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शनिवार के शुभ अवसर पर मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने भगवान शनि देव का स्मरण करते हुए, समाज के सभी लोगों के सुख, शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की। इस दौरान, संगठन के प्रतिनिधि सूर्य प्रकाश पाण्डेय ने यह स्पष्ट किया कि शनि देव को न्याय का देवता माना जाता है, जो प्रत्येक व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि जो लोग सत्य, ईमानदारी, कड़ी मेहनत और मानव सेवा के मार्ग पर चलते हैं, उन पर शनि देव की विशेष कृपा बनी रहती है। पाण्डेय ने यह भी रेखांकित किया कि समाज में न्याय, समानता और मानवाधिकारों की सुरक्षा के लिए किए गए कार्य भी शनि देव के न्याय सिद्धांतों का ही अनुसरण हैं। इस पावन अवसर पर, सभी नागरिकों से यह आग्रह किया गया कि वे सद्कर्म करें, ज़रूरतमंदों की सहायता करें और समाज में भाईचारा तथा सद्भाव बनाए रखें। संगठन ने प्रार्थना की कि भगवान शनि देव की कृपा सभी पर हमेशा बनी रहे और देश एवं समाज में सुख, शांति तथा समृद्धि का वातावरण स्थापित हो। सूर्य प्रकाश पाण्डेय ने संदेश दिया, "शनि देव महाराज की कृपा आप सभी पर सदैव बनी रहे।" संगठन का मानना है कि शनि देव की कृपा से ही जीवन में न्याय, अनुशासन और सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है।

1 day ago
user_सूर्य प्रकाश पाण्डेय
सूर्य प्रकाश पाण्डेय
Voice of people Mariahu, Jaunpur•
1 day ago

शनिवार के शुभ अवसर पर मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने भगवान शनि देव का स्मरण करते हुए, समाज के सभी लोगों के सुख, शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की। इस दौरान, संगठन के प्रतिनिधि सूर्य प्रकाश पाण्डेय ने यह स्पष्ट किया कि शनि देव को न्याय का देवता माना जाता है, जो प्रत्येक व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि जो लोग सत्य, ईमानदारी, कड़ी मेहनत और मानव सेवा के मार्ग पर चलते हैं, उन पर शनि देव की विशेष कृपा बनी रहती है। पाण्डेय ने यह भी रेखांकित किया कि समाज में न्याय, समानता और मानवाधिकारों की सुरक्षा के लिए किए गए कार्य भी शनि देव के न्याय सिद्धांतों का ही अनुसरण हैं। इस पावन अवसर पर, सभी नागरिकों से यह आग्रह किया गया कि वे सद्कर्म करें, ज़रूरतमंदों की सहायता करें और समाज में भाईचारा तथा सद्भाव बनाए रखें। संगठन ने प्रार्थना की कि भगवान शनि देव की कृपा सभी पर हमेशा बनी रहे और देश एवं समाज में सुख, शांति तथा समृद्धि का वातावरण स्थापित हो। सूर्य प्रकाश पाण्डेय ने संदेश दिया, "शनि देव महाराज की कृपा आप सभी पर सदैव बनी रहे।" संगठन का मानना है कि शनि देव की कृपा से ही जीवन में न्याय, अनुशासन और सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है।

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  • सूर्य प्रकाश पाण्डेय और मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन की ओर से दिए गए एक संदेश में बताया गया है कि "विनाश काले विपरीत बुद्धि" केवल एक कहावत नहीं, बल्कि जीवन का एक अटल सत्य है। जब मनुष्य पर अहंकार हावी हो जाता है, तब उसकी बुद्धि सही और गलत का अंतर समझने की क्षमता खो देती है। इतिहास और वर्तमान दोनों ही इस बात के गवाह हैं कि अहंकार ने बड़े-बड़े राजाओं, नेताओं, धनवानों और शक्तिशाली व्यक्तियों को पतन की ओर धकेला है। अहंकार मनुष्य को यह भ्रम देता है कि वह सबसे श्रेष्ठ है, उसे किसी की सलाह की आवश्यकता नहीं है, और उसकी हर बात सही है। यही सोच धीरे-धीरे उसके विवेक को नष्ट कर देती है। जब बुद्धि पर अहंकार का पर्दा पड़ जाता है, तब व्यक्ति अपने शुभचिंतकों की बात सुनना भी बंद कर देता है और गलत निर्णय लेने लगता है। रामायण में रावण और महाभारत में दुर्योधन इसके सबसे बड़े उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। ज्ञान, शक्ति और वैभव होने के बावजूद अहंकार ने उनकी बुद्धि को भ्रमित कर दिया और अंततः उनका सर्वनाश हुआ। यह संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है, क्योंकि आज के समय में भी जब व्यक्ति धन, पद या प्रतिष्ठा प्राप्त कर लेता है, तो कई बार वह दूसरों को तुच्छ समझने लगता है और यह भूल जाता है कि समय हमेशा एक जैसा नहीं रहता। जीवन में सफलता जितनी महत्वपूर्ण है, उतना ही महत्वपूर्ण है विनम्र बने रहना। विनम्रता मनुष्य को महान बनाती है, जबकि अहंकार उसे अकेला और कमजोर कर देता है। जो व्यक्ति दूसरों का सम्मान करता है, वह समाज में सम्मान पाता है, लेकिन जो अहंकार में डूब जाता है, वह धीरे-धीरे अपने रिश्ते, मित्र और सम्मान सब कुछ खो देता है। आज आवश्यकता इस बात की है कि हम सफलता मिलने पर भी अपने संस्कार, विनम्रता और मानवता को न भूलें, क्योंकि जीवन का सबसे बड़ा ज्ञान यही है कि अहंकार का अंत विनाश है और विनम्रता का परिणाम सम्मान है। संदेश में जोर दिया गया है कि "जब मनुष्य के भीतर अहंकार बढ़ता है, तब उसका पतन शुरू हो जाता है। इसलिए जीवन में हमेशा विनम्र रहें, क्योंकि झुकने वाला वृक्ष ही फल देता है और अकड़ने वाला वृक्ष सबसे पहले टूटता है।"
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    सूर्य प्रकाश पाण्डेय और मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन की ओर से दिए गए एक संदेश में बताया गया है कि "विनाश काले विपरीत बुद्धि" केवल एक कहावत नहीं, बल्कि जीवन का एक अटल सत्य है। जब मनुष्य पर अहंकार हावी हो जाता है, तब उसकी बुद्धि सही और गलत का अंतर समझने की क्षमता खो देती है। इतिहास और वर्तमान दोनों ही इस बात के गवाह हैं कि अहंकार ने बड़े-बड़े राजाओं, नेताओं, धनवानों और शक्तिशाली व्यक्तियों को पतन की ओर धकेला है।

अहंकार मनुष्य को यह भ्रम देता है कि वह सबसे श्रेष्ठ है, उसे किसी की सलाह की आवश्यकता नहीं है, और उसकी हर बात सही है। यही सोच धीरे-धीरे उसके विवेक को नष्ट कर देती है। जब बुद्धि पर अहंकार का पर्दा पड़ जाता है, तब व्यक्ति अपने शुभचिंतकों की बात सुनना भी बंद कर देता है और गलत निर्णय लेने लगता है।

रामायण में रावण और महाभारत में दुर्योधन इसके सबसे बड़े उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। ज्ञान, शक्ति और वैभव होने के बावजूद अहंकार ने उनकी बुद्धि को भ्रमित कर दिया और अंततः उनका सर्वनाश हुआ। यह संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है, क्योंकि आज के समय में भी जब व्यक्ति धन, पद या प्रतिष्ठा प्राप्त कर लेता है, तो कई बार वह दूसरों को तुच्छ समझने लगता है और यह भूल जाता है कि समय हमेशा एक जैसा नहीं रहता।

जीवन में सफलता जितनी महत्वपूर्ण है, उतना ही महत्वपूर्ण है विनम्र बने रहना। विनम्रता मनुष्य को महान बनाती है, जबकि अहंकार उसे अकेला और कमजोर कर देता है। जो व्यक्ति दूसरों का सम्मान करता है, वह समाज में सम्मान पाता है, लेकिन जो अहंकार में डूब जाता है, वह धीरे-धीरे अपने रिश्ते, मित्र और सम्मान सब कुछ खो देता है। आज आवश्यकता इस बात की है कि हम सफलता मिलने पर भी अपने संस्कार, विनम्रता और मानवता को न भूलें, क्योंकि जीवन का सबसे बड़ा ज्ञान यही है कि अहंकार का अंत विनाश है और विनम्रता का परिणाम सम्मान है। संदेश में जोर दिया गया है कि "जब मनुष्य के भीतर अहंकार बढ़ता है, तब उसका पतन शुरू हो जाता है। इसलिए जीवन में हमेशा विनम्र रहें, क्योंकि झुकने वाला वृक्ष ही फल देता है और अकड़ने वाला वृक्ष सबसे पहले टूटता है।"
    user_सूर्य प्रकाश पाण्डेय
    सूर्य प्रकाश पाण्डेय
    Voice of people Mariahu, Jaunpur•
    2 hrs ago
  • मछलीशहर तहसील में उपजिलाधिकारी अजय कुमार उपाध्याय की अध्यक्षता में एक संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस आयोजन में विभिन्न मुद्दों पर सुनवाई की गई।
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    मछलीशहर तहसील में उपजिलाधिकारी अजय कुमार उपाध्याय की अध्यक्षता में एक संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस आयोजन में विभिन्न मुद्दों पर सुनवाई की गई।
    user_Dharmendra Giri
    Dharmendra Giri
    मछलीशहर, जौनपुर, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले जा रहे तीसरे वनडे मैच में अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया है। ताजा जानकारी के अनुसार, अफगानिस्तान ने 19 ओवरों में 94 रन पर 4 विकेट गंवा दिए हैं। भारतीय तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने घातक गेंदबाजी करते हुए 5 ओवर में केवल 6 रन देकर 4 विकेट चटकाए हैं। मैच में एक अद्भुत संयोग देखने को मिला, जहाँ अफगानिस्तान के शुरुआती तीन विकेट एक ही तरीके से गिरे: प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद बल्ले का किनारा लेकर सीधे रोहित के हाथों में गई।
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    भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले जा रहे तीसरे वनडे मैच में अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया है। ताजा जानकारी के अनुसार, अफगानिस्तान ने 19 ओवरों में 94 रन पर 4 विकेट गंवा दिए हैं। भारतीय तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने घातक गेंदबाजी करते हुए 5 ओवर में केवल 6 रन देकर 4 विकेट चटकाए हैं। मैच में एक अद्भुत संयोग देखने को मिला, जहाँ अफगानिस्तान के शुरुआती तीन विकेट एक ही तरीके से गिरे: प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद बल्ले का किनारा लेकर सीधे रोहित के हाथों में गई।
    user_गजेन्द्र कुमार सिंह
    गजेन्द्र कुमार सिंह
    Pindra, Varanasi•
    10 hrs ago
  • ज्ञानपुर, भदोही के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण है, जहाँ 75 वर्षों से शिक्षा का केंद्र रहे काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय को अब विश्वविद्यालय का दर्जा मिल गया है। इसके साथ ही संस्थान का नया नाम काशी नरेश विश्वविद्यालय हो गया है। 1951 में स्थापित इस संस्थान ने हजारों विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्रदान की है, और अब मुख्य प्रवेश द्वार पर नया नाम अंकित होने के साथ ही महाविद्यालय की 75 वर्षों पुरानी पहचान इतिहास का हिस्सा बन गई है। विश्वविद्यालय बनने के बाद, क्षेत्र के छात्रों को शिक्षा, शोध और नए पाठ्यक्रमों के बेहतर अवसर मिलेंगे। इस ऐतिहासिक घटनाक्रम के साथ, काशी नरेश विश्वविद्यालय के गठन, इसके इतिहास और महत्व से जुड़ी पूरी जानकारी अब और भी महत्वपूर्ण हो गई है।
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    ज्ञानपुर, भदोही के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण है, जहाँ 75 वर्षों से शिक्षा का केंद्र रहे काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय को अब विश्वविद्यालय का दर्जा मिल गया है। इसके साथ ही संस्थान का नया नाम काशी नरेश विश्वविद्यालय हो गया है। 1951 में स्थापित इस संस्थान ने हजारों विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्रदान की है, और अब मुख्य प्रवेश द्वार पर नया नाम अंकित होने के साथ ही महाविद्यालय की 75 वर्षों पुरानी पहचान इतिहास का हिस्सा बन गई है।

विश्वविद्यालय बनने के बाद, क्षेत्र के छात्रों को शिक्षा, शोध और नए पाठ्यक्रमों के बेहतर अवसर मिलेंगे। इस ऐतिहासिक घटनाक्रम के साथ, काशी नरेश विश्वविद्यालय के गठन, इसके इतिहास और महत्व से जुड़ी पूरी जानकारी अब और भी महत्वपूर्ण हो गई है।
    user_NEWS TIME UP
    NEWS TIME UP
    Waiter/Waitress भदोही, भदोही, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • भदोही के ज्ञानपुर के लिए एक ऐतिहासिक पल में, 75 वर्षों से शिक्षा के केंद्र रहे काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय को अब विश्वविद्यालय का दर्जा मिल गया है। इसके साथ ही इस प्रतिष्ठित संस्थान को नया नाम 'काशी नरेश विश्वविद्यालय' मिला है। मुख्य प्रवेश द्वार पर भी नए नाम का अंकन कर दिया गया है, जिससे महाविद्यालय की 75 वर्षों पुरानी पहचान अब इतिहास का हिस्सा बन गई है। वर्ष 1951 में स्थापित हुए इस संस्थान ने अब तक हजारों विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्रदान की है। अब विश्वविद्यालय बनने के बाद, क्षेत्र के छात्रों को शिक्षा, शोध और नए पाठ्यक्रमों के लिए बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। यह वीडियो काशी नरेश विश्वविद्यालय के गठन, इसके समृद्ध इतिहास और भविष्य में इसके महत्व से जुड़ी विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करता है। ऐसी ही ताजा और विश्वसनीय खबरों के लिए चैनल को सब्सक्राइब करने, वीडियो को लाइक और शेयर करने का भी आग्रह किया गया है।
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    भदोही के ज्ञानपुर के लिए एक ऐतिहासिक पल में, 75 वर्षों से शिक्षा के केंद्र रहे काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय को अब विश्वविद्यालय का दर्जा मिल गया है। इसके साथ ही इस प्रतिष्ठित संस्थान को नया नाम 'काशी नरेश विश्वविद्यालय' मिला है। मुख्य प्रवेश द्वार पर भी नए नाम का अंकन कर दिया गया है, जिससे महाविद्यालय की 75 वर्षों पुरानी पहचान अब इतिहास का हिस्सा बन गई है।

वर्ष 1951 में स्थापित हुए इस संस्थान ने अब तक हजारों विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्रदान की है। अब विश्वविद्यालय बनने के बाद, क्षेत्र के छात्रों को शिक्षा, शोध और नए पाठ्यक्रमों के लिए बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।

यह वीडियो काशी नरेश विश्वविद्यालय के गठन, इसके समृद्ध इतिहास और भविष्य में इसके महत्व से जुड़ी विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करता है। ऐसी ही ताजा और विश्वसनीय खबरों के लिए चैनल को सब्सक्राइब करने, वीडियो को लाइक और शेयर करने का भी आग्रह किया गया है।
    user_Gufran Patrakar
    Gufran Patrakar
    Reporter भदोही, भदोही, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • पितृ दिवस के पावन अवसर पर मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन ने सभी सम्मानित पिताओं को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी। इस अवसर पर परिवार और समाज में पिता के महत्व को रेखांकित करते हुए संगठन ने कहा कि "पिता ही जीवन है, पिता ही प्यार है, पिता ही पूरा संसार है। पिता हैं तो परिवार है।" ऑर्गेनाइजेशन के पदाधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि पिता परिवार की वह मजबूत नींव होते हैं जो अपने बच्चों के सुखद भविष्य के लिए निरंतर संघर्ष करते हैं। उनके अनुसार, पिता अपने परिवार की खुशियों, शिक्षा, सुरक्षा और संस्कारों के लिए जीवनभर समर्पित रहते हैं, और उनके त्याग, परिश्रम तथा मार्गदर्शन से ही परिवार व समाज का विकास संभव होता है। इस दौरान, लोगों से आह्वान किया गया कि वे अपने माता-पिता, विशेषकर पिता के प्रति सम्मान, आदर और कृतज्ञता व्यक्त करें। वक्ताओं ने आधुनिक जीवन की व्यस्तताओं के बीच भी माता-पिता के साथ समय बिताने और उनके योगदान को कभी न भूलने का संदेश दिया। संगठन की ओर से सभी पिताओं के स्वस्थ, सुखी एवं दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए पितृ दिवस की शुभकामनाएं प्रेषित की गईं, यह दोहराते हुए कि "पिता का साया जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है, उनका सम्मान और आशीर्वाद ही परिवार की वास्तविक शक्ति है।" रिपोर्टर सूर्य प्रकाश पाण्डेय ने यह जानकारी दी।
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    पितृ दिवस के पावन अवसर पर मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन ने सभी सम्मानित पिताओं को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी। इस अवसर पर परिवार और समाज में पिता के महत्व को रेखांकित करते हुए संगठन ने कहा कि "पिता ही जीवन है, पिता ही प्यार है, पिता ही पूरा संसार है। पिता हैं तो परिवार है।"

ऑर्गेनाइजेशन के पदाधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि पिता परिवार की वह मजबूत नींव होते हैं जो अपने बच्चों के सुखद भविष्य के लिए निरंतर संघर्ष करते हैं। उनके अनुसार, पिता अपने परिवार की खुशियों, शिक्षा, सुरक्षा और संस्कारों के लिए जीवनभर समर्पित रहते हैं, और उनके त्याग, परिश्रम तथा मार्गदर्शन से ही परिवार व समाज का विकास संभव होता है।

इस दौरान, लोगों से आह्वान किया गया कि वे अपने माता-पिता, विशेषकर पिता के प्रति सम्मान, आदर और कृतज्ञता व्यक्त करें। वक्ताओं ने आधुनिक जीवन की व्यस्तताओं के बीच भी माता-पिता के साथ समय बिताने और उनके योगदान को कभी न भूलने का संदेश दिया। संगठन की ओर से सभी पिताओं के स्वस्थ, सुखी एवं दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए पितृ दिवस की शुभकामनाएं प्रेषित की गईं, यह दोहराते हुए कि "पिता का साया जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है, उनका सम्मान और आशीर्वाद ही परिवार की वास्तविक शक्ति है।" रिपोर्टर सूर्य प्रकाश पाण्डेय ने यह जानकारी दी।
    user_सूर्य प्रकाश पाण्डेय
    सूर्य प्रकाश पाण्डेय
    Voice of people Mariahu, Jaunpur•
    3 hrs ago
  • भरत भूषण तिवारी से जुड़े कथित एनकाउंटर को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि भरत तिवारी ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था, जिसके बावजूद पुलिस ने उन्हें गोली मार दी। इस मामले में यह भी बताया जा रहा है कि भरत तिवारी के खिलाफ कोई भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं था, जो इस एनकाउंटर पर उठ रहे सवालों को और गहरा कर रहा है।
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    भरत भूषण तिवारी से जुड़े कथित एनकाउंटर को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि भरत तिवारी ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था, जिसके बावजूद पुलिस ने उन्हें गोली मार दी। इस मामले में यह भी बताया जा रहा है कि भरत तिवारी के खिलाफ कोई भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं था, जो इस एनकाउंटर पर उठ रहे सवालों को और गहरा कर रहा है।
    user_Baliram kumar
    Baliram kumar
    मरियाहू, जौनपुर, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
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