मध्य प्रदेश के पेंच नेशनल पार्क का बफर जोन अब पर्यटकों के लिए 'सफर' नहीं, बल्कि 'तस्करों का अड्डा' बन गया है। बिछुआ के कुभपानी और थोटा के जंगलों में हर रात सागौन के पेड़ों का बड़े पैमाने पर अवैध कटान हो रहा है। ग्रामीण आरोप लगा रहे हैं कि अधिकारी साहबों की कुर्सियों पर फाइलें हैं, पर जंगल को बचाने के लिए फुर्सत नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, घड़ी में 11 बजते ही बोलेरो, पिकअप और छोटा हाथी जैसी गाड़ियों में 7-7 हट्टे-कट्टे तस्कर कुभपानी और थोटा के जंगल में उतर जाते हैं। ये तस्कर आरी लेकर 25 साल पुराने सागौन के पेड़ों को निशाना बनाते हैं और मात्र 20 मिनट में एक पेड़ को काटकर उसके 5-5 फीट के टुकड़े कर देते हैं। सुबह 4 बजे तक लगभग ₹12 लाख की लकड़ी पार कर दी जाती है और अगली रात फिर यही सिलसिला शुरू हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि वे तीन महीने से लगातार रेंज कार्यालय में फोन करके गाड़ियों के नंबर और समय सहित पूरी जानकारी दे रहे हैं, लेकिन उन्हें हमेशा 'स्टाफ नहीं है' का जवाब मिलता है। थोटा की सुमित्रा बाई जैसी स्थानीय निवासी तंज कस रही हैं कि जब जंगल कट रहा है और अधिकारी एसी में सो रहे हैं, तो स्टाफ को तनख्वाह किस बात की मिल रही है; उन्होंने तो महीने भर से बीट गार्ड को जंगल में देखा तक नहीं। कुभपानी-थोटा रोड पर कोई बैरियर न होने से तस्करों को खुला न्योता मिल रहा है। एक पेड़ की कीमत ₹40 हजार है, और एक रात में 10 पेड़ों की कटाई से ₹4 लाख का नुकसान होता है। इस हिसाब से, एक महीने में ₹2.5 करोड़ और तीन महीने में ₹7.5 करोड़ का जंगल स्वाहा हो चुका है। ग्रामीण खुले तौर पर सवाल उठा रहे हैं कि 'जब तक ऊपर से नीचे तक मिलीभगत नहीं होगी, रोज-रोज तस्करी कैसे होगी?' उन्होंने उच्च अधिकारियों से लापरवाह अफसरों को हटाने और रात में गश्त करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि सागौन सिर्फ पेड़ नहीं, बल्कि पेंच की सांस है, बाघों की छतरी और गांव का सहारा है। यदि यह कटान ऐसे ही जारी रहा, तो पाँच सालों में कुभपानी का बफर रेगिस्तान बन जाएगा, जिससे न बाघ बचेंगे, न बारिश होगी और न ही रोजगार मिलेगा। सवाल सीधा है कि जब जंगल के रखवाले ही आंखें मूंद लें, तो इसे तस्करों से कौन बचाएगा?
मध्य प्रदेश के पेंच नेशनल पार्क का बफर जोन अब पर्यटकों के लिए 'सफर' नहीं, बल्कि 'तस्करों का अड्डा' बन गया है। बिछुआ के कुभपानी और थोटा के जंगलों में हर रात सागौन के पेड़ों का बड़े पैमाने पर अवैध कटान हो रहा है। ग्रामीण आरोप लगा रहे हैं कि अधिकारी साहबों की कुर्सियों पर फाइलें हैं, पर जंगल को बचाने के लिए फुर्सत नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, घड़ी में 11 बजते ही बोलेरो, पिकअप और छोटा हाथी जैसी गाड़ियों में 7-7 हट्टे-कट्टे तस्कर कुभपानी और थोटा के जंगल में उतर जाते हैं। ये तस्कर आरी लेकर 25 साल पुराने सागौन के पेड़ों को निशाना बनाते हैं और मात्र 20 मिनट में एक पेड़ को काटकर उसके 5-5 फीट के टुकड़े कर देते हैं। सुबह 4 बजे तक लगभग ₹12 लाख की लकड़ी पार कर दी जाती है और अगली रात फिर यही सिलसिला शुरू हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि वे तीन महीने से लगातार रेंज कार्यालय में फोन करके गाड़ियों के नंबर और समय सहित पूरी जानकारी दे रहे हैं, लेकिन उन्हें हमेशा 'स्टाफ नहीं है' का जवाब मिलता है। थोटा की सुमित्रा बाई जैसी स्थानीय निवासी तंज कस रही हैं कि जब जंगल कट रहा है और अधिकारी एसी में सो रहे हैं, तो स्टाफ को तनख्वाह किस बात की मिल रही है; उन्होंने तो महीने भर से बीट गार्ड को जंगल में देखा तक नहीं। कुभपानी-थोटा रोड पर कोई बैरियर न होने से तस्करों को खुला न्योता मिल रहा है। एक पेड़ की कीमत ₹40 हजार है, और एक रात में 10 पेड़ों की कटाई से ₹4 लाख का नुकसान होता है। इस हिसाब से, एक महीने में ₹2.5 करोड़ और तीन महीने में ₹7.5 करोड़ का जंगल स्वाहा हो चुका है। ग्रामीण खुले तौर पर सवाल उठा रहे हैं कि 'जब तक ऊपर से नीचे तक मिलीभगत नहीं होगी, रोज-रोज तस्करी कैसे होगी?' उन्होंने उच्च अधिकारियों से लापरवाह अफसरों को हटाने और रात में गश्त करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि सागौन सिर्फ पेड़ नहीं, बल्कि पेंच की सांस है, बाघों की छतरी और गांव का सहारा है। यदि यह कटान ऐसे ही जारी रहा, तो पाँच सालों में कुभपानी का बफर रेगिस्तान बन जाएगा, जिससे न बाघ बचेंगे, न बारिश होगी और न ही रोजगार मिलेगा। सवाल सीधा है कि जब जंगल के रखवाले ही आंखें मूंद लें, तो इसे तस्करों से कौन बचाएगा?
- छिंदवाड़ा जिले की बिछुआ तहसील के खदवेली में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां कुछ ज़मीन ख़रीदने वाले कथित तौर पर ग़ैरक़ानूनी तरीक़े से खसरा-खतौनी हटाकर ज़मीनें ख़रीद रहे हैं। इन ज़मीन ख़रीदने वालों पर झगड़ा करने और दबंगई दिखाने का आरोप है। यह सब राजस्व विभाग के साथ 'सेटिंग' करके किया जा रहा है, जिसके चलते क्षेत्र में ज़मीन और सीमा से जुड़े विवाद लगातार बढ़ रहे हैं।1
- छिंदवाड़ा जिले के अंतर्गत छिंदवाड़ा शहर में स्थित छोटे तालाब की नियमित स्वच्छता बनाए रखने का आग्रह किया गया है। इसके तहत तालाब से गाद, खरपतवार और अन्य कचरे को हटाने के लिए निरंतर सफाई अभियान चलाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। 'स्वच्छता की नई पहल बढ़ाए हाथ कर सफाई साथ' के आह्वान के साथ, इस प्रयास को जल संरक्षण, जैव विविधता और समग्र स्वच्छता बनाए रखने में सहायक बताया गया है। सभी से मिलकर स्वच्छ और सुंदर जल स्रोतों को संरक्षित करने की अपील की गई है, जो स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के लक्ष्यों के अनुरूप है और 'स्वच्छ तालाब, स्वस्थ पर्यावरण' के संदेश को बढ़ावा देता है।1
- सिंगोड़ी के पास पेंच नदी के निकट आज सुबह लगभग 11 बजे एक बाइक और कार की जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में 55 वर्षीय सुगनलाल डोलेकर की मृत्यु हो गई, जबकि युवक बबलू डोलेकर गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह हादसा कार के रॉन्ग साइड से आने के कारण हुआ। मिली जानकारी के अनुसार, थावड़ी टेका निवासी सुगनलाल डोलेकर और बबलू डोलेकर बाइक से छिंदवाड़ा की ओर जा रहे थे। इसी दौरान छिंदवाड़ा की दिशा से आ रही कार क्रमांक MP28 CA 5538 ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद दोनों घायलों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया गया। सुगनलाल डोलेकर की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें नागपुर रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं, घायल युवक बबलू डोलेकर का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद कार सवार मौके से फरार हो गए। पुलिस ने इस मामले में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और फरार कार चालक की तलाश की जा रही है। घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।1
- छिंदवाड़ा के नागपुर रोड स्थित इनर ग्राउंड में शनिवार सुबह 11 बजे आदिवासी प्रीमियर लीग (APL) 2026 सीजन-2 का शानदार आगाज हो गया। सर्व आदिवासी समाज के तत्वावधान में आयोजित इस हल्की टेनिस बॉल क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन नगर निगम महापौर विक्रम अहके ने किया। महापौर ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका हौसला बढ़ाया और उन्हें शानदार प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर, महापौर और आयोजन के मुख्य संरक्षक विक्रम अहके ने बताया कि इस लीग का मुख्य उद्देश्य युवाओं को खेलों से जोड़ना और स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी काबिलियत साबित करने का बेहतर मंच प्रदान करना है।1
- परासिया नगर पालिका परिषद क्षेत्र में नालियों की सफाई न होने से चारों ओर गंदगी का आलम बना हुआ है। शिकायत है कि इस गंभीर समस्या पर न तो वार्ड पार्षद ध्यान दे रही हैं और न ही नगर पालिका द्वारा नालियों की सफाई करवाई जा रही है। जब नगर पालिका से इस संबंध में बात की जाती है और उन्हें नाली साफ करने के लिए कहा जाता है, तो वे जवाब देते हैं कि उन्हें कचरा उठाने के लिए डीजल उपलब्ध नहीं हो रहा है।1
- सौंसर/पिपला नारायणवार के बस स्टैंड परिसर में संचालित शराब दुकान के विरोध में नगर कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में एक अनिश्चितकालीन जनजागरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया है। इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य शराब की दुकान को सार्वजनिक स्थान से हटाना और पूरे क्षेत्र को नशा मुक्त व सुरक्षित बनाना है। इस दौरान स्थानीय निवासियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में एकत्रित होकर अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक विजय रेवनाथ चौरे ने इस बात पर जोर दिया कि बस स्टैंड एक अत्यंत व्यस्त और सार्वजनिक स्थान है, जहाँ शराब की दुकान का संचालन पूरी तरह से जनहित के विरुद्ध है। उन्होंने बताया कि इस दुकान के कारण स्थानीय नागरिकों, महिलाओं, स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों और बाहर से आने वाले यात्रियों को प्रतिदिन भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विधायक ने इसे एक गंभीर मुद्दा बताते हुए आश्वासन दिया कि जनता की इन भावनाओं को उच्च स्तर पर मजबूती से उठाया जाएगा और इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाएगा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों ने इस मुहिम को व्यापक रूप देने का संकल्प लिया है। कांग्रेस नेता अशोक चौधरी, चिधबा महाराज सरोदे और नगर कांग्रेस अध्यक्ष कैलाश चौधरी ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई केवल एक शराब दुकान को हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे क्षेत्र को अपराध और नशे से मुक्त रखने के लिए छेड़ा गया एक व्यापक जन आंदोलन है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं और प्रशासन उचित कार्रवाई नहीं करता, तब तक यह अनिश्चितकालीन जनजागरण कार्यक्रम निरंतर जारी रहेगा। इस विरोध प्रदर्शन में जिला को-ऑपरेटिव बैंक के पूर्व अध्यक्ष विजय चौधरी, ब्लॉक अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र येमदे और नगर परिषद अध्यक्ष अरुणा चौधरी सहित अनिल वनकर, राजू चौधरी, देवेंद्र कोचे, विनोद सालबर्डे, पांडुरंग कड़ू, अनिल चौधरी, शैलेंद्र सिंह बिसेन, गजानन वरखारे, अरुण लाडसे, हितेंद्र चौधरी, रामचंद्र मदनकर, रमेश हाते, राधेश्याम बंडे, गजानन कोचे, बबलू मैथ्रे, ज्ञानेश्वर भालेराव और हतेश बालपांडे जैसे कई स्थानीय नागरिक और कार्यकर्ता सक्रिय रूप से शामिल हुए। महिलाओं ने भजन गाकर नशे के खिलाफ अपने विरोध और जागरूकता का संदेश दिया, जिससे प्रशासन पर शराब दुकान को हटाने का दबाव और अधिक बढ़ गया है।1
- छिन्दवाड़ा-पांढुर्णा संसदीय क्षेत्र में सांसद विवेक बंटी साहू की उपस्थिति में विकास और शिक्षा से जुड़े विभिन्न भूमिपूजन कार्यक्रम संपन्न हुए। इन आयोजनों के माध्यम से क्षेत्र में बेहतर अधोसंरचना और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत की गई। इसी कड़ी में, सौसर में धनोज कुनबी समाज के भव्य सामुदायिक भवन के निर्माण का भूमिपूजन किया गया, वहीं बेरडी स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में सांसद निधि से बनने वाले अतिरिक्त कक्ष का भी शुभारंभ किया गया, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकेंगी। इसके अतिरिक्त, सांवली गांव में लगभग ₹5 लाख की लागत से बनने वाले 150 मीटर सीसी रोड निर्माण कार्य का भी भूमिपूजन हुआ। तिगांव में सरस्वती शिशु मंदिर में अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्य की शुरुआत के साथ ही, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। इस अवसर पर मौजूद जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने क्षेत्र के विकास के लिए किए जा रहे इन कार्यों की सराहना की। कार्यक्रमों के दौरान शिक्षा, सड़क और सामाजिक अधोसंरचना को मजबूत बनाने के संकल्प को दोहराया गया, जिससे विकास और शिक्षा को नई गति मिली।1
- आज जिला छिंदवाड़ा में माननीय विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर का आगमन हुआ। इस अवसर पर परासिया विधायक सोहनलाल बाल्मीक सहित कांग्रेस के सभी विधायकों ने उनका स्वागत किया।2