उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के तहसील सदर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम कुराली, उमाही, बड़ूली और दनियालपुर उर्फ नौजली में यूपीसीडा (UPSIDA) द्वारा प्रस्तावित नए औद्योगिक क्षेत्र के लिए किए जा रहे भूमि अधिग्रहण का किसानों ने कड़ा विरोध किया है। गुरुवार को बड़ी संख्या में किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी को उत्तर प्रदेश भूमि अर्जन, पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम-2013 की धारा-15 के तहत आपत्ति पत्र सौंपकर इस भूमि अधिग्रहण को तुरंत निरस्त करने की मांग की। किसानों का कहना है कि 11 जुलाई 2026 को प्रकाशित गजट अधिसूचना में उनके खसरा नंबर शामिल किए गए हैं, जिसके खिलाफ वे अपनी आपत्तियां दर्ज कराने पहुंचे थे। कलेक्ट्रेट पहुंचे किसानों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें अपनी आपत्ति दर्ज कराने के लिए करीब तीन घंटे तक अधिकारियों के चक्कर काटने पड़े। किसानों को कभी सेल कार्यालय तो कभी अन्य विभागों में भेजा गया और जब वे तहसीलदार कार्यालय पहुंचे तो वे भी वहां मौजूद नहीं थे। अंततः अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद ही उनकी आपत्तियां जमा की गईं। किसानों ने इस बात पर भी गहरा रोष जताया कि प्रशासन उनकी आपत्तियां तो जमा कर रहा है लेकिन उन्हें आवेदन की रिसीविंग नहीं दे रहा है। तहसील कार्यालय द्वारा उन्हें आश्वासन दिया गया है कि तहसीलदार के हस्ताक्षर होने के बाद रिसीविंग मिलेगी, जिससे भविष्य में आपत्तियों की स्थिति को लेकर किसानों में संशय बना हुआ है। किसानों का कहना है कि उनकी आजीविका पूरी तरह से कृषि पर निर्भर है और इस अधिग्रहण से उनके परिवारों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। कई किसानों की जमीनें राजस्व अभिलेखों में आबादी के रूप में दर्ज हैं, जहां उनके मकान, घेर और अन्य निर्माण मौजूद हैं, इसलिए उन्हें आबादी की श्रेणी के अनुसार मुआवजा और पुनर्वास मिलना चाहिए। किसान बलविन्द्र सिंह व अन्य ने आरोप लगाया कि भूमि अधिग्रहण से पहले उनकी सहमति भी नहीं ली गई। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र का सर्किल रेट वास्तविक बाजार मूल्य से बहुत कम है और स्टेट हाईवे-59 से सटे होने के बावजूद उनके गांवों का सर्किल रेट पड़ोसी गांव उमाही की तुलना में लगभग आधा है। किसानों ने मांग की है कि पहले सर्किल रेट बढ़ाया जाए और फिर अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाए। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो वे उग्र आंदोलन और आत्मदाह करने को मजबूर होंगे।
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के तहसील सदर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम कुराली, उमाही, बड़ूली और दनियालपुर उर्फ नौजली में यूपीसीडा (UPSIDA) द्वारा प्रस्तावित नए औद्योगिक क्षेत्र के लिए किए जा रहे भूमि अधिग्रहण का किसानों ने कड़ा विरोध किया है। गुरुवार को बड़ी संख्या में किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी को उत्तर प्रदेश भूमि अर्जन, पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम-2013 की धारा-15 के तहत आपत्ति पत्र सौंपकर इस भूमि अधिग्रहण को तुरंत निरस्त करने की मांग की। किसानों का कहना है कि 11 जुलाई 2026 को प्रकाशित गजट अधिसूचना में उनके खसरा नंबर शामिल किए गए हैं, जिसके खिलाफ वे अपनी आपत्तियां दर्ज कराने पहुंचे थे। कलेक्ट्रेट पहुंचे किसानों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें अपनी आपत्ति दर्ज कराने के लिए करीब तीन घंटे तक अधिकारियों के चक्कर काटने पड़े। किसानों को कभी सेल कार्यालय तो कभी अन्य विभागों में भेजा गया और जब वे तहसीलदार कार्यालय पहुंचे तो वे भी वहां मौजूद नहीं थे। अंततः अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद ही उनकी आपत्तियां जमा की गईं। किसानों ने इस बात पर भी गहरा रोष जताया कि प्रशासन उनकी आपत्तियां तो जमा कर रहा है लेकिन उन्हें आवेदन की रिसीविंग नहीं दे रहा है। तहसील कार्यालय द्वारा उन्हें आश्वासन दिया गया है कि तहसीलदार के हस्ताक्षर होने के बाद रिसीविंग मिलेगी, जिससे भविष्य में आपत्तियों की स्थिति को लेकर किसानों में संशय बना हुआ है। किसानों का कहना है कि उनकी आजीविका पूरी तरह से कृषि पर निर्भर है और इस अधिग्रहण से उनके परिवारों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। कई किसानों की जमीनें राजस्व अभिलेखों में आबादी के रूप में दर्ज हैं, जहां उनके मकान, घेर और अन्य निर्माण मौजूद हैं, इसलिए उन्हें आबादी की श्रेणी के अनुसार मुआवजा और पुनर्वास मिलना चाहिए। किसान बलविन्द्र सिंह व अन्य ने आरोप लगाया कि भूमि अधिग्रहण से पहले उनकी सहमति भी नहीं ली गई। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र का सर्किल रेट वास्तविक बाजार मूल्य से बहुत कम है और स्टेट हाईवे-59 से सटे होने के बावजूद उनके गांवों का सर्किल रेट पड़ोसी गांव उमाही की तुलना में लगभग आधा है। किसानों ने मांग की है कि पहले सर्किल रेट बढ़ाया जाए और फिर अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाए। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो वे उग्र आंदोलन और आत्मदाह करने को मजबूर होंगे।
- जोगेन्द्र कल्याणसहारनपुर, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश🤝6 hrs ago
- जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई को लेकर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने इस कार्रवाई का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि यह कदम केवल शिक्षा के मंदिर पर ही नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य पर बुलडोजर चलाने जैसा है। इस मामले को अत्यंत गंभीर बताते हुए उन्होंने मांग की है कि कोर्ट को इस पूरे मामले पर स्वतः संज्ञान लेना चाहिए।1
- हरियाणा के कुरुक्षेत्र में हरि की पावन धरा पर स्थित ब्रह्म सरोवर एक विशाल और सतयुग-कालीन पवित्र जलाशय है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, सृष्टि के रचयिता भगवान ब्रह्मा ने यहाँ एक विशाल यज्ञ करने के बाद सृष्टि की रचना की थी। इस पावन सरोवर का संबंध महाभारत काल से भी गहरा है। महाभारत युद्ध के दौरान दुर्योधन द्वारा इस सरोवर के जल में छिपने का वर्णन मिलता है, और इस पवित्र सरोवर की खुदाई भी महाभारत के समय राजा कुरु द्वारा ही करवाई गई थी।1
- उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के लक्सर में आगामी 17 तारीख को देहरादून में होने वाली कांग्रेस रैली को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ताओं की एक बैठक आयोजित की गई। पत्रकार राजेश लाम्बा के अनुसार, लक्सर के गोदावरी होटल में आयोजित हुई इस बैठक में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और अन्य लोग मौजूद रहे।1
- मुजफ्फरनगर के चरथावल क्षेत्र के पूर्व ब्लॉक प्रमुख सलमान जैदी की होनहार सुपुत्री मुस्कान जैदी ने लंदन (यूके) से प्रतिष्ठित बार-एट-लॉ (Barrister-at-Law) की डिग्री सफलतापूर्वक प्राप्त कर इतिहास रच दिया है। इस बड़ी उपलब्धि के साथ ही मुस्कान ने पूरे भारत के विद्यार्थियों में ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल कर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे मुजफ्फरनगर जिले और देश का मान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया है। लंदन में आयोजित भव्य दीक्षांत समारोह के दौरान वे पारंपरिक ब्लैक गाउन और कोर्ट विग पहनकर बैरिस्टर की डिग्री प्राप्त करती नजर आईं। इस ऐतिहासिक सफलता की खबर मिलते ही मुजफ्फरनगर जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है। पूर्व ब्लॉक प्रमुख सलमान जैदी के आवास पर बधाई देने वालों का तांता लग गया, जिसमें बड़ी संख्या में शुभचिंतक, समाजसेवी, शिक्षाविद और गणमान्य लोग शामिल हुए। सभी ने परिवार को बधाई देते हुए मुस्कान के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुस्कान की यह कामयाबी देशभर की बेटियों के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत है, जो साबित करती है कि कड़ी मेहनत और लगन के दम पर सपनों की कोई सीमा नहीं होती।1
- शामली के ऊन विकासखंड की ग्राम पंचायत यहियापुर (आमवाली) में जल जीवन मिशन के तहत बनी पेयजल टंकी पिछले 2 वर्षों से बंद पड़ी है। इसके कारण क्षेत्र के 6 गांवों के हजारों लोग गंभीर पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। गुरुवार को इससे परेशान ग्रामीणों ने कैराना लोकसभा क्षेत्र की सांसद इकरा हसन से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा और इस पेयजल योजना को जल्द से जल्द चालू कराने की मांग की। ग्रामीणों के अनुसार, करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित इस पेयजल टंकी का निर्माण वर्षों पहले पूरा हो गया था, लेकिन तकनीकी खामियों और बोरवेल खराब होने के कारण इसे सुचारु रूप से संचालित नहीं किया जा सका। क्षेत्र में लगातार गिरते जलस्तर के कारण बोरवेल भी जवाब दे गया, जिसके चलते यहियापुर, आमवाली, खानपुर कला, शाहपुर, बिरालियान और खेड़ी जुनारदार सहित 6 गांवों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी है। टंकी बंद होने से ग्रामीणों को हैंडपंप, निजी बोरवेल और अन्य वैकल्पिक जल स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों से इस समस्या की शिकायत की, लेकिन अधिकारियों द्वारा इसका कोई समाधान नहीं कराया गया। ज्ञापन में सांसद से मांग की गई है कि वे संबंधित अधिकारियों को निर्देशित कर जल जीवन मिशन की इस पेयजल योजना को तत्काल चालू कराएं। इसके साथ ही, योजना के क्रियान्वयन में हुई भारी लापरवाही की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और कार्यदायी संस्था के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में सद्दाम खान, वाजिद (बीडीसी), तासिम चौधरी, इरफान चौधरी और बल्ला समेत अन्य ग्रामीण प्रमुख रूप से शामिल रहे। वहीं, ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या पर सांसद इकरा हसन ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से तत्काल बात की और पेयजल टंकी को जल्द से जल्द सुचारू रूप से चलवाने का आश्वासन दिया है।1
- उत्तराखंड के देहरादून में खुद को कथित तौर पर IPS, RAW और सेना का अधिकारी बताकर 19.60 लाख रुपये की ठगी करने के आरोप में पुलिस ने आर. यशोवर्धन नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के पास से फर्जी आईडी कार्ड, पुलिस वर्दियां और अन्य संबंधित सामान भी बरामद किया गया है। फिलहाल पुलिस द्वारा इस पूरे मामले की जांच की जा रही है। इस बीच, सोशल मीडिया पोस्ट में आरोपी को पूर्व मुख्य सचिव का बेटा बताया गया है। हालांकि, इस दावे की अभी तक कोई स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, जिसके चलते इसे सत्यापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता है।1
- सहारनपुर के देवबंद की राजनीति में समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बीच बयानबाज़ी लगातार तेज़ होती जा रही है। पूर्व विधायक माविया अली ने कांग्रेस सांसद इमरान मसूद पर बड़ा हमला बोलते हुए उन्हें खुली चुनौती दे दी है। इस तीखे सियासी टकराव के बाद अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या यह विवाद आने वाले विधानसभा चुनाव से पहले नए राजनीतिक समीकरणों का संकेत है।1
- देहरादून में ध्वनि प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए दून पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाकर 43 धार्मिक स्थलों से बिना अनुमति के लगे लाउडस्पीकरों को हटा दिया है। एसएसपी देहरादून के निर्देश पर की गई यह बड़ी कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और निर्धारित ध्वनि मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए की गई है। इस अभियान के दौरान पुलिस ने तेज आवाज में बज रहे और बिना अनुमति के संचालित हो रहे लाउडस्पीकरों को हटाया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ध्वनि प्रदूषण के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी कानूनी कार्रवाई का सिलसिला जारी रहेगा। इसके साथ ही, दून पुलिस ने सभी धार्मिक संस्थाओं और आयोजकों से अपील की है कि वे लाउडस्पीकर के उपयोग से पहले आवश्यक अनुमति जरूर लें और निर्धारित ध्वनि मानकों का पूरी तरह पालन करें, ताकि शहर में शांति व्यवस्था बनी रहे और आमजन को सुविधा मिलती रहे।1
- लक्सर के होटल गोदावरी में कांग्रेस नेता जितेंद्र पंवार के आह्वान पर कार्यकर्ताओं की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी 17 जुलाई को देहरादून में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के कार्यक्रम को सफल बनाना था, जहां वे छात्र-छात्राओं से पेपर लीक मामले को लेकर सीधे संवाद करेंगे। बैठक में अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं से देहरादून पहुंचने की अपील की गई। इस अवसर पर मंगलौर विधायक काजी निजामुद्दीन मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।1