अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जमुई के व्यवहार न्यायालय परिसर में जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा एक विशेष योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार जमुई, संदीप सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस विशेष आयोजन में न्यायिक पदाधिकारियों, न्यायालय कर्मियों और अधिवक्ताओं ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया, जिसके माध्यम से उन्होंने स्वस्थ जीवन का महत्वपूर्ण संदेश दिया। योग गुरु मनोज सिन्हा ने कार्यक्रम में उपस्थित होकर सभी न्यायिक पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कराया, साथ ही योग के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। अपने संबोधन में, जिला एवं सत्र न्यायाधीश संदीप सिंह ने इस बात पर ज़ोर दिया कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य का ही नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन और आत्मिक शांति का भी आधार है। उन्होंने वर्तमान व्यस्त जीवनशैली में योग को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने की आवश्यकता बताई, यह कहते हुए कि नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति स्वस्थ, ऊर्जावान और एकाग्रचित होकर अपने कार्यों का बेहतर ढंग से निर्वहन कर सकता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि योग की उत्पत्ति भारत की प्राचीन ऋषि-मुनि परंपरा से हुई है और आज यह संपूर्ण विश्व में स्वास्थ्य एवं कल्याण का प्रतीक बन चुका है। संदीप सिंह ने नई पीढ़ी को योग के प्रति जागरूक और प्रेरित करने को समय की आवश्यकता बताया ताकि वे स्वस्थ एवं अनुशासित जीवन जी सकें। योग गुरु मनोज सिन्हा ने सभी प्रतिभागियों से प्रतिदिन योग करने का आह्वान करते हुए कहा कि आधुनिक जीवन की भागदौड़, तनाव और अनियमित दिनचर्या के कारण लोग अनेक बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। उन्होंने समझाया कि योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मन को भी सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है और नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को दीर्घायु, निरोग और संतुलित जीवन जीने में सहायता करता है। कार्यक्रम में व्यवहार न्यायालय जमुई के न्यायिक पदाधिकारियों, कर्मचारियों तथा एलएडीसीएस के अधिवक्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सत्यनारायण शिव हरे, प्रभात कुमार श्रीवास्तव, रत्नेश्वर कुमार सिंह, अमोद कुमार, महेश्वर दुबे, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी दिलीप कुमार राय, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के प्रभारी सचिव गौतम कुमार, अनुमंडल न्यायिक पदाधिकारी अनुभव रंजन, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी मेधा मनीषा, कंचन रानी, सौम्या सुमन तथा गौरव कुमार सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। योगाभ्यास के दौरान पूरे न्यायालय परिसर में स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण देखने को मिला, जिसने न्यायिक परिवार के बीच स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक जीवनशैली को अपनाने का प्रभावी संदेश दिया।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जमुई के व्यवहार न्यायालय परिसर में जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा एक विशेष योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार जमुई, संदीप सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस विशेष आयोजन में न्यायिक पदाधिकारियों, न्यायालय कर्मियों और अधिवक्ताओं ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया, जिसके माध्यम से उन्होंने स्वस्थ जीवन का महत्वपूर्ण संदेश दिया। योग गुरु मनोज सिन्हा ने कार्यक्रम में उपस्थित होकर सभी न्यायिक पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कराया, साथ ही योग के महत्व पर विस्तार से प्रकाश
डाला। अपने संबोधन में, जिला एवं सत्र न्यायाधीश संदीप सिंह ने इस बात पर ज़ोर दिया कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य का ही नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन और आत्मिक शांति का भी आधार है। उन्होंने वर्तमान व्यस्त जीवनशैली में योग को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने की आवश्यकता बताई, यह कहते हुए कि नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति स्वस्थ, ऊर्जावान और एकाग्रचित होकर अपने कार्यों का बेहतर ढंग से निर्वहन कर सकता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि योग की उत्पत्ति भारत की प्राचीन ऋषि-मुनि परंपरा से हुई है और आज यह संपूर्ण विश्व में स्वास्थ्य एवं कल्याण का प्रतीक बन चुका है। संदीप सिंह
ने नई पीढ़ी को योग के प्रति जागरूक और प्रेरित करने को समय की आवश्यकता बताया ताकि वे स्वस्थ एवं अनुशासित जीवन जी सकें। योग गुरु मनोज सिन्हा ने सभी प्रतिभागियों से प्रतिदिन योग करने का आह्वान करते हुए कहा कि आधुनिक जीवन की भागदौड़, तनाव और अनियमित दिनचर्या के कारण लोग अनेक बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। उन्होंने समझाया कि योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मन को भी सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है और नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को दीर्घायु, निरोग और संतुलित जीवन जीने में सहायता करता है। कार्यक्रम में व्यवहार न्यायालय जमुई के न्यायिक पदाधिकारियों, कर्मचारियों तथा एलएडीसीएस
के अधिवक्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सत्यनारायण शिव हरे, प्रभात कुमार श्रीवास्तव, रत्नेश्वर कुमार सिंह, अमोद कुमार, महेश्वर दुबे, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी दिलीप कुमार राय, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के प्रभारी सचिव गौतम कुमार, अनुमंडल न्यायिक पदाधिकारी अनुभव रंजन, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी मेधा मनीषा, कंचन रानी, सौम्या सुमन तथा गौरव कुमार सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। योगाभ्यास के दौरान पूरे न्यायालय परिसर में स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण देखने को मिला, जिसने न्यायिक परिवार के बीच स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक जीवनशैली को अपनाने का प्रभावी संदेश दिया।
- जमुई जिले के चिहरा थाना क्षेत्र के गुहिया जंगल में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों की एक बड़ी साजिश को विफल कर दिया है। एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की एक संयुक्त टीम ने विशेष सर्च अभियान चलाकर जमीन में छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में नक्सली सामग्री, हथियारों के पुर्जे, आईईडी बनाने का सामान और नक्सली साहित्य बरामद किया। बरामद की गई सामग्री में हथियारों के पुर्जे और उनकी सफाई का सामान, नक्सलियों की 55 काली वर्दी बेल्ट, एके-47, इंसास, एसएलआर और .303 राइफल के पार्ट्स शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, डिजिटल मल्टीमीटर, बैटरियां, स्विच, नट-बोल्ट और अन्य विस्फोटक सामग्री भी मिली है। सुरक्षाबलों को लगभग 850 नक्सली पंपलेट, रसीद बुक और प्रतिबंधित संगठन से संबंधित साहित्य भी प्राप्त हुआ है। पुलिस के अनुसार, यह इलाका पहले नक्सलियों द्वारा प्रशिक्षण केंद्र के रूप में उपयोग किया जाता था। बरामद सामग्री के आधार पर आगे की जांच जारी है और पुलिस नक्सली नेटवर्क की कड़ियों को खंगाल रही है।1
- देवघर से एक वीडियो सामने आया है, जिसने स्थानीय स्थिति पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यह वीडियो इस बात को लेकर प्रश्नचिह्न लगा रहा है कि क्या यह स्थानीय ट्रैफिक व्यवस्था का मामला है या फिर दबंगई का प्रदर्शन।1
- बिहार के जमुई जिले में स्थित नक्सलियों के पुराने गढ़ कहे जाने वाले गुरमाहा क्षेत्र में योग का संदेश गूंजा है। इस अवसर पर मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि अब यह क्षेत्र विकास और स्वास्थ्य की नई पहचान के रूप में जाना जाएगा।1
- जमुई के नारायण पैलेस विवाह भवन में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय योग शिविर में भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस आयोजन ने क्षेत्र में काफी धूम मचाई, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।1
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया गया है, जिसे '#samrat4bjp' नामक अकाउंट से पोस्ट किया गया है। पोस्ट में दर्शकों से इस वीडियो के संबंध में उनकी राय मांगी गई है।1
- जमुई पुलिस लाइन में आयोजित दीक्षांत परेड समारोह के दौरान एक अत्यंत भावुक दृश्य देखने को मिला, जब प्रशिक्षु पुलिसकर्मी नीलू ने अपनी मां के चरणों में दंडवत प्रणाम कर उनका आशीर्वाद लिया। यह पल समारोह का सबसे प्रेरणादायक और यादगार क्षण बन गया, जिसने सभी उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया। इस दीक्षांत परेड में प्रशिक्षण पूरा करने वाले जवानों ने अनुशासन, सेवा और राष्ट्रभक्ति की शपथ ली। समारोह में पुलिस अधिकारी, परिजनों और कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे, जहाँ नीलू द्वारा अपनी मां के प्रति व्यक्त सम्मान और परेड की प्रमुख झलकियाँ आकर्षण का केंद्र रहीं।1
- City Channel Jamui ने बिहार की 10 सबसे बड़ी और चर्चित खबरें प्रस्तुत की हैं, जिसमें खान सर को कोर्ट से मिली बड़ी राहत प्रमुख है। इसके अतिरिक्त, लव मैरिज के छह महीने बाद हुई ऑनर किलिंग से फैली सनसनी और नौकरी ज्वाइन करने से पहले अपनी मां को दंडवत प्रणाम करते एक कॉन्स्टेबल का वायरल वीडियो भी इनमें शामिल है। यह वीडियो अपराध, राजनीति, शिक्षा, प्रशासन और प्रदेश की अन्य बड़ी खबरों को भी कवर करता है। City Channel Jamui दर्शकों को बिहार की हर ताज़ा और विश्वसनीय खबर सबसे पहले देखने के लिए चैनल को सब्सक्राइब करने तथा वीडियो को लाइक व शेयर करने का आग्रह करता है।1
- स्थानीय बाबा धनेश्वर नाथ मंदिर की हरियाली तेजी से उजड़ रही है। इस गंभीर समस्या को लेकर एक सवाल उठाया गया है कि वन प्रमंडल पदाधिकारी (डीएफओ साहब) इस पर अपनी चुप्पी कब तोड़ेंगे और कब कार्रवाई करेंगे।1