुर वन मंडल क्षेत्र में एक बार फिर हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। उत्तर तर्रा की ओर से होते हुए करीब 12 हाथियों का दल दामुज क्षेत्र में पहुंचा है, जहां फिलहाल हाथियों के विश्राम करने की जानकारी सामने आई है। हाथियों की लगातार आवाजाही को देखते हुए वन विभाग ने आसपास के गांवों में निगरानी बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि हाथियों का यह दल उत्तर तर्रा क्षेत्र से आगे बढ़ते हुए दामुज इलाके में पहुंचा है। वर्तमान में हाथियों की गतिविधियों पर वन विभाग की टीम लगातार नजर बनाए हुए है। करीब एक दर्जन हाथियों के एक साथ क्षेत्र में पहुंचने की खबर के बाद आसपास के ग्रामीणों में भी दहशत और चिंता का माहौल है।1
- थाना अमलाई पुलिस को मिली बड़ी सफलता, हत्या के प्रयास के 3 आरोपी गिरफ्तार अमलाई, शहडोल - जिला शहडोल के थाना अमलाई पुलिस ने हत्या के प्रयास के गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए फरार चल रहे सभी 03 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार अपराध क्रमांक 277/2026 के तहत यह कार्रवाई की गई है। घटना का विवरण - दिनांक 14/09/2026 को राजा चिकन सेंटर के सामने, आलमगंज चीफ हाउस निवासी फरियादी मोहम्मद आशिक उम्र 40 वर्ष के साथ आरोपियों ने गाली-गलौज और मारपीट की थी। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने फरियादी पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया था। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना अमलाई में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 109(1), 351(3) और 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई थी। गिरफ्तार आरोपी - पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए मामले के तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है - अरसद अंसारी भक्ती कोल योगेन्द्र उर्फ छोट्टू तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। उक्त सम्पूर्ण कार्रवाई थाना प्रभारी अमलाई भूपेंद्र मणी पांडे के नेतृत्व में विवेचना अधिकारी कार्यवाहक उप-निरीक्षक श्याम सिंह एवं अमलाई पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका रही।3
- कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने आज साप्ताहिक जनसुनवाई में लोगों की समस्याएं एवं शिकायते सुनी एवं निराकरण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।1
- पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर विद्युत कर्मी ने भरी हुंकार1
- कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने आज कलेक्ट्रेट कार्यालय के विराट सभागार में सोशल मीडिया इंफ्लूएंसरो की बैठक ली। उन्होंने कहा कि जिले में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक में सेवा संकल्प अभियान चलाया जाएगा, जिसमें विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के सफल आयोजन हेतु सोशल मीडिया इंफ्लूएंसरो की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया जन संचार का सशक्त माध्यम है, सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर शासन की जनहितकारी योजनाओं की जानकारी अंतिम छोर पर बैठे व्यक्तियों तक पहुंचाए, जिससे वे योजनाओं का लाभ लेकर सशक्त और आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान की कार्यक्रमों में अपनी सहभागिता भी सुनिश्चित करें। बैठक में अन्य विषयों पर चर्चा की गई। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति सहित सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर मौजूद रहें। #शहडोल #shahdol1
- कोल इंडिया की कमाई बढ़ी, रिटायर्ड कर्मियों का हक घटा? पेंशन-ग्रेच्युटी पर उठे सवाल बिलासपुर प्रेस क्लब में सेवानिवृत्त कोयला खदान मजदूर संघ ने कोल इंडिया और SECL प्रबंधन पर रिटायर्ड कर्मियों की उपेक्षा का आरोप लगाया। संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह ने दावा किया कि 2017 के बाद SDA को पेंशन गणना से बाहर किए जाने से करीब डेढ़ लाख कर्मियों को हर माह 300 से 600 रुपये कम पेंशन मिल रही है। उन्होंने ग्रेच्युटी में अधिकारियों को 20 लाख और मजदूरों को 10 लाख रुपये तक मिलने पर भी सवाल उठाए। चिकित्सा व आवास सुविधाओं में भेदभाव का आरोप लगाते हुए संघ ने 19 सितंबर को SECL स्तरीय सम्मेलन की जानकारी दी।1