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बेतिया नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या-27 में जल निकासी की गंभीर समस्या को दूर करने के लिए महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। बानूछापर मुहल्ले में हाजमा टोला से माता मरियम मंदिर होते हुए उमेश यादव के घर तक और वहां से नहर तक नाला निर्माण के लिए महापौर और स्थानीय पार्षद के प्रयासों से कार्यादेश जारी कर दिया गया है। नगर निगम बोर्ड ने इस परियोजना के लिए 90 लाख 4 हजार 300 रुपये से अधिक की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है, जबकि मेसर्स शक्ति कंस्ट्रक्शन, बेतिया को यह कार्य बीओक्यू के अनुसार 72,88,176 रुपये की लागत से पूरा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने निर्माण एजेंसी को सख्त निर्देश दिए हैं कि कार्य शुरू होने की तिथि से तीन माह के भीतर इसे पूरा करना अनिवार्य है। नाले की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए ब्लैक स्टोन और सोन नदी की बालू के उपयोग के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि गुणवत्ता में लापरवाही पाए जाने पर संवेदक को काली सूची में डाला जा सकता है। कार्य स्थल पर सूचना पट्ट लगाने, समय-समय पर फोटो और वीडियो उपलब्ध कराने जैसी शर्तें भी अनिवार्य की गई हैं। इसके अलावा, निर्माण पूर्ण होने के बाद अगले 36 माह तक किसी भी प्रकार की त्रुटि के सुधार की पूरी जिम्मेदारी संवेदक की होगी ताकि वार्डवासियों को जलजमाव की समस्या से स्थायी मुक्ति मिल सके।

1 day ago
user_A9Bharat News
A9Bharat News
Local News Reporter बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
1 day ago

बेतिया नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या-27 में जल निकासी की गंभीर समस्या को दूर करने के लिए महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। बानूछापर मुहल्ले में हाजमा टोला से माता मरियम मंदिर होते हुए उमेश यादव के घर तक और वहां से नहर तक नाला निर्माण के लिए महापौर और स्थानीय पार्षद के प्रयासों से कार्यादेश जारी कर दिया गया है। नगर निगम बोर्ड ने इस परियोजना के लिए 90 लाख 4 हजार 300 रुपये से अधिक की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है, जबकि मेसर्स शक्ति कंस्ट्रक्शन, बेतिया को यह कार्य बीओक्यू के अनुसार 72,88,176 रुपये की लागत से पूरा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने निर्माण एजेंसी को सख्त निर्देश दिए हैं कि कार्य शुरू होने की तिथि से तीन माह के भीतर इसे पूरा करना अनिवार्य है। नाले की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए ब्लैक स्टोन और सोन नदी की बालू के उपयोग के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि गुणवत्ता में लापरवाही पाए जाने पर संवेदक को काली सूची में डाला जा सकता है। कार्य स्थल पर सूचना पट्ट लगाने, समय-समय पर फोटो और वीडियो उपलब्ध कराने जैसी शर्तें भी अनिवार्य की गई हैं। इसके अलावा, निर्माण पूर्ण होने के बाद अगले 36 माह तक किसी भी प्रकार की त्रुटि के सुधार की पूरी जिम्मेदारी संवेदक की होगी ताकि वार्डवासियों को जलजमाव की समस्या से स्थायी मुक्ति मिल सके।

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  • पश्चिमी चंपारण के नौतन प्रखंड में गुरुवार मध्यरात्रि से तेज बारिश और आकाशीय बिजली गिरने के कारण विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई है। 33 हजार वोल्ट की लाइन पर लगे छह स्टे-इंसुलेटर जल जाने की वजह से प्रखंड के सभी गांव अंधेरे में डूब गए हैं। शुक्रवार सुबह 11 बजे तक बिजली बहाल न होने से हजारों उपभोक्ताओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली गुल रहने के कारण मोबाइल फोन चार्ज करने से लेकर ऑनलाइन पढ़ाई और इंटरनेट आधारित सेवाएं पूरी तरह ठप पड़ गई हैं। इनवर्टर डिस्चार्ज हो जाने से उमस भरी गर्मी में लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं, जबकि पानी के मोटर न चलने से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। इसके अलावा, स्थानीय छोटे दुकानदारों और व्यवसायियों का काम भी इस खराबी की वजह से रुक गया है। विद्युत विभाग के एसडीओ विवेक कुमार ने बताया कि बरवत क्षेत्र में आई तकनीकी खराबी के बाद विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है और मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है। उन्होंने क्षतिग्रस्त उपकरणों को जल्द बदलकर चरणबद्ध तरीके से बिजली आपूर्ति बहाल करने का आश्वासन दिया है।
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    पश्चिमी चंपारण के नौतन प्रखंड में गुरुवार मध्यरात्रि से तेज बारिश और आकाशीय बिजली गिरने के कारण विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई है। 33 हजार वोल्ट की लाइन पर लगे छह स्टे-इंसुलेटर जल जाने की वजह से प्रखंड के सभी गांव अंधेरे में डूब गए हैं। शुक्रवार सुबह 11 बजे तक बिजली बहाल न होने से हजारों उपभोक्ताओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

बिजली गुल रहने के कारण मोबाइल फोन चार्ज करने से लेकर ऑनलाइन पढ़ाई और इंटरनेट आधारित सेवाएं पूरी तरह ठप पड़ गई हैं। इनवर्टर डिस्चार्ज हो जाने से उमस भरी गर्मी में लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं, जबकि पानी के मोटर न चलने से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। इसके अलावा, स्थानीय छोटे दुकानदारों और व्यवसायियों का काम भी इस खराबी की वजह से रुक गया है।

विद्युत विभाग के एसडीओ विवेक कुमार ने बताया कि बरवत क्षेत्र में आई तकनीकी खराबी के बाद विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है और मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है। उन्होंने क्षतिग्रस्त उपकरणों को जल्द बदलकर चरणबद्ध तरीके से बिजली आपूर्ति बहाल करने का आश्वासन दिया है।
    user_Makhan Kumar
    Makhan Kumar
    Bettiah, Pashchim Champaran•
    18 hrs ago
  • बलिया जिले के मनियर थाना पुलिस ने दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के एक मामले में वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) दिनेश कुमार शुक्ल, क्षेत्राधिकारी बांसडीह जयशंकर मिश्र तथा थानाध्यक्ष अजय कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर आरोपी को दबोचा। गिरफ्तार आरोपी की पहचान लोहटा गांव निवासी 23 वर्षीय सनोज के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे गुरुवार सुबह लगभग 11:30 बजे लोहटा रोड स्थित एक पोखरे के पास से गिरफ्तार किया। आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय भेज दिया गया है। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक मो. इस्माईल शेख, हेड कांस्टेबल श्यामसुन्दर यादव और महिला आरक्षी सुभद्रा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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    बलिया जिले के मनियर थाना पुलिस ने दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के एक मामले में वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) दिनेश कुमार शुक्ल, क्षेत्राधिकारी बांसडीह जयशंकर मिश्र तथा थानाध्यक्ष अजय कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर आरोपी को दबोचा।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान लोहटा गांव निवासी 23 वर्षीय सनोज के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे गुरुवार सुबह लगभग 11:30 बजे लोहटा रोड स्थित एक पोखरे के पास से गिरफ्तार किया। आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय भेज दिया गया है। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक मो. इस्माईल शेख, हेड कांस्टेबल श्यामसुन्दर यादव और महिला आरक्षी सुभद्रा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
    user_A9Bharat News
    A9Bharat News
    Local News Reporter बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    22 hrs ago
  • पूर्वी चंपारण जिले के हरसिद्धि में नाली जाम की समस्या लगातार बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से जाम पड़ी इस नाली की अब तक कोई सफाई नहीं कराई गई है। जल निकासी की इस अव्यवस्था के कारण आमजन को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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    पूर्वी चंपारण जिले के हरसिद्धि में नाली जाम की समस्या लगातार बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से जाम पड़ी इस नाली की अब तक कोई सफाई नहीं कराई गई है। जल निकासी की इस अव्यवस्था के कारण आमजन को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
    user_Deepak kumar
    Deepak kumar
    हरसिद्धि, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    11 hrs ago
  • पूर्वी चंपारण के सुगौली स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में टीबी स्क्रीनिंग को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में टास्क फोर्स के सदस्य शामिल हुए, जिसमें प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
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    पूर्वी चंपारण के सुगौली स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में टीबी स्क्रीनिंग को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में टास्क फोर्स के सदस्य शामिल हुए, जिसमें प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
    user_Shambhu sharan
    Shambhu sharan
    सुगौली, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    23 hrs ago
  • पश्चिम चंपारण के रामनगर प्रखंड स्थित सोनखर पंचायत की शिवपुर कॉलोनी से एक प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है, जहां ग्रामीणों ने सरकारी व्यवस्था की अनदेखी के बाद खुद के प्रयासों से पहाड़ी नदी पर पुल का निर्माण कर लिया है। करीब 50 वर्षों तक स्थायी पुल के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने के बाद भी जब केवल आश्वासन ही मिले, तो ग्रामीणों ने हार मानने के बजाय खुद अपनी किस्मत बदलने का निर्णय लिया। सामूहिक भागीदारी और एकजुटता दिखाते हुए गांव वालों ने चंदा जुटाया और श्रमदान कर करीब ढाई लाख रुपये की लागत से 60 फीट लंबा लोहे का पुल तैयार कर दिया है। बरसों से यह पहाड़ी नदी ग्रामीणों के लिए एक बड़ी बाधा बनी हुई थी। बरसात के मौसम में बांस-लकड़ी का अस्थायी चचरी पुल बह जाने के कारण गांव का संपर्क कट जाता था, जिससे स्कूली बच्चों की शिक्षा, किसानों की खेती और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं पर गहरा संकट खड़ा हो जाता था। मरीजों को अस्पताल ले जाने और महिलाओं व आम ग्रामीणों को उफनती नदी पार करने के लिए अपनी जान दांव पर लगानी पड़ती थी। ग्रामीणों के अनुसार, दशकों तक जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इस स्वयं निर्मित पुल को अब हजारों लोगों की जीवनरेखा माना जा रहा है। ग्रामीणों का मानना है कि अब उनकी पढ़ाई, खेती और स्वास्थ्य सुविधाएं बरसात के कारण बाधित नहीं होंगी। यह पहल न केवल गांव की आत्मनिर्भरता और मजबूत इरादों का प्रतीक बनी है, बल्कि विकास के सरकारी दावों पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। आज जब ग्रामीण अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए खुद पुल बनाने को मजबूर हैं, तो यह व्यवस्था की कार्यशैली पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न है। फिलहाल, शिवपुर कॉलोनी के निवासियों की यह पहल पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है और बेपरवाह सिस्टम को आईना दिखा रही है।
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    पश्चिम चंपारण के रामनगर प्रखंड स्थित सोनखर पंचायत की शिवपुर कॉलोनी से एक प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है, जहां ग्रामीणों ने सरकारी व्यवस्था की अनदेखी के बाद खुद के प्रयासों से पहाड़ी नदी पर पुल का निर्माण कर लिया है। करीब 50 वर्षों तक स्थायी पुल के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने के बाद भी जब केवल आश्वासन ही मिले, तो ग्रामीणों ने हार मानने के बजाय खुद अपनी किस्मत बदलने का निर्णय लिया। सामूहिक भागीदारी और एकजुटता दिखाते हुए गांव वालों ने चंदा जुटाया और श्रमदान कर करीब ढाई लाख रुपये की लागत से 60 फीट लंबा लोहे का पुल तैयार कर दिया है।

बरसों से यह पहाड़ी नदी ग्रामीणों के लिए एक बड़ी बाधा बनी हुई थी। बरसात के मौसम में बांस-लकड़ी का अस्थायी चचरी पुल बह जाने के कारण गांव का संपर्क कट जाता था, जिससे स्कूली बच्चों की शिक्षा, किसानों की खेती और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं पर गहरा संकट खड़ा हो जाता था। मरीजों को अस्पताल ले जाने और महिलाओं व आम ग्रामीणों को उफनती नदी पार करने के लिए अपनी जान दांव पर लगानी पड़ती थी। ग्रामीणों के अनुसार, दशकों तक जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

इस स्वयं निर्मित पुल को अब हजारों लोगों की जीवनरेखा माना जा रहा है। ग्रामीणों का मानना है कि अब उनकी पढ़ाई, खेती और स्वास्थ्य सुविधाएं बरसात के कारण बाधित नहीं होंगी। यह पहल न केवल गांव की आत्मनिर्भरता और मजबूत इरादों का प्रतीक बनी है, बल्कि विकास के सरकारी दावों पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। आज जब ग्रामीण अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए खुद पुल बनाने को मजबूर हैं, तो यह व्यवस्था की कार्यशैली पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न है। फिलहाल, शिवपुर कॉलोनी के निवासियों की यह पहल पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है और बेपरवाह सिस्टम को आईना दिखा रही है।
    user_S9 Bihar
    S9 Bihar
    News Anchor बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    5 hrs ago
  • पश्चिम चंपारण के योगापट्टी प्रखंड स्थित चौमुखा पंचायत में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के लाभार्थियों के लिए एक विशेष जीवन प्रमाणीकरण (लाइफ सर्टिफिकेट) एवं केवाईसी शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में वृद्धावस्था और दिव्यांग पेंशनधारियों ने हिस्सा लिया और अपने दस्तावेजों का सत्यापन करवाया। यह कदम पिछले तीन-चार महीनों से बंद पड़ी पेंशन राशि को दोबारा शुरू करने की दिशा में उठाया गया है। पंचायत के मुखिया मुकेन्द्र यादव ने जानकारी दी कि कई लाभार्थियों की पेंशन जीवन प्रमाणीकरण न होने के कारण रुकी हुई थी, जिसे देखते हुए पंचायत प्रतिनिधियों ने घर-घर जाकर लोगों को शिविर के बारे में जागरूक किया। सुजीत कुमार, अर्जुन यादव, दवनाथ यादव, घरबनी देवी, बढ़िया देवी और भागमती देवी सहित कई लाभार्थियों ने शिविर में पहुंचकर अपना केवाईसी पूरा कराया। मुखिया ने सभी पेंशनधारियों से भविष्य में भी समय-समय पर जीवन प्रमाणीकरण कराने की अपील की है ताकि उन्हें भुगतान में किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।
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    पश्चिम चंपारण के योगापट्टी प्रखंड स्थित चौमुखा पंचायत में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के लाभार्थियों के लिए एक विशेष जीवन प्रमाणीकरण (लाइफ सर्टिफिकेट) एवं केवाईसी शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में वृद्धावस्था और दिव्यांग पेंशनधारियों ने हिस्सा लिया और अपने दस्तावेजों का सत्यापन करवाया। यह कदम पिछले तीन-चार महीनों से बंद पड़ी पेंशन राशि को दोबारा शुरू करने की दिशा में उठाया गया है।

पंचायत के मुखिया मुकेन्द्र यादव ने जानकारी दी कि कई लाभार्थियों की पेंशन जीवन प्रमाणीकरण न होने के कारण रुकी हुई थी, जिसे देखते हुए पंचायत प्रतिनिधियों ने घर-घर जाकर लोगों को शिविर के बारे में जागरूक किया। सुजीत कुमार, अर्जुन यादव, दवनाथ यादव, घरबनी देवी, बढ़िया देवी और भागमती देवी सहित कई लाभार्थियों ने शिविर में पहुंचकर अपना केवाईसी पूरा कराया। मुखिया ने सभी पेंशनधारियों से भविष्य में भी समय-समय पर जीवन प्रमाणीकरण कराने की अपील की है ताकि उन्हें भुगतान में किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।
    user_Makhan Kumar
    Makhan Kumar
    Bettiah, Pashchim Champaran•
    18 hrs ago
  • पश्चिमी चंपारण के मझौलिया सीएचसी में तैनात कर्मियों और चिकित्सकों की कथित लापरवाही के कारण एक नवजात शिशु की मौत का मामला सामने आया है। युवा समाजसेवी मनीष कुमार ने आरोप लगाया है कि प्रसव यार्ड में मौजूद कर्मियों के दुर्व्यवहार और लापरवाही के चलते रिजवाना खातून (28) के बच्चे की जान गई है। घटना के अनुसार, वार्ड नंबर 3 निवासी रुस्तम देवान की पत्नी रिजवाना खातून को लेबर पेन होने पर 7 जुलाई की सुबह सीएचसी में भर्ती कराया गया था, लेकिन ड्यूटी पर तैनात एएनएम ने परिजनों को स्थिति के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं दी। परिजन का आरोप है कि जब महिला की स्थिति बिगड़ने लगी, तो अगले दिन सुबह 06:58 बजे उसे जीएमसीएच बेतिया रेफर कर दिया गया। वहां भी प्रसव वार्ड के कर्मियों द्वारा सही जानकारी नहीं दी गई, जिसके परिणामस्वरुप महिला के गर्भ में ही बच्चे की मृत्यु हो गई। समाजसेवी मनीष कुमार ने कहा कि यदि समय रहते स्वास्थ्य कर्मी सतर्क रहते, तो नवजात की जान बचाई जा सकती थी। इस मामले को लेकर मनीष कुमार ने प्रभारी डॉ. अनुपम प्रसाद और सिविल सर्जन से मानवीय आधार पर हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने अस्पताल की व्यवस्था में तुरंत सुधार करने का आग्रह किया है और चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन करेंगे।
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    पश्चिमी चंपारण के मझौलिया सीएचसी में तैनात कर्मियों और चिकित्सकों की कथित लापरवाही के कारण एक नवजात शिशु की मौत का मामला सामने आया है। युवा समाजसेवी मनीष कुमार ने आरोप लगाया है कि प्रसव यार्ड में मौजूद कर्मियों के दुर्व्यवहार और लापरवाही के चलते रिजवाना खातून (28) के बच्चे की जान गई है। घटना के अनुसार, वार्ड नंबर 3 निवासी रुस्तम देवान की पत्नी रिजवाना खातून को लेबर पेन होने पर 7 जुलाई की सुबह सीएचसी में भर्ती कराया गया था, लेकिन ड्यूटी पर तैनात एएनएम ने परिजनों को स्थिति के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं दी।

परिजन का आरोप है कि जब महिला की स्थिति बिगड़ने लगी, तो अगले दिन सुबह 06:58 बजे उसे जीएमसीएच बेतिया रेफर कर दिया गया। वहां भी प्रसव वार्ड के कर्मियों द्वारा सही जानकारी नहीं दी गई, जिसके परिणामस्वरुप महिला के गर्भ में ही बच्चे की मृत्यु हो गई। समाजसेवी मनीष कुमार ने कहा कि यदि समय रहते स्वास्थ्य कर्मी सतर्क रहते, तो नवजात की जान बचाई जा सकती थी।

इस मामले को लेकर मनीष कुमार ने प्रभारी डॉ. अनुपम प्रसाद और सिविल सर्जन से मानवीय आधार पर हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने अस्पताल की व्यवस्था में तुरंत सुधार करने का आग्रह किया है और चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन करेंगे।
    user_A9Bharat News
    A9Bharat News
    Local News Reporter बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    23 hrs ago
  • पूर्वी चंपारण जिले के सठा में एक ट्रक पलटने की घटना सामने आई है। राहत की बात यह है कि इस हादसे में किसी भी प्रकार की जान-माल की क्षति नहीं हुई है।
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    पूर्वी चंपारण जिले के सठा में एक ट्रक पलटने की घटना सामने आई है। राहत की बात यह है कि इस हादसे में किसी भी प्रकार की जान-माल की क्षति नहीं हुई है।
    user_KRISHNA PRASAD KUSHWAHA
    KRISHNA PRASAD KUSHWAHA
    Teacher पहाड़पुर, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    20 hrs ago
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