मोहनपुर प्रखंड के रसलपुर स्थित न्यू गुरुकुल पब्लिक स्कूल में बुधवार को मनाया गया विश्व हाथी दिवस । मोहनपुर प्रखंड के रसलपुर स्थित न्यू गुरुकुल पब्लिक स्कूल में बुधवार को मनाया गया विश्व हाथी दिवस । समस्तीपुर कार्यक्रम के अध्यक्षता प्रधानाध्यापक सुभाष कुमार सिंह ने की जबकि संचालन शिक्षक सह गंगा प्रहरी संतोष पोद्दार ने किया। कार्यक्रम में भारतीय वन्य जीव संस्थान के प्रोजेक्ट अस्सिटेंट कुणाल कुमार सिंह ने कहा कि हाथी को जंगल का इंजीनियर कहा जाता है। हाथी जहां भी जाते हैं वहां की जैव विविधता को बनाए रखने और जंगल के प्राकृतिक संतुलन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि एक व्यस्क हाथी प्रतिदिन लगभग 18 घंटे तक भोजन करता है। और इस दौरान करीब 200 किलोग्राम से अधिक ताजी वनस्पतियों को खा सकता है। भोजन करते समय हाथी लगातार मल त्याग भी करता है।और ऐसा एक दिन में वह 16 से 18 बार करता है यही कारण है कि उसका गोबर जंगल में बीजों के प्रसार एवं नयी वनस्पतियों के उगने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हाथी इंफ्रासाऊंड और अल्ट्रासाउंड के माध्यम से एक दूसरे से संवाद करते हैं इसे इंसान सुन नहीं सकते हैं। हाथियों का मस्तिष्क लगभग 5 किलोग्राम का होता है। और यही कारण है कि इन्हें धरती के सबसे बुद्धिमान जीवो में गिना जाता है। हाथी सामाजिक जीव है और ये आमतौर पर मादा हाथी के नेतृत्व वाले झुंड में रहते हैं जबकि व्यस्क हाथी अकेले रहना पसंद करते हैं। हाथियों की आबादी धीरे-धीरे बढ़ती है क्योंकि मादा हाथी सामान्यतः चार से पांच वर्ष के अंतराल पर सिर्फ एक सावन (बच्चे) को जन्म देती है। कभी-कभी मादा हाथी बहुत ज्यादा आक्रामक भी हो जाती है। जिसका मुख्य कारण मस्ट नमक अवस्था जैसे उसके शरीर में टेस्टोसटैरोन का स्तर बढ़ जाता है। कुणाल ने बच्चों को यह भी बताया कि हाथी अक्सर मिट्टी, धूल एवं पानी के साथ स्नान करना पसंद करता है। इस कार्यक्रम के मौके पर उपस्थित शिक्षक कंचन कुमारी, रजनी कुमारी, शिवानी सिंह,किट्टू कुमारी, विशाल सिंह ,रमन कुमार ,मुन्ना कुमार बाल गंगा प्रहरी के रूप में बच्चे मोनू, हॉर्स, केशव ,सौरभ , आकांक्षा अर्पिता, ऋषिकेश, रोहित, आयुष, रितिका आदि उपस्थित रहे।
मोहनपुर प्रखंड के रसलपुर स्थित न्यू गुरुकुल पब्लिक स्कूल में बुधवार को मनाया गया विश्व हाथी दिवस । मोहनपुर प्रखंड के रसलपुर स्थित न्यू गुरुकुल पब्लिक स्कूल में बुधवार को मनाया गया विश्व हाथी दिवस । समस्तीपुर कार्यक्रम के अध्यक्षता प्रधानाध्यापक सुभाष कुमार सिंह ने की जबकि संचालन शिक्षक सह गंगा प्रहरी संतोष पोद्दार ने किया। कार्यक्रम में भारतीय वन्य जीव संस्थान के प्रोजेक्ट अस्सिटेंट कुणाल कुमार सिंह ने कहा कि हाथी को जंगल का इंजीनियर कहा जाता है। हाथी जहां भी जाते हैं वहां की जैव विविधता को बनाए रखने और जंगल के प्राकृतिक संतुलन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि एक व्यस्क हाथी प्रतिदिन लगभग 18 घंटे तक भोजन करता है। और इस दौरान करीब 200 किलोग्राम से अधिक ताजी वनस्पतियों को खा सकता है। भोजन करते समय हाथी लगातार मल त्याग भी करता है।और ऐसा एक दिन में वह 16 से 18 बार करता है यही कारण है कि उसका गोबर जंगल में बीजों के प्रसार एवं नयी वनस्पतियों के उगने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हाथी इंफ्रासाऊंड और अल्ट्रासाउंड के माध्यम से एक दूसरे से संवाद करते हैं इसे इंसान सुन नहीं सकते हैं। हाथियों का मस्तिष्क लगभग 5 किलोग्राम का होता है। और यही कारण है कि इन्हें धरती के सबसे बुद्धिमान जीवो में गिना जाता है। हाथी सामाजिक जीव है और ये आमतौर पर मादा हाथी के नेतृत्व वाले झुंड में रहते हैं जबकि व्यस्क हाथी अकेले रहना पसंद करते हैं। हाथियों की आबादी धीरे-धीरे बढ़ती है क्योंकि मादा हाथी सामान्यतः चार से पांच वर्ष के अंतराल पर सिर्फ एक सावन (बच्चे) को जन्म देती है। कभी-कभी मादा हाथी बहुत ज्यादा आक्रामक भी हो जाती है। जिसका मुख्य कारण मस्ट नमक अवस्था जैसे उसके शरीर में टेस्टोसटैरोन का स्तर बढ़ जाता है। कुणाल ने बच्चों को यह भी बताया कि हाथी अक्सर मिट्टी, धूल एवं पानी के साथ स्नान करना पसंद करता है। इस कार्यक्रम के मौके पर उपस्थित शिक्षक कंचन कुमारी, रजनी कुमारी, शिवानी सिंह,किट्टू कुमारी, विशाल सिंह ,रमन कुमार ,मुन्ना कुमार बाल गंगा प्रहरी के रूप में बच्चे मोनू, हॉर्स, केशव ,सौरभ , आकांक्षा अर्पिता, ऋषिकेश, रोहित, आयुष, रितिका आदि उपस्थित रहे।
- मोहनपुर प्रखंड के रसलपुर स्थित न्यू गुरुकुल पब्लिक स्कूल में बुधवार को मनाया गया विश्व हाथी दिवस । मोहनपुर प्रखंड के रसलपुर स्थित न्यू गुरुकुल पब्लिक स्कूल में बुधवार को मनाया गया विश्व हाथी दिवस । समस्तीपुर कार्यक्रम के अध्यक्षता प्रधानाध्यापक सुभाष कुमार सिंह ने की जबकि संचालन शिक्षक सह गंगा प्रहरी संतोष पोद्दार ने किया। कार्यक्रम में भारतीय वन्य जीव संस्थान के प्रोजेक्ट अस्सिटेंट कुणाल कुमार सिंह ने कहा कि हाथी को जंगल का इंजीनियर कहा जाता है। हाथी जहां भी जाते हैं वहां की जैव विविधता को बनाए रखने और जंगल के प्राकृतिक संतुलन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि एक व्यस्क हाथी प्रतिदिन लगभग 18 घंटे तक भोजन करता है। और इस दौरान करीब 200 किलोग्राम से अधिक ताजी वनस्पतियों को खा सकता है। भोजन करते समय हाथी लगातार मल त्याग भी करता है।और ऐसा एक दिन में वह 16 से 18 बार करता है यही कारण है कि उसका गोबर जंगल में बीजों के प्रसार एवं नयी वनस्पतियों के उगने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हाथी इंफ्रासाऊंड और अल्ट्रासाउंड के माध्यम से एक दूसरे से संवाद करते हैं इसे इंसान सुन नहीं सकते हैं। हाथियों का मस्तिष्क लगभग 5 किलोग्राम का होता है। और यही कारण है कि इन्हें धरती के सबसे बुद्धिमान जीवो में गिना जाता है। हाथी सामाजिक जीव है और ये आमतौर पर मादा हाथी के नेतृत्व वाले झुंड में रहते हैं जबकि व्यस्क हाथी अकेले रहना पसंद करते हैं। हाथियों की आबादी धीरे-धीरे बढ़ती है क्योंकि मादा हाथी सामान्यतः चार से पांच वर्ष के अंतराल पर सिर्फ एक सावन (बच्चे) को जन्म देती है। कभी-कभी मादा हाथी बहुत ज्यादा आक्रामक भी हो जाती है। जिसका मुख्य कारण मस्ट नमक अवस्था जैसे उसके शरीर में टेस्टोसटैरोन का स्तर बढ़ जाता है। कुणाल ने बच्चों को यह भी बताया कि हाथी अक्सर मिट्टी, धूल एवं पानी के साथ स्नान करना पसंद करता है। इस कार्यक्रम के मौके पर उपस्थित शिक्षक कंचन कुमारी, रजनी कुमारी, शिवानी सिंह,किट्टू कुमारी, विशाल सिंह ,रमन कुमार ,मुन्ना कुमार बाल गंगा प्रहरी के रूप में बच्चे मोनू, हॉर्स, केशव ,सौरभ , आकांक्षा अर्पिता, ऋषिकेश, रोहित, आयुष, रितिका आदि उपस्थित रहे।1
- मोहनपुर प्रखंड के रसलपुर स्थित न्यू गुरुकुल पब्लिक स्कूल में बुधवार को मनाया गया विश्व हाथी दिवस । समस्तीपुर कार्यक्रम के अध्यक्षता प्रधानाध्यापक सुभाष कुमार सिंह ने की जबकि संचालन शिक्षक सह गंगा प्रहरी संतोष पोद्दार ने किया। कार्यक्रम में भारतीय वन्य जीव संस्थान के प्रोजेक्ट अस्सिटेंट कुणाल कुमार सिंह ने कहा कि हाथी को जंगल का इंजीनियर कहा जाता है। हाथी जहां भी जाते हैं वहां की जैव विविधता को बनाए रखने और जंगल के प्राकृतिक संतुलन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि एक व्यस्क हाथी प्रतिदिन लगभग 18 घंटे तक भोजन करता है। और इस दौरान करीब 200 किलोग्राम से अधिक ताजी वनस्पतियों को खा सकता है। भोजन करते समय हाथी लगातार मल त्याग भी करता है।और ऐसा एक दिन में वह 16 से 18 बार करता है यही कारण है कि उसका गोबर जंगल में बीजों के प्रसार एवं नयी वनस्पतियों के उगने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हाथी इंफ्रासाऊंड और अल्ट्रासाउंड के माध्यम से एक दूसरे से संवाद करते हैं इसे इंसान सुन नहीं सकते हैं। हाथियों का मस्तिष्क लगभग 5 किलोग्राम का होता है। और यही कारण है कि इन्हें धरती के सबसे बुद्धिमान जीवो में गिना जाता है। हाथी सामाजिक जीव है और ये आमतौर पर मादा हाथी के नेतृत्व वाले झुंड में रहते हैं जबकि व्यस्क हाथी अकेले रहना पसंद करते हैं। हाथियों की आबादी धीरे-धीरे बढ़ती है क्योंकि मादा हाथी सामान्यतः चार से पांच वर्ष के अंतराल पर सिर्फ एक सावन (बच्चे) को जन्म देती है। कभी-कभी मादा हाथी बहुत ज्यादा आक्रामक भी हो जाती है। जिसका मुख्य कारण मस्ट नमक अवस्था जैसे उसके शरीर में टेस्टोसटैरोन का स्तर बढ़ जाता है। कुणाल ने बच्चों को यह भी बताया कि हाथी अक्सर मिट्टी, धूल एवं पानी के साथ स्नान करना पसंद करता है। इस कार्यक्रम के मौके पर उपस्थित शिक्षक कंचन कुमारी, रजनी कुमारी, शिवानी सिंह,किट्टू कुमारी, विशाल सिंह ,रमन कुमार ,मुन्ना कुमार बाल गंगा प्रहरी के रूप में बच्चे मोनू, हॉर्स, केशव ,सौरभ , आकांक्षा अर्पिता, ऋषिकेश, रोहित, आयुष, रितिका आदि उपस्थित रहे।1
- मोकामा रेफरल अस्पताल के औचक निरीक्षण में मिली अव्यवस्था, एसडीएम ने जताई नाराजगी बाढ़: 12 अगस्त को बाढ़ की एसडीएम गरिमा लोहिया और मोकामा के बीडीओ रवि कुमार ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। अधिकारियों के अचानक पहुंचने से अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों और कर्मचारियों में सक्रियता देखी गई। एसडीएम और बीडीओ ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों, आपातकालीन सेवाओं, ट्रॉमा सेंटर और पूरे परिसर का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की व्यवस्था में कई खामियां सामने आईं। अस्पताल परिसर और वार्डों में फैली गंदगी देखकर एसडीएम गरिमा लोहिया ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं और साफ-सफाई की स्थिति पर चिंता व्यक्त की। मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मियों को सख्त निर्देश देते हुए अस्पताल परिसर को तत्काल स्वच्छ कराने तथा मरीजों के इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने की हिदायत दी। एसडीएम ने अस्पताल में मिली सभी कमियों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है। उन्होंने मरीजों और स्थानीय लोगों को भरोसा दिलाया कि कमियों को जल्द दूर कराया जाएगा। साथ ही, कर्तव्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों और व्यवस्थापकों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई। औचक निरीक्षण के बाद अस्पताल में बेहतर व्यवस्था और स्वच्छ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की उम्मीद जगी है।4
- बाईक की ठोकर लगने से एक बच्ची की हुई मौके पर मौ....? समस्तीपुर मोहिउद्दीन नगर थाना क्षेत्र के कुरसाहा पंचायत स्थित उक्त गांव में खेलन के दौरान रास्ते से गुजर रही एक बाइक की ठोकर लगने से वार्ड संख्या 10 के निवासी गौड़ी शंकर राय के पुत्री सलोनी कुमारी की निधन मौके पर हो गई। जिसे लेकर परिजनों में कोहराम मच गई। सूचना पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम हेतु सदर अस्पताल समस्तीपुर भेज दिया गया।1