बड़ीसादड़ी-नीमच नई रेललाइन परियोजना में कथित तौर पर हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के औद्योगिक अपशिष्ट (जेरोफिक्स) के उपयोग का मामला अब गंभीर हो गया है। इस प्रकरण से संबंधित समाचारों के प्रकाशन के बाद, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए रेलवे बोर्ड अध्यक्ष को जांच समिति गठित करने का निर्देश दिया, जिसके बाद रेलवे प्रशासन ने जांच प्रक्रिया में तेजी ला दी है। रेल मंत्री के निर्देशों के तहत, अजमेर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) राजू भूतड़ा गुरुवार को बड़ीसादड़ी पहुंचे। उन्होंने परियोजना से जुड़े विभिन्न स्थलों का निरीक्षण किया और निर्माण कार्य में प्रयुक्त सामग्री की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों तथा संघर्ष समितियों के प्रतिनिधियों से भी चर्चा की। डीआरएम राजू भूतड़ा ने बताया कि प्रारंभिक स्तर पर दोषियों के विरुद्ध रेलवे पुलिस थाना उदयपुर में प्रकरण संख्या 699/2026, दिनांक 17 जून 2026 को एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जांच निष्पक्ष रूप से जारी है और जो भी व्यक्ति या संस्था दोषी पाई जाएगी, उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, रेलवे ट्रैक और निर्माण कार्य में उपयोग की गई सामग्री की तकनीकी जांच भी कराई जा रही है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। निरीक्षण के दौरान, बड़ीसादड़ी जहर मुक्त संघर्ष समिति ने डीआरएम को ज्ञापन सौंपकर कथित अपशिष्ट सामग्री को तत्काल हटाने और जिम्मेदार अधिकारियों तथा संबंधित पक्षों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस अवसर पर रेलवे संघर्ष समिति के अध्यक्ष डॉ. विमल कुमार नागोरी सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे। डीआरएम ने समिति को निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उल्लेखनीय है कि इसी दिन बड़ीसादड़ी से जलोदा जागीर के मध्य नवनिर्मित 13.77 किलोमीटर लंबी ब्रॉडगेज रेललाइन का रेल संरक्षा आयुक्त (पश्चिम मंडल) ई. श्रीनिवास द्वारा विस्तृत संरक्षा निरीक्षण भी किया गया। निरीक्षण के बाद इस रेलखंड पर 121 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से सफल स्पीड ट्रायल संचालित किया गया, जिसमें ट्रैक की स्थिरता एवं तकनीकी मानक संतोषजनक पाए गए। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, नई लाइन पर सिग्नलिंग, विद्युतीकरण तथा अन्य आधारभूत संरचनात्मक कार्य पूर्ण हो चुके हैं। हालांकि, जेरोफिक्स उपयोग संबंधी विवाद के कारण परियोजना के कुछ हिस्सों में प्रयुक्त निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर उठे सवालों के बीच, रेलवे प्रशासन तकनीकी जांच और कानूनी कार्रवाई दोनों मोर्चों पर सक्रिय दिखाई दे रहा है। जांच के निष्कर्षों के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि निर्माण कार्य में कथित रूप से उपयोग की गई सामग्री निर्धारित मानकों के अनुरूप थी या नहीं। क्षेत्र के नागरिकों और सामाजिक संगठनों की नजरें अब रेलवे की जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जिससे इस बहुचर्चित प्रकरण की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।
बड़ीसादड़ी-नीमच नई रेललाइन परियोजना में कथित तौर पर हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के औद्योगिक अपशिष्ट (जेरोफिक्स) के उपयोग का मामला अब गंभीर हो गया है। इस प्रकरण से संबंधित समाचारों के प्रकाशन के बाद, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए रेलवे बोर्ड अध्यक्ष को जांच समिति गठित करने का निर्देश दिया, जिसके बाद रेलवे प्रशासन ने जांच प्रक्रिया में तेजी ला दी है। रेल मंत्री के निर्देशों के तहत, अजमेर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) राजू भूतड़ा गुरुवार को बड़ीसादड़ी पहुंचे। उन्होंने परियोजना से जुड़े विभिन्न स्थलों का निरीक्षण किया और निर्माण कार्य में प्रयुक्त सामग्री की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों तथा संघर्ष समितियों के प्रतिनिधियों से भी चर्चा की। डीआरएम राजू भूतड़ा ने बताया कि प्रारंभिक स्तर पर दोषियों के विरुद्ध रेलवे पुलिस थाना उदयपुर में प्रकरण संख्या 699/2026, दिनांक 17 जून 2026 को एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जांच निष्पक्ष रूप से जारी है और जो भी व्यक्ति या संस्था दोषी पाई जाएगी, उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, रेलवे ट्रैक और निर्माण कार्य में उपयोग की गई सामग्री की तकनीकी जांच भी कराई जा रही है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। निरीक्षण के दौरान, बड़ीसादड़ी जहर मुक्त संघर्ष समिति ने डीआरएम को ज्ञापन सौंपकर कथित अपशिष्ट सामग्री को तत्काल हटाने और जिम्मेदार अधिकारियों तथा संबंधित पक्षों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस अवसर पर रेलवे संघर्ष समिति के अध्यक्ष डॉ. विमल कुमार नागोरी सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे। डीआरएम ने समिति को निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उल्लेखनीय है कि इसी दिन बड़ीसादड़ी से जलोदा जागीर के मध्य नवनिर्मित 13.77 किलोमीटर लंबी ब्रॉडगेज रेललाइन का रेल संरक्षा आयुक्त (पश्चिम मंडल) ई. श्रीनिवास द्वारा विस्तृत संरक्षा निरीक्षण भी किया गया। निरीक्षण के बाद इस रेलखंड पर 121 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से सफल स्पीड ट्रायल संचालित किया गया, जिसमें ट्रैक की स्थिरता एवं तकनीकी मानक संतोषजनक पाए गए। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, नई लाइन पर सिग्नलिंग, विद्युतीकरण तथा अन्य आधारभूत संरचनात्मक कार्य पूर्ण हो चुके हैं। हालांकि, जेरोफिक्स उपयोग संबंधी विवाद के कारण परियोजना के कुछ हिस्सों में प्रयुक्त निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर उठे सवालों के बीच, रेलवे प्रशासन तकनीकी जांच और कानूनी कार्रवाई दोनों मोर्चों पर सक्रिय दिखाई दे रहा है। जांच के निष्कर्षों के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि निर्माण कार्य में कथित रूप से उपयोग की गई सामग्री निर्धारित मानकों के अनुरूप थी या नहीं। क्षेत्र के नागरिकों और सामाजिक संगठनों की नजरें अब रेलवे की जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जिससे इस बहुचर्चित प्रकरण की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।
- मेक्सिको सिटी में एक बतख के वायरल होने की खबर सामने आई है, जिसके बारे में जानने को लोग काफी उत्सुक हैं। यह बतख क्यों वायरल हो रहा है और लोग इसके बारे में क्यों जानना चाहते हैं, यह चर्चा का विषय बन गया है। बताया जा रहा है कि इस बतख के कारण लोग काफी खुश हो रहे हैं। इसी प्रकार की स्पोर्ट्स न्यूज़ के लिए सब्सक्राइब करना न भूलने का आग्रह भी किया गया है।1
- एक दहेज मृत्यु का मामला झूठा पाए जाने के बाद एक नया सवाल खड़ा हो गया है: जब्त किए गए करोड़ों के जेवर कहाँ गायब हो गए? इस सवाल के जवाब में दावा किया गया कि 'बंदर उन जेवरों को ले गए'। इस हास्यास्पद जवाब पर अब जनता यह पूछ रही है कि क्या इतने शातिर बंदर थे, या यह कहानी ही चालाकी भरी है। करोड़ों रुपये के जेवरों के गायब होने पर ऐसा अटपटा जवाब मिलने के बाद सवाल उठना स्वाभाविक है। यह आवश्यक है कि सच सामने आए, जिसके लिए एक निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। जनता का विश्वास तभी बना रह सकता है जब जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।1
- निंबाहेड़ा सर्कल को नए डिप्टी मिल गए हैं, जहाँ शिवप्रकाश टेलर ने अपना पदभार संभाल लिया है। इसी के साथ बद्रीलाल राव को भावभीनी विदाई दी गई।1
- चित्तौड़गढ़ जिले के गंगरार उपखंड के मूंगा का खेड़ा गांव में शनिवार को एक अनोखी रेस्क्यू कार्रवाई देखने को मिली। यहाँ, एक कुएं से 35 वर्षीय कालू किर का शव निकालने के दौरान, शव के पास तीन सांप मौजूद थे, जिससे सीधे तौर पर शव को बाहर निकालना बेहद मुश्किल हो गया था। घटना की सूचना मिलते ही गंगरार पुलिस और सिविल डिफेंस टीम मौके पर पहुँची। कुएं में सांपों को देखकर वन विभाग और चित्तौड़गढ़ वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण समिति को भी बुलाया गया। पीयूष कांबले, राम कुमार साहू, मुबारिक खान और मयूर गोसावी ने रस्सी के सहारे कुएं में उतरकर तीनों सांपों को सुरक्षित रूप से ज़िंदा पकड़ा। इसके बाद सिविल डिफेंस टीम ने मृतक का शव कुएं से सफलतापूर्वक बाहर निकाला। पुलिस, सिविल डिफेंस और वन्यजीव टीम के इस संयुक्त प्रयास से यह चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन सफल रहा।1
- Sanwariya_Construction ने एक विज्ञापन जारी करते हुए बताया है कि वे बिल्कुल बाजी कीमत पर 'आज से चलने वाला चूल्हा' बनाकर देंगे। जो भी व्यक्ति चूल्हा बनवाना चाहता है, वह 9116972946 पर संपर्क कर सकता है।1
- योग दिवस के पावन अवसर पर, श्री सांवलिया सेठ जी के दिव्य मंगला आरती दर्शन संपन्न हुए। इस दौरान भक्तों को योग दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं भी दी गईं। यह भी बताया गया कि अपने क्षेत्र की सभी खबरें देखने और उन्हें साझा करके कमाई करने के लिए शुरू ऐप डाउनलोड किया जा सकता है।1
- जनता बार-बार चिल्लाकर गुहार लगा रही थी कि गोली न चलाई जाए। इस सबके बावजूद, एक व्यक्ति द्वारा अपना तमंचा फेंक देने के बाद भी उसका एनकाउंटर कर दिया गया।1
- राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के गंगरार उपखंड स्थित मूंगा खेड़ा गांव में खेत पर काम करते समय किसान कालू कीर एक कुएं में गिर गए। इस घटना की सूचना मिलते ही सिविल डिफेंस, पुलिस और हिन्दुस्तान जिंक की बचाव टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। बचाव कार्य के दौरान कुएं में सांपों की मौजूदगी सामने आई, जिससे अभियान प्रभावित हुआ और उसमें बाधा उत्पन्न हुई। इसके बाद, वन विभाग की टीम को बुलाया गया, जिसने कुएं से तीन जहरीले सांपों को सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें जंगल में छोड़ा। सांपों का खतरा टलने के बाद, बचाव दल ने किसान कालू कीर के शव को कुएं से बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए गंगरार चिकित्सालय पहुंचाया।1