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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ईरान दौरे को लेकर एक सवाल उठाया गया है कि वह 'गाहमनी' के जनाजे में शामिल होने के लिए क्यों नहीं जाएंगे। इस संबंध में यह भी पूछा गया है कि यदि मोदी स्वयं नहीं जाते हैं, तो उनकी जगह किसी अन्य प्रतिनिधि को क्यों भेजा जाएगा। इसके अतिरिक्त, यह भी अनुरोध किया गया है कि कमलेश भाई को ब्लॉक सपोर्ट करें और समाचार चैनल का समर्थन करने के लिए धन्यवाद व्यक्त किया गया है।
Mumtaz vlog editor Youtuber
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ईरान दौरे को लेकर एक सवाल उठाया गया है कि वह 'गाहमनी' के जनाजे में शामिल होने के लिए क्यों नहीं जाएंगे। इस संबंध में यह भी पूछा गया है कि यदि मोदी स्वयं नहीं जाते हैं, तो उनकी जगह किसी अन्य प्रतिनिधि को क्यों भेजा जाएगा। इसके अतिरिक्त, यह भी अनुरोध किया गया है कि कमलेश भाई को ब्लॉक सपोर्ट करें और समाचार चैनल का समर्थन करने के लिए धन्यवाद व्यक्त किया गया है।
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- बिहार के मधेपुरा जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ आंधी-बारिश के बाद टूटे बिजली के तार ने एक परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। मधेपुरा जिले के कुमारखंड प्रखंड की रहटा पंचायत स्थित हनुमान नगर चकला में मंगलवार को बिजली के करंट की चपेट में आने से 34 वर्षीय मकीना खातून की मौत हो गई, जबकि उनकी बेटी गंभीर रूप से झुलस गई। गंभीर रूप से घायल बेटी का इलाज इस वक्त हायर सेंटर में चल रहा है। परिजनों के अनुसार, मकीना खातून अपनी बेटी के साथ घर के लिए जलावन लाने नहर की ओर गई थीं। बताया गया है कि सोमवार शाम आई तेज आंधी और बारिश के कारण बिजली का तार टूटकर नहर के किनारे पानी में गिर गया था। ग्रामीणों और स्थानीय प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं थी, और न ही मौके पर किसी प्रकार की चेतावनी या सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। मंगलवार को जब माँ-बेटी उस स्थान से गुजरीं, तो पानी में गिरे तार पर उनकी नज़र नहीं पड़ी और वे करंट की चपेट में आ गईं। चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोगों ने दोनों को मुरलीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने मकीना खातून को मृत घोषित कर दिया, जबकि उनकी बेटी को गंभीर हालत में प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। स्थानीय वार्ड सदस्य मो. अफजल हुसैन ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि समय रहते टूटे तार को हटा दिया जाता या बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती, तो इस हादसे को टाला जा सकता था। इस घटना से ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति भारी नाराजगी है। लोगों का आरोप है कि आंधी-बारिश के बाद बिजली लाइनों की जांच नहीं की गई, जिसकी कीमत एक परिवार को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉ. जितेंद्र कुमार जितेश ने बताया कि करीब 34 वर्षीय महिला को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था और मौत की अंतिम पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और जांच शुरू कर दी है, साथ ही शव को पोस्टमार्टम के लिए मधेपुरा सदर अस्पताल भेज दिया गया है। परिजनों का दृढ़ता से मानना है कि महिला की मौत बिजली के करंट लगने से ही हुई है। यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर आंधी-बारिश के बाद बिजली व्यवस्था की निगरानी और टूटे तारों को समय पर हटाने की व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। फिलहाल पूरा गांव सदमे में है और घायल बेटी के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहा है।4
- पूर्णिया जिले के बनमनखी विधानसभा क्षेत्र के बी कोठी प्रखंड की मुल्किया पंचायत के वार्ड नंबर 10, 11 और 12 में स्थित मुरबल्ला और सहसोल गांवों के ग्रामीण कई वर्षों से भारी जलजमाव की समस्या से जूझ रहे हैं। बारिश के समय ग्रामीणों को अपने घरों से निकलने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। क्षेत्र की समस्त जनता, जनार्दन युवाओं और ग्रामीण वासियों का कहना है कि इतने सालों के बाद भी इस पानी की समस्या का कोई समाधान नहीं हो पाया है। समस्त ग्रामीण वासियों ने बताया कि कई जनप्रतिनिधियों के दरवाजे खटखटाने के बावजूद भी उनकी इस गंभीर समस्या का निवारण नहीं हुआ है। इस स्थिति से प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में हुए विकास की हकीकत का अंदाजा लगाया जा सकता है। क्षेत्र की जनता और युवाओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि पंचायत चुनाव 2026 से पहले यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता है, तो वे चैन से नहीं बैठेंगे और इस मुद्दे को लेकर अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।3
- एक महिला के लिए अपनी शादी से पहले वाले प्रेमी के साथ लव मैरिज करना बेहद भारी पड़ गया है। इस विवाह का परिणाम महिला के लिए काफी दुखद और गंभीर साबित हुआ है।1
- अररिया में हुई बारिश के बाद सदर अस्पताल परिसर की मुख्य सड़क पर भारी जलजमाव हो गया है। इस स्थिति के चलते मरीजों को स्ट्रेचर पर ले जाते समय काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। परिसर में स्थित पोस्टमार्टम हाउस जाने वाली सड़क पर भी भारी जलजमाव देखने को मिला है, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है।1
- अररिया में हुई बारिश के कारण सदर अस्पताल परिसर की मुख्य सड़क पर भारी जलजमाव हो गया है। इस जलजमाव के बीच मरीजों को स्ट्रेचर पर ले जाते समय काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस की ओर जाने वाली सड़क पर भी बड़े पैमाने पर पानी भरा हुआ देखने को मिला है।1
- प्रदेश के सरकारी अस्पताल में गरीब मरीजों को निःशुल्क इलाज मुहैया कराया जा रहा है, लेकिन जानकारी के अनुसार, यह उपचार 'लत्तम-जुत्तम' विधि से किया जा रहा है।1