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न्यायिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च ‘सुविधा’ नहीं, संवैधानिक जिम्मेदारी MP हाईकोर्ट का सरकार को दो टूक संदेश: जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने न्यायिक इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर राज्य सरकार को महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा है कि न्यायपालिका लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ है और उसे पर्याप्त बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराना सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि न्यायिक इंफ्रास्ट्रक्चर को महज सरकारी विभाग की सुविधा के तौर पर नहीं देखा जा सकता, क्योंकि इसका सीधा संबंध नागरिकों के अनुच्छेद 21 के तहत न्याय तक पहुंच के अधिकार से है। एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की पीठ ने यह टिप्पणी अनूपपुर जिला अदालत के लिए प्रस्तावित नई कोर्ट बिल्डिंग से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान की। 14 कोर्टरूम वाली नई बिल्डिंग का मामला मामले में अनूपपुर जिला न्यायालय के लिए 14 कोर्टरूम वाली नई बिल्डिंग के निर्माण की मांग सामने आई। हाईकोर्ट ने पाया कि मौजूदा जिला अदालत एक पुरानी किराए की इमारत में संचालित हो रही है। पर्याप्त जगह और आवश्यक सुविधाओं की कमी के चलते न्यायाधीशों, वकीलों, पक्षकारों और आम नागरिकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बताया गया कि वर्ष 2021 में प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृतियों के संबंध में कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे, लेकिन परियोजना लंबे समय तक बजट और सरकारी मंजूरी के इंतजार में आगे नहीं बढ़ सकी। करीब ₹45 करोड़ के प्रस्ताव पर भी देरी सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि मूल्यांकन समिति ने 17 जुलाई 2026 को लगभग ₹45 करोड़ की मंजूरी की सिफारिश की थी। हालांकि, वित्तीय कठिनाइयों के कारण राशि के आवंटन में देरी हुई। इस पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को ERP सूची में शामिल सभी लंबित न्यायिक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। कोर्टरूम की कमी पर हाईकोर्ट चिंतित पीठ ने केवल अनूपपुर ही नहीं, बल्कि जबलपुर और भोपाल जैसे बड़े शहरों में कोर्टरूम की कमी को लेकर भी चिंता जताई। अदालत ने माना कि पर्याप्त न्यायिक बुनियादी ढांचा नहीं होने का सीधा असर मामलों के निपटारे पर पड़ता है। कोर्ट के अनुसार, इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी से मुकदमों के निपटारे में देरी हो सकती है और इसका असर विचाराधीन कैदियों पर भी पड़ सकता है, जिन्हें लंबे समय तक जेल में रहना पड़ता है। ‘पैसे की कमी’ से नहीं टल सकती जिम्मेदारी हाईकोर्ट ने स्पष्ट संदेश दिया कि वित्तीय कठिनाइयों का हवाला देकर न्यायपालिका को आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर और संसाधनों से वंचित नहीं किया जा सकता। न्याय तक प्रभावी और समयबद्ध पहुंच सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त कोर्टरूम, भवन और अन्य सुविधाएं आवश्यक हैं। पीठ ने उम्मीद जताई कि एडवोकेट जनरल इस मामले से मुख्यमंत्री को अवगत कराएंगे और अगली सुनवाई में सरकार की ओर से किसी ठोस समाधान के साथ अदालत के समक्ष स्थिति रखी जाएगी। 📌 CASE: Basudev Chatterjee v. State of Madhya Pradesh & Others WP No. 6278 of 2025 अगली सुनवाई: 30 सितंबर 2026 हाईकोर्ट का संदेश साफ है—न्यायपालिका के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर कोई अतिरिक्त सुविधा नहीं, बल्कि नागरिकों को न्याय तक पहुंच दिलाने की बुनियादी जरूरत है।

2 hrs ago
user_Deepak ojha
Deepak ojha
Local News Reporter गुना नगर, गुना, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago
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न्यायिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च ‘सुविधा’ नहीं, संवैधानिक जिम्मेदारी MP हाईकोर्ट का सरकार को दो टूक संदेश: जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने न्यायिक इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर राज्य सरकार को महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा है कि न्यायपालिका लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ है और उसे पर्याप्त बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराना सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि न्यायिक इंफ्रास्ट्रक्चर को महज सरकारी विभाग की सुविधा के तौर पर नहीं देखा जा सकता, क्योंकि इसका सीधा संबंध नागरिकों के अनुच्छेद 21 के तहत न्याय तक पहुंच के अधिकार से है। एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की पीठ ने यह टिप्पणी अनूपपुर जिला अदालत के लिए प्रस्तावित नई कोर्ट बिल्डिंग से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान की। 14 कोर्टरूम वाली नई बिल्डिंग का मामला मामले में अनूपपुर जिला न्यायालय के लिए 14 कोर्टरूम वाली नई बिल्डिंग के निर्माण की मांग सामने आई। हाईकोर्ट ने पाया कि मौजूदा जिला अदालत एक पुरानी किराए की इमारत में संचालित हो रही है। पर्याप्त जगह और आवश्यक सुविधाओं की कमी के चलते न्यायाधीशों, वकीलों, पक्षकारों और आम नागरिकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बताया गया कि वर्ष 2021 में प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृतियों के संबंध में कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे, लेकिन परियोजना लंबे समय तक बजट और सरकारी मंजूरी के इंतजार में आगे नहीं बढ़ सकी। करीब ₹45 करोड़ के प्रस्ताव पर भी देरी सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि मूल्यांकन समिति ने 17 जुलाई 2026 को लगभग ₹45 करोड़ की मंजूरी की सिफारिश की थी। हालांकि, वित्तीय कठिनाइयों के कारण राशि के आवंटन में देरी हुई। इस पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को ERP सूची में शामिल सभी लंबित न्यायिक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। कोर्टरूम की कमी पर हाईकोर्ट चिंतित पीठ ने केवल अनूपपुर ही नहीं, बल्कि जबलपुर और भोपाल जैसे बड़े शहरों में कोर्टरूम की कमी को लेकर भी चिंता जताई। अदालत ने माना कि पर्याप्त न्यायिक बुनियादी ढांचा नहीं होने का सीधा असर मामलों के निपटारे पर पड़ता है। कोर्ट के अनुसार, इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी से मुकदमों के निपटारे में देरी हो सकती है और इसका असर विचाराधीन कैदियों पर भी पड़ सकता है, जिन्हें लंबे समय तक जेल में रहना पड़ता है। ‘पैसे की कमी’ से नहीं टल सकती जिम्मेदारी हाईकोर्ट ने स्पष्ट संदेश दिया कि वित्तीय कठिनाइयों का हवाला देकर न्यायपालिका को आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर और संसाधनों से वंचित नहीं किया जा सकता। न्याय तक प्रभावी और समयबद्ध पहुंच सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त कोर्टरूम, भवन और अन्य सुविधाएं आवश्यक हैं। पीठ ने उम्मीद जताई कि एडवोकेट जनरल इस मामले से मुख्यमंत्री को अवगत कराएंगे और अगली सुनवाई में सरकार की ओर से किसी ठोस समाधान के साथ अदालत के समक्ष स्थिति रखी जाएगी। 📌 CASE: Basudev Chatterjee v. State of Madhya Pradesh & Others WP No. 6278 of 2025 अगली सुनवाई: 30 सितंबर 2026 हाईकोर्ट का संदेश साफ है—न्यायपालिका के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर कोई अतिरिक्त सुविधा नहीं, बल्कि नागरिकों को न्याय तक पहुंच दिलाने की बुनियादी जरूरत है।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • नेपाल में बाढ़ का खौफनाक मंजर: छत पर फंसे शख्स ने कपड़ा घुमाकर मांगी मदद, हेलीकॉप्टर ने किया सुरक्षित रेस्क्यू नेपाल में बाढ़ का खौफनाक मंजर: छत पर फंसे शख्स ने कपड़ा घुमाकर मांगी मदद, हेलीकॉप्टर ने किया सुरक्षित रेस्क्यू नेपाल। नेपाल में भीषण फ्लैश फ्लड के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन का एक दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आया है। चारों तरफ पानी, कीचड़ और मलबे से घिरे एक व्यक्ति ने इमारत की छत पर फंसने के बाद आसमान में उड़ रहे हेलीकॉप्टर को कपड़ा घुमाकर मदद का संकेत दिया। हेलीकॉप्टर ने संकेत मिलने के बाद वहां पहुंचकर व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। छत बनी जिंदगी का आखिरी सहारा वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि बाढ़ की तेज धारा ने आसपास के इलाके को पूरी तरह मलबे और कीचड़ में बदल दिया है। व्यक्ति एक इमारत की छत पर फंसा हुआ था और नीचे उतरने का कोई सुरक्षित रास्ता नहीं था। इसी दौरान उसे आसमान में रेस्क्यू हेलीकॉप्टर दिखाई दिया। व्यक्ति ने कपड़ा घुमाकर हेलीकॉप्टर का ध्यान अपनी ओर खींचा। संकेत मिलने के बाद हेलीकॉप्टर ने उसके पास पहुंचकर रेस्क्यू किया। नेपाल में बड़े पैमाने पर रेस्क्यू अभियान यह घटना नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बीच सामने आई है। भारी मात्रा में पानी, चट्टान और मलबे की तेज धारा ने कई इलाकों में घरों, सड़कों और पुलों को तबाह कर दिया है। सड़क संपर्क टूटने के कारण कई दुर्गम क्षेत्रों में फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए हेलीकॉप्टर रेस्क्यू बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। रिपोर्टों के मुताबिक नेपाल में राहत एवं बचाव दल हेलीकॉप्टरों की मदद से फंसे लोगों को निकालने और प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी सामान पहुंचाने में जुटे हैं। एक नेपाली अधिकारी के अनुसार अब तक 239 लोगों को हेलीकॉप्टर से निकाला जा चुका है। एक इशारा और बच गई जिंदगी बाढ़ की तबाही के बीच छत पर फंसे व्यक्ति का हेलीकॉप्टर को कपड़ा घुमाकर संकेत देना और फिर सुरक्षित निकाला जाना इस आपदा के बीच उम्मीद और मानवीय रेस्क्यू का भावुक दृश्य बन गया है। घटना/वीडियो अपडेट: 26–27 अगस्त 2026
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    नेपाल में बाढ़ का खौफनाक मंजर: छत पर फंसे शख्स ने कपड़ा घुमाकर मांगी मदद, हेलीकॉप्टर ने किया सुरक्षित रेस्क्यू
नेपाल में बाढ़ का खौफनाक मंजर: छत पर फंसे शख्स ने कपड़ा घुमाकर मांगी मदद, हेलीकॉप्टर ने किया सुरक्षित रेस्क्यू
नेपाल। नेपाल में भीषण फ्लैश फ्लड के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन का एक दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आया है। चारों तरफ पानी, कीचड़ और मलबे से घिरे एक व्यक्ति ने इमारत की छत पर फंसने के बाद आसमान में उड़ रहे हेलीकॉप्टर को कपड़ा घुमाकर मदद का संकेत दिया। हेलीकॉप्टर ने संकेत मिलने के बाद वहां पहुंचकर व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
छत बनी जिंदगी का आखिरी सहारा
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि बाढ़ की तेज धारा ने आसपास के इलाके को पूरी तरह मलबे और कीचड़ में बदल दिया है। व्यक्ति एक इमारत की छत पर फंसा हुआ था और नीचे उतरने का कोई सुरक्षित रास्ता नहीं था। इसी दौरान उसे आसमान में रेस्क्यू हेलीकॉप्टर दिखाई दिया।
व्यक्ति ने कपड़ा घुमाकर हेलीकॉप्टर का ध्यान अपनी ओर खींचा। संकेत मिलने के बाद हेलीकॉप्टर ने उसके पास पहुंचकर रेस्क्यू किया।
नेपाल में बड़े पैमाने पर रेस्क्यू अभियान
यह घटना नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बीच सामने आई है। भारी मात्रा में पानी, चट्टान और मलबे की तेज धारा ने कई इलाकों में घरों, सड़कों और पुलों को तबाह कर दिया है। सड़क संपर्क टूटने के कारण कई दुर्गम क्षेत्रों में फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए हेलीकॉप्टर रेस्क्यू बेहद महत्वपूर्ण हो गया है।
रिपोर्टों के मुताबिक नेपाल में राहत एवं बचाव दल हेलीकॉप्टरों की मदद से फंसे लोगों को निकालने और प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी सामान पहुंचाने में जुटे हैं। एक नेपाली अधिकारी के अनुसार अब तक 239 लोगों को हेलीकॉप्टर से निकाला जा चुका है।
एक इशारा और बच गई जिंदगी
बाढ़ की तबाही के बीच छत पर फंसे व्यक्ति का हेलीकॉप्टर को कपड़ा घुमाकर संकेत देना और फिर सुरक्षित निकाला जाना इस आपदा के बीच उम्मीद और मानवीय रेस्क्यू का भावुक दृश्य बन गया है।
घटना/वीडियो अपडेट: 26–27 अगस्त 2026
    user_Deepak ojha
    Deepak ojha
    Local News Reporter गुना नगर, गुना, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • गुना अंडरपास की जर्जर हालत पर उठी आवाज, DRM भोपाल से तत्काल जीर्णोद्धार की मांग गुना रेलवे स्टेशन एवं EN कार्यालय के समीप स्थित अंडरपास की जर्जर हालत को लेकर यात्री सेवा संगठन मध्य प्रदेश के अध्यक्ष एवं पूर्व पश्चिम मध्य रेलवे रेल उपभोक्ता परामर्शदात्री समिति (XZRUCC) सदस्य सुनील आचार्य ने मंडल रेल प्रबंधक (DRM) भोपाल सहित संबंधित DEN एवं EN अधिकारियों को पत्र भेजकर तत्काल निरीक्षण एवं जीर्णोद्धार की मांग की है। आचार्य ने पत्र में बताया कि यह अंडरपास गुना रेलवे स्टेशन एवं EN कार्यालय से लगभग 200 मीटर की दूरी पर स्थित है। अंडरपास के दूसरी ओर श्रीराम कॉलोनी सहित दर्जनों कॉलोनियां हैं, जिनमें रहने वाले हजारों छात्र-छात्राओं एवं आम राहगीरों के लिए यह प्रमुख आवागमन मार्ग है। कॉलोनियों को जोड़ने वाला यह मार्ग कम दूरी का होने के कारण दिन-रात लोगों के आवागमन में उपयोग होता है। उन्होंने बताया कि अंडरपास के ऊपर से कोटा-बीना एवं इंदौर रेल लाइन गुजरती हैं और लगातार रेल यातायात संचालित होता रहता है।
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    गुना अंडरपास की जर्जर हालत पर उठी आवाज, DRM भोपाल से तत्काल जीर्णोद्धार की मांग

गुना रेलवे स्टेशन एवं EN कार्यालय के समीप स्थित अंडरपास की जर्जर हालत को लेकर यात्री सेवा संगठन मध्य प्रदेश के अध्यक्ष एवं पूर्व पश्चिम मध्य रेलवे रेल उपभोक्ता परामर्शदात्री समिति (XZRUCC) सदस्य सुनील आचार्य ने मंडल रेल प्रबंधक (DRM) भोपाल सहित संबंधित DEN एवं EN अधिकारियों को पत्र भेजकर तत्काल निरीक्षण एवं जीर्णोद्धार की मांग की है। आचार्य ने पत्र में बताया कि यह अंडरपास गुना रेलवे स्टेशन एवं EN कार्यालय से लगभग 200 मीटर की दूरी पर स्थित है। अंडरपास के दूसरी ओर श्रीराम कॉलोनी सहित दर्जनों कॉलोनियां हैं, जिनमें रहने वाले हजारों छात्र-छात्राओं एवं आम राहगीरों के लिए यह प्रमुख आवागमन मार्ग है। कॉलोनियों को जोड़ने वाला यह मार्ग कम दूरी का होने के कारण दिन-रात लोगों के आवागमन में उपयोग होता है। उन्होंने बताया कि अंडरपास के ऊपर से कोटा-बीना एवं इंदौर रेल लाइन गुजरती हैं और लगातार रेल यातायात संचालित होता रहता है।
    user_रणधीर चदेल
    रणधीर चदेल
    पत्रकार (फोटोग्राफर) Guna, Madhya Pradesh•
    8 hrs ago
  • बरसाने में राधा रानी के दर्शन… क्या अब इसके लिए भी देने पड़ते हैं पैसे? 🙏 बरसाने में राधा रानी के दर्शन… क्या अब इसके लिए भी देने पड़ते हैं पैसे? 🙏 बरसाने में श्री राधा रानी के दर्शन करने पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के बीच एक सवाल चर्चा में है—क्या राधा रानी के दर्शन के लिए भी पैसे देने पड़ते हैं? आस्था के इस पावन धाम में दर्शन व्यवस्था को लेकर आपकी क्या राय है? अपनी बात कमेंट में जरूर बताएं। 🙏🌸
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    बरसाने में राधा रानी के दर्शन… क्या अब इसके लिए भी देने पड़ते हैं पैसे? 🙏
बरसाने में राधा रानी के दर्शन… क्या अब इसके लिए भी देने पड़ते हैं पैसे? 🙏
बरसाने में श्री राधा रानी के दर्शन करने पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के बीच एक सवाल चर्चा में है—क्या राधा रानी के दर्शन के लिए भी पैसे देने पड़ते हैं?
आस्था के इस पावन धाम में दर्शन व्यवस्था को लेकर आपकी क्या राय है? अपनी बात कमेंट में जरूर बताएं। 🙏🌸
    user_Devesh Ojha patrakaar
    Devesh Ojha patrakaar
    Local News Reporter शाढ़ोरा, अशोकनगर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • महंगाई के खिलाफ कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन बरसते पानी में भी सड़क पर उतरे कार्यकर्ता महंगाई के खिलाफ कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन बरसते पानी में भी सड़क पर उतरे कार्यकर्ता
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    महंगाई के खिलाफ कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन बरसते पानी में भी सड़क पर उतरे कार्यकर्ता
महंगाई के खिलाफ कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन बरसते पानी में भी सड़क पर उतरे कार्यकर्ता
    user_Rahul Saxena
    Rahul Saxena
    आरौन, गुना, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • भारी भीड़ सूरत में आज देखने को मिली और आप लोगों को बता दूं वीडियो को शेयर करें
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    भारी भीड़ सूरत में आज देखने को मिली और आप लोगों को बता दूं वीडियो को शेयर करें
    user_Arbind Kumar
    Arbind Kumar
    Farmer Badarwas, Shivpuri•
    1 hr ago
  • 2036 ओलंपिक की मेजबानी को लेकर भारत की तैयारी तेज. | 2036 ओलंपिक की मेजबानी को लेकर भारत की तैयारी तेज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेलो इंडिया और ओलंपिक मिशन को लेकर खेल विशेषज्ञों व युवा एथलीटों के साथ संवाद कार्यक्रम की रूपरेखा तय की है। 2036 ओलंपिक की दावेदारी को मजबूत करने के लिए देश भर में विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण और जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को तराशने के लिए व्यापक वित्तीय सहायता योजनाएं लागू की जा रही हैं।
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    2036 ओलंपिक की मेजबानी को लेकर भारत की तैयारी तेज.   |

2036 ओलंपिक की मेजबानी को लेकर भारत की तैयारी तेज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेलो इंडिया और ओलंपिक मिशन को लेकर खेल विशेषज्ञों व युवा एथलीटों के साथ संवाद कार्यक्रम की रूपरेखा तय की है। 2036 ओलंपिक की दावेदारी को मजबूत करने के लिए देश भर में विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण और जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को तराशने के लिए व्यापक वित्तीय सहायता योजनाएं लागू की जा रही हैं।
    user_Ravindra
    Ravindra
    Singer अशोकनगर, अशोकनगर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • ग्रामीणों की समस्या को लेकर विधानसभा में याचिका प्रस्तुत करेंगे विधायक इंजीनियर हरि बाबू राय, ग्रामीणों की समस्या को लेकर विधानसभा में याचिका प्रस्तुत करेंगे विधायक इंजी. हरिबाबू राय अशोकनगर। विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कुन्दौली में भ्रमण के दौरान विधायक इंजी. हरिबाबू राय ने ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान ग्रामीणों ने दूसरे गांव को जोड़ने वाली कच्ची सड़क पर बनी पुलिया के बरसात में क्षतिग्रस्त होकर बह जाने की समस्या से अवगत कराया। ग्रामीणों ने बताया कि पुलिया क्षतिग्रस्त होने के कारण आवागमन बाधित हो गया है और उन्हें दूसरी ओर जाने के लिए करीब 10 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। इससे ग्रामीणों, विद्यार्थियों, किसानों एवं अन्य लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विधायक इंजी. हरिबाबू राय ने मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त पुलिया एवं मार्ग की स्थिति का जायजा लिया तथा ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्या के स्थायी समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। विधायक ने बताया कि ग्रामीणों की इस महत्वपूर्ण समस्या को याचिका के माध्यम से विधानसभा के समक्ष रखा जाएगा, ताकि संबंधित विभाग का ध्यान आकर्षित कर पुलिया के शीघ्र निर्माण एवं आवागमन की व्यवस्था सुचारू कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। विधायक ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क और आवागमन से जुड़ी समस्याओं का समाधान उनकी प्राथमिकता है और क्षेत्रवासियों की समस्याओं को उचित मंच पर मजबूती से उठाया जाएगा।
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    ग्रामीणों की समस्या को लेकर विधानसभा में याचिका  प्रस्तुत करेंगे विधायक इंजीनियर हरि बाबू राय,
ग्रामीणों की समस्या को लेकर विधानसभा में याचिका प्रस्तुत करेंगे विधायक इंजी. हरिबाबू राय
अशोकनगर। विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कुन्दौली में भ्रमण के दौरान विधायक इंजी. हरिबाबू राय ने ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान ग्रामीणों ने दूसरे गांव को जोड़ने वाली कच्ची सड़क पर बनी पुलिया के बरसात में क्षतिग्रस्त होकर बह जाने की समस्या से अवगत कराया।
ग्रामीणों ने बताया कि पुलिया क्षतिग्रस्त होने के कारण आवागमन बाधित हो गया है और उन्हें दूसरी ओर जाने के लिए करीब 10 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। इससे ग्रामीणों, विद्यार्थियों, किसानों एवं अन्य लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विधायक इंजी. हरिबाबू राय ने मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त पुलिया एवं मार्ग की स्थिति का जायजा लिया तथा ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्या के स्थायी समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
विधायक ने बताया कि ग्रामीणों की इस महत्वपूर्ण समस्या को याचिका के माध्यम से विधानसभा के समक्ष रखा जाएगा, ताकि संबंधित विभाग का ध्यान आकर्षित कर पुलिया के शीघ्र निर्माण एवं आवागमन की व्यवस्था सुचारू कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
विधायक ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क और आवागमन से जुड़ी समस्याओं का समाधान उनकी प्राथमिकता है और क्षेत्रवासियों की समस्याओं को उचित मंच पर मजबूती से उठाया जाएगा।
    user_Neeraj sharma
    Neeraj sharma
    Local News Reporter अशोकनगर, अशोकनगर, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • 11 गोवंश की मौत के बाद नेशनल हाइवे-46 पर बवाल,ग्रामीणों ने लगाया चक्काजाम; ट्रक चालक फरार गुना। NH-46 हाईवे पर बुधवार देर रात एक दर्दनाक हादसे में 11 गोवंश की मौत हो गई। चिंताहरण मंदिर के पास सड़क पर बैठे गोवंश को तेज रफ्तार ट्रक ने कुचल दिया। हादसे के बाद मौके पर गोवंश के शव बिखर गए, जिसके चलते ग्रामीणों और गौसेवकों में भारी आक्रोश फैल गया। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार ट्रक चालक हादसे के बाद मौके से फरार हो गया। *हादसे के बाद NH-46 पर दो घंटे चक्काजाम* घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और गौसेवक मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने आवारा गोवंश की समस्या के स्थायी समाधान, सड़क पर स्पीड ब्रेकर, चेतावनी संकेतक और पर्याप्त स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग को लेकर NH-46 पर चक्काजाम कर दिया। जाम के कारण हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात प्रभावित रहा। पुलिस एवं प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत की। प्रशासन की ओर से उचित कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद करीब दो घंटे बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन समाप्त किया। *ट्रक चालक फरार, तलाश में जुटी पुलिस* हादसे के बाद पुलिस ने सड़क से मृत गोवंश को हटवाकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। रिपोर्ट के मुताबिक ट्रक चालक मौके से फरार है और पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है। आसपास लगे CCTV कैमरों और अन्य माध्यमों से ट्रक की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। *ग्रामीणों का सवाल—हादसे के बाद ही क्यों जागता है प्रशासन?* ग्रामीणों का आरोप है कि NH-46 पर सड़क किनारे बैठने वाले आवारा गोवंश की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। रात में पर्याप्त रोशनी और चेतावनी संकेत नहीं होने से वाहन चालकों को सड़क पर बैठे पशु समय पर दिखाई नहीं देते। ग्रामीणों ने प्रशासन से हादसे के बाद अस्थायी कार्रवाई के बजाय स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है। बड़ा सवाल: जब हाईवे पर आवारा गोवंश की मौजूदगी दुर्घटनाओं का लगातार खतरा बन रही है, तो क्या प्रशासन हादसे का इंतजार किए बिना प्रभावी व्यवस्था करेगा?
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    11 गोवंश की मौत के बाद नेशनल हाइवे-46 पर बवाल,ग्रामीणों ने लगाया चक्काजाम; ट्रक चालक फरार
गुना। NH-46 हाईवे पर बुधवार देर रात एक दर्दनाक हादसे में 11 गोवंश की मौत हो गई। चिंताहरण मंदिर के पास सड़क पर बैठे गोवंश को तेज रफ्तार ट्रक ने कुचल दिया। हादसे के बाद मौके पर गोवंश के शव बिखर गए, जिसके चलते ग्रामीणों और गौसेवकों में भारी आक्रोश फैल गया। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार ट्रक चालक हादसे के बाद मौके से फरार हो गया। 
*हादसे के बाद NH-46 पर दो घंटे चक्काजाम*
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और गौसेवक मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने आवारा गोवंश की समस्या के स्थायी समाधान, सड़क पर स्पीड ब्रेकर, चेतावनी संकेतक और पर्याप्त स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग को लेकर NH-46 पर चक्काजाम कर दिया।
जाम के कारण हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात प्रभावित रहा। पुलिस एवं प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत की। प्रशासन की ओर से उचित कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद करीब दो घंटे बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन समाप्त किया। 
*ट्रक चालक फरार, तलाश में जुटी पुलिस*
हादसे के बाद पुलिस ने सड़क से मृत गोवंश को हटवाकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। रिपोर्ट के मुताबिक ट्रक चालक मौके से फरार है और पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है। आसपास लगे CCTV कैमरों और अन्य माध्यमों से ट्रक की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। 
*ग्रामीणों का सवाल—हादसे के बाद ही क्यों जागता है प्रशासन?*
ग्रामीणों का आरोप है कि NH-46 पर सड़क किनारे बैठने वाले आवारा गोवंश की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। रात में पर्याप्त रोशनी और चेतावनी संकेत नहीं होने से वाहन चालकों को सड़क पर बैठे पशु समय पर दिखाई नहीं देते। ग्रामीणों ने प्रशासन से हादसे के बाद अस्थायी कार्रवाई के बजाय स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है।
बड़ा सवाल: जब हाईवे पर आवारा गोवंश की मौजूदगी दुर्घटनाओं का लगातार खतरा बन रही है, तो क्या प्रशासन हादसे का इंतजार किए बिना प्रभावी व्यवस्था करेगा?
    user_Deepak ojha
    Deepak ojha
    Local News Reporter गुना नगर, गुना, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
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