मेरठ के वेस्टर्न रोड स्थित मेरठ पब्लिक स्कूल फॉर गर्ल्स के प्रांगण में 22 यूपी गर्ल्स बटालियन एनसीसी मेरठ का वार्षिक प्रशिक्षण शिविर-255 आयोजित हो रहा है। इसी क्रम में 7 जून, 2026 को एक विशेष योग शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें योगाचार्य श्री शरद कुमार शर्मा ने एनसीसी गर्ल्स कैडेट्स को विभिन्न योगाभ्यास सिखाए। योगाचार्य श्री शरद कुमार शर्मा ने कॉमन योग प्रोटोकॉल के तहत कैडेट्स को सरल आसन और प्राणायाम क्रियाएं मंत्रों के साथ करवाईं। उन्होंने कैडेट्स को दैनिक जीवन में योग को शामिल करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि योग शारीरिक और मानसिक रूप से वरदान है। कैंप कमांडेंट कर्नल होपेंद्र ठाकुर ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए योग के महत्व पर प्रकाश डाला, बताया कि यह केवल मुद्राओं तक सीमित नहीं बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन जीना सिखाता है, जिससे सभी परिस्थितियों में शांत रहना और ध्यान केंद्रित करना सीखा जा सकता है। इस शिविर में विशिष्ट अतिथि के रूप में सुभारती विश्वविद्यालय मेरठ की प्रोफेसर एवं डीन, प्रोफेसर ऑफ लॉ डॉ. रीना बिश्नोई ने भी शिरकत की। उन्होंने एनसीसी गर्ल्स कैडेट्स को पोक्सो एक्ट के बारे में जागरूक किया, जिसका पूरा नाम लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम है। यह अधिनियम वर्ष 2012 में लागू किया गया था, जिसका उद्देश्य 18 वर्ष से कम आयु के सभी लड़के और लड़कियों को यौन शोषण, उत्पीड़न और अश्लील सामग्री जैसे अपराधों से सुरक्षा प्रदान करना और उन्हें त्वरित न्याय दिलाना है।
मेरठ के वेस्टर्न रोड स्थित मेरठ पब्लिक स्कूल फॉर गर्ल्स के प्रांगण में 22 यूपी गर्ल्स बटालियन एनसीसी मेरठ का वार्षिक प्रशिक्षण शिविर-255 आयोजित हो रहा है। इसी क्रम में 7 जून, 2026 को एक विशेष योग शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें योगाचार्य श्री शरद कुमार शर्मा ने एनसीसी गर्ल्स कैडेट्स को विभिन्न योगाभ्यास सिखाए। योगाचार्य श्री शरद कुमार शर्मा ने कॉमन योग प्रोटोकॉल के तहत कैडेट्स को सरल आसन और प्राणायाम क्रियाएं मंत्रों के साथ करवाईं। उन्होंने कैडेट्स को दैनिक जीवन में योग को शामिल करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि योग शारीरिक और मानसिक रूप से वरदान है। कैंप कमांडेंट कर्नल होपेंद्र ठाकुर ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए योग के महत्व पर प्रकाश डाला, बताया कि यह केवल मुद्राओं तक सीमित नहीं बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन जीना सिखाता है, जिससे सभी परिस्थितियों में शांत रहना और ध्यान केंद्रित करना सीखा जा सकता है। इस शिविर में विशिष्ट अतिथि के रूप में सुभारती विश्वविद्यालय मेरठ की प्रोफेसर एवं डीन, प्रोफेसर ऑफ लॉ डॉ. रीना बिश्नोई ने भी शिरकत की। उन्होंने एनसीसी गर्ल्स कैडेट्स को पोक्सो एक्ट के बारे में जागरूक किया, जिसका पूरा नाम लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम है। यह अधिनियम वर्ष 2012 में लागू किया गया था, जिसका उद्देश्य 18 वर्ष से कम आयु के सभी लड़के और लड़कियों को यौन शोषण, उत्पीड़न और अश्लील सामग्री जैसे अपराधों से सुरक्षा प्रदान करना और उन्हें त्वरित न्याय दिलाना है।
- उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में शमा परवीन नाम की एक मुस्लिम युवती ने सनातन धर्म अपना लिया है। युवती ने अपना नाम बदलकर क्षमा रख लिया और अपने प्रेमी संतोष से विवाह कर लिया। इस जोड़े ने एक मंदिर में सात फेरे लेकर अपनी नई जिंदगी की शुरुआत की है। विवाह से पहले, हिंदू संगठन के सदस्यों ने शमा का गंगाजल से शुद्धिकरण किया। युवती ने दावा किया है कि उसे इस्लाम धर्म में घुटन महसूस होती थी और उसकी गहरी आस्था सनातन धर्म में थी, जिसके चलते उसने यह निर्णय लिया।1
- दिल्ली यूनिवर्सिटी की एक प्रोफेसर का शव उनके फ्लैट में मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और मामले की जाँच शुरू कर दी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, प्रोफेसर अपने फ्लैट में अकेली रहती थीं। उनसे काफी समय तक संपर्क न हो पाने पर इस घटना की जानकारी सामने आई, जिसके बाद पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और साथ ही फ्लैट व आसपास के क्षेत्र की गहनता से जाँच कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि मौत के कारणों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं पर बारीकी से जाँच की जा रही है। इस घटना के बाद विश्वविद्यालय और स्थानीय क्षेत्र में शोक तथा चर्चा का माहौल है। पुलिस फिलहाल मामले की जाँच में जुटी हुई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।1
- मेरठ और गाजियाबाद में हिंडन नदी के किनारे बसी बस्तियों को लेकर सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसला किया है। इस निर्णय के अनुसार, नदी के तट पर बनी इन बस्तियों को अब दूसरे स्थान पर स्थानांतरित किया जाएगा। सरकार के इस बड़े कदम से करीब चार लाख से अधिक परिवार प्रभावित होंगे, जिन्हें एक नए स्थान पर बसाया जाएगा।1
- जनपद हापुड़ के थाना देहात क्षेत्र स्थित गिरधारी नगर में एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने से इलाके में सनसनी फैल गई है। इस घटना के बाद, जहाँ ससुराल पक्ष महिला की मौत का कारण करंट लगना बता रहा है, वहीं मायके पक्ष ने इसे सीधे-सीधे दहेज हत्या करार देते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।1
- Post by गौरव प्रताप कोरी1
- मोदीनगर में आज, 8 जून 2026 को, न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए अवैध अतिक्रमण पर ध्वस्तीकरण की कार्यवाही पूरी की गई। जानकारी के अनुसार, मस्जिद कमेटी की आड़ में चल रही अवैध दुकानों द्वारा किए गए कुछ प्रतिशत अतिक्रमण को वैधानिक चेतावनी देने के बाद हटाया गया। यह जानकारी शशांक कश्यप द्वारा दी गई, जिन्होंने “जय हिंद” के उद्घोष के साथ इस कार्यवाही की पुष्टि की।1
- मेरठ पब्लिक फॉर गर्ल्स स्कूल में योग को जीवन जीने का तरीका सिखाने के लिए एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर को कमांडेंट कर्नल उपेंद्र ठाकुर जी ने संचालित किया, जहाँ प्रतिभागियों को योग के माध्यम से स्वस्थ और संतुलित जीवन शैली के बारे में जानकारी दी गई।1
- ग्रेटर नोएडा में कार्यरत हजारों श्रमिकों के लिए एक अच्छी खबर सामने आने की संभावना है। लंबे समय से परिवहन, आवास, वेतन, मूलभूत सुविधाओं और आवागमन जैसी विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे इन श्रमिकों की परेशानियों को दूर करने के लिए एक नई पहल पर तेजी से चर्चा शुरू हो गई है। जानकारी के अनुसार, संबंधित विभागों द्वारा श्रमिकों की सुविधा और सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदमों पर विचार किया जा रहा है। यदि ये प्रस्तावित योजनाएं लागू होती हैं, तो इससे उन श्रमिकों को बड़ी राहत मिल सकती है जो रोजाना काम पर आने-जाने के लिए संघर्ष करते हैं। श्रमिक संगठनों का कहना है कि कामगारों को बेहतर माहौल और सुविधाएं प्रदान करने के लिए वर्षों से चली आ रही इन समस्याओं का स्थायी समाधान आवश्यक है। फिलहाल, सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि ये प्रस्तावित कदम कब तक धरातल पर उतर पाते हैं और उनका वास्तविक लाभ श्रमिकों तक कितनी जल्दी पहुंच पाता है। इस महत्वपूर्ण मुद्दे को लेकर ग्रेटर नोएडा के श्रमिकों के बीच उम्मीद और चर्चा दोनों बनी हुई हैं।1
- जनपद मेरठ और आसपास के क्षेत्रों में विभिन्न सामाजिक विषयों पर पंचायतें आयोजित की जा रही हैं। इन पंचायतों में समाज में सुधार लाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं। इनमें प्रमुख रूप से शादी-विवाह समारोहों में शराब और डीजे के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाना, मृत्यु भोज की प्रथा को समाप्त करना, और अश्लील रील बनाने पर रोक लगाना शामिल है। ये फैसले समाज के विभिन्न क्षेत्रों में हो रही पंचायतों द्वारा लिए जा रहे हैं।1