नगर परिषद मानपुर में चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लगभग ₹10 करोड़ की लागत वाले एक बड़े निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय नागरिकों और कुछ जनप्रतिनिधियों के बीच चर्चा तेज है, जिसमें घटिया गुणवत्ता और अपर्याप्त पारदर्शिता के आरोप लगाए जा रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार, संबंधित ठेकेदार ने कथित तौर पर स्वयं को प्रभावशाली बताते हुए अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर अपना प्रभाव होने का दावा किया है। यहां तक कि पत्रकारों द्वारा निर्माण कार्यों और भुगतान प्रक्रिया के बारे में जानकारी मांगे जाने पर भी ठेकेदार ने जांच और कार्रवाई की संभावनाओं को हल्के में लिया, और इसके बजाय अपने राजनीतिक और सामाजिक संबंधों का हवाला दिया। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर परिषद क्षेत्र में करोड़ों रुपये के विकास कार्य स्वीकृत और भुगतानित होने के बावजूद, जमीनी स्तर पर कोई अपेक्षित बदलाव नहीं दिख रहा है। सड़कों, नालियों और अन्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं, और लोगों का मानना है कि एक निष्पक्ष तकनीकी जांच से वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। इसके अलावा, बाहरी जिलों के ठेकेदारों की नगर परिषद में बढ़ती सक्रियता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। नागरिक जानना चाहते हैं कि इन ठेकेदारों की मानपुर क्षेत्र के कार्यों में इतनी रुचि क्यों है और उन्हें परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी कैसे मिलती है, जबकि टेंडर प्रक्रिया ऑनलाइन होती है। जागरूक नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि इन करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए, निर्माण की गुणवत्ता का मूल्यांकन हो, और भुगतान प्रक्रिया की समीक्षा कर वास्तविक स्थिति जनता के सामने रखी जाए। उनका स्पष्ट कहना है कि जनता के टैक्स और सरकारी धन से होने वाले कार्यों में जवाबदेही और पारदर्शिता सर्वोपरि होनी चाहिए। स्थानीय लोगों का मानना है कि अगर समय पर निगरानी और जांच की प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई, तो विकास कार्यों की गुणवत्ता के साथ-साथ जनता का विश्वास भी प्रभावित होगा। अब सबकी निगाहें प्रशासन और जिम्मेदार विभागों पर हैं कि वे इन उठ रहे सवालों का कैसे जवाब देते हैं और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाते हैं।
नगर परिषद मानपुर में चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लगभग ₹10 करोड़ की लागत वाले एक बड़े निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय नागरिकों और कुछ जनप्रतिनिधियों के बीच चर्चा तेज है, जिसमें घटिया गुणवत्ता और अपर्याप्त पारदर्शिता के आरोप लगाए जा रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार, संबंधित ठेकेदार ने कथित तौर पर स्वयं को प्रभावशाली बताते हुए अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर अपना प्रभाव होने का दावा किया है। यहां तक कि पत्रकारों द्वारा निर्माण कार्यों और भुगतान प्रक्रिया के बारे में जानकारी मांगे जाने पर भी ठेकेदार ने जांच और कार्रवाई की संभावनाओं को हल्के में लिया, और इसके बजाय अपने राजनीतिक और सामाजिक संबंधों का हवाला दिया। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर परिषद क्षेत्र में करोड़ों रुपये के विकास कार्य स्वीकृत और भुगतानित होने के बावजूद, जमीनी स्तर पर कोई अपेक्षित बदलाव नहीं दिख रहा है। सड़कों, नालियों और अन्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं, और लोगों का मानना है कि एक निष्पक्ष तकनीकी जांच से वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। इसके अलावा, बाहरी जिलों के ठेकेदारों की नगर परिषद में बढ़ती सक्रियता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। नागरिक जानना चाहते हैं कि इन ठेकेदारों की मानपुर क्षेत्र के कार्यों में इतनी रुचि क्यों है और उन्हें परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी कैसे मिलती है, जबकि टेंडर प्रक्रिया ऑनलाइन होती है। जागरूक नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि इन करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए, निर्माण की गुणवत्ता का मूल्यांकन हो, और भुगतान प्रक्रिया की समीक्षा कर वास्तविक स्थिति जनता के सामने रखी जाए। उनका स्पष्ट कहना है कि जनता के टैक्स और सरकारी धन से होने वाले कार्यों में जवाबदेही और पारदर्शिता सर्वोपरि होनी चाहिए। स्थानीय लोगों का मानना है कि अगर समय पर निगरानी और जांच की प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई, तो विकास कार्यों की गुणवत्ता के साथ-साथ जनता का विश्वास भी प्रभावित होगा। अब सबकी निगाहें प्रशासन और जिम्मेदार विभागों पर हैं कि वे इन उठ रहे सवालों का कैसे जवाब देते हैं और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाते हैं।
- उमरिया जिले के घुलघुली क्षेत्र में आज, 21 जून 2026 को, लगातार दूसरे दिन तेज आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश दर्ज की गई है। इस बारिश के चलते आम जनता को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली है, वहीं खेतों में भी रौनक लौट आई है। ग्रामीण इलाकों में खेती-किसानी की गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है, जिससे पूरे क्षेत्र के किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं और उनमें भारी उत्साह की लहर देखी जा रही है।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने योग के महत्व पर प्रकाश डाला है। अपने संदेश में, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि योग सभी को जोड़ने और साथ लाने का कार्य करता है।1
- नौरोजाबाद नगर परिषद में उस समय माहौल गरमा गया जब जनप्रतिनिधियों ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) की कार्यशैली को लेकर खुलकर नाराजगी जताई। पार्षदों ने मीडिया के सामने अपनी बात रखते हुए सीएमओ पर गंभीर आरोप लगाए। पार्षदों का आरोप है कि सीएमओ नियमित रूप से समय पर कार्यालय नहीं पहुंचते और कई बार कार्यालय से भी अनुपस्थित रहते हैं, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।3
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून को उमरिया जिले के जैव विविधता केंद्र ताला-बांधवगढ़ में सामूहिक योग कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम जिला प्रशासन और आयुष विभाग के तत्वावधान में होगा, जिसमें जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, सामाजिक संगठनों, पत्रकारों और नागरिकों की सहभागिता रहेगी। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसी कड़ी में, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि वे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर जबलपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के साथ शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सनातन संस्कृति में योग के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के काल से ही यह सर्वस्वीकृत और सार्वभौमिक रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सतत प्रयासों और वैश्विक नेतृत्व को रेखांकित किया, जिनके कारण योग आज विश्वभर में करोड़ों लोगों के स्वस्थ जीवन का आधार बन चुका है। डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि योग केवल प्राणायाम और आसनों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अनुशासित, संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने की सर्वोत्तम पद्धति है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं और योग दिवस कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लें।1
- शहडोल में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 'स्वस्थ आयु के लिए योग' थीम के तहत धूमधाम से आयोजित किया गया। इस गरिमामय कार्यक्रम में सांसद ने मुख्य अतिथि के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।2
- सोशल मीडिया पर भगवान श्रीराम के विरुद्ध आपत्तिजनक चित्र और अभद्र टिप्पणी युक्त पोस्ट करने के मामले में प्रबोध पांडे के खिलाफ थाना में एक शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ताओं ने बताया है कि इस पोस्ट से करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं तथा समाज में वैमनस्य एवं तनाव की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है। उन्होंने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी व्यक्ति के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई किए जाने की मांग की है। शिकायत दर्ज कराते समय सिल्लू रजक, अविनाश मिश्रा, धीरू मिश्रा, मुकेश दुवेदी, विकाश जोतवानी, अमन यादव, देव केवट, मोनु सेन, अमित धुर्वे, शनि रिशु पनिका, नितिन सूरी, रज्जन रजक एवं अन्य लोग उपस्थित थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी भी धर्म, देवी-देवता अथवा धार्मिक प्रतीकों का अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता। इन सभी ने कहा कि सभी धर्मों एवं आस्थाओं का सम्मान बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। प्रशासन से यह भी मांग की गई है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जिससे भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।3
- Post by पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून को उमरिया जिले के जैव विविधता केंद्र ताला-बांधवगढ़ में एक सामूहिक योग कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन जिला प्रशासन एवं आयुष विभाग के तत्वावधान में किया जा रहा है, जिसमें जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, सामाजिक संगठनों, पत्रकारों एवं नागरिकों की सहभागिता रहेगी। कार्यक्रम को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसी क्रम में, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जानकारी दी है कि वे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर जबलपुर में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम में महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के साथ सहभागी बनेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन संस्कृति में योग का महत्व भगवान श्रीकृष्ण के काल से ही सर्वस्वीकृत और सार्वभौमिक रहा है। डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सतत प्रयासों और वैश्विक नेतृत्व को रेखांकित किया, जिनके कारण आज योग विश्वभर में करोड़ों लोगों के स्वस्थ जीवन का आधार बन चुका है। उन्होंने यह भी बताया कि योग केवल प्राणायाम और आसनों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अनुशासित, संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने की सर्वोत्तम पद्धति है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं और योग दिवस कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लें।1