श्री कृष्ण की नगरी में होली की धूम, रंग में शराबोर दिखे श्रद्धालु धर्म नगरी श्री कृष्ण जन्म स्थान में आज होली का भव्य आयोजन किया गया, जहां श्रद्धा, रंग और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने भगवान के दरबार में रंगों की होली खेली और भक्ति रस में सराबोर हो गए। रंगों के इस पावन उत्सव में लठमार होली, गुलाल होली और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने माहौल को पूरी तरह कृष्णमय बना दिया। मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ने लगी थी। जैसे-जैसे कार्यक्रम आगे बढ़ा, ढोल-नगाड़ों की थाप और होली गीतों की धुन पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण फूलों की होली रही, जिसमें पुजारियों और सेवायतों ने भगवान को पुष्प अर्पित किए और फिर श्रद्धालुओं पर फूलों की वर्षा की। रंग-बिरंगे फूलों की खुशबू और जय श्रीकृष्ण के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। “यहां आकर ऐसा लगता है जैसे सच में द्वापर युग की होली जीवंत हो गई हो। भगवान के साथ होली खेलने का आनंद शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।” मान्यता है कि मथुरा के ब्रज क्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण ने गोपियों के साथ होली खेली थी और तभी से यहां यह परंपरा निरंतर चली आ रही है। यही वजह है कि हर साल इस उत्सव में शामिल होने देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। “यह उत्सव केवल रंगों का नहीं, बल्कि आस्था, प्रेम और परंपरा का प्रतीक है। हमारी कोशिश रहती है कि सभी भक्त सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से दर्शन और होली का आनंद ले सकें।” पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं के विशेष इंतजाम किए गए थे, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की संयुक्त व्यवस्था से कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। भक्ति, रंग और उल्लास से सराबोर श्री कृष्ण जन्म स्थान की यह होली एक बार फिर साबित कर गई कि ब्रज की होली केवल त्योहार नहीं, बल्कि सदियों पुरानी जीवंत परंपरा है, जो हर साल नई ऊर्जा और आस्था के साथ मनाई जाती है।
श्री कृष्ण की नगरी में होली की धूम, रंग में शराबोर दिखे श्रद्धालु धर्म नगरी श्री कृष्ण जन्म स्थान में आज होली का भव्य आयोजन किया गया, जहां श्रद्धा, रंग और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने भगवान के दरबार में रंगों की होली खेली और भक्ति रस में सराबोर हो गए। रंगों के इस पावन उत्सव में लठमार होली, गुलाल होली और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने माहौल को पूरी तरह कृष्णमय बना दिया। मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ने लगी थी। जैसे-जैसे कार्यक्रम आगे बढ़ा, ढोल-नगाड़ों की थाप और होली गीतों की धुन पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। कार्यक्रम का सबसे बड़ा
आकर्षण फूलों की होली रही, जिसमें पुजारियों और सेवायतों ने भगवान को पुष्प अर्पित किए और फिर श्रद्धालुओं पर फूलों की वर्षा की। रंग-बिरंगे फूलों की खुशबू और जय श्रीकृष्ण के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। “यहां आकर ऐसा लगता है जैसे सच में द्वापर युग की होली जीवंत हो गई हो। भगवान के साथ होली खेलने का आनंद शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।” मान्यता है कि मथुरा के ब्रज क्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण ने गोपियों के साथ होली खेली थी और तभी से यहां यह परंपरा निरंतर चली आ रही है। यही वजह है कि हर साल इस उत्सव में शामिल होने देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं।
“यह उत्सव केवल रंगों का नहीं, बल्कि आस्था, प्रेम और परंपरा का प्रतीक है। हमारी कोशिश रहती है कि सभी भक्त सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से दर्शन और होली का आनंद ले सकें।” पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं के विशेष इंतजाम किए गए थे, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की संयुक्त व्यवस्था से कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। भक्ति, रंग और उल्लास से सराबोर श्री कृष्ण जन्म स्थान की यह होली एक बार फिर साबित कर गई कि ब्रज की होली केवल त्योहार नहीं, बल्कि सदियों पुरानी जीवंत परंपरा है, जो हर साल नई ऊर्जा और आस्था के साथ मनाई जाती है।
- Post by Brajvir Singh1
- जनपद की बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) श्रीमती रतन कीर्ति ने एक बार फिर अपनी संवेदनशीलता और विभागीय मुखिया के रूप में अपनी कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया है। शुक्रवार को BSA मथुरा, शहर के अमर हॉस्पिटल पहुंचीं, जहाँ उन्होंने ICU में भर्ती शिक्षिका श्रीमती मधु बाला की कुशलक्षेम जानी। भावुक मुलाकात: श्रीमती रतन कीर्ति सीधे अस्पताल के ICU वार्ड में पहुंचीं और वहां उपचाराधीन शिक्षिका मधु बाला के स्वास्थ्य के बारे में डॉक्टरों से विस्तृत चर्चा की। उन्होंने अस्पताल में मौजूद शिक्षिका के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और भरोसा दिलाया कि पूरा शिक्षा विभाग इस कठिन घड़ी में उनके साथ खड़ा है। BSA ने हॉस्पिटल प्रबंधन और डॉक्टरों से शिक्षिका के इलाज में किसी भी प्रकार की कोताही न बरतने और उन्हें हर संभव श्रेष्ठ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का आग्रह किया। "शिक्षक हमारे विभाग की रीढ़ हैं। मधु बाला जी के जल्द स्वस्थ होने की हम कामना करते हैं। विभाग स्तर पर जो भी सहयोग आवश्यक होगा, वह प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। तत्काल वेतन वृद्धि लगाने के आदेश जारी कर दिए हैं" — श्रीमती रतन कीर्ति, BSA मथुरा1
- Post by Subhash Chand2
- मुसलमानों को सारी सरकारी सुविधाओं से वंचित कर देना चाहिए, टैक्स हम देते हैं : पिंकी चौधरी, हिंदू रक्षा दल1
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- Post by अरुण कुमार चौधरी4
- Post by INDIA CIRCLE NEWS1
- मथुरा में होली का रंग इन दोनों जन-जन पर चढ़ा नजर आ रहा है ब्रज में 40 दिन की होली होती है जहां होली से पहले ही ब्रिज क्षेत्र के प्रत्येक मंदिर में हॉल का उत्सव मनाया जा रहा है जहां एक दूसरे को रंग लगाकर न केवल होली की शुभकामनाएं दी जाती है बल्कि प्राचीन काल से चली आ रही लट्ठ मार होली का भी संजीव दर्शन देखने को मिलता है आज योगीराज कृष्ण की जन्मस्थली मथुरा में लठमार होली का आयोजन किया गया जिसमें शाखा सखियों से लत खाता नजर आए और अपनी खुशी का इजहार करते नजर आए3