सुल्तानपुर में सीजेएम नवनीत सिंह की अदालत ने पूछताछ के बहाने एक व्यक्ति को घर से उठाकर थाने ले जाने, उसे थर्ड-डिग्री टॉर्चर देने और छोड़ने के लिए 10 हजार रुपये की रिश्वत वसूलने के आरोपों से जुड़े मामले पर संज्ञान लिया है। अदालत ने पुलिस की कार्यशैली पर कड़ी टिप्पणी करते हुए आरोपी सिपाही अरुण कुमार और तीन अज्ञात सिपाहियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच करने का आदेश शिवगढ़ थाना प्रभारी को दिया है। इसके साथ ही, अदालत ने आदेश की प्रति पुलिस अधीक्षक को भी भेजने का निर्देश जारी किया है, और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सुनवाई के दौरान रिपोर्ट पेश न करने पर भी कड़ी टिप्पणी की है। यह मामला शिवगढ़ थाने के शम्भूगंज चौकी अंतर्गत सरैया अम्बर सिंह गांव की संगीता देवी द्वारा गत 20 मार्च की शाम करीब पांच बजे की घटना बताते हुए दायर की गई अर्जी से जुड़ा है। अभियोगिनी संगीता देवी के मुताबिक, घटना के दिन उनका परिवार कोतवाली नगर के शास्त्री नगर मोहल्ले में मौजूद था, जब आरोपी सिपाही अरुण कुमार और उनके तीन अज्ञात साथी पुलिसकर्मी मोटरसाइकिल से उनके घर आए। वे उनके पति अमर बहादुर को बिस्तर से उठाकर अपने साथ ले जाने लगे, बिना कोई कारण बताए। आरोप है कि थाने ले जाते समय रामगंज बाजार से शिवगढ़ की तरफ नहर की पटरी पर मुड़ते ही पुलिसकर्मियों ने अमर बहादुर को मारा-पीटा, और फिर थाने ले जाकर डंडे व पट्टे से बेरहमी से मारा-पीटा व प्रताड़ित किया। जब वादिनी अपने पति के बारे में जानकारी लेने थाने गईं और उन्हें बंद करने का कारण पूछा, तो सिपाही अरुण और उनके अज्ञात साथियों ने 10 हजार रुपये की मांग की। अपने पति को छुड़ाने की मजबूरी में संगीता देवी ने यह रिश्वत दी, जिसके बाद अमर बहादुर को छोड़ा गया। आरोप है कि पुलिस ने अपनी यातना से अमर बहादुर को लगी चोटों को छिपाने के लिए मन मुताबिक लिखापढ़ी भी करा ली थी। थाने से छूटने के बाद संगीता देवी ने सीएससी भदैया में अमर बहादुर का मेडिकल व इलाज कराया, जहां कान में गंभीर चोट के कारण डॉक्टर ने एक्स-रे कराने की सलाह दी। पुलिस की पिटाई से अमर बहादुर बेहोश हो गए और उन्हें दस्त भी होने लगे; अगले दिन उनका एक्स-रे जिला चिकित्सालय में कराया गया। इस मामले में पुलिस अधीक्षक से शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई न होने पर वादिनी ने अदालत का रुख किया था। अदालत ने आरोपी पुलिसकर्मियों के वरिष्ठ अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन अधिकारियों ने कई पेशियों तक रिपोर्ट पेश करना जरूरी नहीं समझा। इसके परिणामस्वरूप, अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सुनवाई करते हुए नामजद आरोपी सिपाही अरुण कुमार और उसके तीन अज्ञात साथी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच के लिए शिवगढ़ थाने की पुलिस को आदेशित किया है, साथ ही अन्य आदेश और टिप्पणियां भी जारी की हैं।
सुल्तानपुर में सीजेएम नवनीत सिंह की अदालत ने पूछताछ के बहाने एक व्यक्ति को घर से उठाकर थाने ले जाने, उसे थर्ड-डिग्री टॉर्चर देने और छोड़ने के लिए 10 हजार रुपये की रिश्वत वसूलने के आरोपों से जुड़े मामले पर संज्ञान लिया है। अदालत ने पुलिस की कार्यशैली पर कड़ी टिप्पणी करते हुए आरोपी सिपाही अरुण कुमार और तीन अज्ञात सिपाहियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच करने का आदेश शिवगढ़ थाना प्रभारी को दिया है। इसके साथ ही, अदालत ने आदेश की प्रति पुलिस अधीक्षक को भी भेजने का निर्देश जारी किया है, और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सुनवाई के दौरान रिपोर्ट पेश न करने पर भी कड़ी टिप्पणी की है। यह मामला शिवगढ़ थाने के शम्भूगंज चौकी अंतर्गत सरैया अम्बर सिंह गांव की संगीता देवी द्वारा गत 20 मार्च की शाम करीब पांच बजे की घटना बताते हुए दायर की गई अर्जी से जुड़ा है। अभियोगिनी संगीता देवी के मुताबिक, घटना के दिन उनका परिवार कोतवाली नगर के शास्त्री नगर मोहल्ले में मौजूद था, जब आरोपी सिपाही अरुण कुमार और उनके तीन अज्ञात साथी पुलिसकर्मी मोटरसाइकिल से उनके घर आए। वे उनके पति अमर बहादुर को बिस्तर से उठाकर अपने साथ ले जाने लगे, बिना कोई कारण बताए। आरोप है कि थाने ले जाते समय रामगंज बाजार से शिवगढ़ की तरफ नहर की पटरी पर मुड़ते ही पुलिसकर्मियों ने अमर बहादुर को मारा-पीटा, और फिर थाने ले जाकर डंडे व पट्टे से बेरहमी से मारा-पीटा व प्रताड़ित किया। जब वादिनी अपने पति के बारे में जानकारी लेने थाने गईं और उन्हें बंद करने का कारण पूछा, तो सिपाही अरुण और उनके अज्ञात साथियों ने 10 हजार रुपये की मांग की। अपने पति को छुड़ाने की मजबूरी में संगीता देवी ने यह रिश्वत दी, जिसके बाद अमर बहादुर को छोड़ा गया। आरोप है कि पुलिस ने अपनी यातना से अमर बहादुर को लगी चोटों को छिपाने के लिए मन मुताबिक लिखापढ़ी भी करा ली थी। थाने से छूटने के बाद संगीता देवी ने सीएससी भदैया में अमर बहादुर का मेडिकल व इलाज कराया, जहां कान में गंभीर चोट के कारण डॉक्टर ने एक्स-रे कराने की सलाह दी। पुलिस की पिटाई से अमर बहादुर बेहोश हो गए और उन्हें दस्त भी होने लगे; अगले दिन उनका एक्स-रे जिला चिकित्सालय में कराया गया। इस मामले में पुलिस अधीक्षक से शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई न होने पर वादिनी ने अदालत का रुख किया था। अदालत ने आरोपी पुलिसकर्मियों के वरिष्ठ अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन अधिकारियों ने कई पेशियों तक रिपोर्ट पेश करना जरूरी नहीं समझा। इसके परिणामस्वरूप, अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सुनवाई करते हुए नामजद आरोपी सिपाही अरुण कुमार और उसके तीन अज्ञात साथी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच के लिए शिवगढ़ थाने की पुलिस को आदेशित किया है, साथ ही अन्य आदेश और टिप्पणियां भी जारी की हैं।
- सुल्तानपुर के बल्दीराय तहसील क्षेत्र के मथाना मजरे रसहरा गांव में सार्वजनिक रास्ते पर कथित अवैध कब्जे को लेकर ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है। दर्जनों ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी बल्दीराय प्रवीण कुमार को एक शिकायती पत्र सौंपा है, जिसमें उन्होंने रास्ते से अवैध निर्माण हटवाने और आवागमन बहाल करने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि तालाब की गाटा संख्या 115 से होकर गुजरने वाला यह सार्वजनिक मार्ग वर्षों से गांववासियों के आवागमन का मुख्य रास्ता रहा है। उनका कहना है कि कुछ दबंग प्रवृत्ति के लोगों ने इस रास्ते पर निर्माण कर उसे अवरुद्ध कर दिया है। इस अवरोध के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और उनका रोजमर्रा का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। अब्दुल कयूम, जुबेर अहमद, जावेद अहमद, मोतीब, मोहम्मद जमील, मुन्नू सहित कई अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले की मौके पर जांच कर सार्वजनिक भूमि को कब्जामुक्त कराने का आग्रह किया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो गांव में विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिससे उनके बीच व्याप्त रोष और बढ़ सकता है।1
- लम्भुआ विधानसभा से शिक्षक श्याम लाल निषाद ने देश हित को सर्वोपरि बताते हुए एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उनके अनुसार, जीवन में देश के हित में शहीद होने के अवसर बहुत ही दुर्लभ होते हैं। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इतिहास में अमर वही होता है जो राष्ट्र और समाज के लिए संघर्ष करता है।1
- सुल्तानपुर जिले के जयसिंहपुर तहसील क्षेत्र में स्थित सेमरीबाजार गायत्री मंदिर पर विश्व योग दिवस के अवसर पर एक भव्य योग शिविर का आयोजन किया गया। मंडल अध्यक्ष रोहित पांडेय के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में योग गुरु लल्लन सोनकर ने उपस्थित जनसमूह को योग कराया और इसके विभिन्न स्वास्थ्य लाभों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। योग गुरु ने बताया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति और स्वस्थ जीवन जीने की एक महत्वपूर्ण कला है। कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथियों और स्थानीय गणमान्य नागरिकों ने भी योग के महत्व पर अपने विचार साझा किए। जगदम्बा प्रसाद सिंह, मंडल अध्यक्ष रोहित पांडेय, निवर्तमान मंडल अध्यक्ष अखिलेश सिंह, गुलाब अग्रहरि, वृजेश जयसवाल, महामंत्री वृजेश श्रीवास्तव और दीप नरायन दूबे जैसे प्रमुख सहयोगियों व सहभागियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई और लोगों को दैनिक जीवन में योग अपनाने का संकल्प दिलाया। सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने योग गुरु के निर्देशों का पालन करते हुए सामूहिक रूप से विभिन्न योगासन जैसे प्राणायाम, सूर्य नमस्कार और कपालभाति का अभ्यास किया। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि व्यस्त दिनचर्या में से खुद के लिए समय निकालकर योग करना आज के समय में अत्यंत आवश्यक है। योग शिविर के समापन पर, सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया गया और प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का सफल समापन हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और प्रबुद्ध जन उपस्थित रहे, जिससे कार्यक्रम की सफलता और योग के प्रति जागरूकता का संदेश फैला।1
- लम्भुआ विकास खण्ड में योग दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को तमाम अधिकारियों, कर्मचारियों और प्रधान सेक्रेटरी ने मिलकर सफलतापूर्वक संपन्न कराया।1
- बेंगलुरु के कब्बनपेट इलाके में मोबाइल झपटमारी की एक सनसनीखेज वारदात के दौरान एक मजदूर 'फिल्मी हीरो' बनकर सामने आया। स्कूटर पर सवार होकर भाग रहे दो बदमाशों को देखकर मजदूर ने उन पर एक भारी बोरी फेंक दी, जिससे चोरों का संतुलन बिगड़ गया। इस जोरदार झटके के बाद भागने की कोशिश कर रहे 18 वर्षीय संदिग्ध जुनैद को दिल का दौरा पड़ा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, जुनैद पहले से ही दिल की बीमारी से पीड़ित था। वहीं, वारदात के बाद भाग रहे उसके 23 वर्षीय साथी अरबाज़ को पुलिस ने धर दबोचा।1
- सुल्तानपुर जिले की लम्भुआ तहसील के बहमरपुर गांव में पुराने रास्ते पर अवरोध उत्पन्न होने से ग्रामीणों को आवागमन में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले को लेकर गांव के मोहम्मद शमीम समेत कई ग्रामीणों ने तहसील समाधान दिवस में पहुंचकर प्रशासन को एक शिकायती पत्र सौंपा है, जिसमें समस्या के शीघ्र समाधान की मांग की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि हाकिम के घर के पास से गुजरने वाला यह रास्ता वर्षों से गांव के लोगों के लिए प्रमुख मार्ग रहा है, और उनका दावा है कि यह मार्ग पुराने राजस्व अभिलेखों तथा नक्शों में भी दर्ज है। इस रास्ते के बाधित होने से किसानों को अपने खेतों तक पहुंचने, पशुओं को लाने-ले जाने और दैनिक कार्यों के लिए आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन को अवगत कराया कि बड़ी संख्या में ग्रामीण इसी मार्ग का उपयोग करते थे, लेकिन अब उन्हें लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है, जिससे उनका समय और श्रम दोनों अतिरिक्त लग रहा है। तहसील समाधान दिवस में दिए गए प्रार्थना पत्र के माध्यम से ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर पुराने रास्ते को यथावत बहाल किया जाए, ताकि गांव के लोगों का आवागमन सुचारु रूप से संचालित हो सके और उन्हें हो रही असुविधा से राहत मिल सके। फिलहाल, प्रशासन ने शिकायत प्राप्त कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। ग्रामीण उम्मीद जता रहे हैं कि उनकी समस्या का जल्द समाधान होगा और वर्षों पुराना यह मार्ग एक बार फिर से उपयोग के लिए उपलब्ध हो सकेगा।3
- सुलतानपुर के चांदा स्थित बैतीकला टोल प्लाजा पर शनिवार को थाना कोतवाली चांदा पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक विशेष वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस अभियान का नेतृत्व उप निरीक्षक मेराज हुसैन ने किया, जिसमें कांस्टेबल सर्वजीत मौर्या और कांस्टेबल प्रेमदीप भी मौजूद रहे। चेकिंग के दौरान पुलिस टीम ने दोपहिया और चारपहिया वाहनों की सघन जांच की। इस दौरान मोटरसाइकिल चालकों को हेलमेट पहनने के लिए विशेष रूप से प्रेरित किया गया। उप निरीक्षक मेराज हुसैन ने वाहन चालकों को समझाया कि अधिकांश सड़क दुर्घटनाओं में सिर में गंभीर चोट लगने से जान-माल का नुकसान होता है, जिसे हेलमेट पहनकर काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने लोगों से यातायात नियमों का पालन करने, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करने की अपील भी की। अभियान के दौरान बिना हेलमेट, बिना वैध दस्तावेज और अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले कई वाहनों के चालान भी किए गए। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यातायात नियमों का पालन न करने वालों के विरुद्ध आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। इस अभियान के तहत पुलिसकर्मियों ने लोगों को सड़क सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं और सुरक्षित यात्रा के लिए जागरूक किया। स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे अभियान नियमित रूप से चलाए जाने चाहिए, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और लोगों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़े।4
- सुल्तानपुर जिले की कादीपुर तहसील के गोपालपुर ग्राम सभा में स्थित बझाउआ बाबा के चौराहे की 15 बिस्सा नवीन परती जमीन पर कुछ मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा कथित तौर पर जबरन कब्जा करने का गंभीर आरोप लगा है। इसी विषय में आज कादीपुर ब्लॉक में आयोजित समाधान दिवस के अवसर पर बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद (VHP) और अन्य सभी हिंदू संगठनों ने एकजुट होकर कादीपुर के उप जिलाधिकारी और क्षेत्राधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन को देने वालों में राम सिंह सिपाही, विपुल पांडे, विश्व हिंदू परिषद के प्रखंड मंत्री राहुल सिंह, बजरंग दल के प्रखंड संयोजक (प्रतापपुर कामैच) मुकेश पाठक और प्रखंड संयोजक (कादीपुर) ध्यान सिंह सहित दर्जनों बजरंग दल के सदस्य और ग्राम सभा के सैकड़ों वासी शामिल थे। इन सभी ने 'जय श्री राम' के नारे लगाते हुए अपनी मांग रखी। उन्होंने प्रशासन से अतिक्रमणकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की, और विशेष रूप से यह भी कहा कि उनमें से एक व्यक्ति हिस्ट्री शीटर क्रिमिनल है, जिसे जिला बदर कानून के तहत जिला बदर किया जाए। प्रशासन की ओर से उप जिलाधिकारी और क्षेत्राधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया है कि इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।2