उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में धान खरीद को लेकर एक बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है, जहाँ शेरकोट पीसीएफ धान क्रय केंद्र पर सबसे अधिक अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, वर्ष 2025-26 के धान खरीद सत्र में फर्जी किसानों का पंजीकरण कर उनके नाम पर धान खरीद दिखाई गई और सरकारी भुगतान भी कर दिया गया, जिससे वास्तविक किसान अपनी उपज बेचने से वंचित रह गए। ग्राम रोशनगढ़ निवासी सौरभ कुमार शर्मा ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि जिन लोगों के नाम पर कृषि भूमि तक नहीं है, उनका भी किसान पंजीकरण कराकर उनके बैंक खातों में धान खरीद का भुगतान भेज दिया गया। शिकायत में जिले के अन्य धान क्रय केंद्रों पर भी गड़बड़ी का उल्लेख है, लेकिन मुख्य रूप से शेरकोट केंद्र पर करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़े का आरोप है। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। इस शिकायत की प्रतियाँ मुख्यमंत्री के साथ-साथ खाद्य एवं रसद विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी गई हैं।
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में धान खरीद को लेकर एक बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है, जहाँ शेरकोट पीसीएफ धान क्रय केंद्र पर सबसे अधिक अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, वर्ष 2025-26 के धान खरीद सत्र में फर्जी किसानों का पंजीकरण कर उनके नाम पर धान खरीद दिखाई गई और सरकारी भुगतान भी कर दिया गया, जिससे वास्तविक किसान अपनी उपज बेचने से वंचित रह गए। ग्राम रोशनगढ़ निवासी सौरभ कुमार शर्मा ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि जिन लोगों के नाम पर कृषि भूमि तक नहीं है, उनका भी किसान पंजीकरण कराकर उनके बैंक खातों में धान खरीद का भुगतान भेज दिया गया। शिकायत में जिले के अन्य धान क्रय केंद्रों पर भी गड़बड़ी का उल्लेख है, लेकिन मुख्य रूप से शेरकोट केंद्र पर करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़े का आरोप है। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। इस शिकायत की प्रतियाँ मुख्यमंत्री के साथ-साथ खाद्य एवं रसद विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी गई हैं।
- उत्तर प्रदेश के ठाकुरद्वारा नगर में बुधवार को कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए दिनदहाड़े एक मोबाइल दुकानदार का कथित रूप से अपहरण कर लिया गया। स्योहारा रोड स्थित एक दुकान के बाहर दोपहर करीब 3:30 बजे हुई इस सनसनीखेज घटना से पूरे नगर में हड़कंप मच गया, जहाँ काले रंग की थार में सवार छह-सात लोग मोबाइल दुकानदार अख्तर अली को जबरन गाड़ी में बैठाकर अपने साथ ले गए। अख्तर अली की पत्नी शबनम जहां ने कोतवाली पुलिस को दी तहरीर में बताया कि आयशा अस्पताल के पास स्थित उनके पति की मोबाइल दुकान से यह वारदात हुई। उन्हें आसपास के दुकानदारों से घटना की सूचना मिली, जिसके बाद उन्होंने पति के अपहरण की आशंका जताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बदमाशों ने सरेआम इस वारदात को अंजाम दिया, जिससे स्थानीय व्यापारियों में दहशत फैल गई। सूत्रों के मुताबिक, अपहरणकर्ताओं ने अख्तर अली को करीब तीन घंटे तक अपने साथ रखा, उनके साथ मारपीट की और फिर मुरादाबाद रोड पर छोड़कर फरार हो गए। यह पूरी घटना दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो गई है, जिसमें कुछ लोग दुकानदार को जबरन ले जाते हुए साफ दिखाई दे रहे हैं। पीड़ित के मिलने की सूचना के बाद पुलिस ने उससे पूछताछ शुरू कर दी है। दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि तहरीर और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और आरोपियों की तलाश भी जारी है।2
- अमरोहा में बहुजन समाज पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. जफर महमूद अब्बासी ने जीपीएन 7 न्यूज़ को उसके 19वें स्थापना दिवस पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने इस अवसर पर सभी को तहे दिल से मुबारकबाद पेश की।1
- अमरोहा के रजबपुर थाना क्षेत्र के अतरासी गांव में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहाँ वर्तमान ग्राम प्रधान शमशाद उर्फ भूरे के बेटे शाहनवाज उर्फ राजा का कथित तौर पर तमंचे के बल पर अपहरण कर जानलेवा हमला किया गया। आरोप है कि दबंगों ने उसे घर में खींचकर सूजे और लाठी-सरिया से वार किया, उसकी टांग में सूजा घोंप दिया, और फिर गले में गमछा डालकर जान से मारने की नीयत से गला घोंटा, यह सोचकर कि वह मर गया है, उसे छोड़कर भाग गए। यह घटना 1 जुलाई 2026 की शाम करीब 6:35 बजे हुई, जब शाहनवाज अपने पुराने घर से नए घर जा रहा था और उसके साथ प्रधान का दोस्त रियाजुल भी मोटरसाइकिल पर सवार था। प्रधान शमशाद द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, साबिर के घर के सामने घात लगाकर बैठे शाहिद, साबिर, फय्याज, जुम्मा पुत्रगण सद्दीक, आलिम, आरिफ, सालिम पुत्रगण साबिर, गुलज़ार, अंसार, ओसामा, राकिब पुत्रगण शाहिद, रहमत पुत्र जुम्मा, और फैजान पुत्र फय्याज सहित कुल 13 लोगों ने मिलकर आपराधिक षडयंत्र रचा। आरोप है कि शाहिद पुत्र सिद्दीक ने शाहनवाज की टांग में सूजे से वार किया, जबकि फैयाज और आलिम ने गमछे से उसका गला घोंट दिया। इस पूरी घटना की जानकारी रियाजुल और अन्य लोगों ने प्रधान को दी, जिसके बाद प्रधान ने तत्काल पुलिस को सूचित किया। पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित करने के बाद एंबुलेंस से शाहनवाज को अस्पताल पहुंचाया, जहाँ उसका इलाज जारी है। तहरीर में यह भी बताया गया है कि ये सभी आरोपी प्रधानी के चुनाव को लेकर प्रधान के परिवार से पुरानी रंजिश रखते हैं और दो महीने पहले भी प्रधान के परिवार पर हमला कर चुके हैं, जिससे प्रधान ने अपनी और अपने परिवार की जानमाल का खतरा बताया है। पुलिस ने प्राप्त तहरीर के आधार पर 2 जुलाई को 13 नामजद आरोपियों के खिलाफ संबंधित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जिसकी जिम्मेदारी वरिष्ठ उप निरीक्षक नरेश पाल सिंह राणा को सौंपी गई है। थाना प्रभारी विकास कुमार सहरावत ने पुष्टि की कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है और पुलिस मामले की गहनता से जांच कर वैधानिक कार्यवाही कर रही है।1
- ई-रिक्शा को लॉक करने वाले शरारती तत्वों के खिलाफ पुलिस थाने में एक ज्ञापन प्रस्तुत किया गया है।1
- अमरोहा पुलिस ने एक बार फिर अपनी उत्कृष्ट कार्यशैली का परिचय देते हुए वर्ष 2026 की आईजीआरएस (IGRS) रैंकिंग में पूरे उत्तर प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह लगातार पाँचवीं बार है जब अमरोहा पुलिस ने प्रदेश स्तर पर यह महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त की है। जनशिकायतों के त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी निस्तारण के दम पर अमरोहा पुलिस लगातार शीर्ष स्थान पर बनी हुई है। इस उपलब्धि को पुलिस विभाग की प्रभावी कार्यप्रणाली, जवाबदेही और जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशीलता का सीधा परिणाम माना जा रहा है। लगातार पाँचवीं बार प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त होने से अमरोहा पुलिस की कार्यशैली की प्रदेश स्तर पर व्यापक सराहना हो रही है। अधिकारियों ने इस सफलता का श्रेय पूरी पुलिस टीम की मेहनत, बेहतर समन्वय और जनसेवा के प्रति उनकी दृढ़ प्रतिबद्धता को दिया है।1
- अमरोहा के राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास स्थित श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय एवं संस्थान और राजस्थान के प्रतिष्ठित जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय (जोधपुर) के यूजीसी-मालवीय मिशन टीचर्स ट्रेनिंग सेंटर (एमएमटीटीसी) के बीच शिक्षा, शोध, नवाचार और शिक्षक प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक ऐतिहासिक शैक्षणिक समझौता (एमओयू) संपन्न हुआ। डॉ. सी.वी. रमन सभागार में आयोजित इस समारोह का शुभारंभ संस्थापक अध्यक्ष श्री सुधीर गिरी, यूजीसी-एमएमटीटीसी के निदेशक प्रो. (डॉ.) राजेश कुमार दुबे, प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी और कुलपति प्रो. (डॉ.) कृष्ण कांत दवे ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया, जिसके बाद दोनों संस्थानों के बीच एमओयू का आदान-प्रदान हुआ। संस्थापक अध्यक्ष श्री सुधीर गिरी ने इस अवसर पर कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ऐसे युवाओं को तैयार करना आवश्यक है, जो नौकरी खोजने वाले नहीं बल्कि रोजगार उपलब्ध कराने वाले उद्यमी और लीडर बनें। वहीं, यूजीसी-एमएमटीटीसी के निदेशक प्रो. (डॉ.) राजेश कुमार दुबे ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को ज्ञान, विज्ञान, संस्कृति और नवाचार का समन्वय बताया, जिसके प्रभावी कार्यान्वयन हेतु उच्च शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों को आधुनिक तकनीक और नवाचार आधारित प्रशिक्षण देना अनिवार्य है। प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी ने इस शैक्षणिक समझौते को शोध एवं अनुसंधान के क्षेत्र में दोनों संस्थानों के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। कुलपति प्रो. कृष्ण कांत दवे ने जानकारी दी कि इस सहयोग के तहत फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम, राष्ट्रीय कार्यशालाएं, शोध गतिविधियां और हाइब्रिड मोड में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन पहलों से शिक्षकों की क्षमता बढ़ेगी और छात्रों को वैश्विक स्तर का नेतृत्व एवं उद्यमिता कौशल विकसित करने का अवसर प्राप्त होगा। कार्यक्रम में आईक्यूएसी निदेशक डॉ. नीतू पंवार, डॉ. सुमन कश्यप, डॉ. शिल्पा रैना, डॉ. आशिया वाहिद, डॉ. अनिल जायसवाल, डॉ. अश्विन सक्सेना, डॉ. ज्योति सिंह, डॉ. मोहित शर्मा, डॉ. अरुण गोस्वामी, डॉ. रीना जोशी, मेरठ परिसर के निदेशक डॉ. पंकज सिंह और मीडिया प्रभारी विश्वास राणा सहित विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।4
- शरारती तत्व अब नई तकनीक का इस्तेमाल कर लिथियम बैटरी को बंद कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, ये शरारती तत्व रिमोट कंट्रोल का उपयोग करके ब्लूटूथ के ज़रिए एक मोबाइल ऐप की मदद से लिथियम बैटरी को बंद करने की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।1