सिद्धार्थनगर जिले के बांसी तहसील के मिठवल ब्लॉक क्षेत्र स्थित हरैया गांव के पश्चिम में राप्ती नदी के बंधे के नीचे बड़े पैमाने पर अवैध मिट्टी खनन का मामला सामने आया है। आरोप है कि बिना परमिट के रात के अंधेरे में लोडर मशीनों की मदद से दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रालियों द्वारा मिट्टी निकाली जा रही है और विभिन्न स्थानों पर आपूर्ति की जा रही है। इससे सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है, साथ ही खनन नियमों की भी खुलेआम अनदेखी की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खनन माफिया बिना किसी वैध अनुमति के मिट्टी निकालकर मकान निर्माण कराने वालों से मनमाने दाम वसूल रहे हैं। रात भर चलने वाले इस अवैध कारोबार के कारण क्षेत्र में प्रशासनिक कार्रवाई पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि राजस्व विभाग की टीम या अन्य अधिकारी जब भी मौके पर पहुंचते हैं, तो खनन में लगे ट्रैक्टर-ट्रालियां पहले ही वहां से निकल चुकी होती हैं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि कार्रवाई से पहले ही खनन माफियाओं को सूचना मिल जाती है, जिससे जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। यह भी गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही उप जिलाधिकारी शशांक शेखर राय ने अवैध खनन के खिलाफ अभियान चलाते हुए दो जेसीबी और दो डंपरों को पकड़कर तहसील परिसर में खड़ा कराया था और विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद क्षेत्र में अवैध खनन पर प्रभावी रोक नहीं लग सकी है और खनन माफिया के हौसले बुलंद बने हुए हैं। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने, अवैध खनन में संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और राजस्व की क्षति को रोकने के लिए एक प्रभावी निगरानी व्यवस्था लागू करने की मांग की है।
सिद्धार्थनगर जिले के बांसी तहसील के मिठवल ब्लॉक क्षेत्र स्थित हरैया गांव के पश्चिम में राप्ती नदी के बंधे के नीचे बड़े पैमाने पर अवैध मिट्टी खनन का मामला सामने आया है। आरोप है कि बिना परमिट के रात के अंधेरे में लोडर मशीनों की मदद से दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रालियों द्वारा मिट्टी निकाली जा रही है और विभिन्न स्थानों पर आपूर्ति की जा रही है। इससे सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है, साथ ही खनन नियमों की भी खुलेआम अनदेखी की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खनन माफिया बिना किसी वैध अनुमति के मिट्टी निकालकर मकान निर्माण कराने वालों से मनमाने दाम वसूल रहे हैं। रात भर चलने वाले इस अवैध कारोबार के कारण क्षेत्र में प्रशासनिक कार्रवाई पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि राजस्व विभाग की टीम या अन्य अधिकारी जब भी मौके पर पहुंचते हैं, तो खनन में लगे ट्रैक्टर-ट्रालियां पहले ही वहां से निकल चुकी होती हैं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि कार्रवाई से पहले ही खनन माफियाओं को सूचना मिल जाती है, जिससे जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। यह भी गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही उप जिलाधिकारी शशांक शेखर राय ने अवैध खनन के खिलाफ अभियान चलाते हुए दो जेसीबी और दो डंपरों को पकड़कर तहसील परिसर में खड़ा कराया था और विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद क्षेत्र में अवैध खनन पर प्रभावी रोक नहीं लग सकी है और खनन माफिया के हौसले बुलंद बने हुए हैं। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने, अवैध खनन में संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और राजस्व की क्षति को रोकने के लिए एक प्रभावी निगरानी व्यवस्था लागू करने की मांग की है।
- संतकबीरनगर पुलिस ने अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत एक जिला बदर अभियुक्त को बैंड-बाजे के साथ जनपद की सीमा से बाहर कर दिया। थाना महुली क्षेत्र के ग्राम भैंसही उर्फ भईसैया निवासी मुकेश यादव पुत्र रंगीलाल यादव के विरुद्ध सक्षम न्यायालय/जिलाधिकारी द्वारा जिला बदर आदेश पारित किया गया था। पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर श्री संदीप कुमार मीना के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी धनघटा श्री अभयनाथ मिश्र के पर्यवेक्षण में यह प्रभावी कार्रवाई की गई। थाना महुली पुलिस ने क्षेत्राधिकारी धनघटा एवं थानाध्यक्ष महुली श्री दुर्गेश कुमार पाण्डेय की मौजूदगी में पर्याप्त पुलिस बल के साथ अभियुक्त को संतकबीरनगर जनपद की सीमा से बाहर निकाला। पुलिस ने जिला बदर अभियुक्त को स्पष्ट चेतावनी दी है कि वह आगामी छह माह तक जनपद संतकबीरनगर की सीमा में प्रवेश नहीं करेगा; आदेश का उल्लंघन कर जनपद में प्रवेश करने पर उसके विरुद्ध विधिक प्रावधानों के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस कार्रवाई का उद्देश्य क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखना, आमजन में सुरक्षा की भावना को सुदृढ़ करना तथा असामाजिक एवं अपराधी प्रवृत्ति के व्यक्तियों पर प्रभावी अंकुश स्थापित करना है।1
- बस्ती जनपद में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराधों पर नियंत्रण पाने के अभियान के तहत, कप्तानगंज पुलिस ने 5 जुलाई को ज़मीन कब्जेदारी से जुड़े विवादों में त्वरित कार्रवाई की। इस दौरान, शांति भंग होने की आशंका उत्पन्न होने पर पुलिस ने कुल 12 लोगों को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह के निर्देशानुसार, अपर पुलिस अधीक्षक श्यामकांत के पर्यवेक्षण में और क्षेत्राधिकारी कलवारी प्रदीप कुमार त्रिपाठी के निर्देशन में थानाध्यक्ष कप्तानगंज आलोक कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में संपन्न हुई। पुलिस को विभिन्न गांवों से ज़मीन कब्जेदारी को लेकर हो रहे विवादों की सूचना मिली थी, जहाँ दोनों पक्ष फौजदारी पर आमादा थे, जिससे क्षेत्र की शांति और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने का गंभीर अंदेशा था। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुँची और स्थिति को नियंत्रित करते हुए इन लोगों को हिरासत में लिया गया। सभी के विरुद्ध धारा 170/126/135 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई करते हुए उपजिलाधिकारी हर्रैया के न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। गिरफ्तार किए गए लोगों में मीरा देवी, प्रतिमा, सुनील तिवारी उर्फ राजन, जयशंकर, साधना, झिनकना देवी, रामबुझारत, अकाल, रामनाथ, विवेक शुक्ला, शशि प्रभा सिंह और शिखा शामिल हैं। ये सभी अलग-अलग गांवों के निवासी हैं, और ज़मीन संबंधी विवादों में उनके आमने-सामने आने की सूचना पर पुलिस ने एहतियातन यह कार्रवाई की। इस पूरी कार्रवाई में उपनिरीक्षक वीरेन्द्र कुमार सरोज, उपनिरीक्षक रविन्द्र यादव, उपनिरीक्षक वीरेन्द्र कुमार राय, चौकी प्रभारी महाराजगंज उपनिरीक्षक अनिल कुमार त्रिपाठी, हेड कांस्टेबल प्रदीप सिंह, कांस्टेबल अभिमन्यु शर्मा, महिला कांस्टेबल निशा चौहान, महिला कांस्टेबल पूजा यादव तथा कांस्टेबल रामजी तिवारी सहित कप्तानगंज पुलिस टीम की सक्रिय भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जनपद में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि ज़मीन विवाद या अन्य किसी भी मामले में कानून अपने हाथ में लेने वालों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।1
- पावर और बिजली सेक्टर से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण और काम की खबरें सामने आ रही हैं।1
- धनघटा थाना क्षेत्र में शादी कराने के नाम पर की जा रही धोखाधड़ी और झपटमारी की घटना का सफलतापूर्वक अनावरण किया गया है। इस मामले में पुलिस ने चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है और उनसे कुछ बरामदगी भी की गई है। यह जानकारी क्षेत्राधिकारी धनघटा द्वारा एक बाइट के माध्यम से साझा की गई।1
- आकाशवाणी ने 5 जुलाई 2026 को 'प्रातः स्मरणीय राम कथा' में सभी लोगों का स्वागत किया है। इस राम कथा के लिए श्रोताओं को आमंत्रित किया गया है।1
- संतकबीरनगर की ऐतिहासिक एवं धार्मिक नगरी मगहर में शनिवार को खलीलाबाद कोतवाली अंतर्गत मगहर पुलिस चौकी के नवनिर्मित एवं जीर्णोद्धार किए गए भवन का पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने फीता काटकर और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच लोकार्पण किया। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह और क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय भी मौजूद रहे। पुलिस अधीक्षक मीना ने इस पहल को उत्तर प्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप पुलिस विभाग को आधुनिक, सुदृढ़ और जनहितैषी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि लंबे समय से भवन को आधुनिक सुविधाओं की आवश्यकता थी, जिसे अब पूरी तरह से विकसित कर दिया गया है। नई चौकी में पुलिसकर्मियों के लिए बेहतर बैठने की व्यवस्था, फरियादियों हेतु प्रतीक्षालय और अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, साथ ही चौकी परिसर को स्वच्छ, हरित एवं आदर्श कार्यस्थल के रूप में विकसित किया गया है। उद्घाटन के बाद, पुलिस अधीक्षक ने पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि चौकी का यह जीर्णोद्धार केवल भवन का नवीनीकरण नहीं, बल्कि जनता और पुलिस के बीच विश्वास को मजबूत करने का एक माध्यम है। उन्होंने निर्देश दिए कि मगहर जैसे ऐतिहासिक एवं संवेदनशील क्षेत्र में आने वाले हर फरियादी की शिकायत को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना जाए और उसका त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। एसपी ने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाए रखने, रात्रि गश्त बढ़ाने और अपराधियों एवं असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने के भी निर्देश दिए। इस कार्यक्रम में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली खलीलाबाद जयप्रकाश दुबे, चौकी प्रभारी मगहर, चेयरमैन प्रतिनिधि मगहर नूरज्जमा अंसारी, अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। स्थानीय व्यापारियों एवं ग्रामीणों ने नवनिर्मित चौकी भवन की सराहना करते हुए इसे जनसुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।1
- बस्ती जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र में कानून का इकबाल पस्त होता दिख रहा है, जहाँ जमीनी विवादों के बीच सरेआम गुंडागर्दी का 'नंगा नाच' चल रहा है और यह सब पुलिस की नाक के नीचे हो रहा है। कप्तानगंज नगर पंचायत क्षेत्र में प्रमोद चौधरी और राम बुधारत चौधरी के बीच चल रहे लंबे जमीनी विवाद ने 05 जुलाई 2026 को हिंसक रूप ले लिया। पीड़ित पक्ष की शिकायतकर्ता शशिप्रभा ने आरोप लगाया है कि बाहर से गाड़ियों में भरकर आए उपद्रवियों ने उन्हें न केवल जान से मारने की धमकी दी, बल्कि गाड़ियों से कुचलने की कोशिश भी की। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें साफ दिख रहा है कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद लोग एक-दूसरे पर हमला कर रहे हैं। पुलिस की इस मूकदर्शक भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि क्या वर्दी की आड़ में कोई 'बड़ा खेल' चल रहा है। थानाध्यक्ष आलोक कुमार श्रीवास्तव ने इसे 'जमीनी विवाद का मामला' बताकर जांच जारी होने की बात कही है, जिसे केवल 'रटा-रटाया प्रशासनिक जवाब' माना जा रहा है। आरोप है कि जमीनी विवाद का हवाला देकर आपराधिक गतिविधियों और जानलेवा हमलों को नजरअंदाज करना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इस घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है और आम नागरिक पुलिस पर भरोसा करने से कतरा रहे हैं। जनता सवाल उठा रही है कि पुलिस की मौजूदगी में मारपीट करने वालों को किसका संरक्षण प्राप्त है, और क्या कप्तानगंज पुलिस का अपराधियों में भय समाप्त हो चुका है? यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो यह जमीनी विवाद किसी बड़ी मानवीय त्रासदी में बदल सकता है। कप्तानगंज की जनता अब आला अधिकारियों के तत्काल हस्तक्षेप और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रही है, ताकि क्षेत्र में कानून का राज पुनः बहाल हो सके।1