किसान नेता चौधरी राकेश टिकैत का जाट महासभा गुना ने किया स्वागत गुना किसान नेता चौधरी राकेश टिकैत का जाट महासभा गुना ने किया स्वागत "किसान को सरकारों की गुलामी छोड़कर अपनी फसलों और अपनी नस्लों के लिए लड़ना होगा" चौ.राकेश टिकैत गुना- देश के किसानो की बुलंद आवाज किसानो के हक और अधिकारों के लिए हमेशा संघर्षरत रहने वाले भारतीय किसान यूनियन के चौधरी राकेश टिकैत एवं जाट महासभा के राष्ट्रीय महासचिव चौधरी युद्धवीर सिंह अल्प समय के लिए गुना पहुंचे, इस दौरान एक निजी होटल में अखिल भारतीय जाट महासभा गुना के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की, एवं कार्यकर्ताओं के साथ भोजन किया, इस दौरान बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे, जाट महासभा गुना द्वारा दोनों किसान नेताओं का स्वागत सत्कार करते हुए उनको वीर तेजाजी महाराज एवं महाराजा सूरजमल जी की तस्वीरें भेंट की, बैठक में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि किसानो के हितों के मुद्दों पर समाज को एकजुट होकर किसानो के साथ खड़ा रहना होगा, भारतीय किसान यूनियन के संस्थापक चौधरी महेन्द्र सिंह टिकैत जी ने किसानो को अपने हक़ और अधिकारों के लिए लड़ना सिखाया है उनकी जलाई हुई कृषि क्रांति की मशाल को जलाए रखने की जिम्मेदारी हम सभी की है, मध्यप्रदेश का किसान भी गंभीर कृषि चुनौतियों से जूझ रहा है आज किसान अपनी मूंग की फसल बेचने के लिए संघर्ष कर रहा है, डबल इंजन की सरकार किसानो की उर्वरक खाद की भी पूर्ति नहीं कर पा रही, केंद्रीय कृषि मंत्री के राज्य का किसान कभी यूरिया के लिए लाठियां खाता है तो कभी अपनी फसलो को बेचने के लिए संघर्ष करता है। ऐसी स्थिति में किसानो को एकजुट होकर अपनी लड़ाई को मजबूती से लड़ना होगा, सरकारों की गुलामी छोड़कर अपनी फसलों और अपनी नस्लों के लिए लड़ना होगा। संपूर्ण देश का किसान वर्ग आज सरकार की गलत नीतियों का दंश झेल रहा है हम सभी को एकजुट होकर आने वाली चुनौतियों का सामना करना होगा, किसानों को ये समझना चाहिए कि खेती घाटे का सौदा नहीं बल्कि दिल्ली की कलम बेईमान है। भारतीय किसान यूनियन एवं अखिल भारतीय जाट महासभा के राष्ट्रीय महासचिव चौधरी युद्धवीर सिंह ने कहा कि आज मध्यप्रदेश का किसान अपनी दलहन को बेचने के लिए सरकार की लाठिया खाने को मजबूर है, दलहन की हमारे देश में आवश्यकता है उसकी पूर्ति के लिए सरकार विदेशों से msp पर दलहन खरीद रही है, दलहन की फसल मार्केट में जिसकी मांग है उसका उत्पादन देश की आवश्यकता के हिसाब से पूरा नहीं है, इसी स्थिति में जहां सरकार को दलहन के प्रति किसानो को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता थी वहां सरकार द्वारा किसानो पर लाठियां चलाई जा रही हैं। आज मध्यप्रदेश के किसान को अपनी दलहन की फसल को बेचने के लिए भोपाल की सड़कों पर संघर्ष करना पड़ रहा है, एक तरफ सरकार अफ्रीका के किसानो से समर्थन मूल्य पर दलहन खरीद रही है और देश का किसान समर्थन मूल्य के लिए लाठियां खा रहा है, यह दुःखद स्थिति है और हम सरकार के इस दोगले रवैये की निंदा करते हैं हम मध्यप्रदेश के किसानो के साथ है। जाट महासभा गुना के देवेन्द्र सिंह सोलंकी, एवं जयसिंह जाट ने बताया कि आगामी समय में समाजजनों के साथ चर्चा कर गुना में वीर तेजाजी अवॉर्ड प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित करने की योजना बनाई जाएगी इस आयोजन में उपस्थिति होने के लिए चौधरी राकेश टिकैत एवं चौधरी युद्धवीर सिंह से आग्रह किया, दोनों किसान नेताओं ने जाट महासभा गुना के इस आग्रह को स्वीकार किया।
किसान नेता चौधरी राकेश टिकैत का जाट महासभा गुना ने किया स्वागत गुना किसान नेता चौधरी राकेश टिकैत का जाट महासभा गुना ने किया स्वागत "किसान को सरकारों की गुलामी छोड़कर अपनी फसलों और अपनी नस्लों के लिए लड़ना होगा" चौ.राकेश टिकैत गुना- देश के किसानो की बुलंद आवाज किसानो के हक और अधिकारों के लिए हमेशा संघर्षरत रहने वाले भारतीय किसान यूनियन के चौधरी राकेश टिकैत एवं जाट महासभा के राष्ट्रीय महासचिव चौधरी युद्धवीर सिंह अल्प समय के लिए गुना पहुंचे, इस दौरान एक निजी होटल में अखिल भारतीय जाट महासभा गुना के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की, एवं कार्यकर्ताओं के साथ भोजन किया, इस दौरान बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे, जाट महासभा गुना द्वारा दोनों किसान नेताओं का स्वागत सत्कार करते हुए उनको वीर तेजाजी महाराज एवं महाराजा सूरजमल जी की तस्वीरें भेंट की, बैठक में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि किसानो के हितों के मुद्दों पर समाज को एकजुट होकर किसानो के साथ खड़ा रहना होगा, भारतीय किसान यूनियन के संस्थापक चौधरी महेन्द्र सिंह टिकैत जी ने किसानो को अपने हक़ और अधिकारों के लिए लड़ना सिखाया है उनकी जलाई हुई कृषि क्रांति की मशाल को जलाए रखने की जिम्मेदारी हम सभी की है, मध्यप्रदेश का किसान भी गंभीर कृषि चुनौतियों से जूझ रहा है आज किसान अपनी मूंग की फसल बेचने के लिए संघर्ष कर रहा है, डबल इंजन की सरकार किसानो की उर्वरक खाद की भी पूर्ति नहीं कर पा रही, केंद्रीय कृषि मंत्री के राज्य का किसान कभी यूरिया के लिए लाठियां खाता है तो कभी अपनी फसलो को बेचने के लिए संघर्ष करता है। ऐसी स्थिति में किसानो को एकजुट होकर अपनी लड़ाई को मजबूती से लड़ना होगा, सरकारों की गुलामी छोड़कर अपनी
फसलों और अपनी नस्लों के लिए लड़ना होगा। संपूर्ण देश का किसान वर्ग आज सरकार की गलत नीतियों का दंश झेल रहा है हम सभी को एकजुट होकर आने वाली चुनौतियों का सामना करना होगा, किसानों को ये समझना चाहिए कि खेती घाटे का सौदा नहीं बल्कि दिल्ली की कलम बेईमान है। भारतीय किसान यूनियन एवं अखिल भारतीय जाट महासभा के राष्ट्रीय महासचिव चौधरी युद्धवीर सिंह ने कहा कि आज मध्यप्रदेश का किसान अपनी दलहन को बेचने के लिए सरकार की लाठिया खाने को मजबूर है, दलहन की हमारे देश में आवश्यकता है उसकी पूर्ति के लिए सरकार विदेशों से msp पर दलहन खरीद रही है, दलहन की फसल मार्केट में जिसकी मांग है उसका उत्पादन देश की आवश्यकता के हिसाब से पूरा नहीं है, इसी स्थिति में जहां सरकार को दलहन के प्रति किसानो को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता थी वहां सरकार द्वारा किसानो पर लाठियां चलाई जा रही हैं। आज मध्यप्रदेश के किसान को अपनी दलहन की फसल को बेचने के लिए भोपाल की सड़कों पर संघर्ष करना पड़ रहा है, एक तरफ सरकार अफ्रीका के किसानो से समर्थन मूल्य पर दलहन खरीद रही है और देश का किसान समर्थन मूल्य के लिए लाठियां खा रहा है, यह दुःखद स्थिति है और हम सरकार के इस दोगले रवैये की निंदा करते हैं हम मध्यप्रदेश के किसानो के साथ है। जाट महासभा गुना के देवेन्द्र सिंह सोलंकी, एवं जयसिंह जाट ने बताया कि आगामी समय में समाजजनों के साथ चर्चा कर गुना में वीर तेजाजी अवॉर्ड प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित करने की योजना बनाई जाएगी इस आयोजन में उपस्थिति होने के लिए चौधरी राकेश टिकैत एवं चौधरी युद्धवीर सिंह से आग्रह किया, दोनों किसान नेताओं ने जाट महासभा गुना के इस आग्रह को स्वीकार किया।
- क्रिकेटर अजिंक्य Rahane की संन्यास पर बीसीसीआई का सम्मान1
- जो आँसू दुनिया नहीं समझती, उन्हें भगवान समझते हैं। ❤️🙏" "हर दर्द की दवा, सिर्फ़ विश्वास। ✨" "जब कोई साथ नहीं होता, तब भगवान साथ होते हैं। 🕉️" "विश्वास रखो, हर आँसू की कीमत भगवान जानते हैं। 🌙🤍" "दिल की बात भगवान तक बिना शब्दों के पहुँच जाती है। 🙏💫" "सब्र रखो, सही समय पर हर दुआ कबूल होती है। ❤️" "भगवान कभी किसी सच्चे दिल को अकेला नहीं छोड़ते। 🌸" "जिसे दुनिया नहीं समझती, उसे भगवान समझते हैं। 🙏✨" "जो आँसू दुनिया नहीं समझती, उन्हें भगवान समझते हैं। ❤️🙏" "हर दर्द की दवा, सिर्फ़ विश्वास। ✨" "जब कोई साथ नहीं होता, तब भगवान साथ होते हैं। 🕉️" "विश्वास रखो, हर आँसू की कीमत भगवान जानते हैं। 🌙🤍" "दिल की बात भगवान तक बिना शब्दों के पहुँच जाती है। 🙏💫" "सब्र रखो, सही समय पर हर दुआ कबूल होती है। ❤️" "भगवान कभी किसी सच्चे दिल को अकेला नहीं छोड़ते। 🌸" "जिसे दुनिया नहीं समझती, उसे भगवान समझते हैं। 🙏✨"1
- आदर्श विद्या मंदिर, केलखेड़ी में छात्र संसद एवं कन्या भारती के चुनाव संपन्न,विद्यार्थियों ने उत्साह से किया मतदान, लोकतंत्र का दिया संदेश आदर्श विद्या मंदिर, केलखेड़ी में छात्र संसद एवं कन्या भारती के चुनाव संपन्न,विद्यार्थियों ने उत्साह से किया मतदान, लोकतंत्र का दिया संदेश केलखेड़ी/छीपाबड़ौद आदर्श विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय, केलखेड़ी में छात्र संसद एवं कन्या भारती के चुनाव उत्साह, अनुशासन एवं लोकतांत्रिक वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुए। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ मतदान कर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। *छात्र संसद चुनाव में प्रत्याशी:* - *अध्यक्ष पद:* कृष्णा भील, लक्ष्यजीत सिंह - *उपाध्यक्ष पद:* अक्षित मीणा, अमन सेन - *सचिव पद:* रोशन जिन्दल, उज्ज्वल नागर - *कोषाध्यक्ष पद:* विवेक मीणा, त्रिलोक गुर्जर *कन्या भारती चुनाव में प्रत्याशी:* - *अध्यक्ष पद:* हर्षिता नागर, भूमिका शर्मा - *उपाध्यक्ष पद:* मनुश्री, मनु सेन - *सचिव पद:* जिया नागर, अंजली नागर, हंसिका नागर, पलक यादवंशी - *कोषाध्यक्ष पद:* श्वेता सुमन, रश्मि लोधा, दिया नागर चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न हुई। मतगणना का कार्य आज सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया। विजयी प्रत्याशियों की घोषणा कल विद्यालय की प्रार्थना सभा में की जाएगी। विद्यालय परिवार ने सभी प्रत्याशियों को शुभकामनाएँ देते हुए आशा व्यक्त की कि वे विद्यालय के अनुशासन, सेवा, नेतृत्व एवं संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाकर विद्यालय का गौरव बढ़ाएँगे। साथ ही सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों के उत्साह एवं लोकतांत्रिक भावना की भी सराहना की गई।4
- Sironj दो शावकों के साथ नजर आई मादा तेंदुआ, लोगों में कौतूहल1
- बागेश्वर धाम की दंडवत यात्रा पर निकले श्रद्धालु का किशनगंज में स्वागत जानकारी शुक्रवार सुबह 11 बजे मिली जोधपुर निवासी भवानीशंकर दाधीच, जो बागेश्वर धाम के लिए कनक दंडवत यात्रा पर निकले हैं, एनएच-27 स्थित पार्वती नदी किनारे प्रेम धाम हनुमान वाटिका पहुंचे। यहां क्षेत्रीय विधायक, आश्रम के संतों व श्रद्धालुओं ने माला पहनाकर उनका स्वागत किया। शिवशंकर सोनी ने बताया कि दाधीच ने 25 नवंबर 2025 से यात्रा शुरू की थी और अब तक आठ माह पूरे हो चुके हैं। यात्रा का उद्देश्य सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार और जनजागरण है।1
- लटेरी के मुरवास के बाद ग्राम आगरा पठार में भी वन विभाग की जमीन पर लगाई गई फसलों पर किया जा रहा है कीटनाशक का छिड़काव। लटेरी के मुरवास के बाद ग्राम आगरा पठार में भी वन विभाग की जमीन पर लगाई गई फसलों पर किया जा रहा है कीटनाशक का छिड़काव।1
- चलती एंबुलेंस में खत्म हुई ऑक्सीजन, 21 वर्षीय किडनी मरीज की मौत; स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल मंडला। मध्य प्रदेश के मंडला जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। 21 वर्षीय किडनी मरीज अजीत बरैया की जिला अस्पताल ले जाते समय एंबुलेंस में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि रास्ते में ऑक्सीजन सिलेंडर खत्म हो गया, जिससे मरीज ने तड़पते हुए अपने माता-पिता की गोद में दम तोड़ दिया। यह घटना 27 जुलाई की बताई जा रही है। मृतक अजीत बरैया सुनहरा माल गांव का निवासी था और किडनी की बीमारी से पीड़ित था। परिजनों का कहना है कि यदि एंबुलेंस में पर्याप्त ऑक्सीजन उपलब्ध होती, तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी। कलेक्टर ने बनाई 4 सदस्यीय जांच समिति मामले के तूल पकड़ने के बाद मंडला कलेक्टर राहुल नामदेव धोटे ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित कर दी है। समिति को शीघ्र रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके आधार पर जिम्मेदारी तय करते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच में क्या होगा? समिति यह पता लगाएगी कि— - क्या एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलेंडर वास्तव में खत्म हो गया था? - एंबुलेंस रवाना होने से पहले उपकरणों की जांच हुई थी या नहीं? - क्या निर्धारित चिकित्सा प्रोटोकॉल का पालन किया गया? - यदि लापरवाही हुई है तो जिम्मेदार कौन है? स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़े सवाल यदि जांच में यह पुष्टि होती है कि ऑक्सीजन की कमी के कारण मरीज की मौत हुई, तो यह केवल एक प्रशासनिक चूक नहीं बल्कि आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल होगा। - क्या एंबुलेंसों में ऑक्सीजन और जीवनरक्षक उपकरणों की नियमित जांच होती है? - क्या मरीजों की जान भगवान भरोसे छोड़ी जा रही है? - क्या जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी? जांच रिपोर्ट का इंतजार फिलहाल प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। ऑक्सीजन खत्म होने से मौत का आरोप परिजनों ने लगाया है, जबकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच समिति की रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। जांच के निष्कर्ष के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि मरीज की मौत बीमारी के कारण हुई या एंबुलेंस सेवा में किसी प्रकार की लापरवाही इसके लिए जिम्मेदार थी।1