पूर्वी चंपारण के मोतिहारी में गड़हिया थाना पुलिस द्वारा की गई अवैध गिरफ्तारी और पुलिस बर्बरता के खिलाफ ऑल इंडिया सेन्ट्रल कॉउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियन्स (ऐक्टू) ने जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना देकर मांग पत्र सौंपा। यह विरोध प्रदर्शन गड़हिया थाना कांड संख्या-166/2026 के तहत तीन निर्दोष व्यक्तियों की अवैध हिरासत और पुलिस अत्याचार के विरोध में किया गया। इस शांतिपूर्ण धरने में सभी वक्ताओं ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया और बाद में जिलाधिकारी के शिष्टमंडल को अपनी मांगें सौंपीं। आरोप है कि आगामी 10 जुलाई 2026 को सुबह करीब 11:00 बजे गड़हिया थाना पुलिस ने तीन व्यक्तियों—रसोइया शंभू शरण, जबरन सेवा से हटाए गए रात्रि प्रहरी रजनीश कुमार और मिथिलेश कुमार को उमेश नंदन सिंह पर हुए हमले के एक फर्जी फर्द बयान के आधार पर गिरफ्तार किया था। उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 58 का खुला उल्लंघन करते हुए इन्हें 24 घंटे के भीतर न्यायालय में पेश नहीं किया गया और गड़हिया थाने की हाजत में अवैध रूप से रखा गया। स्थानीय जनप्रतिनिधि के दबाव में, थानाध्यक्ष मधुबन और SDPO पकड़ीदयाल की उपस्थिति में रात भर इनकी बर्बरतापूर्वक पिटाई की गई और भय दिखाकर मनमाफिक बयान पर हस्ताक्षर व अंगूठे के निशान लगवाए गए। इस घटना की प्रत्यक्षदर्शी स्कूल की सफाईकर्मी शिवकली देवी हैं, जिनका वीडियो बयान मौजूद है जिसमें वे कह रही हैं कि हमलावर अज्ञात था, जिससे इन तीनों की निर्दोषता साफ प्रमाणित होती है। धरने के माध्यम से दिनेश प्रसाद कुशवाहा एवं ऐक्टू ने जिलाधिकारी से तत्काल कदम उठाने की मांग की है। इसमें 10 और 11 जुलाई 2026 के गड़हिया व मधुबन थाने के सीसीटीवी फुटेज व हाजत रजिस्टर को तुरंत जब्त करने, बर्बर पिटाई से घायल तीनों पीड़ितों की री-मेडिकल जांच और इलाज कराने की मांग शामिल है। इसके अलावा दोषी थानाध्यक्ष गड़हिया, थानाध्यक्ष मधुबन और SDPO पकड़ीदयाल के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें तत्काल निलंबित करने तथा निष्पक्ष जांच के लिए स्वतंत्र एसआईटी (SIT) गठित करने की मांग की गई है। ज्ञापन में इस पूरे कांड के जरिए राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे स्थानीय विधायक राणा रणधीर सिंह, कथित रूप से अवैध तरीके से बहाल रात्रि प्रहरी सूर्यभूषण सिंह, प्रधानाध्यापक राकेश कुमार और शिक्षिका ममता कुमारी की भूमिका (मोबाइल सीडीआर) की जांच कराने की भी मांग की गई है। साथ ही, माध्यमिक विद्यालय खोदादपुर के प्रधानाध्यापक राकेश कुमार के खिलाफ वित्तीय अनियमितता की जांच करने, विधायक द्वारा जबरन हटाए गए दर्जनों रात्रि प्रहरियों और फर्जी आयु अभिलेख बनाकर सेवामुक्त किए गए रसोइयों को अविलंब बहाल करने तथा दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने की पुरजोर मांग उठाई गई है।
पूर्वी चंपारण के मोतिहारी में गड़हिया थाना पुलिस द्वारा की गई अवैध गिरफ्तारी और पुलिस बर्बरता के खिलाफ ऑल इंडिया सेन्ट्रल कॉउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियन्स (ऐक्टू) ने जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना देकर मांग पत्र सौंपा। यह विरोध प्रदर्शन गड़हिया थाना कांड संख्या-166/2026 के तहत तीन निर्दोष व्यक्तियों की अवैध हिरासत और पुलिस अत्याचार के विरोध में किया गया। इस शांतिपूर्ण धरने में सभी वक्ताओं ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया और बाद में जिलाधिकारी के शिष्टमंडल को अपनी मांगें सौंपीं। आरोप है कि आगामी 10 जुलाई 2026 को सुबह करीब 11:00 बजे गड़हिया थाना पुलिस ने तीन व्यक्तियों—रसोइया शंभू शरण, जबरन सेवा से हटाए गए रात्रि प्रहरी रजनीश कुमार और मिथिलेश कुमार को उमेश नंदन सिंह पर हुए हमले के एक फर्जी फर्द बयान के आधार पर गिरफ्तार किया था। उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 58 का खुला उल्लंघन करते हुए इन्हें 24 घंटे के भीतर न्यायालय में पेश नहीं किया गया और गड़हिया थाने की हाजत में अवैध रूप से रखा गया। स्थानीय जनप्रतिनिधि के दबाव में, थानाध्यक्ष मधुबन और SDPO पकड़ीदयाल की उपस्थिति में रात भर इनकी बर्बरतापूर्वक पिटाई की गई और भय दिखाकर मनमाफिक बयान पर हस्ताक्षर व अंगूठे के निशान लगवाए गए। इस घटना की प्रत्यक्षदर्शी स्कूल की सफाईकर्मी शिवकली देवी हैं, जिनका वीडियो बयान मौजूद है जिसमें वे कह रही हैं कि हमलावर अज्ञात था, जिससे इन तीनों की निर्दोषता साफ प्रमाणित होती है। धरने के माध्यम से दिनेश प्रसाद कुशवाहा एवं ऐक्टू ने जिलाधिकारी से तत्काल कदम उठाने की मांग की है। इसमें 10 और 11 जुलाई 2026 के गड़हिया व मधुबन थाने के सीसीटीवी फुटेज व हाजत रजिस्टर को तुरंत जब्त करने, बर्बर पिटाई से घायल तीनों पीड़ितों की री-मेडिकल जांच और इलाज कराने की मांग शामिल है। इसके अलावा दोषी थानाध्यक्ष गड़हिया, थानाध्यक्ष मधुबन और SDPO पकड़ीदयाल के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें तत्काल निलंबित करने तथा निष्पक्ष जांच के लिए स्वतंत्र एसआईटी (SIT) गठित करने की मांग की गई है। ज्ञापन में इस पूरे कांड के जरिए राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे स्थानीय विधायक राणा रणधीर सिंह, कथित रूप से अवैध तरीके से बहाल रात्रि प्रहरी सूर्यभूषण सिंह, प्रधानाध्यापक राकेश कुमार और शिक्षिका ममता कुमारी की भूमिका (मोबाइल सीडीआर) की जांच कराने की भी मांग की गई है। साथ ही, माध्यमिक विद्यालय खोदादपुर के प्रधानाध्यापक राकेश कुमार के खिलाफ वित्तीय अनियमितता की जांच करने, विधायक द्वारा जबरन हटाए गए दर्जनों रात्रि प्रहरियों और फर्जी आयु अभिलेख बनाकर सेवामुक्त किए गए रसोइयों को अविलंब बहाल करने तथा दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने की पुरजोर मांग उठाई गई है।
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- बिहार के औरंगाबाद जिले के हसनपुरा प्रखंड अंतर्गत आने वाली टाल पंचायत में उम्र का एक गजब खेल देखने को मिला है।1
- बिहार के किशनगंज में सात निश्चय योजना 3 के तहत सभी पंचायतों में जीविका सुधा बिक्री केंद्र खोले जाएंगे। इन केंद्रों को खोलने के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक आवेदक 24 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, जो कि आवेदन करने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। इस योजना को लेकर जीविका किशनगंज की जिला परियोजना प्रबंधक श्रीमती अनुराधा चंद्रा ने जीविका दीदियों से आगे आने और आवेदन करने की विशेष अपील की है ताकि सभी पंचायतों में इन बिक्री केंद्रों की स्थापना सुनिश्चित की जा सके।2
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- पूर्वी चंपारण के बनकटवा स्थित बौद्धि माई मंदिर के पास से पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए गांजे की डिलीवरी देने आए एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। शुरुआती तलाशी के दौरान पुलिस ने अभियुक्त के पास से करीब 15 किलोग्राम गांजा बरामद किया। इसके बाद पुलिस टीम ने गिरफ्तार तस्कर की निशानदेही पर उसके घर पर विधिवत छापेमारी की। छापेमारी के दौरान घर के परिसर में बने भूसा रखने वाले कोठार में छिपाकर रखे गए गांजे के 5 बंडल बरामद हुए। इस प्रकार पुलिस ने कुल 86 किलोग्राम गांजा जब्त किया है। यह बरामदगी दंडाधिकारी की मौजूदगी में की गई। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान लखौरा थाना क्षेत्र निवासी पचू राय (40 वर्ष), पिता देवचन्द्र राय के रूप में हुई है। पुलिस ने अभियुक्त के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इस तस्करी नेटवर्क में शामिल अन्य तस्करों की तलाश और पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने के लिए पुलिस द्वारा पूछताछ की जा रही है।1