रक्षक ही बने भक्षक, मंदिर के सामने नगर निगम ने फैलाया कूड़े का अंबार लखनऊ। स्वच्छता और व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी जिन कंधों पर है, वही जब गंदगी फैलाने लगें तो यह प्रशासनिक विफलता का गंभीर संकेत होता है। ऐसा ही एक शर्मनाक मामला लखनऊ नगर निगम से सामने आया है, जहां नगर निगम के जिम्मेदार कर्मचारियों द्वारा श्री बुद्धेश्वर महादेव मंदिर के गेट नंबर 3 के सामने खुलेआम कूड़ा डाला जा रहा है। जिस स्थान को धार्मिक आस्था और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है, उसी स्थान को सरकारी तंत्र द्वारा गंदगी का केंद्र बना दिया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर परिसर के आसपास साफ-सफाई की बजाय नगर निगम की गाड़ियां यहां कूड़ा गिरा रही हैं, जिससे श्रद्धालुओं में भारी रोष है। इस विषय पर जब आपत्ति दर्ज कराई गई, तो समस्या के समाधान के बजाय संबंधित लोगों को धमकियां मिलने लगीं। विरोध करने वालों का कहना है कि तर्क और जवाबदेही देने के बजाय दबाव और डराने की नीति अपनाई जा रही है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अत्यंत चिंताजनक है। स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम (LMC) और जोन-6 के अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। लोगों का स्पष्ट कहना है कि मंदिर के सामने गंदगी फैलाना न केवल धार्मिक भावनाओं का अपमान है, बल्कि स्वच्छ भारत अभियान की भी खुली अवहेलना है। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस पर रोक नहीं लगी और कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो यह विरोध केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सड़क से लेकर शासन तक आवाज उठाई जाएगी। मौके का वीडियो प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में कब तक आंखें मूंदे रहते हैं या जनता की आवाज सुनकर ठोस कार्रवाई करते हैं।
रक्षक ही बने भक्षक, मंदिर के सामने नगर निगम ने फैलाया कूड़े का अंबार लखनऊ। स्वच्छता और व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी जिन कंधों पर है, वही जब गंदगी फैलाने लगें तो यह प्रशासनिक विफलता का गंभीर संकेत होता है। ऐसा ही एक शर्मनाक मामला लखनऊ नगर निगम से सामने आया है, जहां नगर निगम के जिम्मेदार कर्मचारियों द्वारा श्री बुद्धेश्वर महादेव मंदिर के गेट नंबर 3 के सामने खुलेआम कूड़ा डाला जा रहा है। जिस स्थान को धार्मिक आस्था और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है, उसी स्थान को सरकारी तंत्र द्वारा गंदगी का केंद्र बना दिया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर परिसर के आसपास साफ-सफाई की बजाय नगर निगम की गाड़ियां यहां कूड़ा गिरा रही हैं, जिससे श्रद्धालुओं में भारी रोष है। इस विषय पर जब आपत्ति दर्ज कराई गई, तो समस्या के समाधान के बजाय संबंधित लोगों को धमकियां मिलने लगीं। विरोध करने
वालों का कहना है कि तर्क और जवाबदेही देने के बजाय दबाव और डराने की नीति अपनाई जा रही है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अत्यंत चिंताजनक है। स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम (LMC) और जोन-6 के अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। लोगों का स्पष्ट कहना है कि मंदिर के सामने गंदगी फैलाना न केवल धार्मिक भावनाओं का अपमान है, बल्कि स्वच्छ भारत अभियान की भी खुली अवहेलना है। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस पर रोक नहीं लगी और कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो यह विरोध केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सड़क से लेकर शासन तक आवाज उठाई जाएगी। मौके का वीडियो प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में कब तक आंखें मूंदे रहते हैं या जनता की आवाज सुनकर ठोस कार्रवाई करते हैं।
- Post by लखनऊ मीडिया1
- थाना करौंदीकला में ग्राम गोपालपुर सरायख्वाजा में दि0- 06.02.2026 को मृतक रोहित व उसके विपक्षीगणों में किसी बात को लेकर वाद विवाद व मारपीट हुई थी जिसमें रोहित को चोटें आयीं थी । जिनका इलाज जनपद जौनपुर से चल रहा था । आज दि0- 22.02.2026 को इलाज के दौरान रोहित की मृत्यु हो गयी है । विधिक कार्यवाही की जा रही है । परिजनों द्वारा प्राप्त तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है । आवश्यक विधिक कार्यवाही प्रचलित है । *उक्त के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी कादीपुर की बाइट-*1
- राजधानी लखनऊ में ट्रैफिक पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पीजीआई से किंग जॉर्ज मेडिकल विश्वविद्यालय के ट्रॉमा सेंटर तक ग्रीन कॉरिडोर बनाकर एक गंभीर मरीज को महज 19 मिनट में सुरक्षित पहुंचाया। डीसीपी ट्रैफिक कमलेश दीक्षित के नेतृत्व में पुलिस टीम ने रास्ते को पूरी तरह क्लियर कर एंबुलेंस को निर्बाध आवागमन सुनिश्चित कराया। समय पर इलाज मिलने से मरीज की जान बचाने में मदद मिली। ट्रैफिक पुलिस की इस मुस्तैदी और समन्वय की शहरभर में सराहना हो रही है।1
- Post by Akhilesh Awasthi1
- शेरपुर थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद और गंभीर घटना सामने आई है। एक मासूम बच्ची की मां की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में लापरवाही के कारण उनकी जान चली गई। परिवार ने बताया कि महिला की तबीयत पहले से नाज़ुक थी और बच्ची के साथ इलाज के लिए Sunrise Hospital लाई गई थी। परिजनों के अनुसार, अस्पताल में समय पर सही इलाज नहीं दिया गया और गलत इंजेक्शन लगाए जाने से महिला की हालत तेजी से बिगड़ गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। मासूम बच्ची अब अपनी मां की याद में बेसहारा हो गई है और परिवार न्याय की मांग कर रहा है। स्थानीय लोग भी इस घटना से गहरा आहत हैं और अस्पताल प्रशासन और जिम्मेदार डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।1
- अखिलेश त्रिवेदी शाश्वत लखनऊ1
- प्रयागराज मुट्ठीगंज में दबंग महिला ने गरीब का रिक्शा छीना बैटरी खोली1
- Post by लखनऊ मीडिया1