ट्रांसफार्मर में खराबी नदियों में गाद शिमला में गहराया जल संकट, तीसरे दिन मिलेगा पानी; 3 से 4 दिनों में राहत की उम्मीद राजधानी शिमला में मानसून की शुरुआत के साथ ही पेयजल व्यवस्था भी प्रभावित हो गयी है, जिससे शहरवासियों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य सतलुज जल आपूर्ति योजना में आई बड़ी तकनीकी खराबी और बरसाती मौसम के कारण नदियों में बढ़ी गाद (सिल्ट) ने जल प्रबंधन की व्यवस्था को पूरी तरह से प्रभावित किया है। शहर में पैदा हुए इस जल संकट से आने वाले तीन से चार दिनों में राहत मिलने की संभावना है। विओ: शिमला जल प्रबंधन निगम (SJPNL) के प्रबंध निदेशक राजेश कश्यप ने वर्तमान पेयजल स्थिति, खराबी के कारणों और राहत की समयसीमा पर विस्तृत जानकारी साझा क्रय हुए कहा कि कि इस तकनीकी चुनौती से निपटने के लिए विभागीय टीमें दिन-रात जुटी हुई हैं। आने वाले तीन से चार दिनों में शहर में नियमित जलापूर्ति पूरी तरह से बहाल कर दी जाएगी। प्रबंध निदेशक राजेश कश्यप ने बताया कि शहर को रोजाना लगभग 42 एमएलडी पानी उपलब्ध कराने वाली मुख्य सतलुज जल आपूर्ति योजना के दूसरे चरण के तहत ड्वाडा स्थित बिजली बोर्ड के ट्रांसफार्मर में तीन दिन पहले अचानक तकनीकी खराबी आ गई थी। इस वजह से सतलुज योजना से पानी की लिफ्टिंग फिलहाल पूरी तरह ठप पड़ी हुई है। सामान्य दिनों में राजधानी में पानी की दैनिक खपत करीब 48 से 50 एमएलडी रहती है, लेकिन इस बड़े तकनीकी व्यवधान के कारण कुल उपलब्धता घटकर मात्र 35 से 40 एमएलडी के बीच रह गई है। पानी की इसी भारी कमी को देखते हुए जल प्रबंधन को मजबूरन शिमला के विभिन्न इलाकों में एक दिन छोड़कर, यानी तीसरे दिन पानी देने का फैसला लेना पड़ा है। समस्या से निजात पाने के लिए जल प्रबंधन निगम और बिजली बोर्ड की संयुक्त टीमें लगातार प्रयासरत हैं। ड्वाडा में एक बैकअप ट्रांसफार्मर स्थापित करने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है, जिसे पूरी तरह चालू होने में दो से तीन दिन का समय लगने की संभावना है। राजेश कश्यप ने कहा कि शुरुआती बारिश के कारण जल स्रोतों में गाद की मात्रा अचानक बहुत बढ़ गई है, जिससे वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट की शोधन क्षमता प्रभावित हुई है। हालांकि, इस चुनौती के बावजूद अन्य पांच जल योजनाओं के जरिए पानी का शोधन जारी रखा गया है और गाद से निपटने के लिए 'ट्यूब सैटलर्स' और गिरिनदी में प्री-सैटलिंग टैंक जैसे तकनीकी इंतज़ाम किए जा रहे हैं। प्रबंध निदेशक ने भरोसा दिलाया है कि अगले 3 से 4 दिनों में स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी और जब तक व्यवस्था सुचारू नहीं होती, तब तक तीसरे दिन दिए जाने वाले पानी की आपूर्ति की समयावधि (एक्सटेंडेड टाइमिंग्स) बढ़ाकर दी जाएगी ताकि जनता को राहत मिल सके।इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में जल जनित बीमारियों के खतरे को देखते हुए जल प्रबंधन निगम ने स्वास्थ्य सुरक्षा संबंधी एडवाइजरी भी जारी की है। बाइट : राजेश कश्यप प्रबंध निदेशक SJPNL
ट्रांसफार्मर में खराबी नदियों में गाद शिमला में गहराया जल संकट, तीसरे दिन मिलेगा पानी; 3 से 4 दिनों में राहत की उम्मीद राजधानी शिमला में मानसून की शुरुआत के साथ ही पेयजल व्यवस्था भी प्रभावित हो गयी है, जिससे शहरवासियों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य सतलुज जल आपूर्ति योजना में आई बड़ी तकनीकी खराबी और बरसाती मौसम के कारण नदियों में बढ़ी गाद (सिल्ट) ने जल प्रबंधन की व्यवस्था को पूरी तरह से प्रभावित किया है। शहर में पैदा हुए इस जल संकट से आने वाले तीन से चार दिनों में राहत मिलने की संभावना है। विओ: शिमला जल प्रबंधन निगम (SJPNL) के प्रबंध निदेशक राजेश कश्यप ने वर्तमान पेयजल स्थिति, खराबी के कारणों और राहत की समयसीमा पर विस्तृत जानकारी साझा क्रय हुए कहा कि कि इस तकनीकी चुनौती से निपटने के लिए विभागीय टीमें दिन-रात जुटी हुई हैं। आने वाले तीन से चार दिनों में शहर में नियमित जलापूर्ति पूरी तरह से बहाल कर दी जाएगी। प्रबंध निदेशक राजेश कश्यप ने बताया कि शहर को रोजाना लगभग 42 एमएलडी पानी उपलब्ध कराने वाली मुख्य सतलुज जल आपूर्ति योजना के दूसरे चरण के तहत ड्वाडा स्थित बिजली बोर्ड के ट्रांसफार्मर में तीन दिन पहले अचानक तकनीकी खराबी आ गई थी। इस वजह से सतलुज योजना से पानी की लिफ्टिंग फिलहाल पूरी तरह ठप पड़ी हुई है। सामान्य दिनों में राजधानी में पानी की दैनिक खपत करीब 48 से 50 एमएलडी रहती है, लेकिन इस बड़े तकनीकी व्यवधान के
कारण कुल उपलब्धता घटकर मात्र 35 से 40 एमएलडी के बीच रह गई है। पानी की इसी भारी कमी को देखते हुए जल प्रबंधन को मजबूरन शिमला के विभिन्न इलाकों में एक दिन छोड़कर, यानी तीसरे दिन पानी देने का फैसला लेना पड़ा है। समस्या से निजात पाने के लिए जल प्रबंधन निगम और बिजली बोर्ड की संयुक्त टीमें लगातार प्रयासरत हैं। ड्वाडा में एक बैकअप ट्रांसफार्मर स्थापित करने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है, जिसे पूरी तरह चालू होने में दो से तीन दिन का समय लगने की संभावना है। राजेश कश्यप ने कहा कि शुरुआती बारिश के कारण जल स्रोतों में गाद की मात्रा अचानक बहुत बढ़ गई है, जिससे वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट की शोधन क्षमता प्रभावित हुई है। हालांकि, इस चुनौती के बावजूद अन्य पांच जल योजनाओं के जरिए पानी का शोधन जारी रखा गया है और गाद से निपटने के लिए 'ट्यूब सैटलर्स' और गिरिनदी में प्री-सैटलिंग टैंक जैसे तकनीकी इंतज़ाम किए जा रहे हैं। प्रबंध निदेशक ने भरोसा दिलाया है कि अगले 3 से 4 दिनों में स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी और जब तक व्यवस्था सुचारू नहीं होती, तब तक तीसरे दिन दिए जाने वाले पानी की आपूर्ति की समयावधि (एक्सटेंडेड टाइमिंग्स) बढ़ाकर दी जाएगी ताकि जनता को राहत मिल सके।इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में जल जनित बीमारियों के खतरे को देखते हुए जल प्रबंधन निगम ने स्वास्थ्य सुरक्षा संबंधी एडवाइजरी भी जारी की है। बाइट : राजेश कश्यप प्रबंध निदेशक SJPNL
- मेरी संपत्ति पर भ्रम फैला रही बीजेपी, चंदा चोर व पेपर लीक वाले भाजपा नेताओं को कांग्रेस में नहीं जगह,CM सुक्खू ने विपक्ष पर किया तीखा प्रहार हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के सबसे अमीर होने के सोशल मीडिया पर चल रही खबरों और पर उठ रहे सवालों पर भारतीय जनता पार्टी पर जोरदार हमला बोला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया और राजनीतिक मंचों पर उनकी छवि खराब करने की सोची-समझी साजिश रची जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनावी हलफनामे में उनकी संपत्ति का विवरण पिछले 20 वर्षों से पारदर्शी और यथावत बना हुआ है।जहां उन्होंने संपति को लेकर स्थिति स्पष्ट की वही विपक्ष के बयानों पर भी जमकर निशाना साधा विओ : मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि लगभग 20 साल पहले उन्होंने शिमला में 12 लाख रुपये का एक प्लॉट खरीदा था, जिस पर बाद में मकान का निर्माण कराया गया। समय के साथ संपत्ति की बाजार मूल्य (वैल्यू एडिशन) में बढ़ोतरी स्वाभाविक है, लेकिन बीजेपी इसे गलत तरीके से पेश कर उत्तर भारत के सबसे अमीर मुख्यमंत्रियों में दिखाने की राजनीतिक चाल चल रही है। मुख्यमंत्री ने चुनौती देते हुए कहा, यदि किसी को मेरी संपत्ति पर कोई संदेह है, तो ईडी (ED) और सीबीआई (CBI) से जांच करा ले। मेरी संपत्ति की पहले भी जांच हो चुकी है। मुख्यमंत्री बनने के बाद मेरी किसी संपत्ति में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई, बल्कि इसमें कमी ही आई है, जो आगामी चुनावी हलफनामे में साफ दिख जाएगी। एक आम परिवार से आया व्यक्ति भी अपनी मेहनत और ईमानदारी से संपत्ति बना सकता है। विपक्ष द्वारा विधायकों की खरीद-फरोख्त और दलबदल के बयानों पर मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि कांग्रेस अपनी विचारधारा से जुड़े निष्ठावान नेताओं के दम पर खड़ी है। यदि कोई राजनीतिक मंडी में बिकना चाहता है या पार्टी छोड़ना चाहता है, तो उसे रोका नहीं जा सकता। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट करते हुए कहा कि कुछ भाजपा के नेता कांग्रेस में आना चाहते हैं लेकिन भी उन्होंने कहा, जो पार्टी 'चंदा चोरी' और 'पेपर लीक' जैसे घोटालों में संलिप्त रही है, ऐसे भ्रष्टाचारियों को कांग्रेस में जगह देने का सवाल ही नहीं उठता। वही उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी जी ने भी स्पष्ट कहा है कि शिक्षा मंत्री ऐसा होना चाहिए जो शिक्षाविद हो जो युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ न करे और पेपर लीक न होने दे।" इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश में जारी प्राकृतिक आपदा और मानसूनी नुकसान पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया से विस्तृत चर्चा की है। चंबा और राज्य के अन्य प्रभावित हिस्सों में हुए भारी नुकसान का संज्ञान लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह जल्द ही स्वयं चंबा का दौरा करेंगे और आपदा से हुए नुकसान का जमीनी जायजा लेकर राहत कार्यों की समीक्षा करेंगे। मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनौत द्वारा हड़ताल पर बैठे नीट अभ्यर्थियों को लेकर दिए गए बयान पर मुख्यमंत्री ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों की मांग कर रहे युवाओं और छात्रों पर इस तरह के अनर्गल बयान देना पूरी तरह गलत है। विपक्षी नेताओं को केंद्रीय शिक्षा मंत्री से जुड़े मुद्दों या छात्र हितों के विषय को राजनीतिक मोड़ देने के बजाय संवेदनशीलता से काम लेना चाहिए। बाइट : सुखविंदर सिंह सुक्खू मुख्यमंत्री1
- ग्राम पंचायत प्रधान देश राज शर्मा ने एस.पी. को दिए गए ज्ञापन में कहा है कि इस घटनाक्रम के बाद उन्हें कथित तौर पर धमकियां दी जा रही हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि उनकी तथा उनके परिवार कh सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और आरोपियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। जिला बिलासपुर के घुमारवीं उपमंडल के तहत आने वाली ग्राम पंचायत औहर में गत 26 जुलाई को आयोजित ग्राम सभा के दौरान हुए कथित विवाद का मामला अब एस.पी. के दरबार में पहुंच गया है। पंचायत से जुड़े लोगों ने पुलिस को ज्ञापन सौंपकर उनके खिलाफ एस.सी./ एस.टी. एक्ट के तहत दर्ज एफ.आई.आर. को रद्द करने की मांग की है। पंचायत प्रधान देश राज शर्मा की अगुवाई में दिए गए ज्ञापन में पंचायत के उपप्रधान गौरव और अमित शर्मा ने आरोप लगाया है कि उनके खिलाफ दर्ज एफ.आई.आर. निराधार है और घटना के बाद योजनाबद्ध तरीके से उन्हें मामले में फंसाया गया है। पुलिस को दिए ज्ञापन में गौरव ने बताया कि वह ग्राम पंचायत औहर में उपप्रधान हैं, जबकि अमित शर्मा भी पंचायत से जुड़े प्रतिष्ठित पद पर कार्यरत हैं। उनके अनुसार गत 26 जुलाई को पंचायत में आयोजित जनरल हाउस में करीब 357 लोग मौजूद थे। बैठक के दौरान पंचायत के पिछले कार्यों की समीक्षा का मुद्दा उठाया गया था। इसी दौरान कुछ लोगों द्वारा कथित तौर पर ग्राम सभा की कार्यवाही में व्यवधान डालने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि विवाद बढ़ने पर पंचायत प्रतिनिधियों के साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। उन्होंने दावा किया कि घटना के बाद पंचायत प्रधान देश राज शर्मा की ओर से थाना घुमारवीं में मामला दर्ज करवाया गया था। इसके बाद उनके खिलाफ एस.सी./एस.टी. एक्ट के तहत मामला दर्ज करवाया गया। ज्ञापन में कहा गया है कि उनके खिलाफ दर्ज मामला तथ्यों के विपरीत और निराधार है। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच करवाकर एफ.आई.आर. को रद्द करने की मांग की है। ज्ञापन में दावा किया गया है कि ग्राम सभा में मौजूद लोग पूरे घटनाक्रम के गवाह हैं और आवश्यकता पड़ने पर पुलिस के समक्ष अपने बयान दर्ज करवाने को भी तैयार हैं।1
- झंडूता जन सेवा वेलफेयर फाउंडेशन ने लगाया रक्तदान शिविर, 20 लोगों ने किया स्वैच्छिक रक्तदान1
- मोहाली की ओर से पहुंचे प्रदर्शनकारी, रिहाई की मांग को लेकर नारेबाजी; सुरक्षा के मद्देनज़र बैरिकेडिंग और पुलिस की कड़ी निगरानी। मोहाली की ओर से पहुंचे प्रदर्शनकारी, रिहाई की मांग को लेकर नारेबाजी; सुरक्षा के मद्देनज़र बैरिकेडिंग और पुलिस की कड़ी निगरानी। बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर पंजाब-चंडीगढ़ बॉर्डर पर प्रदर्शन तेज हो गया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने बॉर्डर पर बैरिकेडिंग की और भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए। पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।1
- पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में ग्रुप डी के नव-चयनित कर्मचारियों के लिए आयोजित किया गया "परिचयात्मक कार्यक्रम" मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नवनियुक्त ग्रुप डी कर्मचारियों से संवाद कार्यक्रम में की बतौर मुख्य अतिथि शिरकत Khabar Aaj #newsfeed #NewsUpdate #CMNayabSaini #Groupd1
- ADR रिपोर्ट पर CM सुक्खू का पलटवार, बोले- BJP मुझे बदनाम करने की कोशिश कर रही कांग्रेस छोड़कर जाना है तो जाएं, बिकने वालों की जरूरत नहीं- CM सुक्खू शिमला: ADR रिपोर्ट को लेकर भारतीय जनता पार्टी के हमलों के बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि ADR रिपोर्ट के बहाने उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने कोई नई संपत्ति नहीं खरीदी है और अपनी सभी संपत्तियों का विवरण पहले ही चुनावी एफिडेविट में दे चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस जमीन का जिक्र किया जा रहा है, वह उन्होंने पहले ही खरीदी थी। समय के साथ उसकी कीमत 12 लाख रुपये से अधिक हो गई और उसी जमीन पर उन्होंने अपना मकान बनाया, जिसकी कीमत भी समय के साथ बढ़ी है। उन्होंने कहा कि यह पूरी जानकारी पहले से सार्वजनिक है। मुख्यमंत्री का कहना है कि ADR रिपोर्ट में उनकी शैक्षणिक योग्यता की जानकारी भी अधूरी है। रिपोर्ट में उनकी एमए और एलएलबी की डिग्रियों का उल्लेख नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि इस गलती को सुधारा जाना चाहिए। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि भाजपा के पास ED और CBI जैसी एजेंसियां हैं। पहले भी उनकी जांच हो चुकी है और यदि भाजपा चाहे तो अब भी जांच करा सकती है। उन्होंने कहा कि उन्होंने मेहनत और ईमानदारी से पैसा कमाया है और रिपोर्ट को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। एक अन्य सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कांग्रेस का कोई विधायक भाजपा में जाना चाहता है तो वह जा सकता है। कांग्रेस को विचारधारा से जुड़े लोगों की जरूरत है, बिकने वालों की नहीं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के विधायक भी टिकट के लिए लगातार संपर्क करते रहते हैं, लेकिन कांग्रेस “पेपर लीक और चंदा चोर” वाली भाजपा से किसी नेता को शामिल नहीं करेगी। मुख्यमंत्री ने प्रियंका गांधी के शिक्षा मंत्री संबंधी बयान का समर्थन करते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री ऐसा व्यक्ति होना चाहिए जिसकी अच्छी छवि हो, जो शिक्षाविद हो और जिसके कार्यकाल में पेपर लीक जैसी घटनाएं न हों। बाइट— सुखविंदर सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेश1
- छात्र हितों की मांगों को लेकर एसएफआई रामपुर इकाई की 24 घंटे की भूख हड़ताल शुरू #kullutodaynews #himachalpradesh #himachalupdate #MediaPower #himachalkiawaaz #KTN #ATM #shimla #kullu #rampur1