बाल श्रम मुक्त फर्रुखाबाद की ओर बढ़े कदम, जिला स्तरीय कार्यशाला में 2026 तक लक्ष्य पूरा करने का संकल्प बाल श्रम मुक्त फर्रुखाबाद की ओर बढ़े कदम, जिला स्तरीय कार्यशाला में 2026 तक लक्ष्य पूरा करने का संकल्प फर्रुखाबाद ब्यूरो फर्रुखाबाद। जनपद को बाल श्रम मुक्त बनाने की दिशा में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। ‘उत्तर प्रदेश में बाल श्रम उन्मूलन हेतु राज्य कार्य योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जिला कार्य योजना को अंतिम रूप देने’ के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यशाला का आयोजन श्रम विभाग और एसोसिएशन फॉर वॉलेंटरी एक्शन के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी, पुलिस अधीक्षक आरती सिंह, सहायक श्रमायुक्त नम्रता सिंह, राज्य समन्वयक श्रमायुक्त उत्तर प्रदेश सैयद रिजवान अली, स्टेट कोऑर्डिनेटर (एसोसिएशन फॉर वॉलेंटरी एक्शन), व्यापार मंडल अध्यक्ष, एएचटी थाना प्रभारी समेत अन्य अतिथियों द्वारा जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर किया गया। इसके बाद दीप प्रज्वलन कर कार्यशाला की विधिवत शुरुआत हुई। जिलाधिकारी ने दिलाई बाल श्रम उन्मूलन की शपथ कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने कहा कि बाल श्रम एक गंभीर सामाजिक बुराई है, जिसे समाप्त करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बाल्यावस्था में शिक्षा और संस्कार ही बच्चे के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखते हैं। यदि इस अवस्था में बच्चे को शिक्षा से वंचित किया गया तो उसका भविष्य अंधकारमय हो सकता है। जिलाधिकारी ने वर्ष 2026 तक फर्रुखाबाद को बाल श्रम मुक्त जनपद बनाने का लक्ष्य दोहराते हुए सभी विभागों, संगठनों और जनप्रतिनिधियों से सक्रिय सहयोग की अपील की। इस दौरान उपस्थित सभी प्रतिभागियों को बाल श्रम उन्मूलन की शपथ भी दिलाई गई। पुलिस अधीक्षक ने जताई सख्त प्रतिबद्धता पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने कहा कि बाल श्रम के खिलाफ जागरूकता फैलाना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। बाल श्रम दंडनीय अपराध है और इससे समाज तथा व्यापार दोनों को नुकसान पहुंचता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिनकी कहीं सुनवाई नहीं होती, पुलिस उनके साथ खड़ी है और बाल श्रम के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश को 2027 तक बाल श्रम मुक्त करने का लक्ष्य राज्य समन्वयक सैयद रिजवान अली ने बताया कि वर्ष 2027 तक उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों को बाल श्रम मुक्त करने का लक्ष्य तय किया गया है, जबकि चयनित आकांक्षी जनपदों को दिसंबर 2026 तक बाल श्रम मुक्त किया जाना है। उन्होंने ईंट-भट्टों और श्रम प्रधान क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों के पंजीकरण पर विशेष जोर दिया। एक्शन प्लान पर हुई समूह चर्चा कार्यशाला में प्रतिभागियों को विभिन्न समूहों में बांटकर बाल श्रम हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान, रेस्क्यू अभियान, पुनर्वास, स्कूल नामांकन और निगरानी तंत्र को मजबूत करने पर चर्चा कराई गई। अंत में जिला स्तरीय एक्शन प्लान तैयार कर प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के समापन पर सहायक श्रमायुक्त नम्रता सिंह ने विभागीय कन्वर्जेंस को और मजबूत करने तथा बाल श्रम प्रभावित क्षेत्रों में थाना स्तर पर विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए। कार्यशाला में आईआईए अध्यक्ष रोहित गोयल, जरदोजी व्यापार मंडल अध्यक्ष मुजफ्फर हुसैन रहमानी, समाजसेवी आकिल खों, असलम अंसारी, अजमा अजीज, डॉ. जितेंद्र चतुर्वेदी, डॉ. संजीव गंगवार, सदानंद शुक्ला, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बाल संरक्षण अधिकारी, कौशल विकास केंद्र सहित विभिन्न विभागों व संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद
बाल श्रम मुक्त फर्रुखाबाद की ओर बढ़े कदम, जिला स्तरीय कार्यशाला में 2026 तक लक्ष्य पूरा करने का संकल्प बाल श्रम मुक्त फर्रुखाबाद की ओर बढ़े कदम, जिला स्तरीय कार्यशाला में 2026 तक लक्ष्य पूरा करने का संकल्प फर्रुखाबाद ब्यूरो फर्रुखाबाद। जनपद को बाल श्रम मुक्त बनाने की दिशा में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। ‘उत्तर प्रदेश में बाल श्रम उन्मूलन हेतु राज्य कार्य योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जिला कार्य योजना को अंतिम रूप देने’ के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यशाला का आयोजन श्रम विभाग और एसोसिएशन फॉर वॉलेंटरी एक्शन के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी, पुलिस अधीक्षक आरती सिंह, सहायक श्रमायुक्त नम्रता सिंह, राज्य समन्वयक श्रमायुक्त उत्तर प्रदेश सैयद रिजवान अली, स्टेट कोऑर्डिनेटर (एसोसिएशन फॉर वॉलेंटरी एक्शन), व्यापार मंडल अध्यक्ष, एएचटी थाना प्रभारी समेत अन्य अतिथियों द्वारा जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर किया गया। इसके बाद दीप प्रज्वलन कर कार्यशाला की विधिवत शुरुआत हुई। जिलाधिकारी ने दिलाई बाल श्रम उन्मूलन की शपथ कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने
कहा कि बाल श्रम एक गंभीर सामाजिक बुराई है, जिसे समाप्त करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बाल्यावस्था में शिक्षा और संस्कार ही बच्चे के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखते हैं। यदि इस अवस्था में बच्चे को शिक्षा से वंचित किया गया तो उसका भविष्य अंधकारमय हो सकता है। जिलाधिकारी ने वर्ष 2026 तक फर्रुखाबाद को बाल श्रम मुक्त जनपद बनाने का लक्ष्य दोहराते हुए सभी विभागों, संगठनों और जनप्रतिनिधियों से सक्रिय सहयोग की अपील की। इस दौरान उपस्थित सभी प्रतिभागियों को बाल श्रम उन्मूलन की शपथ भी दिलाई गई। पुलिस अधीक्षक ने जताई सख्त प्रतिबद्धता पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने कहा कि बाल श्रम के खिलाफ जागरूकता फैलाना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। बाल श्रम दंडनीय अपराध है और इससे समाज तथा व्यापार दोनों को नुकसान पहुंचता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिनकी कहीं सुनवाई नहीं होती, पुलिस उनके साथ खड़ी है और बाल श्रम के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश को 2027 तक बाल श्रम मुक्त करने का लक्ष्य राज्य समन्वयक सैयद रिजवान अली ने बताया कि वर्ष 2027
तक उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों को बाल श्रम मुक्त करने का लक्ष्य तय किया गया है, जबकि चयनित आकांक्षी जनपदों को दिसंबर 2026 तक बाल श्रम मुक्त किया जाना है। उन्होंने ईंट-भट्टों और श्रम प्रधान क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों के पंजीकरण पर विशेष जोर दिया। एक्शन प्लान पर हुई समूह चर्चा कार्यशाला में प्रतिभागियों को विभिन्न समूहों में बांटकर बाल श्रम हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान, रेस्क्यू अभियान, पुनर्वास, स्कूल नामांकन और निगरानी तंत्र को मजबूत करने पर चर्चा कराई गई। अंत में जिला स्तरीय एक्शन प्लान तैयार कर प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के समापन पर सहायक श्रमायुक्त नम्रता सिंह ने विभागीय कन्वर्जेंस को और मजबूत करने तथा बाल श्रम प्रभावित क्षेत्रों में थाना स्तर पर विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए। कार्यशाला में आईआईए अध्यक्ष रोहित गोयल, जरदोजी व्यापार मंडल अध्यक्ष मुजफ्फर हुसैन रहमानी, समाजसेवी आकिल खों, असलम अंसारी, अजमा अजीज, डॉ. जितेंद्र चतुर्वेदी, डॉ. संजीव गंगवार, सदानंद शुक्ला, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बाल संरक्षण अधिकारी, कौशल विकास केंद्र सहित विभिन्न विभागों व संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद
- मंदिर में पेशाब किया1
- फर्रुखाबाद की पूरी खबर: फर्रुखाबाद में आशा (आशा कार्यकर्ता) और आशा फैसिलिटेटर ने अपनी मांगों को लेकर जिलाधिकारी और चिकित्सा अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने अपनी सेवाओं को श्रमिक (वर्कर्स) की श्रेणी में वर्गीकृत करने और न्यूनतम वेतन सहित अन्य सुविधाएं दिए जाने की मांग की। उन्होंने 45वें भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिशों को लागू करने की भी मांग की, जो उनकी सेवा की दशा में सुधार लाने के लिए महत्वपूर्ण है। आशाओं ने अपने ज्ञापन में निम्नलिखित मांगें रखीं: 1. आशा और आशा फैसिलिटेटर को श्रमिक (वर्कर्स) की श्रेणी में वर्गीकृत करना और न्यूनतम वेतन सहित अन्य सुविधाएं देना। 2. आशाकर्मियों को मानद स्वंयसेवक (honorary volunteer) की बजाय 45वें भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिश के अनुरूप सरकारी कर्मचारियों के स्तर पर वेतन देना। 3. आशा/आशा संगिनी को ईपीएफ और ईएसआई का सदस्य बनाया जाए। 4. सेवा नियुक्ति पर रिटायरमेंट की गारंटी देना। 5. 10 लाख स्वास्थ्य बीमा और 50 लाख का जीवन बीमा सुनिश्चित करना। 6. न्यूनतम वेतन लागू होने तक आशा को आधारभूत मानदेय 21,000 और आशा संगिनी को 28,000 देना। आशाओं ने अपनी मांगों को पूरा करने के लिए राष्ट्रीय हड़ताल में शामिल होने की चेतावनी दी है। उन्होंने जिलाधिकारी और चिकित्सा अधिकारी से अपनी मांगों पर विचार करने और उन्हें पूरा करने का आग्रह किया है। क्या आप इस खबर को और विस्तार से जानना चाहते हैं या किसी विशिष्ट पहलू पर जानकारी चाहते हैं?1
- फर्रुखाबाद व्यूरो रिपोर्ट तटबंध बनाओ जन संघर्ष समिति के द्वारा तटबंध बनवाने के समर्थन में कढहल से विशाल जन चेतना पदयात्रा के प्रथम दिवस का शुभारंभ ।1
- जलालाबाद में ससुराल जा रहे युवक की बाइक को अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर हुआ घायल अस्पताल में भर्ती जलालाबाद थाना क्षेत्र के गांव धियारा के पास अज्ञात बहन ने थाना अल्लाहगंज क्षेत्र के गांव रत्नापुर निवासी अमित राजपूत पुत्र हरिओम पाल जलालाबाद क्षेत्र के गांव रैपुरा गांव में अपनी बुआ के घर आया हुआ था और वहां से अपनी ससुराल थाना शाहाबाद के गांव भदासी को जा रहा था तभी जलालाबाद थाना क्षेत्र के गांव धियारा के पास अज्ञात बहन ने उसकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी जैसे युवक बुरी तरीके से घायल हो गया और सड़क पर गिर गया1
- जलालाबाद में शोक संवेदना और राहत कार्य: डॉ. केपी गुप्ता ने पीड़ित परिवारों से की मुलाकात 📍 विधानसभा 132 जलालाबाद, जनपद शाहजहांपुर 🚨 सड़क दुर्घटना में महिला की मौत दिनांक 11 फरवरी 2026 को ग्राम प्रथ्वीपुर-मिर्जापुर में एक दर्दनाक सड़क हादसे में श्रीमती द्रोपदी (उम्र लगभग 60 वर्ष), पत्नी श्री प्रहलाद की मृत्यु हो गई। बताया गया कि महिला अपने घर से दूसरे घर की ओर सड़क पार कर रही थीं, तभी तेज रफ्तार बाइक ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही जनता हॉस्पिटल, जलालाबाद के डॉ. केपी गुप्ता तुरंत पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और शोक संतप्त परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने इस दुखद घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की। 🔥 आग लगने से घर हुआ राख वहीं दिनांक 08 फरवरी 2026 को याकूतपुर में श्री शिव शंकर जी के घर में अचानक आग लग जाने से पूरा मकान जलकर राख हो गया। आग में नगदी, कपड़े और घर का समस्त सामान जल गया। यहां तक कि सोने के लिए बिस्तर तक नहीं बचा। सूचना मिलने पर डॉ. केपी गुप्ता मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने तत्काल राहत स्वरूप भोजन सामग्री भेंट की तथा संबंधित उच्च अधिकारियों से मुआवजा दिलाने हेतु बात करने का आश्वासन दिया। 🤝 मानवता की मिसाल डॉ. केपी गुप्ता द्वारा दोनों पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचकर सहायता और संवेदना व्यक्त करने से क्षेत्र में मानवता और सामाजिक सहयोग की मिसाल पेश की गई है। क्षेत्रवासियों ने उनके इस प्रयास की सराहना की है।1
- प्रत्येक राशन कार्ड का सत्यापन होना चाहिए। ताकि यह पता चल सके कि कौन पात्र है कौन अपात्र सबसे ज्यादा चारपहिया वाहन, सरकारी नौकर, पेंशनर, अत्यधिक भूमि ,jst भरने वाले , आदि के राशन कार्ड जारी किए गए हैं। इनपर कार्यवाही की जाए एवं पात्र लाभार्थियों को लाभ दिया जा सके1
- राहुल गांधी के भाषण से भारतीय जनता पार्टी1
- *फर्रुखाबाद में अधिवक्ता की हत्या के मामले में वार एसोसिएशन ने की कार्रवाई, जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन* फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश - वार एसोसिएशन फर्रुखाबाद ने अधिवक्ता आसिफ खान की हत्या के मामले में जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि दिनांक 11.02.2026 को वार एसोसिएशन रामपुर के अधिवक्ता आसिफ खान की जिला पंचायत कार्यलय रामपुर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना की गहन निंदा की गई है और वार एसोसिएशन फर्रुखाबाद ने जिलाधिकारी के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की है कि अधिवक्ता की शीघ्र गिरफ्तारी हो और दोषी को सजा दी जाए। वार एसोसिएशन ने अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट के तहत दोषी अभियुक्तों के ऊपर कठोर कानूनी कार्यवाही करने की भी मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए सरकार को आवश्यक कदम उठाने चाहिए। वार एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि वे इस ज्ञापन को माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को भेजने की कृपा करें।3
- Post by पी के तिवारी पत्रकार1