प्रयागराज के दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) में वन महोत्सव के अवसर पर पौधारोपण एवं जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला गंगा समिति, प्रयागराज एवं सामाजिक वानिकी वन प्रभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ। इसके तहत स्कूल के छात्र-छात्राओं ने हाथों में स्लोगन लेकर जागरूकता रैली निकाली और लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। रैली के बाद विद्यालय परिसर में पौधारोपण किया गया और सभी विद्यार्थियों को पौधे वितरित किए गए। इस अवसर पर विद्यालय की प्रिंसिपल डॉ. सुजाता सिंह ने छात्रों को प्रकृति संरक्षण का संकल्प दिलाते हुए कहा कि स्वच्छ और हरित पर्यावरण आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य की आधारशिला है। जिला परियोजना अधिकारी एशा सिंह ने विद्यार्थियों को केवल पौधे लगाने ही नहीं, बल्कि उनकी नियमित देखभाल करने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान शिक्षिका शिवाली श्रीवास्तव, संगीता बालाजी, रीना श्रीवास्तव, संगीता शर्मा, नेहा मखीजा, स्मिता वर्मा सहित अन्य शिक्षकों एवं गणमान्य लोगों ने भी पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
प्रयागराज के दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) में वन महोत्सव के अवसर पर पौधारोपण एवं जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला गंगा समिति, प्रयागराज एवं सामाजिक वानिकी वन प्रभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ। इसके तहत स्कूल के छात्र-छात्राओं ने हाथों में स्लोगन लेकर जागरूकता रैली निकाली और लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। रैली के बाद विद्यालय परिसर में पौधारोपण किया गया और सभी विद्यार्थियों को पौधे वितरित किए गए। इस अवसर पर विद्यालय की प्रिंसिपल डॉ. सुजाता सिंह ने छात्रों को प्रकृति संरक्षण का संकल्प दिलाते हुए कहा कि स्वच्छ और हरित पर्यावरण आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य की आधारशिला है। जिला परियोजना अधिकारी एशा सिंह ने विद्यार्थियों को केवल पौधे लगाने ही नहीं, बल्कि उनकी नियमित देखभाल करने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान शिक्षिका शिवाली श्रीवास्तव, संगीता बालाजी, रीना श्रीवास्तव, संगीता शर्मा, नेहा मखीजा, स्मिता वर्मा सहित अन्य शिक्षकों एवं गणमान्य लोगों ने भी पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
- प्रयागराज के बारा में अदालती आदेश और एसडीएम के निर्देशों के बावजूद एक पीड़िता को उसकी खुद की जमीन पर कब्जा नहीं मिल पा रहा है। थाना शंकरगढ़ क्षेत्र के ग्राम जनवा की निवासी सीमा देवी (पत्नी राजबिहारी सिंह) का जमीन विवाद का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। सीमा देवी की दर्ज भूमि आराजी संख्या 1143/3, रकबा 0.114 हेक्टेयर पर कोर्ट का आदेश होने के बाद भी विपक्षी कब्जा छोड़ने को तैयार नहीं है। शनिवार को थाना समाधान दिवस पर एसडीएम बारा डॉ. गणेश कन्नौजिया के निर्देश पर राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम सीमांकन और पीड़िता को कब्जा दिलाने मौके पर पहुंची थी, लेकिन विपक्षी राम प्रताप ने अपने समर्थकों के साथ मिलकर वहाँ जमकर हंगामा खड़ा कर दिया। विपक्षियों के बढ़ते विरोध को देखकर राजस्व और पुलिस की टीम बिना कार्रवाई पूरी किए ही वापस लौट गई। बताया जा रहा है कि एसडीएम के फोन के बाद टीम को वापस बुला लिया गया। पीड़िता सीमा देवी का आरोप है कि यह पहली बार नहीं हुआ है, बल्कि इससे पहले भी 3-4 बार पुलिस-राजस्व की टीम आ चुकी है लेकिन हर बार विपक्षियों के हंगामे के आगे प्रशासन को पीछे हटना पड़ा। सीमा देवी ने चेतावनी दी है कि कोर्ट का आदेश होने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है और यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो गाँव में गंभीर विवाद या खूनी संघर्ष हो सकता है। इस पूरे मामले पर स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की लचर कार्रवाई के कारण ही विपक्षियों के हौसले इतने बुलंद हैं। वहीं, एसडीएम बारा डॉ. गणेश कन्नौजिया का कहना है कि कोर्ट का आदेश है तो उसका पालन कराया जाएगा और टीम विरोध के कारण वापस जरूर आई है, लेकिन अब विधिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई होगी। फिलहाल गाँव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस सतर्क है और प्रशासन ने जल्द ही पीड़िता को कब्जा दिलाने का भरोसा दिया है, लेकिन पीड़िता के लिए थाना समाधान दिवस पर भी न्याय न मिलना प्रशासन की लाचारी को दर्शाता है।1
- अनादि टीवी के विशेष कार्यक्रम 'सत्ता और सियासत' में नीतियों का विश्लेषण करते हुए साल 2027 की चुनावी जंग पर चर्चा की गई है। समय की गति के साथ साल 2026 अब समाप्त होने के बेहद नजदीक पहुंच चुका है और साल 2027 आने में ज्यादा समय नहीं बचा है। साल 2027 की सियासत पूरी तरह से चुनावी होने वाली है, क्योंकि इस साल उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, गोवा और मणिपुर जैसे महत्वपूर्ण राज्यों में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। वर्तमान में हिमाचल प्रदेश और पंजाब को छोड़कर अन्य सभी चुनावी राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार सत्ता में है। ऐसे में भाजपा के लिए उत्तर प्रदेश जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही महत्व उसके लिए गुजरात और उत्तराखंड के विधानसभा चुनावों का भी है।1
- प्रयागराज के जार्जटाउन थाना पुलिस को गश्त के दौरान एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। शनिवार (11 जुलाई 2026) को जब पुलिस टीम क्षेत्र में गश्त पर थी, तभी मुखबिर से मिली सटीक सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने के.पी. बस स्टैण्ड के पास घेराबंदी कर एक संदिग्ध युवक को दबोच लिया। पकड़े गए इस शातिर अभियुक्त की जामा तलाशी लेने पर उसके कब्जे से विभिन्न कंपनियों के 3 कीमती चोरी के मोबाइल फोन और ₹300 की नगदी बरामद की गई है।1
- प्रयागराज के नखास कोहना चौक के पास स्थित एक पुराने विवादित मकान को शनिवार को नगर निगम द्वारा जर्जर बताकर गिराए जाने से भारी हंगामा खड़ा हो गया है। इस कार्रवाई को लेकर कोर्ट में मुकदमा लड़ रही पीड़िता ने नगर निगम की नीयत और कार्रवाई के समय पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पीड़ित महिला ज्योति के अनुसार, उक्त मकान को लेकर उनका विवाद गुड्डू केसरवानी से चल रहा था और यह पूरा मामला न्यायालय में विचाराधीन है। आरोप है कि इस मुकदमे के लंबित रहने के दौरान ही गुड्डू केसरवानी ने विवादित संपत्ति को अमित केसरवानी नामक व्यक्ति को बेच दिया था। ज्योति का कहना है कि जब मामला अभी कोर्ट में लंबित है, तो शनिवार को अचानक मकान को गिराने की क्या आवश्यकता थी। उन्होंने तीखा सवाल उठाया कि आखिर इसी दिन कार्रवाई क्यों की गई, जब शनिवार और रविवार को न्यायालय बंद रहते हैं और पीड़ित पक्ष को कोई कानूनी राहत भी नहीं मिल सकती। दूसरी ओर, नगर निगम ने इस ध्वस्तीकरण को मकान के जर्जर होने के आधार पर की गई कार्रवाई बताया है। फिलहाल पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया हुआ है।1
- कौशाम्बी के चरवा थाना क्षेत्र के काजू गांव में स्कूल परिसर के भीतर महिला शिक्षक और अभिभावक के बीच विवाद हो गया। स्कूल परिसर में हुई इस कहासुनी के बाद मामला काफी बढ़ गया और विवाद के दौरान चप्पलें चल गईं। इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस द्वारा फिलहाल वायरल वीडियो की सत्यता और विवाद के मुख्य कारणों की जांच की जा रही है।1