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दिल्ली में 20 बागी TMC सांसदों के नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ़ इंडिया में विलय होने के बाद, TMC सांसद कीर्ति आज़ाद ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने विलय करने वाले इन सांसदों को सीधे तौर पर 'गद्दार' करार दिया। आज़ाद ने आरोप लगाया कि इन 'गद्दारों' के बीच असल बगावत इस बात पर है कि उनमें से कौन मंत्री (MoS) बनेगा। उन्होंने उस पार्टी, नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ़ इंडिया, जिस में इन सांसदों का विलय हुआ है, पर भी गंभीर सवाल उठाए। कीर्ति आज़ाद के अनुसार, इस पार्टी का संसद में कोई प्रतिनिधित्व नहीं है और यह एक 'अनरिकॉग्नाइज़्ड' तथा 'अनरजिस्टर्ड' पार्टी है, जिसकी कोई 'पहचान' नहीं है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह 'डेमोक्रेटिक नहीं है'।
VACC 24 News
दिल्ली में 20 बागी TMC सांसदों के नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ़ इंडिया में विलय होने के बाद, TMC सांसद कीर्ति आज़ाद ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने विलय करने वाले इन सांसदों को सीधे तौर पर 'गद्दार' करार दिया। आज़ाद ने आरोप लगाया कि इन 'गद्दारों' के बीच असल बगावत इस बात पर है कि उनमें से कौन मंत्री (MoS) बनेगा। उन्होंने उस पार्टी, नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ़ इंडिया, जिस में इन सांसदों का विलय हुआ है, पर भी गंभीर सवाल उठाए। कीर्ति आज़ाद के अनुसार, इस पार्टी का संसद में कोई प्रतिनिधित्व नहीं है और यह एक 'अनरिकॉग्नाइज़्ड' तथा 'अनरजिस्टर्ड' पार्टी है, जिसकी कोई 'पहचान' नहीं है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह 'डेमोक्रेटिक नहीं है'।
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- राजस्थान के जयपुर में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को आज पार्टी के विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने थप्पड़ मारे। इस घटना के तुरंत बाद, अभिजीत दीपके के समर्थकों ने उन युवकों को पीट डाला जिन्होंने संस्थापक को थप्पड़ मारे थे।1
- कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खरगे ने दिल्ली में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत को लिखे अपने पत्र पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। खरगे ने साफ तौर पर कहा कि उन्होंने कुछ सवाल उठाए हैं, और अब RSS व मोहन भागवत को ही उन सवालों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने पलटवार करते हुए सवाल किया कि वे खुद क्यों जवाब दें, जब RSS स्वयं पंजीकृत ही नहीं है। खरगे ने जोर देकर कहा कि वे इस बात का जवाब कैसे दे सकते हैं कि RSS खुद को पंजीकृत क्यों नहीं करता।1
- कर्नाटक में कांग्रेस सरकार की 'गृह लक्ष्मी' योजना के तहत एक बड़ा 'लूट मॉडल' उजागर हुआ है। इस योजना के अंतर्गत, लगभग 1.48 लाख मृत महिलाओं के नाम पर 128 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए हैं, जिससे करदाताओं का पैसा बर्बाद हुआ है। यह स्थिति घोर प्रशासनिक विफलता का परिणाम है, जहाँ न तो कोई उचित सत्यापन किया गया, न कोई जवाबदेही तय की गई और न ही किसी ने जिम्मेदारी ली। जहाँ कांग्रेस इसे अपनी 'गारंटी' बता रही है, वहीं इस घटना के बाद कर्नाटक के लोग इसे एक 'घोटाला' करार दे रहे हैं।1
- PS साइबर ईस्ट ने 'म्यूल बैंक अकाउंट' की आपूर्ति करने वाले एक संगठित नेटवर्क का सफलतापूर्वक भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में दस आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो साइबर धोखाधड़ी के मामलों में संलिप्त थे। पुलिस ने इनके पास से POS मशीनें, ATM कार्ड, चेक बुक और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। यह गिरोह पूरे भारत में सक्रिय साइबर जालसाजों को बैंक अकाउंट उपलब्ध कराने और उनकी व्यवस्था करने में शामिल था।1
- गाजियाबाद के लोनी इलाके से जावेद नामक एक व्यक्ति पिछले एक महीने से लापता हैं। उनके लापता होने के कारण उनकी माँ का रो-रोकर बहुत बुरा हाल हो गया है।1
- #_जगत_न्यूज़_24 परिवार की ओर से सभी को जून माह के मंगलवार की हार्दिक शुभकामनाएं दी गई हैं। इस शुभकामना संदेश की शुरुआत 'ॐ हं हनुमते नमः' के जाप के साथ की गई।1
- दिल्ली में मौसम में बदलाव देखा गया है। इस बदलाव के तहत, द्वारका के सेक्टर 12 मेट्रो स्टेशन एरिया में धूल भरी आंधी चली।1
- कवि देवदास छोटराय अपनी मर्मस्पर्शी कविता 'कटक' के माध्यम से शहर के प्रति अपने गहरे भावनात्मक जुड़ाव को व्यक्त करते हैं। कविता में वह इस शहर में 'लाख बार' फिर से लौटने की उत्कट इच्छा प्रकट करते हैं, चाहे वह 'पहले पक्षी की चोंच में उड़कर' या 'सुबह के समय घास बनकर' ही क्यों न हो। कवि की कल्पना है कि वह 'लाखों वर्षों बाद' भी शहर को 'नींद में डूबी एक लड़की की तरह' खड़ा देखेंगे, जिसकी 'उदासी भरी केशों की लहरें' और 'विनम्र आँखें भारी-भारी' दिखेंगी। वह शहर की विभिन्न छवियों को चित्रित करते हैं, जैसे 'विचलित गोधूलि' में धीरे-धीरे 'सती चौरा' पर उदास होकर मुंह छिपाते चेहरे। कविता में हाईकोर्ट की छुट्टी होने, 'सीटी बजाते कॉलेज के शरारती बच्चों' द्वारा 'बेनामी चिट्ठियाँ' लिखने, और 'मूक दोपहर' का आकाश के 'धात्विक नीलेपन' से टकराकर 'और अधिक थकी हुई' होकर जम जाना जैसी छवियाँ भी उभरती हैं। कवि 'टेलीफोन बालिका के स्वर' का भी उल्लेख करते हैं। वह यह भी देखते हैं कि 'लड़कियाँ पहले की तरह' घूमती हैं, जिनमें 'जितनी निष्ठा' है 'उतना ही संदेह' भी। व्यक्तिगत भावनाओं को जोड़ते हुए, कवि बताते हैं कि उनकी माँ 'लाखों वर्षों से शनि के स्तोत्र' पढ़ रही है और उसकी आँखों से 'अकारण आँसू बहते' हैं। उनकी प्रेमिका 'दुकान में क्षितिज खोजती' फिर रही है, जिसकी आँखें 'ठंडी, घनी और एकांत करुण' हैं। अंत में, कवि दृढ़ता से कहते हैं कि वह 'मरने के बाद भी' 'लाखों बार' कटक शहर लौटेंगे ताकि देख सकें कि यह कितना 'मनोहर', 'बेदाग सफेद टैगर' फूल जैसा दिखता है।1
- गाजियाबाद के गोविंदपुरम स्थित आश्रम मार्केट में भीषण आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया। इस अग्निकांड में गोविंदपुरम की शान मानी जाने वाली मशहूर मिठाई की तीन बड़ी दुकानें — अंकित स्वीट्स, सिंघल स्वीट्स और अग्रवाल स्वीट्स — पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और फायर विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और फौरन राहत कार्य में जुट गईं।1