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कोटा विश्वविद्यालय पर्यटन और आतिथ्य शिक्षा को उद्योग की आवश्यकताओं से जोड़ने के लिए एक बड़ी पहल करने जा रहा है। इसके तहत विश्वविद्यालय, पुणे की कृषि पर्यटन विकास कंपनी प्राइवेट लिमिटेड (एटीडीसी) के साथ 5 साल के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करेगा। इस समझौते के लिए भारत में कृषि पर्यटन की अवधारणा के जनक और महाराष्ट्र सरकार की कृषि एवं ग्रामीण पर्यटन विकास समिति के पूर्व सदस्य पांडुरंग तावरे कोटा पहुंच चुके हैं, जहां पर्यटन एवं आतिथ्य विभाग की अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) अनुकृति शर्मा ने उनका स्वागत किया। देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कृषि पर्यटन को नई पहचान दिलाने वाले पांडुरंग तावरे वर्तमान में एटीडीसी के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं, जिन्होंने किसानों की आय बढ़ाने और हजारों किसानों को पर्यटन से जोड़कर अतिरिक्त आय का मार्ग प्रशस्त किया है। कुलगुरू प्रो. (डॉ.) बी.पी. सारस्वत के मार्गदर्शन में 16 जुलाई को होने वाले इस समझौते के बाद दोनों संस्थान कृषि एवं ग्रामीण पर्यटन, उद्यमिता विकास, प्रशिक्षण, अध्ययन भ्रमण, इंटर्नशिप, शोध और रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों के संयुक्त संचालन के लिए मिलकर काम करेंगे।

18 hrs ago
user_Dushyant singh gehlot journal
Dushyant singh gehlot journal
लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
18 hrs ago

कोटा विश्वविद्यालय पर्यटन और आतिथ्य शिक्षा को उद्योग की आवश्यकताओं से जोड़ने के लिए एक बड़ी पहल करने जा रहा है। इसके तहत विश्वविद्यालय, पुणे की कृषि पर्यटन विकास कंपनी प्राइवेट लिमिटेड (एटीडीसी) के साथ 5 साल के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करेगा। इस समझौते के लिए भारत में कृषि पर्यटन की अवधारणा के जनक और महाराष्ट्र सरकार की कृषि एवं ग्रामीण पर्यटन विकास समिति के पूर्व सदस्य पांडुरंग तावरे कोटा पहुंच चुके हैं, जहां पर्यटन एवं आतिथ्य विभाग की अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) अनुकृति शर्मा ने उनका स्वागत किया। देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कृषि पर्यटन को नई पहचान दिलाने वाले पांडुरंग तावरे वर्तमान में एटीडीसी के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं, जिन्होंने किसानों की आय बढ़ाने और हजारों किसानों को पर्यटन से जोड़कर अतिरिक्त आय का मार्ग प्रशस्त किया है। कुलगुरू प्रो. (डॉ.) बी.पी. सारस्वत के मार्गदर्शन में 16 जुलाई को होने वाले इस समझौते के बाद दोनों संस्थान कृषि एवं ग्रामीण पर्यटन, उद्यमिता विकास, प्रशिक्षण, अध्ययन भ्रमण, इंटर्नशिप, शोध और रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों के संयुक्त संचालन के लिए मिलकर काम करेंगे।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • राजस्थान में बिना किसी ठोस नीति के किए गए भेदभावपूर्ण और अनीतिपूर्ण शिक्षक स्थानांतरणों के खिलाफ राजस्थान शिक्षक संघ (शेखावत) के राज्यव्यापी आह्वान पर कोटा कलेक्ट्रेट गेट पर बुधवार को शिक्षकों का भारी आक्रोश देखने को मिला। आक्रोशित शिक्षकों ने मानवीय संवेदनाओं को दरकिनार कर किए गए तबादलों के विरोध में जमकर नारेबाजी करते हुए उग्र प्रदर्शन किया। इसके बाद शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर इन अनियमित स्थानांतरणों को तुरंत रद्द करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक लोदवाल ने सरकार और विभाग पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि हाल ही में हुए तबादलों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और चहेतों को उपकृत करने का खेल हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार की शिक्षक विरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ताओं को चिन्हित कर राजनीतिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। असाध्य रोगों से पीड़ित शिक्षकों, विधवा व एकल महिलाओं, दृष्टिबाधितों और सेवानिवृत्ति के करीब पहुंच चुके शिक्षकों को भी जबरन दूरदराज के क्षेत्रों में भेजकर प्रताड़ित किया गया है। उन्होंने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि एक तरफ तृतीय श्रेणी शिक्षक वर्षों से तबादलों की राह देख रहे हैं और पदोन्नतियां अटकी हुई हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकार ने राज्य में 'स्थानांतरण उद्योग' स्थापित कर दिया है। शिक्षक संघ ने चेतावनी दी है कि यदि इन अनियमित तबादलों को तुरंत रद्द कर शिक्षकों के साथ न्याय नहीं किया गया, तो आंदोलन और उग्र होगा। इसी कड़ी में आगामी 17 जुलाई को संभाग मुख्यालयों पर संयुक्त निदेशक (JD) कार्यालय के समक्ष विशाल विरोध प्रदर्शन कर शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका जाएगा। जिला मंत्री धनराज मीणा के अनुसार, कलेक्ट्रेट पर हुए इस प्रदर्शन में बाबूलाल बलवानी, महेंद्र कुमार, क्षेत्रपाल सिंह, मुकेश मेघवाल, महावीर मीणा, दीपक मालव, भरतराज मीणा, कुलदीप सिंह, गजानन्द बैरवा, शकील अहमद, नन्द लाल, नरेन्द्र कुमार, कमलेश कुमार, ललित कुमार मीणा, प्रेमप्रकाश बैरवा, भारती सिंह, छीतर लाल बैरवा, सूरजमल बैरवा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।
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    राजस्थान में बिना किसी ठोस नीति के किए गए भेदभावपूर्ण और अनीतिपूर्ण शिक्षक स्थानांतरणों के खिलाफ राजस्थान शिक्षक संघ (शेखावत) के राज्यव्यापी आह्वान पर कोटा कलेक्ट्रेट गेट पर बुधवार को शिक्षकों का भारी आक्रोश देखने को मिला। आक्रोशित शिक्षकों ने मानवीय संवेदनाओं को दरकिनार कर किए गए तबादलों के विरोध में जमकर नारेबाजी करते हुए उग्र प्रदर्शन किया। इसके बाद शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर इन अनियमित स्थानांतरणों को तुरंत रद्द करने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक लोदवाल ने सरकार और विभाग पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि हाल ही में हुए तबादलों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और चहेतों को उपकृत करने का खेल हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार की शिक्षक विरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ताओं को चिन्हित कर राजनीतिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। असाध्य रोगों से पीड़ित शिक्षकों, विधवा व एकल महिलाओं, दृष्टिबाधितों और सेवानिवृत्ति के करीब पहुंच चुके शिक्षकों को भी जबरन दूरदराज के क्षेत्रों में भेजकर प्रताड़ित किया गया है। उन्होंने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि एक तरफ तृतीय श्रेणी शिक्षक वर्षों से तबादलों की राह देख रहे हैं और पदोन्नतियां अटकी हुई हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकार ने राज्य में 'स्थानांतरण उद्योग' स्थापित कर दिया है।

शिक्षक संघ ने चेतावनी दी है कि यदि इन अनियमित तबादलों को तुरंत रद्द कर शिक्षकों के साथ न्याय नहीं किया गया, तो आंदोलन और उग्र होगा। इसी कड़ी में आगामी 17 जुलाई को संभाग मुख्यालयों पर संयुक्त निदेशक (JD) कार्यालय के समक्ष विशाल विरोध प्रदर्शन कर शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका जाएगा। जिला मंत्री धनराज मीणा के अनुसार, कलेक्ट्रेट पर हुए इस प्रदर्शन में बाबूलाल बलवानी, महेंद्र कुमार, क्षेत्रपाल सिंह, मुकेश मेघवाल, महावीर मीणा, दीपक मालव, भरतराज मीणा, कुलदीप सिंह, गजानन्द बैरवा, शकील अहमद, नन्द लाल, नरेन्द्र कुमार, कमलेश कुमार, ललित कुमार मीणा, प्रेमप्रकाश बैरवा, भारती सिंह, छीतर लाल बैरवा, सूरजमल बैरवा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।
    user_Ahmed Siraj Farooqi
    Ahmed Siraj Farooqi
    रिपोर्टर लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    1 hr ago
  • मुंबई के अंधेरी इलाके में अभिनेत्री सब्बी सूरी को स्पॉट किया गया है, जहाँ उनका अंदाज कैमरों में कैद हो गया। सार्वजनिक स्थान पर अपने सामान्य अंदाज में नजर आईं अभिनेत्री की तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई हैं। उनके प्रशंसकों के बीच इस वीडियो और तस्वीरों को बेहद तेजी से साझा किया जा रहा है।
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    मुंबई के अंधेरी इलाके में अभिनेत्री सब्बी सूरी को स्पॉट किया गया है, जहाँ उनका अंदाज कैमरों में कैद हो गया। सार्वजनिक स्थान पर अपने सामान्य अंदाज में नजर आईं अभिनेत्री की तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई हैं। उनके प्रशंसकों के बीच इस वीडियो और तस्वीरों को बेहद तेजी से साझा किया जा रहा है।
    user_VKH NEWS
    VKH NEWS
    लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • राजस्थान के कोटा में सर्व हिंदू समाज सोशल क्रांतिकारी महासंघ के संयोजन में प्रथम गुप्त नवरात्रि और रथयात्रा के पावन अवसर पर ‘इको फ्रेंडली गणपति क्लब’ की स्थापना की गई है। इस क्लब का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2026 के गणपति महोत्सव को पूर्ण रूप से पर्यावरण-अनुकूल बनाना है। 200 से अधिक गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में डॉ. एमएल अग्रवाल को क्लब का प्रथम अध्यक्ष मनोनीत किया गया है, जिनके दिशा-निर्देशन में इस वर्ष के सभी कार्यक्रम होंगे। इस मुहिम को मजबूती देने के लिए एक प्रतिष्ठित संरक्षक मंडल का गठन किया गया है, जिसमें समाजसेवी संदीप अग्रवाल चांदीवाला, संजय गोयल, आरएल विजय, मयंक अग्रवाल, पंकज गोयल, अनिल खंडेलवाल और दिनेश कुमार बंसल शामिल हैं। इस मौके पर महामंडलेश्वर डॉ. हेमा सरस्वती महाराज और माता नीति अंबाजी का विशेष आशीर्वाद भी प्राप्त हुआ। क्लब द्वारा पहली इको फ्रेंडली प्रतिमा के रूप में सिद्धि दायक संत स्वरूप ‘श्री चंदन गणेश’ की भव्य प्रतिमा का सृजन किया गया है, जिसे गुरु धाम कॉलोनी में स्थापित किया जाएगा। यह 7 फीट ऊंची प्रतिमा 240 किलो शुद्ध मिट्टी से निर्मित की गई है और इस पर 15 किलो औषधीय चंदन पाउडर का विशेष लेप लगाया गया है। इसके श्रृंगार के लिए केवल केसर, कुमकुम, काजल, सिंदूर और चूने जैसे प्राकृतिक रंगों का उपयोग हुआ है और भगवान को 1200 रुद्राक्ष की मालाओं से सुसज्जित कर संत स्वरूप दिया गया है। भगवान गणेश के बाएं हाथ में जल पात्र और दूसरे हाथ में ध्वज के माध्यम से समाज को "स्वस्थ जीवन का आधार, शुद्ध जल, पहला सुख निरोगी काया" का दिव्य संदेश दिया गया है। अपने प्रथम संबोधन में अध्यक्ष डॉ. एमएल अग्रवाल ने बताया कि विसर्जन के बाद यह चंदन पाउडर पानी में मिलकर जलीय जीवों को औषधीय राहत प्रदान करेगा, जो कि प्लास्टर ऑफ पेरिस और रासायनिक रंगों से होने वाले नुकसान से बचाएगा। इस संदेश को घर-घर पहुंचाने के लिए क्लब द्वारा आम नागरिकों को 1008 छोटी और 51 बड़ी इको फ्रेंडली गणेश प्रतिमाएं बिल्कुल निशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा, इस वर्ष इको फ्रेंडली गणपति स्थापित करने वाले 21 संगठनों को प्रोत्साहन स्वरूप ₹5100 का नगद पुरस्कार दिया जाएगा। संस्थापक महामंत्री राजाराम जैन ‘कर्मयोगी रावण सरकार’ के अनुसार, लोगों को इस मुहिम से जोड़ने के लिए 25 जुलाई से दो विशेष प्रचार रथों के जरिए 45 दिवसीय जन जागृति अभियान चलाया जाएगा। शुभारंभ कार्यक्रम में कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं और भगवान को सवामण लड्डू-बाटी-चूरमा का भोग लगाकर महाआरती की गई।
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    राजस्थान के कोटा में सर्व हिंदू समाज सोशल क्रांतिकारी महासंघ के संयोजन में प्रथम गुप्त नवरात्रि और रथयात्रा के पावन अवसर पर ‘इको फ्रेंडली गणपति क्लब’ की स्थापना की गई है। इस क्लब का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2026 के गणपति महोत्सव को पूर्ण रूप से पर्यावरण-अनुकूल बनाना है। 200 से अधिक गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में डॉ. एमएल अग्रवाल को क्लब का प्रथम अध्यक्ष मनोनीत किया गया है, जिनके दिशा-निर्देशन में इस वर्ष के सभी कार्यक्रम होंगे। इस मुहिम को मजबूती देने के लिए एक प्रतिष्ठित संरक्षक मंडल का गठन किया गया है, जिसमें समाजसेवी संदीप अग्रवाल चांदीवाला, संजय गोयल, आरएल विजय, मयंक अग्रवाल, पंकज गोयल, अनिल खंडेलवाल और दिनेश कुमार बंसल शामिल हैं। इस मौके पर महामंडलेश्वर डॉ. हेमा सरस्वती महाराज और माता नीति अंबाजी का विशेष आशीर्वाद भी प्राप्त हुआ।

क्लब द्वारा पहली इको फ्रेंडली प्रतिमा के रूप में सिद्धि दायक संत स्वरूप ‘श्री चंदन गणेश’ की भव्य प्रतिमा का सृजन किया गया है, जिसे गुरु धाम कॉलोनी में स्थापित किया जाएगा। यह 7 फीट ऊंची प्रतिमा 240 किलो शुद्ध मिट्टी से निर्मित की गई है और इस पर 15 किलो औषधीय चंदन पाउडर का विशेष लेप लगाया गया है। इसके श्रृंगार के लिए केवल केसर, कुमकुम, काजल, सिंदूर और चूने जैसे प्राकृतिक रंगों का उपयोग हुआ है और भगवान को 1200 रुद्राक्ष की मालाओं से सुसज्जित कर संत स्वरूप दिया गया है। भगवान गणेश के बाएं हाथ में जल पात्र और दूसरे हाथ में ध्वज के माध्यम से समाज को "स्वस्थ जीवन का आधार, शुद्ध जल, पहला सुख निरोगी काया" का दिव्य संदेश दिया गया है।

अपने प्रथम संबोधन में अध्यक्ष डॉ. एमएल अग्रवाल ने बताया कि विसर्जन के बाद यह चंदन पाउडर पानी में मिलकर जलीय जीवों को औषधीय राहत प्रदान करेगा, जो कि प्लास्टर ऑफ पेरिस और रासायनिक रंगों से होने वाले नुकसान से बचाएगा। इस संदेश को घर-घर पहुंचाने के लिए क्लब द्वारा आम नागरिकों को 1008 छोटी और 51 बड़ी इको फ्रेंडली गणेश प्रतिमाएं बिल्कुल निशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा, इस वर्ष इको फ्रेंडली गणपति स्थापित करने वाले 21 संगठनों को प्रोत्साहन स्वरूप ₹5100 का नगद पुरस्कार दिया जाएगा। संस्थापक महामंत्री राजाराम जैन ‘कर्मयोगी रावण सरकार’ के अनुसार, लोगों को इस मुहिम से जोड़ने के लिए 25 जुलाई से दो विशेष प्रचार रथों के जरिए 45 दिवसीय जन जागृति अभियान चलाया जाएगा। शुभारंभ कार्यक्रम में कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं और भगवान को सवामण लड्डू-बाटी-चूरमा का भोग लगाकर महाआरती की गई।
    user_Dushyant singh gehlot journal
    Dushyant singh gehlot journal
    लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • राजस्थान के कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं ने इच्छा मृत्यु की मांग की है। अस्पताल परिसर में भर्ती इन प्रसूताओं द्वारा सीधे तौर पर इच्छा मृत्यु की गुहार लगाई गई है।
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    राजस्थान के कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं ने इच्छा मृत्यु की मांग की है। अस्पताल परिसर में भर्ती इन प्रसूताओं द्वारा सीधे तौर पर इच्छा मृत्यु की गुहार लगाई गई है।
    user_Kishan Lal jangid
    Kishan Lal jangid
    Real Estate Developer Ladpura, Kota•
    13 hrs ago
  • कोटा के नयापुरा इलाके में आज चमन होटल से लेकर जेके लोन हॉस्पिटल की मुख्य सड़क तक फैले अवैध अतिक्रमण और ठेलों को हटाने की कार्रवाई की गई है। नगर निगम के अतिक्रमण निरोधक दस्ते ने मौके पर तैनात पुलिस जाब्ते के साथ मिलकर सड़क पर मौजूद ठेलों और कच्चे-पक्के अवैध निर्माणों को पूरी तरह हटा दिया। इस कार्रवाई के दौरान सड़क पर फैला सामान भी जब्त कर लिया गया।
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    कोटा के नयापुरा इलाके में आज चमन होटल से लेकर जेके लोन हॉस्पिटल की मुख्य सड़क तक फैले अवैध अतिक्रमण और ठेलों को हटाने की कार्रवाई की गई है। नगर निगम के अतिक्रमण निरोधक दस्ते ने मौके पर तैनात पुलिस जाब्ते के साथ मिलकर सड़क पर मौजूद ठेलों और कच्चे-पक्के अवैध निर्माणों को पूरी तरह हटा दिया। इस कार्रवाई के दौरान सड़क पर फैला सामान भी जब्त कर लिया गया।
    user_Anubhav Mittal Journalist
    Anubhav Mittal Journalist
    Court reporter Ladpura, Kota•
    15 hrs ago
  • दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे धरने और प्रसिद्ध वैज्ञानिक व एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के अनशन के 18 दिन बीतने के बाद अब यह पूरी तरह साफ हो गया है कि यह एक प्रायोजित आंदोलन है। सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके का एयरपोर्ट पर जिस तरह से भव्य स्वागत हुआ और पुलिस ने बिना मांगे ही जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन की अनुमति दे दी, उससे यह आंदोलन पहले ही दिन से शक के दायरे में है। इसके बाद, एनएसए (NSA) के तहत जोधपुर जेल में बंद सोनम वांगचुक की जिस तरह से रिहाई हुई और उन्होंने अनशन शुरू किया, उसने इस संदेह को और गहरा कर दिया है। इस आंदोलन के प्रायोजित होने का एक बड़ा प्रमाण यह है कि ये लोग सरकार से सवाल पूछने के बजाय राहुल गांधी को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं। वहीं, जंतर-मंतर पर लगातार प्रदर्शन कर रहीं लेफ्ट की स्टूडेंट यूनियनों से दूरी दिखाने के लिए इस आंदोलन ने अपना मंच उनके साथ साझा न करके एक अलग मंच तैयार किया है। दरअसल, पेपर लीक मामले में कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई (NSUI) विनोद जाखड़ के नेतृत्व में लगातार आक्रामक प्रदर्शन कर रही है, जिन्होंने पहले भी राजस्थान यूनिवर्सिटी में आरएसएस के दखल के खिलाफ आंदोलन किया था। हर जगह एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के जबरदस्त प्रदर्शन के कारण सरकार के पास इस विरोध को काउंटर करने के लिए एक समानांतर आंदोलन खड़ा करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था। सोनम वांगचुक साहब से अपील की गई है कि वे अपना अनशन तोड़ दें क्योंकि देश को उनके जैसे लोगों की काफी जरूरत है, वरना अगर उनके साथ कुछ अनहोनी होती है तो यह सरकार उस पर भी राजनीति करने से बाज नहीं आएगी। इसी बीच, दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे सीजेपी के इस धरने में प्रसिद्ध कॉमेडियन कुणाल कामरा ने भी शिरकत की है।
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    दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे धरने और प्रसिद्ध वैज्ञानिक व एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के अनशन के 18 दिन बीतने के बाद अब यह पूरी तरह साफ हो गया है कि यह एक प्रायोजित आंदोलन है। सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके का एयरपोर्ट पर जिस तरह से भव्य स्वागत हुआ और पुलिस ने बिना मांगे ही जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन की अनुमति दे दी, उससे यह आंदोलन पहले ही दिन से शक के दायरे में है। इसके बाद, एनएसए (NSA) के तहत जोधपुर जेल में बंद सोनम वांगचुक की जिस तरह से रिहाई हुई और उन्होंने अनशन शुरू किया, उसने इस संदेह को और गहरा कर दिया है।

इस आंदोलन के प्रायोजित होने का एक बड़ा प्रमाण यह है कि ये लोग सरकार से सवाल पूछने के बजाय राहुल गांधी को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं। वहीं, जंतर-मंतर पर लगातार प्रदर्शन कर रहीं लेफ्ट की स्टूडेंट यूनियनों से दूरी दिखाने के लिए इस आंदोलन ने अपना मंच उनके साथ साझा न करके एक अलग मंच तैयार किया है। दरअसल, पेपर लीक मामले में कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई (NSUI) विनोद जाखड़ के नेतृत्व में लगातार आक्रामक प्रदर्शन कर रही है, जिन्होंने पहले भी राजस्थान यूनिवर्सिटी में आरएसएस के दखल के खिलाफ आंदोलन किया था। हर जगह एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के जबरदस्त प्रदर्शन के कारण सरकार के पास इस विरोध को काउंटर करने के लिए एक समानांतर आंदोलन खड़ा करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था।

सोनम वांगचुक साहब से अपील की गई है कि वे अपना अनशन तोड़ दें क्योंकि देश को उनके जैसे लोगों की काफी जरूरत है, वरना अगर उनके साथ कुछ अनहोनी होती है तो यह सरकार उस पर भी राजनीति करने से बाज नहीं आएगी। इसी बीच, दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे सीजेपी के इस धरने में प्रसिद्ध कॉमेडियन कुणाल कामरा ने भी शिरकत की है।
    user_Ahmed Siraj Farooqi
    Ahmed Siraj Farooqi
    रिपोर्टर लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • आज विधानसभा के 75 अमृत महोत्सव का आगाज हो गया है। इस कार्यक्रम का शुभारंभ स्पीकर ओम बिरला द्वारा किया गया।
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    आज विधानसभा के 75 अमृत महोत्सव का आगाज हो गया है। इस कार्यक्रम का शुभारंभ स्पीकर ओम बिरला द्वारा किया गया।
    user_Ramesh Gandi
    Ramesh Gandi
    Media company लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    9 hrs ago
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