उज्जैन में आयोजित मध्यप्रदेश शासन की संभाग स्तरीय क्षमता-वर्धन प्रशिक्षण कार्यशाला में राजस्थान सरकार के प्रदेश स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर और स्वच्छता विशेषज्ञ के.के. गुप्ता ने हिस्सा लिया। उन्होंने कार्यशाला में जोर देकर कहा कि केवल सफाई अभियान चलाने से शहर स्वच्छ नहीं होंगे। शहरों को वास्तविक रूप से कचरा मुक्त बनाने के लिए नागरिकों के व्यवहार में बदलाव, नियमों की सख्त पालना और सिंगल यूज प्लास्टिक पर कठोर कार्रवाई करना आवश्यक है। इस कार्यशाला में सुप्रीम कोर्ट के स्वच्छता संबंधी निर्देशों और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा की गई, जिसमें मध्यप्रदेश के विभिन्न नगर निकायों के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और स्वच्छता प्रभारियों ने भाग लिया। के.के. गुप्ता ने इंदौर और डूंगरपुर का उदाहरण देते हुए समझाया कि प्रशासनिक इच्छाशक्ति, जनसहभागिता और लगातार निगरानी से सीमित संसाधनों में भी बेहतरीन स्वच्छता व्यवस्था खड़ी की जा सकती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2014 में शुरू किए गए स्वच्छ भारत मिशन का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए स्वच्छता सबसे महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने नगर निकायों को सुझाव दिया कि प्रत्येक घर से सुबह 10 बजे तक गीले और सूखे कचरे का अलग-अलग संग्रहण सुनिश्चित किया जाए, व्यावसायिक क्षेत्रों में रात के समय नियमित सफाई हो और सार्वजनिक शौचालयों की दिन में कम से कम तीन बार सफाई की जाए। प्लास्टिक प्रदूषण पर गहरी चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि केवल उपभोक्ताओं पर कार्रवाई काफी नहीं है, बल्कि प्लास्टिक थैलियों का निर्माण, भंडारण और अवैध व्यापार करने वाले निर्माताओं पर भी कड़ा प्रहार होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने खाली भूखंडों के स्वामियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई और आवश्यकता पड़ने पर भूखंड सीज करने का सुझाव दिया। कार्यशाला में रतलाम नगर निगम के महापौर ने भी प्लास्टिक कंपनियों पर प्रभावी नियंत्रण की बात कही। इस पूरे आयोजन में फीडबैक फाउंडेशन ने प्रमुख भूमिका निभाई।
उज्जैन में आयोजित मध्यप्रदेश शासन की संभाग स्तरीय क्षमता-वर्धन प्रशिक्षण कार्यशाला में राजस्थान सरकार के प्रदेश स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर और स्वच्छता विशेषज्ञ के.के. गुप्ता ने हिस्सा लिया। उन्होंने कार्यशाला में जोर देकर कहा कि केवल सफाई अभियान चलाने से शहर स्वच्छ नहीं होंगे। शहरों को वास्तविक रूप से कचरा मुक्त बनाने के लिए नागरिकों के व्यवहार में बदलाव, नियमों की सख्त पालना और सिंगल यूज प्लास्टिक पर कठोर कार्रवाई करना आवश्यक है। इस कार्यशाला में सुप्रीम कोर्ट के स्वच्छता संबंधी निर्देशों और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा की गई, जिसमें मध्यप्रदेश के विभिन्न नगर निकायों के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और स्वच्छता प्रभारियों ने भाग लिया। के.के. गुप्ता ने इंदौर और डूंगरपुर का उदाहरण देते हुए समझाया कि प्रशासनिक इच्छाशक्ति, जनसहभागिता और लगातार निगरानी से सीमित संसाधनों में भी बेहतरीन स्वच्छता व्यवस्था खड़ी की जा सकती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2014 में शुरू किए गए स्वच्छ भारत मिशन का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए स्वच्छता सबसे महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने नगर निकायों को सुझाव दिया कि प्रत्येक घर से सुबह 10 बजे तक गीले और सूखे कचरे का अलग-अलग संग्रहण सुनिश्चित किया जाए, व्यावसायिक क्षेत्रों में रात के समय नियमित सफाई हो और सार्वजनिक शौचालयों की दिन में कम से कम तीन बार सफाई की जाए। प्लास्टिक प्रदूषण पर गहरी चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि केवल उपभोक्ताओं पर कार्रवाई काफी नहीं है, बल्कि प्लास्टिक थैलियों का निर्माण, भंडारण और अवैध व्यापार करने वाले निर्माताओं पर भी कड़ा प्रहार होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने खाली भूखंडों के स्वामियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई और आवश्यकता पड़ने पर भूखंड सीज करने का सुझाव दिया। कार्यशाला में रतलाम नगर निगम के महापौर ने भी प्लास्टिक कंपनियों पर प्रभावी नियंत्रण की बात कही। इस पूरे आयोजन में फीडबैक फाउंडेशन ने प्रमुख भूमिका निभाई।
- भारत ने स्वच्छ और आधुनिक रेल परिवहन की दिशा में एक ऐतिहासिक छलांग लगाते हुए देश की पहली पूरी तरह से स्वदेशी हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन तैयार कर ली है। यह अत्याधुनिक ट्रेन हरियाणा के जींद-सोनीपत रेलखंड पर संचालित की जाएगी, जो हरित परिवहन की दिशा में भारतीय रेलवे के लिए एक मील का पत्थर है। यह 10 डिब्बों वाली एक आधुनिक ट्रेन है, जिसकी अधिकतम गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। इसे 1200 किलोवाट की क्षमता वाली उन्नत 'हाइड्रोजन फ्यूल सेल प्रणाली' से संचालित किया जाएगा। पर्यावरण के अनुकूल यह ट्रेन पारंपरिक डीजल या कोयला इंजनों के विपरीत केवल जलवाष्प यानी पानी की भाप उत्सर्जित करेगी, जिससे वायु प्रदूषण बिल्कुल नहीं होगा। इस पूरी परियोजना की सबसे बड़ी खासियत इसका पूरी तरह स्वदेशी होना है। 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को मजबूती देने के लिए ट्रेन को ईंधन की आपूर्ति करने हेतु जींद में ही विशेष हाइड्रोजन भंडारण और रीफ्यूलिंग की सुविधा तैयार की गई है। इस अभूतपूर्व तकनीकी उपलब्धि के साथ भारत अब जर्मनी, जापान, चीन और अमेरिका जैसे दुनिया के उन चुनिंदा और गिने-चुने देशों के क्लब में शामिल हो गया है, जो सस्टेनेबल रेल परिवहन के लिए हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक पर सफलतापूर्वक काम कर रहे हैं। यह प्रोजेक्ट जीवाश्म ईंधन पर देश की निर्भरता को कम करने के साथ ही आने वाली पीढ़ियों को एक स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण देने के संकल्प को सच साबित करेगा।1
- राजस्थान के राजलदेशर में स्वर्ण समाज पदयात्रा के दौरान महिपाल सिंह मकराना और उनके साथियों का आगमन होने पर स्वर्ण समाज के लोगों द्वारा भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान समाज के लोगों से तन, मन, धन और समय से पूर्ण सहयोग देने का आह्वान किया गया। इस दौरान एकजुटता का संदेश देते हुए कहा गया कि जो भी स्वर्ण समाज और युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए लड़ाई लड़ेगा, पूरा स्वर्ण समाज एकजुट होकर उसके साथ रहेगा।3
- Available for Sale Locality : रींगस से खाटूश्यामजी ऑन रोड से 1km दूरी पर स्थित है 20 बीघा Area (dimensions) : 20 Property Type : Agricultural / Farm Land रींगस से खाटूश्यामजी ओन रोड़ से 1km दुरी पर स्थित है।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जींद से वर्चुअल माध्यम से जिला महेंद्रगढ़ के नारनौल शहर के समीप स्थित महर्षि च्यवन राजकीय मेडिकल कॉलेज और राव तुलाराम अस्पताल, कोरियावास का डिजिटल लोकार्पण कर दक्षिणी हरियाणा को एक बड़ी स्वास्थ्य सौगात देने जा रहे हैं। 17 जुलाई को होने वाले इस लोकार्पण कार्यक्रम के साथ ही क्षेत्र के नागरिकों के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नया सवेरा शुरू होने जा रहा है। जींद के एकलव्य स्टेडियम में आयोजित होने वाले इस राज्य स्तरीय मुख्य समारोह में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। वहीं, स्थानीय स्तर पर कोरियावास में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में प्रदेश की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत करेंगी। लगभग 76 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैले इस आधुनिक मेडिकल कॉलेज परिसर में आपातकालीन दुर्घटना सेवाएं और आईपीडी सेवाएं विधिवत रूप से शुरू होने जा रही हैं। शुरुआती चरण में इस आईपीडी को 600 बेड की विशाल क्षमता के साथ संचालित किया जाएगा। इस विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधा के शुरू होने से महेंद्रगढ़ और आस-पास के जिलों के मरीजों को गंभीर परिस्थितियों में जयपुर या रोहतक जैसे दूरदराज के बड़े शहरों की तरफ रुख नहीं करना पड़ेगा, बल्कि उन्हें अपने ही अंचल में समय पर और सर्वश्रेष्ठ इलाज मिल सकेगा। जिला प्रशासन तथा कॉलेज प्रबंधन द्वारा इस कार्यक्रम को लेकर सभी प्रकार की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इन तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए विधायक ओम प्रकाश यादव तथा उपायुक्त अनुपमा अंजली खुद कोरियावास पहुंचे और जायजा लिया। स्थानीय नागरिकों के लिए कार्यक्रम स्थल पर कॉलेज प्रबंधन द्वारा विशाल स्क्रीन भी लगाई गई हैं, जिसके माध्यम से हजारों लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के संबोधन का सीधा प्रसारण देख सकेंगे।2
- हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के गांव लावन में शहीद हवलदार महेंद्र सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया गया है। इस प्रतिमा का अनावरण भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह ने किया।1
- खाटूश्याम जी में आज श्री श्याम प्रभु का भव्य और अलौकिक स्वरूप देखने को मिला है। श्याम बाबा के इस दिव्य और अलौकिक रूप के सामने आने के बाद हर तरफ 'जय श्री श्याम' की गूंज है।1
- हरियाणा के नारनौल में किसानों का जलवा देखने को मिला, जहाँ उन्होंने ट्रैक्टर और बाइक रैली निकाली।1
- हरियाणा के महेंद्रगढ़ में बधाई क्षेत्र को लेकर किन्नरों के दो गुट आपस में भिड़ गए। इस आपसी विवाद के दौरान दोनों गुटों के बीच जमकर मारपीट हुई और गाड़ी भी तोड़ दी गई।1