Shuru
Apke Nagar Ki App…
कटिहार में पुलिस 🚔 को दौड़ा कर पीटा राइफल भी लुट लिए
सन ऑफ पासवान राजकुमार
कटिहार में पुलिस 🚔 को दौड़ा कर पीटा राइफल भी लुट लिए
More news from Nalanda and nearby areas
- जय हो शिव भोला भंडारी ✨🌺🌿⚜️1
- शेखपुरा–सिकंदरा मार्ग पर केदार होटल के समीप रविवार की शाम एक सड़क दुर्घटना में पिकअप वाहन के चालक सहित दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना शाम करीब 4:30बजे की बताई जा रही है।सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सड़क किनारे खड़े एक ट्रक में तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार दोनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।घायलों की पहचान लालपुर गांव निवासी भुवनेश्वर चंद्रवंशी के पुत्र उमेश चंद्रवंशी एवं सुरेश चंद्रवंशी के पुत्र धीरेंद्र चंद्रवंशी के रूप में की गई है। बताया जा रहा है कि दोनों युवक पिकअप वाहन से गांव-गांव घूमकर प्याज, आलू सहित अन्य सब्जियों का व्यापार करते हैं।घटना की सूचना मिलते ही 112 नंबर की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को एंबुलेंस के माध्यम से शेखपुरा सदर अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सड़क किनारे खड़े वाहनों के कारण इस मार्ग पर अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।1
- पटना / बख्तियारपुर। प्रखंड के ग्यासपुर में गंगा नदी पर बने पीपापुल का प्लेट अचानक टूट जाने से रविवार को आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। इस घटना के कारण पुल के दोनों ओर लंबा जाम लग गया, जिसमें दर्जनों वाहन घंटों तक फंसे रहे। तेज धूप और गर्मी के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बताया जाता है कि दियारा क्षेत्र के दर्जनों गांवों का आवागमन इसी पीपापुल के माध्यम से होता है। अचानक पुल का एक प्लेट टूट जाने से इस मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। पुल पर मौजूद वाहन जहां के तहां खड़े रह गए और लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने बताया कि पीपापुल पहले से ही जर्जर स्थिति में था, बावजूद इसके इसकी मरम्मत और गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया गया। लोगों का आरोप है कि पुल निर्माण और मरम्मत में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया, जिसके कारण यह हादसा हुआ। उन्होंने इस मामले की जांच कराने की मांग की है। हालांकि, गनीमत रही कि इस घटना में कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। यदि प्लेट टूटने के समय भारी वाहन गुजर रहा होता, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। सूचना मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन हरकत में आया और तुरंत मिस्त्री को बुलाकर मरम्मत कार्य शुरू कराया गया। काफी मशक्कत के बाद प्लेट को ठीक करने का काम जारी है। अधिकारियों का कहना है कि मरम्मत कार्य पूरा होते ही यातायात को फिर से सुचारू रूप से चालू कर दिया जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर पीपापुल की सुरक्षा और गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग स्थायी पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की परेशानी से बचा जा सके।1
- Post by S.K SINGH1
- Post by न्यूज 30 बिहार1
- LPG Crisis: परदेस में भूख से जूझते बाल-बच्चे, बिहार वापस लौट रहे इन मजूदरों का दर्द सुनिए!!1
- जब तक सर पे तेरा हाथ 🌺💫🌿🙏1
- कसार गांव स्थित बधार में डंटल जलाने से लगी आग, 40 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख। कसार थाना क्षेत्र के कसार गांव में रविवार को भीषण आग लगने से 10 किसानों की लगभग 40 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। यह घटना दोपहर करीब 1:20 बजे हुई, जिससे पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। घटना के संबंध में जानकारी देते हुए रोहित राज ने बताया कि खेतों में गेहूं की कटाई के बाद डंटल जलाने के दौरान अचानक आग फैल गई और देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। तेज हवा के कारण आग तेजी से आसपास के खेतों में फैल गई, जिससे बड़ी मात्रा में खड़ी और कटी हुई फसल जलकर नष्ट हो गई। इस अगलगी की घटना में कसार गांव के वार्ड संख्या 9 निवासी भागीरथ सिंह, विजेंद्र पंडित, पजी सिंह, शिवालग यादव, कपिल पासवान, मुसाफिर पासवान, सच्चिदानंद प्रसाद, संतोष प्रसाद, अरुण सिंह एवं विलायती सिंह की गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ है। आग पर काबू पाने के लिए ग्रामीणों ने काफी मशक्कत की, लेकिन तब तक फसल पूरी तरह जल चुकी थी। इस घटना से प्रभावित किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पीड़ित किसानों ने प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते अगर आग पर काबू पाया जाता तो नुकसान कम हो सकता था। फिलहाल, प्रशासन से राहत की उम्मीद में किसान आस लगाए हुए। आग लगी की घटना को बुझाने के दौरान कसार थाना अध्यक्ष संतोष कुमार के साथ पुलिस बल भी मौजूद थे।1
- प्रेस रिलीज 2/4/2026 बिहारशरीफ नालन्दा। अतिपिछड़ा/दलित/अल्पसंख्यक संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधि के लोग पीड़िता एवं पीड़ित परिवार से उनके गांव अजयपुर में मिलने का काम किये। बिहारशरीफः नालन्दा जिला नूरसराय प्रखंड अजयपुर गांव में एक अतिपिछड़ा महिला के साथ जिस तरह का अमानवीय दुराचार जैसा व्यवहार किया गया वो महाभारत में द्रौपदी की चीर हरण हो या मणिपुर में महिला को नंगा कर सरेआम रोड पर परेड जैसी अमानवीय घटना को याद दिला कर सामान्य इंसान मन को बेचैन और झकझोर देता है । इतना होने के बाद भी उस महिला को हीं यहां के पुरुष प्रधान समाज महिला के पीछे छिपकर दूसरी महिला द्वारा लगातार चीर हरण करवाया जा रहा है जो निंदनीय है। कोई भी महिला कितना भी गलत क्यों न हो चाहे कोई कोठा के तवायफ ही क्यों न हो वो भी एक समय में एक पुरुष से ही मिलती है लेकिन ये तो एक सामान्य महिला है (इस पर इस तरह के गलत आरोप बिना कोई सबूत के कैसे लगा सकते है) जो बैठका/ दलान में वो जिस व्यक्ति से मिलने गई थी वो एक व्यवसाई था और सीएसपी चलाता है और उस महिला के घर पर जाकर महिला के पति के कहने पर कई बार महिला के अंधी सांस की वृद्धा पेंशन मशीन पर हांथ के अंगूठा लगाकर पैसा निकलने का काम किया था(पुरुषों का जलन के कारण यही है) और उस दिन भी पति के कहने पर हीं महिला ने ननिहाल में रह रही अपनी बेटी को पैसा भेजवाने के लिए उसके दुकान पर गई लेकिन उस समय उसके दुकान पर उसका छोटा भाई बैठा था और उसका भाई ने ही बोला कि सामने वाली बैठका/ दलान में मेरा भाई बैठा है वही जाकर मिल ले जिस कारण वो महिला ने वो बैठका/ दलान पर उस व्यवसाई व्यक्ति से मिलने गई थी और मजेदार बात ये है कि वो बैठका उस व्यक्ति का भी नहीं बल्कि किसी और का था और वहां पर एक पुरुष नहीं बल्कि तीन पुरुष लोग पहले से ही बैठा उसके अलावा उस बैठका के बाहर भी कुछ लोग बैठे थे । दूसरी बात जिस गेट से प्रवेश किया उस गेट को उस महिला या पहले से अंदर में जो तीन लोग थे उनमें से किसी ने बंद नहीं किया था। अगर गलत कार्य अंदर करना होता तो वो अंदर वाला व्यक्ति या वो महिला गेट जरूर बंद करती । इससे भी ज्यादा समझने वाली बात ये है कि जब महिला उस घर में गई थी तब जो लोग बाहर में बैठा था उसे महिला ने देखी थी लेकिन जब महिला घर के अंदर प्रवेश किया तो बाहर बैठे लोग गेट को बंद कर बाहर से कुंडी/ सिटीकिल लगा कर शोर मचाया और झूठा अफवाह फैलाया जिसके कारण लोग इक्कठा हुआ जिसका दुष्परिणाम से इस तरह की घटना हुआ। चुकी वो महिला सुंदर, गरीब , बिना पति के (पति बाहर) और जातीय समीकरण में अल्पसंख्यक क्यों की दो हजार घर में मात्र 5 घर उसके समाज का है । अब उस गांव के कुछ लोग अपने बेटा को तो कोई अपने भाई को तो कोई अपने पति को तो कोई अपने पिता को तो कोई अपने जाती के लोगों द्वारा किए गये कुकर्मों को दवाने , छिपाने और बचाने के लिए पीड़ित महिला को हीं रोज चीर हरण और मनोवैज्ञानिक शोषण कर रहा है । प्रतिनिधि मंडल में अतिपिछड़ा/ दलित/अल्पसंख्यक संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदेव चौधरी जिला महासचिव उमेश पंडित सुबोध कुमार उर्फ प्रमोद कुमार अवधेश पंडित छोटे पंडित महेंद्र प्रसाद आदि दर्जनों लोग शामिल थे।1