राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने जयपुर में गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता व लेखक धर्मपाल गांधी द्वारा लिखित ऐतिहासिक पुस्तक "स्वाधीनता की दास्तान" का विमोचन किया। धर्मपाल गांधी राष्ट्रीय साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक संस्थान 'आदर्श समाज समिति इंडिया' के अध्यक्ष भी हैं। इस गरिमामयी अवसर पर राजीव गांधी पंचायती राज संगठन, झुंझुनू के जिलाध्यक्ष विजय मील, पीसीसी सदस्य रणजीत सिंह चंदेलिया, शिक्षाविद व सामाजिक कार्यकर्ता मनजीत सिंह तंवर सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। पुस्तक का विमोचन करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण और प्रामाणिक ऐतिहासिक दस्तावेज़ करार दिया। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक आज़ादी के संघर्ष के साथ-साथ उस दौर के राष्ट्रीय चरित्र, सामाजिक चेतना और जनजागरण को भी सामने लाती है। गहलोत ने विश्वास व्यक्त किया कि इस शोधपरक साहित्य से युवा पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास, स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और राष्ट्र निर्माण के मूल्यों को समझने की प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने लेखक के इस प्रयास की जमकर सराहना की। कार्यक्रम के दौरान शिक्षाविद मनजीत सिंह तंवर ने बताया कि अंजू गांधी द्वारा संपादित यह कृति लेखक धर्मपाल गांधी की छठी पुस्तक है। इस पुस्तक में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व में चले आंदोलनों के साथ-साथ किसानों, मजदूरों, दलितों और वंचितों के उत्थान के संघर्षों का विस्तृत ब्यौरा है। इसमें स्वच्छता, गौ-सेवा, हिन्दू-मुस्लिम एकता, छुआछूत उन्मूलन, महिला उत्थान और ग्राम स्वराज जैसे गंभीर विषयों को भी शामिल किया गया है। लेखक धर्मपाल गांधी इससे पहले "हिन्द की क्रांतिकारी बेटियाँ", "आजादी के दीवाने", "क्रांति का आग़ाज़", "आजादी की राहों में" और "इन्कलाब" जैसी चर्चित पुस्तकें लिख चुके हैं।
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने जयपुर में गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता व लेखक धर्मपाल गांधी द्वारा लिखित ऐतिहासिक पुस्तक "स्वाधीनता की दास्तान" का विमोचन किया। धर्मपाल गांधी राष्ट्रीय साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक संस्थान 'आदर्श समाज समिति इंडिया' के अध्यक्ष भी हैं। इस गरिमामयी अवसर पर राजीव गांधी पंचायती राज संगठन, झुंझुनू के जिलाध्यक्ष विजय मील, पीसीसी सदस्य रणजीत सिंह चंदेलिया, शिक्षाविद व सामाजिक कार्यकर्ता मनजीत सिंह तंवर सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। पुस्तक का विमोचन करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण और प्रामाणिक ऐतिहासिक दस्तावेज़ करार दिया। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक आज़ादी के संघर्ष के साथ-साथ उस दौर के राष्ट्रीय चरित्र, सामाजिक चेतना और जनजागरण को भी सामने लाती है। गहलोत ने विश्वास व्यक्त किया कि इस शोधपरक साहित्य से युवा पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास, स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और राष्ट्र निर्माण के मूल्यों को समझने की प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने लेखक के इस प्रयास की जमकर सराहना की। कार्यक्रम के दौरान शिक्षाविद मनजीत सिंह तंवर ने बताया कि अंजू गांधी द्वारा संपादित यह कृति लेखक धर्मपाल गांधी की छठी पुस्तक है। इस पुस्तक में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व में चले आंदोलनों के साथ-साथ किसानों, मजदूरों, दलितों और वंचितों के उत्थान के संघर्षों का विस्तृत ब्यौरा है। इसमें स्वच्छता, गौ-सेवा, हिन्दू-मुस्लिम एकता, छुआछूत उन्मूलन, महिला उत्थान और ग्राम स्वराज जैसे गंभीर विषयों को भी शामिल किया गया है। लेखक धर्मपाल गांधी इससे पहले "हिन्द की क्रांतिकारी बेटियाँ", "आजादी के दीवाने", "क्रांति का आग़ाज़", "आजादी की राहों में" और "इन्कलाब" जैसी चर्चित पुस्तकें लिख चुके हैं।
- झुंझुनू जिले के खेतड़ी में स्थानीय लोग खराब सड़क के कारण गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं। सड़क की बदहाली के चलते वहां बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और हर समय पानी भरा रहता है, जिससे निवासियों का आना-जाना दूभर हो गया है। परेशान लोगों का कहना है कि उनकी शिकायतों की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। क्षेत्र के लोग बदहाल सड़क के निर्माण की मांग कर रहे हैं ताकि उन्हें इस कठिन मुश्किल से निजात मिल सके।3
- झुंझुनूं के डूण्डलोद शिक्षण संस्थान के विभिन्न विद्यालयों में शनिवार को केंद्र सरकार के 'एक पेड़ मां के नाम 3.0', राज्य सरकार के 'हरियालो राजस्थान' और संस्थान के 'इको राइज' अभियान का भव्य शुभारंभ किया गया। अलग-अलग विद्यालयों में अतिथियों ने पौधरोपण कर इस अभियान की शुरुआत की। देश की प्रतिष्ठित डूंडलोद गर्ल्स स्कूल, बलवंतपुरा में अभियान का आगाज करते हुए राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण हर नागरिक की जिम्मेदारी है और प्रत्येक परिवार को कम से कम पांच पेड़ अवश्य लगाने चाहिए। इसी क्रम में डूंडलोद पब्लिक स्कूल डूंडलोद में अभियान की शुरुआत थनाधिकारी ताराचंद ने की। डूंडलोद पब्लिक स्कूल सोयला में संस्थान के निदेशक हेमराम शरण एवं सचिव हितेश चौधरी ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। डूंडलोद पब्लिक स्कूल झुंझुनूं में मुख्य शिक्षा अधिकारी अशोक शर्मा ने जानकारी दी कि झुंझुनूं शिक्षा विभाग को मिले 11 लाख पौधरोपण लक्ष्य का शुभारंभ भी इसी अभियान के साथ किया गया है। संस्थान सचिव बी.एल. रणवां ने बताया कि इस वर्ष भी संस्थान ने 5,000 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस अभियान के तहत विद्यार्थी, शिक्षक और कर्मचारी पौधरोपण करेंगे और अपनी मां के साथ पौधे की फोटो पोर्टल पर अपलोड करेंगे, जिसके बाद उन्हें ऑनलाइन प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ मां के सम्मान को जोड़ते हुए जनभागीदारी बढ़ाना है।1
- राजस्थान के झुंझुनू जिले के गणपति नगर स्थित राजस्थान पब्लिक उच्च माध्यमिक विद्यालय में विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर एक अनोखी निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई के तत्वावधान में आयोजित इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के लेखन कौशल को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें बढ़ती जनसंख्या, उसके सामाजिक और आर्थिक प्रभावों तथा जनसंख्या नियंत्रण के प्रति जागरूक करना था। इस दौरान बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता के दौरान छात्रों ने "जनसंख्या वृद्धि की चुनौतियाँ एवं समाधान", "छोटा परिवार–सुखी परिवार" और "सतत विकास में जनसंख्या संतुलन का महत्व" जैसे गंभीर विषयों पर अपने प्रभावशाली विचार प्रस्तुत किए। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य शुभकरण खीचड़ ने कहा कि देश के सतत विकास के लिए बढ़ती जनसंख्या पर नियंत्रण और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग बेहद जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से समाज में जागरूकता फैलाने और जिम्मेदार नागरिक बनने की अपील की। इसके बाद, प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेताओं को सहायक अभियंता ज्योति ढूकिया द्वारा सम्मानित किया गया, जिसमें मिताली ने प्रथम, अवि ने द्वितीय और हर्ष चावला ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसके साथ ही किरण प्रभा और नंदिनी शेखावत को भी उनके सराहनीय प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। विद्यालय के सचिव इंजीनियर पीयूष ढूकिया ने सभी विजेताओं को शुभकामनाएं देते हुए प्रतिभागियों का हौसला बढ़ाया। इस पूरे आयोजन के दौरान सुधीर शर्मा, मंगलाराम जांगिड़, वसीम अकरम, सुश्री अनिता, सुभाष बिलखिवाल, मनीष सैनी और दलीप कुमार सहित स्कूल का पूरा स्टाफ मौजूद रहा। कार्यक्रम के अंत में पूरे विद्यालय परिवार ने विश्व जनसंख्या दिवस के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का दृढ़ संकल्प लिया।1
- सूरजगढ़ में बेहद गमगीन माहौल के बीच एक जवान को उसके जन्मदिन वाले दिन ही अंतिम विदाई दी गई। इस दुखद और भावुक कर देने वाले घटनाक्रम का संयोग देखिए कि जवान ने आज ही के दिन अपनी नौकरी भी ज्वाइन की थी। जिस दिन जवान का जन्मदिन था और जिस तारीख को उसने अपनी सेवा शुरू की थी, ठीक उसी दिन उसकी अंतिम विदाई होने से माहौल अत्यंत शोकाकुल हो गया है।1
- महेंद्रगढ़ शहर में जलभराव की समस्या के समाधान के लिए विधायक कंवर सिंह यादव ने अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खेल स्टेडियम में स्थित स्विमिंग पूल में पानी भरने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।1
- महेंद्रगढ़ के अटाली की ढाणी स्थित गोगा पीर मंदिर में मूर्ति स्थापना का कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर मंदिर में विशेष अनुष्ठान और आयोजन किया गया।2
- हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के गांव खेड़ी तलवाना से एक 16 वर्षीय छात्र के संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।1
- झुंझुनू में जिस तारीख को जवान का जन्म हुआ था, ठीक उसी तारीख को उनकी अंतिम विदाई हुई। जवान के जन्म और अंतिम विदाई की तारीख का एक ही होना हर किसी को भावुक कर रहा है।1