राजस्थान के विजयनगर में विप्र फाउंडेशन ज़ोन अजमेर की टीम ने कृषि मंडी परिसर में एक विशाल विप्र महाकुंभ का ऐतिहासिक आयोजन किया, जिसमें धर्म, संस्कृति और सामाजिक एकता का भव्य संगम देखने को मिला। इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही, जिससे आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। महाकुंभ के दौरान, काशी बनारस से आए विद्वान आचार्य सुनील दीक्षित और उनकी टीम के सानिध्य में 51 बटुकों का वैदिक रीति-रिवाजों से उपनयन संस्कार संपन्न कराया गया। इस अवसर पर एक भव्य शोभायात्रा भी निकाली गई, जिसमें 2100 महिलाएं अपने सिर पर कलश लेकर चल रही थीं, जिससे पूरा नगर भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो गया। कलश यात्रा में बाहर से आए बैंड-बाजों, आकर्षक झांकियों और रथों में विराजमान संत-महात्माओं ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित महासभा को संबोधित करते हुए यज्ञ सम्राट प्रखर महाराज ने यज्ञ, संध्या-वंदन और गायत्री मंत्र के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं का संवाहक रहा है, और युवा पीढ़ी को वैदिक संस्कारों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। प्रखर महाराज ने यह भी बताया कि वर्ष 2029 में पुनः गायत्री पुनश्चरण यज्ञ का भव्य आयोजन होगा। आयोजन के मुख्य संयोजक नवीन शर्मा ने जानकारी दी कि महाकुंभ के दौरान आठ हजार से अधिक महिला-पुरुषों ने विप्र फाउंडेशन की सदस्यता के लिए आवेदन किया है, जो समाज की एकजुटता और संगठन के प्रति विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने संस्था के उद्देश्यों और समाजोत्थान के लिए किए जा रहे कार्यों की भी जानकारी दी। विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय संयोजक सुशील ओझा ने संस्था की स्थापना वर्ष 2009 में होने और उसके विस्तार की जानकारी देते हुए समाज को संगठित रहने का आह्वान किया। इस अवसर पर प्रखर महाराज, पवन पारीक, केकड़ी विधायक शत्रुघ्न गौतम, पूर्व विधायक राकेश पारीक, सागर शर्मा, अशोक जोशी, नवीन शर्मा, धर्म नारायण जोशी, रामस्वरूप दाधीच, भंवरलाल राम, सर्वेश्वर दाधीच सहित सैकड़ों की संख्या में गणमान्य नागरिक और संत-महात्मा उपस्थित रहे। विप्र महाकुंभ ने धार्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और वैदिक संस्कारों के संरक्षण का सशक्त संदेश देते हुए क्षेत्र में नई ऊर्जा का संचार किया।
राजस्थान के विजयनगर में विप्र फाउंडेशन ज़ोन अजमेर की टीम ने कृषि मंडी परिसर में एक विशाल विप्र महाकुंभ का ऐतिहासिक आयोजन किया, जिसमें धर्म, संस्कृति और सामाजिक एकता का भव्य संगम देखने को मिला। इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही, जिससे आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। महाकुंभ के दौरान, काशी बनारस से आए विद्वान आचार्य सुनील दीक्षित और उनकी टीम के सानिध्य में 51 बटुकों का वैदिक रीति-रिवाजों से उपनयन संस्कार संपन्न कराया गया। इस अवसर पर एक भव्य शोभायात्रा भी निकाली गई, जिसमें 2100 महिलाएं अपने सिर पर कलश लेकर चल रही थीं, जिससे पूरा नगर भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो गया। कलश यात्रा में बाहर से आए बैंड-बाजों, आकर्षक झांकियों और रथों में विराजमान संत-महात्माओं ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित महासभा को संबोधित करते हुए यज्ञ सम्राट प्रखर महाराज ने यज्ञ, संध्या-वंदन और गायत्री मंत्र के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं का संवाहक रहा है, और युवा पीढ़ी को वैदिक संस्कारों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। प्रखर महाराज ने यह भी बताया कि वर्ष 2029 में पुनः गायत्री पुनश्चरण यज्ञ का भव्य आयोजन होगा। आयोजन के मुख्य संयोजक नवीन शर्मा ने जानकारी दी कि महाकुंभ के दौरान आठ हजार से अधिक महिला-पुरुषों ने विप्र फाउंडेशन की सदस्यता के लिए आवेदन किया है, जो समाज की एकजुटता और संगठन के प्रति विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने संस्था के उद्देश्यों और समाजोत्थान के लिए किए जा रहे कार्यों की भी जानकारी दी। विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय संयोजक सुशील ओझा ने संस्था की स्थापना वर्ष 2009 में होने और उसके विस्तार की जानकारी देते हुए समाज को संगठित रहने का आह्वान किया। इस अवसर पर प्रखर महाराज, पवन पारीक, केकड़ी विधायक शत्रुघ्न गौतम, पूर्व विधायक राकेश पारीक, सागर शर्मा, अशोक जोशी, नवीन शर्मा, धर्म नारायण जोशी, रामस्वरूप दाधीच, भंवरलाल राम, सर्वेश्वर दाधीच सहित सैकड़ों की संख्या में गणमान्य नागरिक और संत-महात्मा उपस्थित रहे। विप्र महाकुंभ ने धार्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और वैदिक संस्कारों के संरक्षण का सशक्त संदेश देते हुए क्षेत्र में नई ऊर्जा का संचार किया।
- ब्यावर जिले की ताजा खबरें और वीडियो जानकारी प्रदान की जा रही है, जिसका संपादन साबुद्दीन खानभुट्टा मेड़तिया लौहार खान कर रहे हैं। दर्शक वीडियो देखते हुए इन खबरों से अपडेट रह सकते हैं।1
- ब्यावर में मेरा युवा भारत (माय भारत) ब्यावर, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ब्यावर के संयुक्त तत्वावधान में "वरिष्ठ नागरिकों और युवाओं के बीच जुड़ाव पर अनुभावात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम (ELP)" का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के पहले दिन, युवाओं ने स्वयं सिद्धा आश्रम श्री रतन कुंदन भवन, तेलियान जौपड़, ब्यावर में वरिष्ठजनों और अन्य लाभार्थियों के साथ आत्मीय संवाद किया और पुनर्वास एवं देखभाल के महत्व को समझा। माय भारत के स्वयंसेवक विष्णु प्रजापति, आरुषि सोनी और प्रियाल सोनी ने आश्रम में रह रहे वरिष्ठजनों से मिलकर उनकी दैनिक आवश्यकताओं, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और जीवन संघर्षों को समझने का प्रयास किया। युवाओं ने वरिष्ठजनों को सम्मानजनक संवाद और सहयोग का आश्वासन देते हुए उनकी समस्याओं और सुझावों को संकलित किया। आश्रम के केयर टेकर श्री सुखदेव, श्रीमती रीता नायक और गार्ड श्री बजरंग जी ने संस्थान की व्यवस्थाओं, वरिष्ठजनों की देखभाल और पुनर्वास संबंधी गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। जिला युवा अधिकारी श्री जयेश मीना ने बताया कि इस अनुभावात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों की वास्तविक परिस्थितियों से जोड़ना तथा उनमें सेवा, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना का विकास करना है। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को न केवल समाज को समझने का अवसर प्रदान करते हैं, बल्कि उन्हें सकारात्मक बदलाव का सक्रिय सहभागी भी बनाते हैं। कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने वरिष्ठजनों की पीड़ा सुनी और सेवा तथा संवेदना का संदेश दिया।4
- अजमेर जिले के पीसांगन कस्बे में चैनपुरा मोहल्ला से खाजू मेहता की नाडी होते हुए जाने वाला रास्ता और पीसांगन से माता मंगरी वाला रास्ता पिछले कई सालों से बारिश के दिनों में अवरुद्ध हो जाता था। इस समस्या के कारण सैकड़ों किसानों को अपनी फसल और पशुधन को संभालने के लिए कई किलोमीटर का चक्कर लगाकर आना-जाना पड़ता था, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। इस समस्या से परेशान होकर दोनों ओर के किसानों ने मंडल अध्यक्ष बीरम पीपाड़ा के सानिध्य में विधायक रामस्वरूप लांबा से मुलाकात की। विधायक रामस्वरूप लांबा ने किसानों की बात सुनकर नगर पालिका के अधिकारियों को निर्देशित किया कि बारिश से पहले इन रास्तों पर बड़े नाले डलवाकर उन्हें सुचारू रूप से शुरू किया जाए। इसके बाद मंडल अध्यक्ष बीरम पीपाड़ा और महामंत्री सौदान पड़ौदा ने मौके पर पहुंचकर तुरंत काम शुरू करवाया। इस पहल से सैकड़ों किसानों और आसपास के निवासियों को सीधा लाभ मिलेगा, जिससे उन्हें बारिश के मौसम में आवागमन में राहत मिलेगी। सभी किसानों ने इस कार्य के लिए अपनी खुशी जाहिर करते हुए विधायक रामस्वरूप लांबा का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष बीरम पीपाड़ा, महामंत्री सौदान पड़ौदा, महादेव कारबाल, दुर्गालाल देतवाल, पांचूराम मावर, अमरु मावर, सोहनलाल पीपाड़ा, कालूराम पीपाड़ा, नेमीचंद मावर, सुवालाल देतवाल, कैलाश साहू, ऊंकार पिलोदिया, मुकेश पिलोदिया, धनलाल पीपाड़ा, महावीर और ओमप्रकाश पिलोदिया समेत कई किसान मौजूद थे।1
- नागौर जिले के रियांबड़ी स्थित लूणी नदी क्षेत्र में अवैध बजरी खनन और परिवहन के खिलाफ एक अभियान के तहत पादूकलां थाना पुलिस ने कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में बजरी से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त किया गया, जिसके पास परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं थे। पादूकलां थाना अधिकारी उमाशंकर शर्मा के निर्देश पर पुलिस टीम क्षेत्र में गश्त कर रही थी, तभी मेवड़ा रोड पर अवैध बजरी परिवहन की सूचना मिली। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम मौके पर पहुंची और संदिग्ध ट्रैक्टर-ट्रॉली की जांच की, जिसमें बजरी भरी पाई गई। पुलिसकर्मियों अकरम खान, सीताराम मीणा और मनीष जाट ने इस कार्रवाई में अहम भूमिका निभाई। जब्त की गई ट्रैक्टर-ट्रॉली को पादूकलां थाना परिसर में खड़ा कराकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। थाना अधिकारी उमाशंकर शर्मा ने बताया कि इस मामले की सूचना गोटन स्थित खनन विभाग को दे दी गई है, जो नियमानुसार जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करेगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अवैध बजरी खनन और परिवहन से प्राकृतिक संसाधनों का दोहन और राजस्व का नुकसान होता है, इसलिए ऐसे मामलों में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। शर्मा ने यह भी स्पष्ट किया कि क्षेत्र में अवैध खनन गतिविधियों पर पुलिस की लगातार नजर है और भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे। पुलिस प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि अवैध खनन या परिवहन की जानकारी मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें।1
- नागौर जिले के रियांबड़ी में बुधवार को श्री जाट शिक्षण संस्थान द्वारा निर्मित जाट छात्रावास और लाइब्रेरी का भव्य उद्घाटन संतों की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजबंधुओं ने भाग लेकर शिक्षा और सामाजिक उत्थान की इस पहल का स्वागत किया। समारोह में संत श्री 1008 श्री नारायण नाथ जी महाराज (रास मंडी, ब्यावर), संत श्री 1008 आचार्य श्री सज्जनरामजी महाराज (राम धाम रेण), संत श्री रामनिवासजी महाराज (पो धाम आकली), संत श्री पांचारामजी महाराज (श्री रानाबाई धाम पाडूकला) और संत श्री रामनाथजी महाराज (खेड़ा घुणा) ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। संतों ने अपने आशीर्वचनों में शिक्षा, संस्कार और समाज की एकता, संगठन तथा युवा पीढ़ी को शिक्षित करने पर विशेष जोर दिया। इस अवसर पर श्री मांगीलाल जी डांगा (पूर्व विधायक, मेड़ता), पूर्व विधायक रामचंद्र जारोड़ा, अशोक चौधरी, महिपाल लटियाल अध्यक्ष जाट छात्रावास मेड़ता, बस्तीराम डिडेल SEPW, भूराराम खिलेरी, श्रवणराम, दौलत राम गोदारा, श्री रामप्रताप जी जाजड़ा बगड़ (पूर्व प्रधान, रियांबड़ी), श्री मदन जी गोरा (प्रधान प्रतिनिधि, रियांबड़ी), श्री मोतीराम जी बेड़ा (पादू कलां), श्री सूरजकरण जी गोदारा (बडायली), श्री गोविंदकरण जी डांगा (उपप्रधान, रियांबड़ी), संस्था के पूर्व अध्यक्ष श्री हनुमान जी दुगस्तावा, संस्था अध्यक्ष श्री लिखमाराम जी बेरवाल, भगीरथ डांगा सहित संस्था की कार्यकारिणी, समाज के वरिष्ठजन, शिक्षाविद, युवा और बड़ी संख्या में जाट समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।4
- मेड़ता सिटी4
- नागौर जिले के कुचामण डीडवाना में पुलिस ने पानी के मीटर चोरी के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से चोरी किए गए 10 पानी के मीटर भी बरामद किए हैं। यह कार्रवाई चोरी की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए की गई है।1
- ब्यावर जिले में ग्रामीणों ने नगर निगम के प्रति अपनी परेशानी व्यक्त की है, जहाँ पिछले आठ सालों से सड़क निर्माण के संबंध में कोई सुधार नहीं हुआ है। चितार ग्राम पंचायत के निवासियों ने इस बात पर जोर दिया है कि बरसात का मौसम जल्द ही शुरू होने वाला है और ऐसी स्थिति में उन्हें भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि आखिर कब तक उन्हें इस प्रकार की समस्याओं का सामना करते रहना पड़ेगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इस समस्या का जल्द समाधान करने की अपील की है।1
- नागौर जिले के बालासर गांव में एक कथित वायरल वीडियो को लेकर हड़कंप मच गया है। इस वीडियो के कारण गांव में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। वायरल वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने गांव में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाए जाने की मांग की है। हालांकि, हम इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करते हैं।1