मुजफ्फरनगर सिंचाई विभाग की सराहनीय पहल: रंग-रोगन और सफाई से निखरा राजकीय नलकूप नंबर 33, अभियंता के निर्देशन में किया गया कार्य मुजफ्फरनगर, 04 जनवरी 2026: जिले के सिंचाई विभाग ने सार्वजनिक संपत्तियों के रखरखाव और सौंदर्यीकरण की दिशा में एक सराहनीय पहल की है। विभाग के ग्रामीण क्षेत्र में स्थित राजकीय नलकूप क्रमांक 33 को विशेष अभियान के तहत ऑपरेटरों की देखरेख में रंग-रोगन और साफ-सफाई के बाद एक नया स्वरूप दिया गया है। यह समस्त कार्य संबंधित क्षेत्र के अभियंता के कुशल निर्देशन और पर्यवेक्षण में संपन्न हुआ। यह कदम पेयजल स्रोतों की स्वच्छता और संरक्षण के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। नलकूप सुरक्षा एवं रखरखाव के संदर्भ में प्रासंगिक पहल जिस समय जनपद के कई हिस्सों में नलकूपों से उपकरण चोरी होने और जल स्रोतों के उचित रखरखाव को लेकर चिंता व्यक्त की जा रही है, ऐसे में सिंचाई विभाग द्वारा यह पहल एक सकारात्मक संदेश देती है। विभागीय नलकूपों का व्यवस्थित रखरखाव न केवल उनकी आयु बढ़ाता है, बल्कि उपयोगकर्ताओं को साफ पानी की उपलब्धता भी सुनिश्चित करता है। इससे पहले भी विभाग के कार्यों पर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं, जिनमें सड़क निर्माण में कथित गुणवत्ता की कमी के मामले भी शामिल रहे हैं। ऐसे में, नलकूप नंबर 33 का यह सौंदर्यीकरण और सफाई का कार्य एक सुखद अपवाद प्रतीत होता है। कार्य संपादन में निभाई गई भूमिका इस पूरे अभियान का श्रेय सिंचाई विभाग के संबंधित क्षेत्र के अभियंता को जाता है, जिनके प्रभावी निर्देशन में कार्य को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया। मैदानी स्तर पर नलकूप के ऑपरेटरों ने अथक परिश्रम कर इसे नया रूप दिया। उनकी देखरेख में नलकूप परिसर की गहन सफाई की गई और फिर उसे नए सिरे से रंगा-पुता गया। इस प्रयास से न केवल नलकूप की कार्यकुशलता बनी रहेगी, बल्कि उसके आसपास का वातावरण भी स्वच्छ और आकर्षक बन गया है। स्थानीय प्रशासनिक गतिविधियों की व्यापक पृष्ठभूमि उल्लेखनीय है कि मुजफ्फरनगर जिला प्रशासन विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की गुणवत्ता पर निगरानी बनाए हुए है। हाल ही में, मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) कमल किशोर कंडारकर द्वारा की गई जांच में सिंचाई विभाग द्वारा बनवाई गई तीन सड़कों की गुणवत्ता में गंभीर खामियाँ पाई गई थीं, जिसके बाद 89 लाख रुपये के भुगतान पर रोक लगा दी गई थी। इसी तरह, एक अन्य घटना में सड़क निर्माण के कथित घटिया कार्य के विरोध में एक समाजसेवी द्वारा भूख हड़ताल भी देखने को मिली थी। इन घटनाओं के बीच, नलकूप नंबर 33 का सफल सौंदर्यीकरण विभाग के एक अच्छे चेहरे के रूप में सामने आया है। जनता और कर्मचारियों के बीच मजबूत होगा विश्वास इस पहल का सीधा लाभ उस नलकूप का उपयोग करने वाले स्थानीय निवासियों को मिलेगा, जिन्हें अब एक स्वच्छ और आकर्षक स्थल पर स्वच्छ पानी प्राप्त होगा। इससे जल संरक्षण के प्रति सामुदायिक जागरूकता भी बढ़ेगी। साथ ही, यह कार्य विभागीय कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय का उदाहरण भी प्रस्तुत करता है, जिसकी कमी के कारण कभी-कभी किसान नेताओं और विभागीय कर्मियों के बीच तनाव की स्थिति भी बन जाती है। निष्कर्ष: एक अनुकरणीय कदम मुजफ्फरनगर सिंचाई विभाग द्वारा राजकीय नलकूप नंबर 33 का रखरखाव और सौंदर्यीकरण एक अनुकरणीय पहल है। यह दर्शाता है कि उचित नेतृत्व और टीम वर्क के साथ सार्वजनिक संपत्तियों को बेहतर बनाया जा सकता है। आशा की जाती है कि विभाग इसी तरह अपने अन्य जल स्रोतों और बुनियादी ढांचों के रखरखाव पर भी ध्यान देगा, ताकि जनता को बेहतर सेवाएं प्रदान की जा सकें और जिले का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।
मुजफ्फरनगर सिंचाई विभाग की सराहनीय पहल: रंग-रोगन और सफाई से निखरा राजकीय नलकूप नंबर 33, अभियंता के निर्देशन में किया गया कार्य मुजफ्फरनगर, 04 जनवरी 2026: जिले के सिंचाई विभाग ने सार्वजनिक संपत्तियों के रखरखाव और सौंदर्यीकरण की दिशा में एक सराहनीय पहल की है। विभाग के ग्रामीण क्षेत्र में स्थित राजकीय नलकूप क्रमांक 33 को विशेष अभियान के तहत ऑपरेटरों की देखरेख में रंग-रोगन और साफ-सफाई के बाद एक नया स्वरूप दिया गया है। यह समस्त कार्य संबंधित क्षेत्र के अभियंता के कुशल निर्देशन और पर्यवेक्षण में संपन्न हुआ। यह कदम पेयजल स्रोतों की स्वच्छता और संरक्षण के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। नलकूप सुरक्षा एवं रखरखाव के संदर्भ में प्रासंगिक पहल जिस समय जनपद के कई हिस्सों में नलकूपों से उपकरण चोरी होने और जल स्रोतों के उचित रखरखाव को लेकर चिंता व्यक्त की जा रही है, ऐसे में सिंचाई विभाग द्वारा यह पहल एक सकारात्मक संदेश देती है। विभागीय नलकूपों का व्यवस्थित रखरखाव न केवल उनकी आयु बढ़ाता है, बल्कि उपयोगकर्ताओं को साफ पानी की उपलब्धता भी सुनिश्चित करता है। इससे पहले भी विभाग के कार्यों पर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं, जिनमें सड़क निर्माण में कथित गुणवत्ता की कमी के मामले भी शामिल रहे हैं। ऐसे में, नलकूप नंबर 33 का यह सौंदर्यीकरण और सफाई का कार्य एक सुखद अपवाद प्रतीत होता है। कार्य संपादन में निभाई गई भूमिका इस पूरे अभियान का श्रेय सिंचाई विभाग के संबंधित क्षेत्र के अभियंता को जाता है, जिनके प्रभावी निर्देशन में कार्य को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया। मैदानी स्तर पर नलकूप के ऑपरेटरों ने अथक परिश्रम कर इसे नया रूप दिया। उनकी देखरेख में नलकूप परिसर की गहन सफाई की गई और फिर उसे नए सिरे से रंगा-पुता गया। इस प्रयास से
न केवल नलकूप की कार्यकुशलता बनी रहेगी, बल्कि उसके आसपास का वातावरण भी स्वच्छ और आकर्षक बन गया है। स्थानीय प्रशासनिक गतिविधियों की व्यापक पृष्ठभूमि उल्लेखनीय है कि मुजफ्फरनगर जिला प्रशासन विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की गुणवत्ता पर निगरानी बनाए हुए है। हाल ही में, मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) कमल किशोर कंडारकर द्वारा की गई जांच में सिंचाई विभाग द्वारा बनवाई गई तीन सड़कों की गुणवत्ता में गंभीर खामियाँ पाई गई थीं, जिसके बाद 89 लाख रुपये के भुगतान पर रोक लगा दी गई थी। इसी तरह, एक अन्य घटना में सड़क निर्माण के कथित घटिया कार्य के विरोध में एक समाजसेवी द्वारा भूख हड़ताल भी देखने को मिली थी। इन घटनाओं के बीच, नलकूप नंबर 33 का सफल सौंदर्यीकरण विभाग के एक अच्छे चेहरे के रूप में सामने आया है। जनता और कर्मचारियों के बीच मजबूत होगा विश्वास इस पहल का सीधा लाभ उस नलकूप का उपयोग करने वाले स्थानीय निवासियों को मिलेगा, जिन्हें अब एक स्वच्छ और आकर्षक स्थल पर स्वच्छ पानी प्राप्त होगा। इससे जल संरक्षण के प्रति सामुदायिक जागरूकता भी बढ़ेगी। साथ ही, यह कार्य विभागीय कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय का उदाहरण भी प्रस्तुत करता है, जिसकी कमी के कारण कभी-कभी किसान नेताओं और विभागीय कर्मियों के बीच तनाव की स्थिति भी बन जाती है। निष्कर्ष: एक अनुकरणीय कदम मुजफ्फरनगर सिंचाई विभाग द्वारा राजकीय नलकूप नंबर 33 का रखरखाव और सौंदर्यीकरण एक अनुकरणीय पहल है। यह दर्शाता है कि उचित नेतृत्व और टीम वर्क के साथ सार्वजनिक संपत्तियों को बेहतर बनाया जा सकता है। आशा की जाती है कि विभाग इसी तरह अपने अन्य जल स्रोतों और बुनियादी ढांचों के रखरखाव पर भी ध्यान देगा, ताकि जनता को बेहतर सेवाएं प्रदान की जा सकें और जिले का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।
- पुरकाजी / मुज़फ्फरनगर जिला पुलिस प्रशासन की मुहिम NO HELMET NO HIGHWAY के समर्थन में उतरे पुरकाजी नगर पंचायत अध्यक्ष जहीर फारुकी, सोशल मीडिया के माध्यम सें लोगों को किया जागरूक..1
- बड़ी खबर: मुज़फ़्फरनगर में कलेक्ट्रेट परिषर में बांग्लादेश में हुई निर्मम हत्या के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन! आज मुज़फ़्फरनगर के कलेक्ट्रेट परिसर में जय समता पार्टी के युवा और स्थानीय नागरिकों ने बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यक युवक दीपू चंद्र दास की निर्मम हत्या के खिलाफ जमकर आवाज़ उठाई। उन्होंने दीपू चंद्र दास की श्रद्धांजलि दी और इंसाफ की कड़ी मांग की। प्रदर्शनकर्ताओं ने कहा कि मानवता की हत्या किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है और सीमा पार पर इसलिए भी हर तरह की अत्याचार की निंदा करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के हिमायती कानून और लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन नहीं हो रहा है। 🔹 घटना का सच: बांग्लादेश के मयमनसिंह जिले के भालुका में 27 वर्षीय हिंदू युवक दीपू चंद्र दास को भीड़ ने बेरहमी से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया था। पहले फ़ैक्ट्री में उसके साथ विवाद हुआ, फिर उस पर इश्निंदा के झूठे आरोप लगाए गए और भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई। उसकी लिंचिंग और हत्या को लेकर अल्पसंख्यक संगठनों ने न्याय की मांग की है। प्रदर्शन में समाजसेवी और युवा संगठनों ने बांग्लादेश सरकार से दोषियों को कड़ी सजा देने और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने की अपील की। 🔹 प्रदर्शन में उठाए गए बड़े मुद्दे: • “मानवता की हत्या नहीं सहेंगे।” • “धर्म, जाति या समुदाय की वजह से किसी की जान नहीं ले सकते।” • “अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकारों के तहत दोषियों को दंडित करो।” • “भारत सरकार से बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर कड़ा रुख अपनाने की मांग।”1
- मुजफ्फरनगर थाना बुढ़ाना पुलिस व अंतरराज्य शतिर लुटेरों के बीच मुठभेड़, मुठभेड़ में 25000 के इनामी शातिर लुटेरे गुलजार ( मामा) घायल सहित दो गिरफ्तार । बाईट SP RURAL श्री आदित्य बंसल ।1
- *आवश्यक सूचना-पुलिस मुठभेड* *थाना बुढाना पुलिस एवं बदमाशों के बीच मुठभेड जारी।1
- पुरकाजी विधानसभा क्षेत्र के रामपुर तिराहे पर हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने अंतरराष्ट्रीय बजरंग दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. प्रवीण तोगड़िया का फूलमाला पहनाकर जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान जिला अध्यक्ष देशराज चौहान, नरेन्द्र पंवार आदि मौजूद रहे।3
- प्रदूषण विभाग की जाँच टीम के साथ ही पहुँचे किसान संगठन के सदस्य, मुजफ्फरनगर में मुद्दा गरम लखनऊ से आई टीम और क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी के साथ हुई मुठभेड़, किसान यूनियन ने किया मामला गरम मुजफ्फरनगर में प्रदूषण को लेकर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। बुधवार को लखनऊ से प्रदूषण नियंत्रण विभाग की एक विशेष निरीक्षण टीम मुजफ्फरनगर पहुँची। टीम के साथ क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी गीतेश चंद्रा भी मौजूद रहे। उनका उद्देश्य जिले में प्रदूषण संबंधी शिकायतों का स्थल पर निरीक्षण करना था। हालाँकि, जैसे ही टीम मूलचंद रिजॉर्ट पहुँची, भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के सदस्य भी वहाँ पहुँच गए। किसान संगठन के लोगों ने टीम के पीछे-पीछे चलकर अपनी माँगों को रखना शुरू किया और प्रदूषण नियंत्रण में हो रही कथित लापरवाही के खिलाफ आवाज उठाई। क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी गीतेश चंद्रा ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, "लखनऊ से हमारी टीम निरीक्षण के लिए आई है। संगठन के लोगों का कहना है कि वे भी प्रदूषण के मुद्दे पर अपनी बात रखना चाहते हैं। हम उनकी चिंताओं को गंभीरता से ले रहे हैं और आवश्यक कार्रवाई करेंगे।" स्थानीय सूत्रों के अनुसार, किसान संगठन ने आरोप लगाया है कि जिले में औद्योगिक और कृषि प्रदूषण की समस्या गंभीर है, लेकिन प्रदूषण विभाग द्वारा पर्याप्त कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने टीम के सामने ठोस सबूत पेश करने की भी माँग की। इस घटना से जिले में प्रदूषण को लेकर चल रही बहस एक बार फिर गरमा गई है। अधिकारियों ने बताया कि निरीक्षण टीम अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएँगे। वहीं, किसान नेताों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रदूषण नियंत्रण के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे आंदोलन तेज कर देंगे।3
- मुज़फ्फरनगर पहुंचे हिंदू नेता प्रवीण तोगड़िया का ब्यान आया समाने! मुज़फ्फरनगर | बड़ी राजनीतिक बयानबाज़ी अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण तोगड़िया मंगलवार को मुज़फ्फरनगर पहुंचे, जहां उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान बांग्लादेश, लव जिहाद और जनसंख्या नियंत्रण कानून को लेकर कड़े और विवादित बयान दिए। उनके बयानों के बाद सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है। डॉ. तोगड़िया ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार का आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार से सख्त रुख अपनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में लगातार हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है और भारत सरकार को अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाना चाहिए। उन्होंने इस मुद्दे पर तीखे शब्दों में प्रतिक्रिया व्यक्त की, जिसे लेकर राजनीतिक और कूटनीतिक स्तर पर बहस छिड़ने की संभावना जताई जा रही है। लव जिहाद के सवाल पर डॉ. तोगड़िया ने कहा कि वह इसे एक “गंभीर सामाजिक बीमारी” मानते हैं और दावा किया कि उनकी संस्था हिंदू बेटियों को इससे बचाने के लिए अभियान चला रही है। उन्होंने समाज से एकजुट होकर ऐसे मामलों का विरोध करने की अपील की। जनसंख्या नियंत्रण कानून को लेकर डॉ. तोगड़िया ने सख्त कानून की वकालत करते हुए कहा कि दो से अधिक बच्चों के मामले में सरकारी सुविधाओं से जुड़े प्रतिबंधों पर विचार होना चाहिए। उनके इस बयान पर कानूनी विशेषज्ञों और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रिया आना तय मानी जा रही है। इसके अलावा, डॉ. तोगड़िया ने मुज़फ्फरनगर में बड़े स्तर पर हनुमान चालीसा पाठ अभियान चलाने की घोषणा की और इसे सामाजिक एकजुटता व सेवा से जोड़ा। डॉ. तोगड़िया के इन बयानों को लेकर जहां उनके समर्थकों में उत्साह देखा गया, वहीं विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने इसे उकसाऊ और विभाजनकारी बताते हुए आलोचना की है। प्रशासनिक स्तर पर फिलहाल स्थिति पर नजर रखे जाने की बात कही जा रही है। 👉 नोट: यह रिपोर्ट सार्वजनिक मंच पर दिए गए बयानों पर आधारित है। विभिन्न मुद्दों पर आगे राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और कानूनी पक्ष सामने आने की संभावना है।1
- मुज़फ्फरनगर से होकर बहने वाली काली नदी की हालत लगातार बदतर होती जा रही है। सामने आए ताज़ा दृश्य साफ़ दिखाते हैं कि नदी में प्लास्टिक, घरेलू कूड़ा, गंदा नाला पानी और अन्य अपशिष्ट खुलेआम डाला जा रहा है। कभी क्षेत्र की जीवनरेखा मानी जाने वाली यह नदी आज बदबू और प्रदूषण का केंद्र बन चुकी है। नदी किनारे बसे इलाकों के लोगों का कहना है कि गंदगी के कारण स्वास्थ्य पर खतरा बढ़ गया है। मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है और बीमारियों की आशंका बनी हुई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि नगर पालिका, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और संबंधित विभाग इस हालात पर चुप क्यों हैं। जनता मांग कर रही है कि जिलाधिकारी और प्रशासन तुरंत संज्ञान लें, नदी में गिरने वाले अवैध नालों पर रोक लगे और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। काली नदी को बचाना सिर्फ ज़रूरत नहीं, जिम्मेदारी है। Bhai1
- जनपद मुजफ्फरनगर की बुढाना तहसील क्षेत्र के अंतर्गत गांव फुगाना में बने शौचालय को लेकर सुबह के समय महिला कर्मचारी द्वारा शौचालय के सामने अपना फोटो खिंचवाकर खंड विकास अधिकारी कार्यालय के ग्रुप पर डाल देती है फिर उसके बाद ताला लगाकर सुबह से शाम तक गुम रहती है, और सरकार द्वारा जगह-जगह बने शौचालय में नौकरी पर रखकर तनख्वा देते नजर आ रहे हैं मैं सरकार के स्वच्छता अभियान को भी पलीता लगाया जा रहा है, ग्रामीण द्वारा उपजिलाधिकारी को शिकायत करने के बाद भी नहीं हुई कार्यवाही, आप साफ-साफ तौर पर वीडियो में देख सकते हो किस तरीके से शौचालय का ताला लगा हुआ है।।1