ज्येष्ठ मास के अधिक मास, जिसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है, का धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व माना गया है, क्योंकि यह शुभ संयोग लगभग तीन वर्ष में एक बार आता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस माह में देव पूजन, दान, तप और सेवा कार्य करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। धार्मिक ग्रंथों में वर्णित है कि पुरुषोत्तम मास में किया गया दान और पुण्य कार्य कभी व्यर्थ नहीं जाता, बल्कि इसका पूर्ण फल प्राप्त होता है। इसी धार्मिक क्रम में, मंगलवार को जनपद देवरिया के रामगुलाम टोला स्थित बरमाहिया धाम हनुमान मंदिर परिसर में एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया और धार्मिक आयोजन में सक्रिय रूप से सहभागिता निभाई। इस अवसर पर देवरिया नगर पालिका अध्यक्ष अलका सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहीं और उन्होंने श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण में भी भाग लिया। आयोजन में रामगुलाम टोला क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, सभासदों और स्थानीय लोगों ने भी सक्रिय रूप से अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। पूरे मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल देखने को मिला, जहां श्रद्धालुओं ने भगवान हनुमान की श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।
ज्येष्ठ मास के अधिक मास, जिसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है, का धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व माना गया है, क्योंकि यह शुभ संयोग लगभग तीन वर्ष में एक बार आता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस माह में देव पूजन, दान, तप और सेवा कार्य करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। धार्मिक ग्रंथों में वर्णित है कि पुरुषोत्तम मास में किया गया दान और पुण्य कार्य कभी व्यर्थ नहीं जाता, बल्कि इसका पूर्ण फल प्राप्त होता है। इसी धार्मिक क्रम में, मंगलवार को जनपद देवरिया के रामगुलाम टोला स्थित बरमाहिया धाम हनुमान मंदिर परिसर में एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया और धार्मिक आयोजन में सक्रिय रूप से सहभागिता निभाई। इस अवसर पर देवरिया नगर पालिका अध्यक्ष अलका सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहीं और उन्होंने श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण में भी भाग लिया। आयोजन में रामगुलाम टोला क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, सभासदों और स्थानीय लोगों ने भी सक्रिय रूप से अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। पूरे मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल देखने को मिला, जहां श्रद्धालुओं ने भगवान हनुमान की श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।
- धान कुटाई के दौरान चावल हड़पने का गंभीर आरोप सामने आया है, जिसके विरोध में एक किसान के पैर पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया गया। इस घटना के बाद से पूरे गांव में हड़कंप मचा हुआ है।1
- एक गाँव के शौचालय में पानी नहीं आ रहा है। इसके अतिरिक्त, शौचालय की सभी खिड़कियाँ भी पूरी तरह से टूट चुकी हैं।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के लिए अपनी बात रखी है।1
- कुशीनगर के सिधुवा में स्थित बाबा श्री सिद्धनाथ जी महाराज के पावन वार्षिकोत्सव के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की हनुमान शाखा के स्वयंसेवकों ने मंदिर परिसर में सेवा एवं स्वच्छता अभियान का आयोजन किया। प्रातः 6 बजे मंदिर परिसर पहुंचे स्वयंसेवकों ने पूजा-अर्चना के उपरांत स्वच्छता अभियान का शुभारंभ किया। लगभग 10 स्वयंसेवकों ने वर्षों से चली आ रही सेवा परंपरा का निर्वहन करते हुए मंदिर परिसर तथा आसपास के क्षेत्र में झाड़ू लगाकर साफ-सफाई की और स्वच्छता का संदेश दिया, जिससे मंदिर परिसर स्वच्छ एवं सुंदर बन सका। सेवा कार्य पूर्ण होने के बाद संघ प्रार्थना का आयोजन किया गया, जिसके पश्चात मंदिर के महंत जी ने स्वयंसेवकों के लिए जलपान की व्यवस्था की। जलपान के बाद सभी स्वयंसेवक एकत्र होकर बाबा श्री सिद्धनाथ जी की महिमा, सनातन संस्कृति, सेवा भावना और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा में शामिल हुए। इस अवसर पर वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि सेवा और स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने के अपने दायित्व का निर्वहन करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को सेवा, अनुशासन और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण का संदेश दिया गया। उपस्थित स्वयंसेवकों ने समाज के लोगों से भी अपने आसपास के धार्मिक स्थलों, सार्वजनिक स्थानों और गांव-नगर को स्वच्छ रखने का आग्रह किया।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज कुशीनगर जिले के तमकुहीराज में 424 करोड़ रुपये की कुल 271 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कृषि विश्वविद्यालय का भी उद्घाटन किया, जहाँ बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ निर्धारित समय पर हेलीकॉप्टर से कार्यक्रम स्थल पहुँचे, जिसके लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। सभा स्थल पर प्रवेश से पहले हर व्यक्ति, यहाँ तक कि छोटे बच्चों की भी सघन जांच की जा रही थी। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ गोरखपुर सांसद रवि किशन शुक्ल, देवरिया सांसद शशांक मणि त्रिपाठी, कुशीनगर सांसद विजय कुमार दुबे, तमकुहीराज विधायक असीम कुमार राय, फाजिलनगर विधायक सुरेंद्र कुमार कुशवाहा, खड्डा विधायक विवेकानंद पांडेय, हाटा विधायक मोहन वर्मा और भाजपा जिलाध्यक्ष दुर्गेश राय समेत जिले के सभी जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि उनकी सरकार शिक्षा, सड़क और विकास को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे केवल तमाशा करती थीं, जबकि उनकी सरकार बेहतर शिक्षा व्यवस्था और आधुनिक सड़क नेटवर्क विकसित करने का काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को आवश्यक बताया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीडीए गठबंधन और विपक्ष की नीतियों पर भी जोरदार हमला बोला। उनके भाषण के समय समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की, जिससे कार्यक्रम स्थल पर उत्साह का माहौल बना रहा। कुशीनगर के तमकुहीराज में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से मुख्यमंत्री ने विकास योजनाओं की सौगात देते हुए अपनी सरकार की उपलब्धियों को जनता के सामने रखा और विपक्ष पर तीखा हमला बोला।4
- प्रस्तुत संदेश में "योगी जी" के प्रति गहरी श्रद्धा और प्रशंसा व्यक्त की गई है, जिसमें बार-बार इस बात पर जोर दिया गया है कि वे ठीक वैसे ही हैं जैसा सोचा गया था। यह भावना स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि वक्ता "योगी जी" को एक बेजोड़ नेता मानते हैं, और उनके अद्वितीय गुणों तथा नेतृत्व क्षमता में गहरा विश्वास रखते हैं।1
- एक मां की पथरी के ऑपरेशन के बाद मृत्यु हो गई है, जिसके परिणामस्वरूप उनके दो मासूम बच्चे बेसहारा हो गए हैं। इस दुखद घटना के बाद, संबंधित अस्पताल पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं।1
- Post by जय हिन्द न्यूज़1
- AIMIM नेता वारिस पठान ने मुंबई में हुई कार्रवाई को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर सीधा निशाना साधा है। पठान ने अपनी टिप्पणी में स्पष्ट रूप से कहा है कि 'सिर्फ दरगाह पर बुलडोजर चलाना गलत है', जिससे मुंबई में की गई कार्रवाई के तरीके पर सवाल खड़े होते हैं।1