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आज एडवोकेट सिमरन प्रीत कौर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जहाँ उन्होंने बताया कि उन्होंने एक लड़की पर गोली चलाने के मामले में दोषी ठहराए गए व्यक्ति की जमानत याचिका रद्द करवा दी है, जबकि उसे पहले ही जमानत मिल चुकी थी। कौर ने इस बात पर जोर दिया कि उन्होंने दोषी के अपराधों को सफलतापूर्वक साबित करते हुए उसकी जमानत रद्द करवाई। इस अवसर पर उन्होंने यह भी घोषणा की कि वह भविष्य में भी लड़कियों पर होने वाले अत्याचारों के खिलाफ मुफ्त में मुकदमे लड़ेंगी। जिन लड़कियों को उनकी सहायता की आवश्यकता है, वे उन्हें 7009041508 पर कॉल कर सकती हैं।
Shiv Singh rajput dahiya journ
आज एडवोकेट सिमरन प्रीत कौर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जहाँ उन्होंने बताया कि उन्होंने एक लड़की पर गोली चलाने के मामले में दोषी ठहराए गए व्यक्ति की जमानत याचिका रद्द करवा दी है, जबकि उसे पहले ही जमानत मिल चुकी थी। कौर ने इस बात पर जोर दिया कि उन्होंने दोषी के अपराधों को सफलतापूर्वक साबित करते हुए उसकी जमानत रद्द करवाई। इस अवसर पर उन्होंने यह भी घोषणा की कि वह भविष्य में भी लड़कियों पर होने वाले अत्याचारों के खिलाफ मुफ्त में मुकदमे लड़ेंगी। जिन लड़कियों को उनकी सहायता की आवश्यकता है, वे उन्हें 7009041508 पर कॉल कर सकती हैं।
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- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 31 मई की शाम इंदौर में अपनी सादगी और मितव्ययता का एक और उदाहरण पेश किया, जिसने आम जनता के बीच उनकी लोकप्रियता को दर्शाया। वे इंदौर के प्रसिद्ध राजवाड़ा पहुंचे, जहाँ उन्होंने लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद, अपने चिर-परिचित अंदाज में मुख्यमंत्री डॉ. यादव अचानक अन्ना भैया की नाश्ते की दुकान पर जा पहुँचे। यहाँ उन्होंने आम नागरिकों के साथ बैठकर नाश्ता और चाय का आनंद लिया, साथ ही छात्राओं से उनकी पढ़ाई और भविष्य की योजनाओं को लेकर बातचीत की। इस पूरे वाकये की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं। अपनी यात्रा के दौरान, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थानीय व्यवसायियों और नागरिकों से भी मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने अपने नाश्ते और चाय का बिल स्वयं भरा, जिससे लोगों को उनका सहज और पारिवारिक व्यवहार बेहद पसंद आया। अपने बीच मुख्यमंत्री को पाकर लोग काफी उत्साहित दिखे; उन्होंने लोगों से हाथ मिलाया और मासूम बच्चियों को दुलार किया। कई लोगों ने इस अवसर पर उनके साथ तस्वीरें लेने की भी कोशिश की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एचआर ग्रीन से राजवाड़ा तक स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ टेम्पो ट्रेवलर बस में सफर किया। इस दौरान उन्होंने शहर के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की और चलती बस से ही नागरिकों का अभिवादन स्वीकार किया, जिससे जनसेवा के उनके संकल्प की एक और मिसाल पेश हुई।1
- बहुजन समाज पार्टी के दमदार कार्यकर्ता डॉ. संतोष सोनी के बयानों को सुनने का आह्वान किया गया है।1
- मैहर कांग्रेस के भीतर इन दिनों अजब हाल देखने को मिल रहे हैं, जहाँ मैहर ब्लॉक कांग्रेस के सरलानगर मंडलम का अध्यक्ष बहुजन समाज पार्टी के एक कार्यकर्ता डॉ. संतोष सोनी को नियुक्त किए जाने को लेकर जिला अध्यक्ष धर्मेश घई और ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रमेश प्रजापति की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठे हैं। इस फैसले के बाद डॉ. संतोष सोनी के बयान ने इन दोनों पदाधिकारियों की कार्यशैली को हाशिए पर ला दिया है। इस घटना ने शीर्ष नेतृत्व के लिए बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या वे इन जिम्मेवारों के खिलाफ कोई कार्रवाई करेंगे या उनसे जवाब-तलब किया जाएगा। आरोप है कि मैहर में कांग्रेस के लगातार कमजोर होने की मूल वजह पार्टी के मूल कार्यकर्ताओं की अनदेखी करके अन्य दलों के लोगों से तालियाँ बजवाना है। कहा गया है कि जब तक कांग्रेस के कर्तव्यनिष्ठ कार्यकर्ताओं को अहमियत नहीं दी जाएगी, तब तक पार्टी मजबूत नहीं हो पाएगी। शीर्ष नेतृत्व को समय-समय पर जो सब्जबाग दिखाए जा रहे हैं, उसे एक बड़ा धोखा बताया गया है। पार्टी का मूल कार्यकर्ता आज भी कांग्रेस के लिए दरी बिछाने और झंडा-बैनर लगाने का काम कर रहा है, और जब तक कांग्रेस उस अंतिम व्यक्ति को नहीं जोड़ेगी, तब तक वह भारतीय जनता पार्टी का कुछ नहीं कर सकती। डॉ. संतोष सोनी, जो बहुजन समाज पार्टी का प्रतिनिधित्व करते हैं, उन्हें मंडलम का अध्यक्ष बनाए जाने पर यह भी सवाल उठाया गया कि क्या सरलानगर क्षेत्र से कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया है कि उन्हें कार्यकर्ता नहीं मिल रहे और दूसरी पार्टियों से 'हायर' करना पड़ रहा है। डॉ. संतोष सोनी ने अपने जवाबों से यह दिखा दिया कि पार्टी के प्रति निष्ठा क्या होती है, और उन्होंने कांग्रेस के इस प्रस्ताव को मुँह पर ही ठुकरा दिया। चेतावनी दी गई है कि अगर धर्मेश घई ऐसी ही प्रतिनिधित्व करेंगे तो कांग्रेस 'टमसा पार' हो जाएगी, और सवाल पूछा गया है कि घई साहब कब तक शीर्ष नेतृत्व को धोखा देंगे और अन्य दल के लोगों से तालियाँ बजवाते रहेंगे।1
- सतना जिले के जसो थाना क्षेत्र के कलावल गांव में एक युवक ने अपनी पत्नी से चल रहे पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव से परेशान होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले, युवक ने एक वीडियो बनाकर अपनी परेशानी को साझा किया था, जो अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, युवक ने प्रेम विवाह किया था और वह बीते कुछ समय से लगातार पारिवारिक विवादों का सामना कर रहा था, जिसके कारण वह गहरे मानसिक तनाव में था।1
- ज्येष्ठ पूर्णिमा के पावन अवसर पर बिरसिंहपुर (सतना) के गैवीनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जहाँ प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। सुरक्षा के नाम पर मंदिर परिसर में केवल दिखावे के बैरिकेड्स लगाए गए थे, जिन पर न तो कोई कर्मचारी तैनात था और न ही मुख्य गेट के अलावा यातायात को नियंत्रित करने का कोई इंतजाम था। स्थिति तब और खराब हो गई जब राजभोग होटल के पास लगे बैरिकेड पर कोई कर्मचारी न होने के कारण बाइक सवारों का आवागमन बेरोक-टोक जारी रहा, जिससे पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास भयंकर जाम लग गया। इस गंभीर जाम और खड़ी बाइकों के कारण, हार्ट अटैक से पीड़ित एक श्रद्धालु तक एम्बुलेंस समय पर नहीं पहुँच पाई और इलाज के अभाव में उसने दम तोड़ दिया। प्रशासन ने सभी वैकल्पिक रास्तों पर बैरिकेड्स लगाकर ताले तो जड़ दिए थे, लेकिन आपात स्थिति के लिए वहाँ एक भी कर्मचारी तैनात नहीं किया, जिससे श्रद्धालु भीड़ में फँसे रह गए। यह घटना यह सवाल उठाती है कि क्या प्रशासनिक तैयारियाँ सिर्फ कागजों तक ही सीमित हैं। एक व्यक्ति की मौत ने साबित कर दिया है कि सुरक्षा इंतजामों में बरती गई यह लापरवाही किसी की जान पर भारी पड़ सकती है। अब समय आ गया है कि प्रशासन अपनी गहरी नींद से जागे, वरना आस्था का यह महापर्व लोगों की जान का दुश्मन बन जाएगा।1
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर पुलिस कमिश्नर द्वारा प्रस्तुत तीन नए पुलिस थानों की स्थापना के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस निर्णय के तहत, कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से निर्धारित मापदंडों के अनुरूप पुलिसकर्मियों की पर्याप्त तैनाती भी सुनिश्चित की जाएगी।1
- अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद, अब तृणमूल कांग्रेस के वयोवृद्ध सांसद कल्याण बनर्जी पर जानलेवा हमला किया गया है। इस घटना के कारण राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।1